1
00:00:07,105 --> 00:00:08,896
<font face="sans-serif" size="71">‪[महिला] और इस वक़्त एक बड़ी ख़बर
‪दिल्ली से आ रही है।</font>

2
00:00:08,980 --> 00:00:12,896
<font face="sans-serif" size="71">‪सफ़दरजंग एन्क्लेव इलाके के डियर पार्क
‪में एक तीस साल के व्यक्ति का शव मिला है।</font>

3
00:00:12,980 --> 00:00:15,688
<font face="sans-serif" size="71">‪कनॉट प्लेस इलाके में
‪एक लावारिस शव बरामद हुआ है।</font>

4
00:00:15,771 --> 00:00:18,438
<font face="sans-serif" size="71">‪[दूसरी महिला रिपोर्टर] यह घटना
‪दिल्ली के अंबेडकर नगर की है,</font>

5
00:00:18,521 --> 00:00:22,396
<font face="sans-serif" size="71">‪जहाँ पुलिस, टुकड़ों में मिली लाश का
‪सिर ढूंढ़ रही है।</font>

6
00:00:25,938 --> 00:00:27,438
<font face="sans-serif" size="71">‪[भयावह संगीत]</font>

7
00:00:29,438 --> 00:00:32,605
<font face="sans-serif" size="71">‪बीस अक्टूबर, 2006 को</font>

8
00:00:32,688 --> 00:00:36,063
<font face="sans-serif" size="71">‪सुबह साढ़े छह या पौने सात का
‪समय रहा होगा और एक फ़ोन आया।</font>

9
00:00:39,855 --> 00:00:42,605
<font face="sans-serif" size="71">‪[फ़ोन पर आदमी] मैंने एक लाश गेट नंबर तीन
‪के ठीक सामने रखी है।</font>

10
00:00:44,813 --> 00:00:48,605
<font face="sans-serif" size="71">‪दिल्ली में एक साल में
‪औसतन 500 क़त्ल होते हैं।</font>

11
00:00:49,813 --> 00:00:52,021
<font face="sans-serif" size="71">‪[डरावना संगीत जारी]</font>

12
00:00:52,105 --> 00:00:55,188
<font face="sans-serif" size="71">‪[अंग्रेज़ी में] पिछले 23 सालों में
‪मेरे सामने ऐसा कोई केस नहीं आया।</font>

13
00:00:59,813 --> 00:01:02,855
<font face="sans-serif" size="71">‪सबसे बड़ी चीज़ तो ये थी
‪कि पूरे सिस्टम को चुनौती दे रहा था।</font>

14
00:01:02,938 --> 00:01:04,480
<font face="sans-serif" size="71">‪दिल्ली पुलिस
‪शांति सेवा न्याय</font>

15
00:01:05,063 --> 00:01:07,230
<font face="sans-serif" size="71">‪[आदमी अंग्रेज़ी में] शायद विदेशों
‪में ऐसे कुछ केस हुए हों,</font>

16
00:01:07,313 --> 00:01:10,230
<font face="sans-serif" size="71">‪लेकिन भारतीय संदर्भ में,
‪मेरा सामना ऐसे किसी शख्स से नहीं हुआ</font>

17
00:01:10,313 --> 00:01:11,605
<font face="sans-serif" size="71">‪जिसने ऐसे क़त्ल किए हों</font>

18
00:01:11,688 --> 00:01:15,438
<font face="sans-serif" size="71">‪और इतने लंबे समय तक
‪पुलिस से से बचता रहा हो।</font>

19
00:01:19,646 --> 00:01:22,521
<font face="sans-serif" size="71">‪[दूसरा आदमी अंग्रेज़ी में] यह सबसे
‪हाई-प्रोफ़ाइल हत्या का केस था।</font>

20
00:01:22,605 --> 00:01:25,313
<font face="sans-serif" size="71">‪अगर देश की राजधानी में ऐसा हो सकता है,</font>

21
00:01:25,396 --> 00:01:27,646
<font face="sans-serif" size="71">‪तो फिर और किस शहर को सुरक्षित माना जाएगा?</font>

22
00:01:29,646 --> 00:01:30,813
<font face="sans-serif" size="71">‪[नाटकीय संगीत]</font>

23
00:01:30,896 --> 00:01:34,063
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪[फ़ोन पर आदमी] अगर इस क़त्ल में तुम मुझे
‪पकड़ सकते हो तो पकड़ कर दिखाओ।</font>

24
00:01:38,355 --> 00:01:40,521
<font face="sans-serif" size="71">‪NETFLIX डॉक्यूमेंट्री सीरीज़</font>

25
00:02:07,563 --> 00:02:09,313
<font face="sans-serif" size="71">‪मैं सुदंर सिंह यादव हूँ।</font>

26
00:02:09,980 --> 00:02:12,646
<font face="sans-serif" size="71">‪मैं दिल्ली पुलिस में,
‪मंगोलपुरी अधिकार क्षेत्र में</font>

27
00:02:12,730 --> 00:02:14,271
<font face="sans-serif" size="71">‪सहायक पुलिस आयुक्त था और अब रिटायर्ड हूँ।</font>

28
00:02:14,355 --> 00:02:16,355
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪सन 2006 में, मैं साउथ दिल्ली में था।</font>

29
00:02:16,438 --> 00:02:19,271
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪और दक्षिण डिस्ट्रिक्ट से
‪मैं पश्चिम डिस्ट्रिक्ट,</font>

30
00:02:19,355 --> 00:02:21,105
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪हरी नगर थाने में मेरी पोस्टिंग हुई थी।</font>

31
00:02:22,480 --> 00:02:24,980
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुंदर] 20 अक्टूबर, 2006 को</font>

32
00:02:25,063 --> 00:02:28,896
<font face="sans-serif" size="71">‪सुबह की बात है, क़रीबन 6:30
‪या 06:45 का समय रहा होगा।</font>

33
00:02:28,980 --> 00:02:30,188
<font face="sans-serif" size="71">‪और एक फ़ोन आया।</font>

34
00:02:30,855 --> 00:02:33,188
<font face="sans-serif" size="71">‪और उस समय मैं थाने में ही मौजूद था।</font>

35
00:02:33,271 --> 00:02:34,855
<font face="sans-serif" size="71">‪ड्यूटी अफ़सर बालकिशन साहब थे।</font>

36
00:02:35,521 --> 00:02:37,188
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪सुबह 7:05 बजे, 20 अक्टूबर 2006
‪हरी नगर पुलिस थाना</font>

37
00:02:37,271 --> 00:02:38,146
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪[फ़ोन पर आदमी] ओए ठुल्ले!</font>

38
00:02:38,896 --> 00:02:41,146
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪तुम्हारे दो लड़के लगा रखे हैं तुमने।</font>

39
00:02:41,230 --> 00:02:42,646
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪और वो साले कुछ नहीं कर रहे।</font>

40
00:02:42,730 --> 00:02:44,105
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪पुलिस रिकॉर्ड पर आधारित ऑडियो रूपांतरण</font>

41
00:02:44,188 --> 00:02:47,855
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪[फ़ोन पर आदमी] मैंने एक लाश तिहाड़ के
‪गेट नंबर तीन के ठीक सामने रखी है।</font>

42
00:02:50,146 --> 00:02:53,480
<font face="sans-serif" size="71">‪केंद्रीय जेल नंबर 3 तिहाड़</font>

43
00:02:53,563 --> 00:02:58,521
<font face="sans-serif" size="71">‪बालकिशन ने उस हेड कॉन्स्टेबल
‪को फ़ोन किया जो वहाँ तैनात किया गया था।</font>

44
00:02:58,605 --> 00:03:00,938
<font face="sans-serif" size="71">‪जाकर देखो, वहाँ कोई लाश तो नहीं रखी हुई।</font>

45
00:03:04,896 --> 00:03:08,563
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुंदर] वो हेड कॉन्स्टेबल गया
‪वहाँ जाकर देखा कि एक टोकरी रखी हुई है।</font>

46
00:03:09,146 --> 00:03:11,313
<font face="sans-serif" size="71">‪टोकरी बंधी हुई थी बहुत अच्छी तरह से।</font>

47
00:03:11,896 --> 00:03:14,313
<font face="sans-serif" size="71">‪थोड़ा सा उसने खोल के देखा तो उसमें लाश थी।</font>

48
00:03:19,771 --> 00:03:22,188
<font face="sans-serif" size="71">‪जब हम वहाँ पहुँचे, तो हमने देखा कि</font>

49
00:03:22,730 --> 00:03:24,771
<font face="sans-serif" size="71">‪बंडल जो बंधा हुआ था, वो टोकरी थी एक</font>

50
00:03:24,855 --> 00:03:27,605
<font face="sans-serif" size="71">‪टहनियों की बनी हुई टोकरी,
‪जैसे फलों की टोकरी होती है।</font>

51
00:03:28,855 --> 00:03:30,730
<font face="sans-serif" size="71">‪उस टोकरी में लाश रखी हुई थी।</font>

52
00:03:31,521 --> 00:03:33,855
<font face="sans-serif" size="71">‪जिसकी उम्र तकरीबन 28 से 30 साल थी</font>

53
00:03:34,688 --> 00:03:35,980
<font face="sans-serif" size="71">‪और उसका रंग सांवला था।</font>

54
00:03:36,980 --> 00:03:39,230
<font face="sans-serif" size="71">‪और उसकी गर्दन कटी हुई थी।</font>

55
00:03:39,313 --> 00:03:40,938
<font face="sans-serif" size="71">‪[भयावह संगीत]</font>

56
00:03:42,938 --> 00:03:44,271
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुंदर] हाथ-पैर जस के तस थे।</font>

57
00:03:45,688 --> 00:03:49,188
<font face="sans-serif" size="71">‪लाश को पहले अख़बारों से
‪ढँक रखा था, ताकि खून न बहे।</font>

58
00:03:51,771 --> 00:03:54,146
<font face="sans-serif" size="71">‪उसके बाद उसमें कपड़े लगा रखे थे</font>

59
00:03:55,355 --> 00:03:57,605
<font face="sans-serif" size="71">‪और अच्छी तरह से प्लास्टिक लगा रखा था।</font>

60
00:03:58,646 --> 00:04:00,605
<font face="sans-serif" size="71">‪खून का कतरा बाहर नहीं आया था टोकरी से।</font>

61
00:04:02,063 --> 00:04:05,480
<font face="sans-serif" size="71">‪मुझसे पहले, होशियार सिंह साहब
‪ने वो चिट्ठी जो उसमें रखी गई थी</font>

62
00:04:05,563 --> 00:04:06,646
<font face="sans-serif" size="71">‪उसको खोल लिया था।</font>

63
00:04:07,605 --> 00:04:11,146
<font face="sans-serif" size="71">‪और उसमें बहुत ही गंदी गालियाँ
‪पुलिस के लिए लिखी गई थीं।</font>

64
00:04:12,313 --> 00:04:14,938
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪[अपराधी की आवाज़]
‪दिल्ली पुलिस में सब हरामी हैं!</font>

65
00:04:15,021 --> 00:04:16,646
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪तुम सब हरामखोर हो!</font>

66
00:04:17,230 --> 00:04:19,480
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪अब तक मैं नाजायज़ केस झेलता रहा हूँ।</font>

67
00:04:20,021 --> 00:04:22,396
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪लेकिन मैंने अब हकीक़त में ख़ून किया है।</font>

68
00:04:23,105 --> 00:04:25,271
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪तुम लोग मुझे कभी भी नहीं पकड़ पाओगे।</font>

69
00:04:26,146 --> 00:04:30,396
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪मैं कोई गेंगवार नहीं हूँ कि मुझे
‪केस खुलने का डर लगा रहेगा।</font>

70
00:04:31,230 --> 00:04:34,771
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪अगर इस खून में तुम मुझे
‪पकड़ सको, तो पकड़ कर दिखाओ।</font>

71
00:04:35,813 --> 00:04:38,646
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪तुम्हारे इंतज़ार में, तुम लोगों का बाप</font>

72
00:04:38,730 --> 00:04:41,438
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪और तुम्हारा जीजाजी, सी.सी.</font>

73
00:04:42,896 --> 00:04:44,646
<font face="sans-serif" size="71">‪[नाटकीय संगीत]</font>

74
00:04:47,855 --> 00:04:50,688
<font face="sans-serif" size="71">‪उस समय लोगों को लगा ये एक सामान्य घटना है</font>

75
00:04:50,771 --> 00:04:53,188
<font face="sans-serif" size="71">‪और सब लोगों ने उसी तरह
‪कवर किया, सारे अख़बारों में।</font>

76
00:04:53,771 --> 00:04:58,063
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪लेकिन इसके कुछ ही दिन बाद
‪एक अख़बार में एक नोट छापा गया</font>

77
00:04:58,146 --> 00:05:01,438
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪और बताया गया कि उस लाश
‪के साथ एक चिट्ठी मिली थी।</font>

78
00:05:01,521 --> 00:05:07,313
<font face="sans-serif" size="71">‪खूनी लिखता है, अगर दम है
‪तो मुझे पकड़ कर दिखाओ।</font>

79
00:05:07,396 --> 00:05:09,521
<font face="sans-serif" size="71">‪[अमित झा] और उस चिट्ठी की बातें जो हैं</font>

80
00:05:09,605 --> 00:05:13,105
<font face="sans-serif" size="71">‪वो उसमें छापी गई थीं,
‪जिसमें ये लिखा गया था कि</font>

81
00:05:13,188 --> 00:05:15,230
<font face="sans-serif" size="71">‪अगर दम है तो मुझे पकड़ कर दिखाओ।</font>

82
00:05:15,313 --> 00:05:17,105
<font face="sans-serif" size="71">‪खूनी ने एक चिट्ठी लिखकर
‪पुलिस को गालियाँ दी थीं।</font>

83
00:05:17,188 --> 00:05:19,980
<font face="sans-serif" size="71">‪जिसके बाद इस केस का पूरा रुख बदल गया।</font>

84
00:05:20,480 --> 00:05:23,730
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪[अंग्रेजी में] हर कोई जो बहुत ख़तरनाक है
‪या जिसे ख़तरनाक माना जाता है</font>

85
00:05:23,813 --> 00:05:27,063
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪समाज के लिए, राष्ट्र के लिए,
‪उन्हें देश के सभी हिस्सों से बुलाकर</font>

86
00:05:27,146 --> 00:05:29,438
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪तिहाड़ में डाल दिया जाता है।</font>

87
00:05:33,271 --> 00:05:34,688
<font face="sans-serif" size="71">‪तिहाड़ जेल</font>

88
00:05:35,855 --> 00:05:37,605
<font face="sans-serif" size="71">‪दिल्ली कारागार मुख्यालय</font>

89
00:05:38,855 --> 00:05:41,146
<font face="sans-serif" size="71">‪[उत्कर्ष अंग्रेज़ी में]
‪धारणा यह थी कि तिहाड़</font>

90
00:05:41,230 --> 00:05:44,688
<font face="sans-serif" size="71">‪एक ऐसी जगह है
‪जो देश का सबसे सुरक्षित क्षेत्र है।</font>

91
00:05:45,313 --> 00:05:50,271
<font face="sans-serif" size="71">‪फिर भी उसके बाहर लाशें मिल रही थीं
‪और कुछ भी नहीं किया जा सकता था।</font>

92
00:05:51,646 --> 00:05:53,480
<font face="sans-serif" size="71">‪गेट नंबर तीन</font>

93
00:05:53,563 --> 00:05:58,313
<font face="sans-serif" size="71">‪20 अक्टूबर 2006
‪पहली लाश बरामद</font>

94
00:05:58,396 --> 00:06:00,563
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪दिल्ली पुलिस</font>

95
00:06:04,771 --> 00:06:07,063
<font face="sans-serif" size="71">‪[अंग्रेजी में] मेरा नाम
‪हरगोबिंदर सिंह धालीवाल है।</font>

96
00:06:07,896 --> 00:06:11,563
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪मैं पश्चिम डिस्ट्रिक्ट का
‪अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त था।</font>

97
00:06:12,730 --> 00:06:16,563
<font face="sans-serif" size="71">‪जिस भी अधिकार क्षेत्र में
‪लाशें पाई जाती हैं,</font>

98
00:06:16,646 --> 00:06:19,521
<font face="sans-serif" size="71">‪एफ़आईआर नज़दीकी पुलिस थाने में की जाती हैं।</font>

99
00:06:19,605 --> 00:06:20,563
<font face="sans-serif" size="71">‪हरी नगर पुलिस थाना</font>

100
00:06:20,646 --> 00:06:23,188
<font face="sans-serif" size="71">‪तिहाड़ जेल, हरी नगर पुलिस थाने के अंतर्गत
‪ आती है।</font>

101
00:06:23,271 --> 00:06:25,313
<font face="sans-serif" size="71">‪तिहाड़ जेल</font>

102
00:06:25,396 --> 00:06:30,021
<font face="sans-serif" size="71">‪[अंग्रेजी में जारी] जब यह लाश मिली थी
‪ तब सुबह का समय था।</font>

103
00:06:30,105 --> 00:06:33,063
<font face="sans-serif" size="71">‪और लाश पर बस एक अंतर्वस्त्र था।</font>

104
00:06:33,146 --> 00:06:36,313
<font face="sans-serif" size="71">‪कह सकते हैं कि वो पूरी तरह से नग्न थी।</font>

105
00:06:40,563 --> 00:06:44,730
<font face="sans-serif" size="71">‪मेरा विचार था कि अपराधी फिर से फ़ोन करेगा।
‪मेरा ये पूर्वानुमान था।</font>

106
00:06:45,313 --> 00:06:49,271
<font face="sans-serif" size="71">‪तो अब ये हुआ कि चाहे इत्तेफ़ाक़
‪कह लीजिए या पूर्वानुमान कहिए,</font>

107
00:06:49,355 --> 00:06:52,688
<font face="sans-serif" size="71">‪बालकिशन साहब ने मुझे बताया
‪कि उन्हें फ़ोन आया था।</font>

108
00:06:52,771 --> 00:06:53,938
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪सुबह 8:45 बजे, 20 अक्टूबर 2006
‪हरी नगर पुलिस थाना</font>

109
00:06:54,021 --> 00:06:56,480
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪[फ़ोन पर अपराधी] क्या किया रे तुमने?
‪कुछ किया तुमने लाश का?</font>

110
00:06:57,480 --> 00:07:00,313
<font face="sans-serif" size="71">‪बालकिशन साहब ने कहा कि भाईसाहब कर रहे हैं।</font>

111
00:07:00,980 --> 00:07:02,855
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪[फ़ोन पर अपराधी]
‪अब भाईसाहब पर आ गया, साला?</font>

112
00:07:02,938 --> 00:07:04,271
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪तुमसे कुछ नहीं होने वाला।</font>

113
00:07:05,146 --> 00:07:06,605
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪अपने एसएचओ का फ़ोन नंबर दो।</font>

114
00:07:09,021 --> 00:07:12,771
<font face="sans-serif" size="71">‪और बालकिशन साहब ने एसएचओ
‪होशियार सिंह साहब का नंबर उनको दे दिया।</font>

115
00:07:13,438 --> 00:07:15,230
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪सुबह 8:45 बजे, 20 अक्टूबर 2006
‪तिहाड़ जेल</font>

116
00:07:15,313 --> 00:07:16,980
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪[सुंदर] एक फ़ोन आख़िर में उनके पास आया।</font>

117
00:07:17,813 --> 00:07:21,313
<font face="sans-serif" size="71">‪तो होशियार सिंह साहब ने कहा,
‪"भाई, ऐसा क्यों कर रहा है? क्या बात है?"</font>

118
00:07:21,396 --> 00:07:22,438
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪तो उसने कहा…</font>

119
00:07:22,521 --> 00:07:24,646
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪[फ़ोन पर अपराधी]
‪ये जो हेड कॉन्स्टेबल खड़ा है न, बलबीर?</font>

120
00:07:24,730 --> 00:07:26,563
<font face="sans-serif" size="71">‪केंद्रीय जेल नंबर 3 तिहाड़
‪दिल्ली पुलिस</font>

121
00:07:26,646 --> 00:07:28,730
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪[फ़ोन पर अपराधी] उसने मेरे साथ
‪जेल में ज़्यादती की थी।</font>

122
00:07:30,688 --> 00:07:33,230
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुंदर] इसके बाद में, मैंने फ़ोन ले लिया।</font>

123
00:07:35,063 --> 00:07:38,521
<font face="sans-serif" size="71">‪दो-चार सवाल पूछे
‪तो मुझे थोड़ी नाराज़गी शुरू हो गई।</font>

124
00:07:39,521 --> 00:07:41,605
<font face="sans-serif" size="71">‪मैंने कहा, "अरे तू दुष्ट मान नहीं रहा है?"</font>

125
00:07:42,313 --> 00:07:45,021
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪[फ़ोन पर अपराधी] साले, तू कौन होता है
‪मुझे चुनौती देने वाला?</font>

126
00:07:45,105 --> 00:07:46,813
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪मैं तुझे चुनौती देता हूँ!</font>

127
00:07:47,813 --> 00:07:49,355
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪ये तोहफ़े आते रहेंगे।</font>

128
00:07:49,438 --> 00:07:51,230
<font face="sans-serif" size="71">‪[नाटकीय संगीत]</font>

129
00:08:03,980 --> 00:08:07,271
<font face="sans-serif" size="71">‪[अंग्रेज़ी में] वो जो भी कर रहा था,
‪उसको लेकर बहुत ज़्यादा सतर्क था।</font>

130
00:08:08,021 --> 00:08:12,396
<font face="sans-serif" size="71">‪तिहाड़ जेल और मुख्य सड़क पर
‪लाशें डाल देना इतना आसान नहीं था।</font>

131
00:08:15,021 --> 00:08:17,938
<font face="sans-serif" size="71">‪बेशक़ हमारी मुख्य चुनौती थी,
‪उसकी पहचान करना। सबसे पहले।</font>

132
00:08:18,021 --> 00:08:19,730
<font face="sans-serif" size="71">‪और साथ ही, उसको पकड़ना,</font>

133
00:08:19,813 --> 00:08:24,896
<font face="sans-serif" size="71">‪ताकि वो किसी सबूत को नष्ट न कर सके।</font>

134
00:08:30,855 --> 00:08:32,313
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪जिसने इस चिट्ठी का खुलासा किया</font>

135
00:08:32,396 --> 00:08:36,688
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪वो चाहता था कि यह इतना
‪बड़ा केस है, यह सबके सामने आए।</font>

136
00:08:37,355 --> 00:08:41,313
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪क्योंकि अगर ये चिट्ठी नहीं आती,
‪तो ये कोई केस नहीं होता।</font>

137
00:08:41,396 --> 00:08:42,313
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪हर साल,</font>

138
00:08:42,396 --> 00:08:46,938
<font face="sans-serif" size="71">‪अज्ञात शवों के 40 से 50 केस
‪दिल्ली पुलिस के पास रहते हैं</font>

139
00:08:47,021 --> 00:08:48,896
<font face="sans-serif" size="71">‪जिन्हें वो सुलझा नहीं पाती है।</font>

140
00:08:48,980 --> 00:08:51,438
<font face="sans-serif" size="71">‪सिर्फ़ इस वजह से
‪कि लाशों की पहचान ही नहीं होती।</font>

141
00:08:51,521 --> 00:08:54,563
<font face="sans-serif" size="71">‪दिल्ली पुलिस लाचार
‪अनजान लाशें</font>

142
00:08:54,646 --> 00:08:56,855
<font face="sans-serif" size="71">‪अज्ञात शवों का कूड़े का मैदान बन रहा है।</font>

143
00:08:56,938 --> 00:09:00,730
<font face="sans-serif" size="71">‪दिल्ली: रोज़ाना 8 शव बरामद,
‪ज़्यादातर अज्ञात</font>

144
00:09:00,813 --> 00:09:02,230
<font face="sans-serif" size="71">‪[अमित] जब लाश मिली,</font>

145
00:09:02,313 --> 00:09:06,146
<font face="sans-serif" size="71">‪तीन दिन, 72 घंटे तक अज्ञात लाश को</font>

146
00:09:06,230 --> 00:09:08,230
<font face="sans-serif" size="71">‪रखा जाता है, संरक्षित किया जाता है।</font>

147
00:09:08,313 --> 00:09:12,813
<font face="sans-serif" size="71">‪अगर 72 घंटे में
‪कोई उसकी शिनाख़्त नहीं करता है,</font>

148
00:09:12,896 --> 00:09:16,521
<font face="sans-serif" size="71">‪तो पुलिस उसका अंतिम संस्कार कर देती है।</font>

149
00:09:17,146 --> 00:09:22,105
<font face="sans-serif" size="71">‪तो कोई उसके बाद पूछने वाला नहीं होता
‪कि वो जो लाश थी उसका क्या हुआ।</font>

150
00:09:22,188 --> 00:09:24,480
<font face="sans-serif" size="71">‪और इसी तरीके से ये केस भी रह जाते।</font>

151
00:09:29,563 --> 00:09:31,563
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुंदर] जाँच की रणनीतियाँ होती हैं।</font>

152
00:09:31,646 --> 00:09:32,813
<font face="sans-serif" size="71">‪जैसे, नंबर एक,</font>

153
00:09:32,896 --> 00:09:35,396
<font face="sans-serif" size="71">‪यह देखना था कि उसने कहाँ-कहाँ से फ़ोन किया।</font>

154
00:09:35,480 --> 00:09:37,813
<font face="sans-serif" size="71">‪सबसे पहला फ़ोन, हमने नियंत्रण कक्ष से पूछा,</font>

155
00:09:37,896 --> 00:09:40,188
<font face="sans-serif" size="71">‪तो नियंत्रण कक्ष से हमें दो फ़ोन आए।</font>

156
00:09:40,688 --> 00:09:44,480
<font face="sans-serif" size="71">‪जिसमें सबसे पहला फ़ोन
‪नांगल रया से किया गया था।</font>

157
00:09:44,563 --> 00:09:47,438
<font face="sans-serif" size="71">‪तिहाड़ जेल
‪नांगल रया</font>

158
00:09:47,521 --> 00:09:51,146
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुंदर] और दूसरा फ़ोन
‪तिलक नगर से किया गया था।</font>

159
00:09:51,230 --> 00:09:54,563
<font face="sans-serif" size="71">‪तिलक नगर</font>

160
00:09:55,271 --> 00:09:57,188
<font face="sans-serif" size="71">‪तिलक नगर</font>

161
00:09:57,271 --> 00:09:59,396
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुंदर] एसटीडी के पास जाकर पूछा</font>

162
00:09:59,480 --> 00:10:01,980
<font face="sans-serif" size="71">‪तो वहाँ रामबाबू चौरसिया
‪नाम का एक लड़का बैठा हुआ था।</font>

163
00:10:02,563 --> 00:10:06,105
<font face="sans-serif" size="71">‪उससे पूछा, "सुबह से आपके पास से
‪कितने फ़ोन किए गए हैं?"</font>

164
00:10:06,188 --> 00:10:08,146
<font face="sans-serif" size="71">‪वो बोला, "साहब एक ही आदमी
‪फ़ोन करके गया है।"</font>

165
00:10:08,230 --> 00:10:11,938
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪सुबह 8:45 बजे
‪20 अक्टूबर 2006</font>

166
00:10:12,021 --> 00:10:17,396
<font face="sans-serif" size="71">‪सर, वो सांवले से रंग का है।
‪और यही 28 से 30 साल की उम्र का रहा होगा।</font>

167
00:10:17,480 --> 00:10:22,230
<font face="sans-serif" size="71">‪और लम्बाई उसकी मध्यम थी,
‪न ज़्यादा छोटा था न बड़ा था।</font>

168
00:10:22,313 --> 00:10:26,605
<font face="sans-serif" size="71">‪फिर उससे पूछा कि आप इसको,
‪यदि हम दिखा देंगे, तो पहचान कर लोगे,</font>

169
00:10:26,688 --> 00:10:28,646
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुंदर] उसने कहा,
‪"हाँ, सर, पहचान कर लूँगा।"</font>

170
00:10:31,105 --> 00:10:34,313
<font face="sans-serif" size="71">‪हालाँकि हम बाद में स्केच बनाने के लिए
‪उसे साथ में ले गए थे।</font>

171
00:10:39,813 --> 00:10:41,563
<font face="sans-serif" size="71">‪[रहस्यपूर्ण संगीत]</font>

172
00:10:45,271 --> 00:10:47,646
<font face="sans-serif" size="71">‪[अंग्रेज़ी में] चिट्ठी में
‪उसने ज़िक्र किया था</font>

173
00:10:47,730 --> 00:10:49,896
<font face="sans-serif" size="71">‪कि उसे झूठे आरोप में गिरफ़्तार किया गया था।</font>

174
00:10:50,605 --> 00:10:53,313
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪[अपराधी की आवाज़] अब कान खोलकर
‪सारी दिल्ली पुलिस सुन लो।</font>

175
00:10:54,271 --> 00:10:56,938
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪कि अब तक मैं नाजायज़ केस झेलता रहा हूँ।</font>

176
00:10:59,063 --> 00:11:01,771
<font face="sans-serif" size="71">‪[अंग्रेज़ी में] उसका पुलिस
‪के ख़िलाफ ये आरोप था।</font>

177
00:11:01,855 --> 00:11:05,188
<font face="sans-serif" size="71">‪कि उसे कुछ गंभीर अपराध
‪के मामलों में फंसाया गया था।</font>

178
00:11:05,271 --> 00:11:07,355
<font face="sans-serif" size="71">‪उसने अपने आपराधिक इतिहास को नकारा नहीं।</font>

179
00:11:07,438 --> 00:11:10,146
<font face="sans-serif" size="71">‪उसने ये नहीं कहा
‪कि वो निर्दोष आदमी था और वो…</font>

180
00:11:10,230 --> 00:11:11,730
<font face="sans-serif" size="71">‪लेकिन उसने कहा कि शायद उसे…</font>

181
00:11:13,230 --> 00:11:17,855
<font face="sans-serif" size="71">‪एक-दो बार कुछ मामलों में
‪पकड़ा गया या गिरफ़्तार किया गया</font>

182
00:11:17,938 --> 00:11:21,396
<font face="sans-serif" size="71">‪जिसके लिए वो जिम्मेदार तक नहीं था।</font>

183
00:11:21,980 --> 00:11:24,271
<font face="sans-serif" size="71">‪अब चिट्ठी में, जो शब्द लिखे हुए थे,</font>

184
00:11:24,355 --> 00:11:26,855
<font face="sans-serif" size="71">‪उसमें था, "मैंने मर्डर किए हूँ।"</font>

185
00:11:29,813 --> 00:11:33,021
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुंदर] ये भाषा साधारणतया
‪बिहार के लोगों की होती है।</font>

186
00:11:34,605 --> 00:11:36,563
<font face="sans-serif" size="71">‪"और मैं कोई गेंगवार नहीं हूँ…"</font>

187
00:11:38,730 --> 00:11:44,146
<font face="sans-serif" size="71">‪"गेंगवार" शब्द जो है ज़्यादातर पुलिस
‪की भाषा होती है या अपराधियों की।</font>

188
00:11:45,980 --> 00:11:49,563
<font face="sans-serif" size="71">‪इसके बाद उसमें 2003 की एक लाश
‪का ज़िक्र किया हुआ था।</font>

189
00:11:51,480 --> 00:11:55,646
<font face="sans-serif" size="71">‪कि मैंने 2003 में भी एक लाश डाली थी
‪और जिसमें आप कुछ नहीं कर पाए थे।</font>

190
00:12:01,146 --> 00:12:04,855
<font face="sans-serif" size="71">‪अब जाँच में मैंने पूछा
‪कि 2003 में कोई खून…</font>

191
00:12:05,396 --> 00:12:10,313
<font face="sans-serif" size="71">‪दिसंबर का महीना बताया था उसने,
‪वो हुआ है कि नहीं हरी नगर में।</font>

192
00:12:10,980 --> 00:12:17,313
<font face="sans-serif" size="71">‪अब ये बड़ा अचम्भा लगा कि जो तारीख़
‪बताई थी या जो महीना बताया था उसी साल</font>

193
00:12:17,396 --> 00:12:20,688
<font face="sans-serif" size="71">‪2003 में, एक लाश गेट नंबर…</font>

194
00:12:20,771 --> 00:12:24,521
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुंदर] ये गेट नंबर तीन है जहाँ अभी लाश
‪मिली थी और गेट नंबर एक थोड़ा आगे है।</font>

195
00:12:26,396 --> 00:12:28,271
<font face="sans-serif" size="71">‪गेट नंबर एक</font>

196
00:12:28,355 --> 00:12:30,355
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुंदर] वहाँ पर एक लाश थी।</font>

197
00:12:30,896 --> 00:12:32,563
<font face="sans-serif" size="71">‪और वो केस चला था,</font>

198
00:12:32,646 --> 00:12:35,771
<font face="sans-serif" size="71">‪जाँच की गई थी। लेकिन
‪उसका कोई सुराग़ नहीं मिला था।</font>

199
00:12:35,855 --> 00:12:39,521
<font face="sans-serif" size="71">‪कौन मारने वाला है, कौन मरने वाला है।
‪मरने वाले तक का भी पता नहीं चला था।</font>

200
00:12:39,605 --> 00:12:42,271
<font face="sans-serif" size="71">‪इसलिए वो केस, हम इसको
‪एक शब्द बोलते हैं "अनट्रेस्ड" चला गया था।</font>

201
00:12:42,355 --> 00:12:45,230
<font face="sans-serif" size="71">‪20,11.03, गेट नंबर 1 के पास
‪प्लास्टिक के थैले में एक आदमी का शव</font>

202
00:12:45,313 --> 00:12:47,271
<font face="sans-serif" size="71">‪रस्सियों से बंधा हुआ मिला</font>

203
00:12:47,355 --> 00:12:50,521
<font face="sans-serif" size="71">‪[अमित] वो भी सिरकटी लाश थी
‪तो पता नहीं चल पाया किसने मारा।</font>

204
00:12:50,605 --> 00:12:51,480
<font face="sans-serif" size="71">‪केस अनट्रेस ही रह गया</font>

205
00:12:51,563 --> 00:12:55,105
<font face="sans-serif" size="71">‪लेकिन जब 2006 में अक्टूबर वाला खून हुआ,</font>

206
00:12:55,188 --> 00:13:00,813
<font face="sans-serif" size="71">‪और तिहाड़ जेल के बाहर जो लाश मिली
‪तब जाकर उसकी जो चिट्ठी बाहर आई,</font>

207
00:13:00,896 --> 00:13:06,355
<font face="sans-serif" size="71">‪इसके बाद ये पता लगा कि कोई ऐसा इंसान है
‪जो इस तरीके से सीरियल किलिंग कर रहा है।</font>

208
00:13:06,438 --> 00:13:12,563
<font face="sans-serif" size="71">‪ये जुड़ा कि पहले जो सिरकटी लाशें मिली हैं
‪इन सबके पीछे एक इंसान शामिल हो सकता है।</font>

209
00:13:24,521 --> 00:13:27,480
<font face="sans-serif" size="71">‪[अंग्रेजी में] कोई तिहाड़ जेल के
‪सामने लाश क्यों फेंकेगा?</font>

210
00:13:27,563 --> 00:13:31,396
<font face="sans-serif" size="71">‪साफ़ था कि ये एक संदेश देने के लिए था,</font>

211
00:13:31,480 --> 00:13:36,480
<font face="sans-serif" size="71">‪कि वो कोई ऐसा था जो यहाँ बंद था…</font>

212
00:13:36,563 --> 00:13:40,188
<font face="sans-serif" size="71">‪या फिर तिहाड़ जेल में क़ैद में रहा था।</font>

213
00:13:40,271 --> 00:13:42,771
<font face="sans-serif" size="71">‪ये भी साफ़ ज़ाहिर था</font>

214
00:13:42,855 --> 00:13:45,938
<font face="sans-serif" size="71">‪कि इस इंसान के मन में आपराधिक
‪न्याय प्रणाली के प्रति गहरा द्वेष था,</font>

215
00:13:46,563 --> 00:13:51,688
<font face="sans-serif" size="71">‪चाहे वो पुलिस प्रशासन हो या जेल प्रशासन।</font>

216
00:13:57,980 --> 00:14:01,646
<font face="sans-serif" size="71">‪दूसरा ये हुआ कि उसने फ़ोन पर
‪बलबीर का नाम लिया था, तो मैंने पुष्टि की।</font>

217
00:14:02,438 --> 00:14:03,396
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪सुबह 8:45
‪20 अक्टूबर 2006</font>

218
00:14:03,480 --> 00:14:05,563
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪[फ़ोन पर अपराधी] ये जो हेड कॉन्स्टेबल
‪खड़ा है न, बलबीर?</font>

219
00:14:07,688 --> 00:14:09,563
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪इसने मेरे साथ जेल में ज़्यादती की थी।</font>

220
00:14:11,271 --> 00:14:15,313
<font face="sans-serif" size="71">‪तो सबसे पहले मैंने पूछा कि
‪बलबीर जेल में कहाँ पर तैनात था।</font>

221
00:14:15,396 --> 00:14:19,438
<font face="sans-serif" size="71">‪तो ये पता लगा कि बलबीर
‪जेल नंबर तीन में कहीं पर रहा है।</font>

222
00:14:20,938 --> 00:14:22,396
<font face="sans-serif" size="71">‪[नाटकीय संगीत]</font>

223
00:14:22,480 --> 00:14:24,938
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुंदर] जो जेल नंबर तीन था
‪उसकी एक ख़ासियत और भी थी</font>

224
00:14:25,021 --> 00:14:28,188
<font face="sans-serif" size="71">‪कि वहाँ सजायाफ़्ता अपराधी रहा करते थे।</font>

225
00:14:32,271 --> 00:14:35,771
<font face="sans-serif" size="71">‪तो तीन के हमने निवेदन भेजे।
‪जो उम्र का विवरण आता है</font>

226
00:14:35,855 --> 00:14:38,230
<font face="sans-serif" size="71">‪उसमें पांच साल घटा या बढ़ा देते हैं।</font>

227
00:14:38,730 --> 00:14:43,438
<font face="sans-serif" size="71">‪तो वो उसका 30-32 साल या 35 साल का
‪या 25 साल के करीब के लड़कों का,</font>

228
00:14:43,521 --> 00:14:46,146
<font face="sans-serif" size="71">‪हमने हुलिया दिया जिसका रंग
‪सांवला हो, बिहार का रहने वाला हो।</font>

229
00:14:47,188 --> 00:14:51,438
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुंदर] और इस तरह
‪हमारे पास 30 से 35 लोगों की सूची आई।</font>

230
00:14:57,063 --> 00:14:59,188
<font face="sans-serif" size="71">‪पुलिस शुरुआत में कोशिश करती है,</font>

231
00:14:59,271 --> 00:15:03,605
<font face="sans-serif" size="71">‪लेकिन कुछ दिनों बाद ही उन्हें ऐसा लगने
‪लगता है कि उनका समय ख़राब हो रहा है।</font>

232
00:15:03,688 --> 00:15:08,688
<font face="sans-serif" size="71">‪मामलों का बोझ दूसरी तरफ ज़्यादा होता है,
‪कुछ ऐसे केस होते हैं जिनमें सुराग़ होता है।</font>

233
00:15:08,771 --> 00:15:11,605
<font face="sans-serif" size="71">‪तो उनकी जाँच उधर की तरफ़ जाती है बजाय इसके</font>

234
00:15:11,688 --> 00:15:14,563
<font face="sans-serif" size="71">‪कि एक अज्ञात शव के पीछे वो लगे रहें।</font>

235
00:15:16,146 --> 00:15:19,021
<font face="sans-serif" size="71">‪अक्टूबर 2006</font>

236
00:15:22,896 --> 00:15:27,188
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुंदर] 25 अप्रैल को मुझे
‪होशियार सिंह साहब ने बताया कि यार</font>

237
00:15:27,271 --> 00:15:28,271
<font face="sans-serif" size="71">‪एक लाश</font>

238
00:15:28,771 --> 00:15:30,771
<font face="sans-serif" size="71">‪और डाल दी गई है। आप तुरंत आओ।</font>

239
00:15:30,855 --> 00:15:33,230
<font face="sans-serif" size="71">‪गेट नंबर तीन</font>

240
00:15:33,313 --> 00:15:35,063
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुंदर] जब मैं वहाँ पहुँचा
‪तो बड़ा अचम्भा लगा</font>

241
00:15:35,563 --> 00:15:38,230
<font face="sans-serif" size="71">‪कि जो लाश रखी गई थी,</font>

242
00:15:38,313 --> 00:15:40,480
<font face="sans-serif" size="71">‪एक सेंटीमीटर भी दाएं-बाएं नहीं थी,</font>

243
00:15:40,563 --> 00:15:43,646
<font face="sans-serif" size="71">‪बिल्कुल हूबहू पहले वाली जगह पर ही
‪ लाश रखी गई थी।</font>

244
00:15:46,688 --> 00:15:50,938
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुंदर] उस लाश को इतना कसकर
‪बाँधा गया था कि खुल नहीं रही थी।</font>

245
00:15:51,021 --> 00:15:53,563
<font face="sans-serif" size="71">‪होशियार सिंह भी प्रयास कर रहे थे।
‪हम भी प्रयास कर रहे थे</font>

246
00:15:53,646 --> 00:15:57,438
<font face="sans-serif" size="71">‪लेकिन उसने गांठें इतनी सख़्ती
‪से लगाई थीं कि खुल नहीं रही थीं।</font>

247
00:15:58,855 --> 00:16:02,896
<font face="sans-serif" size="71">‪गेट नंबर तीन</font>

248
00:16:02,980 --> 00:16:06,730
<font face="sans-serif" size="71">‪इस बीच में एक लड़का आया,</font>

249
00:16:06,813 --> 00:16:08,938
<font face="sans-serif" size="71">‪वो कहता है, "मैं आता हूँ, मैं खोलता हूँ।"</font>

250
00:16:17,730 --> 00:16:19,855
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुंदर] पहले ही दवाब एक लाश से हो गया था</font>

251
00:16:19,938 --> 00:16:21,688
<font face="sans-serif" size="71">‪अब तो और ज़्यादा हो गया।</font>

252
00:16:21,771 --> 00:16:25,938
<font face="sans-serif" size="71">‪वो दूसरी जो लाश थी
‪वो भी उसी तरीके से काटी गई थी।</font>

253
00:16:32,480 --> 00:16:35,938
<font face="sans-serif" size="71">‪पहली वाली की गर्दन नहीं थी, और इसके जो है</font>

254
00:16:36,021 --> 00:16:38,271
<font face="sans-serif" size="71">‪दोनों हाथ और पैर</font>

255
00:16:38,355 --> 00:16:40,188
<font face="sans-serif" size="71">‪और उसका गुप्तांग भी गायब था।</font>

256
00:16:45,021 --> 00:16:48,021
<font face="sans-serif" size="71">‪लेकिन इस लाश के साथ चिट्ठी नहीं थी।</font>

257
00:16:48,980 --> 00:16:52,730
<font face="sans-serif" size="71">‪और जो बांधने का तरीका था
‪वो सारा वैसे का वैसा ही था।</font>

258
00:17:00,688 --> 00:17:02,730
<font face="sans-serif" size="71">‪इतने में फ़ोन आता है कि भाई</font>

259
00:17:02,813 --> 00:17:05,688
<font face="sans-serif" size="71">‪इसके जो हिस्से हैं</font>

260
00:17:06,271 --> 00:17:09,771
<font face="sans-serif" size="71">‪वो वहाँ पड़े हैं तीस हज़ारी कोर्ट के पास।</font>

261
00:17:10,271 --> 00:17:11,813
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪तिहाड़ जेल</font>

262
00:17:14,271 --> 00:17:16,396
<font face="sans-serif" size="71">‪तीस हज़ारी कोर्ट</font>

263
00:17:17,188 --> 00:17:21,438
<font face="sans-serif" size="71">‪तीस हज़ारी कोर्ट</font>

264
00:17:27,188 --> 00:17:30,146
<font face="sans-serif" size="71">‪[अंग्रेज़ी में] जिस तरह
‪से लाश को फेंका गया था,</font>

265
00:17:30,813 --> 00:17:32,771
<font face="sans-serif" size="71">‪यह बिल्कुल निश्चित था</font>

266
00:17:32,855 --> 00:17:36,771
<font face="sans-serif" size="71">‪कि वो इंसान लाश को
‪फेंकने के बाद उसके पास रुका नहीं था।</font>

267
00:17:37,355 --> 00:17:41,230
<font face="sans-serif" size="71">‪जहाँ लाश मिली थी
‪अपराध वहाँ नहीं किया गया था।</font>

268
00:17:41,855 --> 00:17:45,646
<font face="sans-serif" size="71">‪यह बिल्कुल साफ था कि अपराध
‪किसी और जगह किया गया था</font>

269
00:17:45,730 --> 00:17:47,813
<font face="sans-serif" size="71">‪और लाश को यहाँ फेंका गया था।</font>

270
00:17:47,896 --> 00:17:51,521
<font face="sans-serif" size="71">‪बेशक़, ये साफ़ ज़ाहिर था
‪कि ऐसा सनसनी मचाने के लिए था।</font>

271
00:17:51,605 --> 00:17:58,355
<font face="sans-serif" size="71">‪तिहाड़ जेल के गेट पर एक और लाश,
‪खूनी ने पुलिस को ललकारा</font>

272
00:17:59,271 --> 00:18:00,521
<font face="sans-serif" size="71">‪[अमित] जब ये घटना हुई थी,</font>

273
00:18:00,605 --> 00:18:03,563
<font face="sans-serif" size="71">‪उस समय इतने सीसीटीवी कैमरे
‪दिल्ली में नहीं लगे हुए थे।</font>

274
00:18:03,646 --> 00:18:07,105
<font face="sans-serif" size="71">‪ऐसा कोई भी साधन नहीं था
‪जिससे ये पता चल सके कि कौन है।</font>

275
00:18:07,188 --> 00:18:08,688
<font face="sans-serif" size="71">‪पुलिस को शक़ सीरियल किलर खुला घूम रहा है</font>

276
00:18:08,771 --> 00:18:14,396
<font face="sans-serif" size="71">‪तो एक तरीके से कहें, जैसे धूल में
‪लट्ठ मारना। पुलिस वही कर रही थी।</font>

277
00:18:14,480 --> 00:18:17,021
<font face="sans-serif" size="71">‪उनके पास कोई सुराग़ नहीं था।</font>

278
00:18:17,105 --> 00:18:19,313
<font face="sans-serif" size="71">‪लाश की पहचान नहीं हो पाती थी</font>

279
00:18:19,396 --> 00:18:22,480
<font face="sans-serif" size="71">‪क्योंकि वो सिरकटी होती थी तो ये
‪पता ही नहीं चल पता था कि कौन मरा।</font>

280
00:18:22,563 --> 00:18:24,938
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪बीस अक्टूबर, 2006
‪पहली लाश</font>

281
00:18:26,605 --> 00:18:30,438
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪[सुंदर] सामान्य जो पुलिस जाँच है
‪वो मृतक की तरफ से होती है,</font>

282
00:18:30,521 --> 00:18:32,188
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪कि मृतक कौन है,</font>

283
00:18:33,063 --> 00:18:37,355
<font face="sans-serif" size="71">‪अगर टीम को पता लग गया
‪तो 90 प्रतिशत केस सुलझ गया।</font>

284
00:18:37,438 --> 00:18:40,605
<font face="sans-serif" size="71">‪लेकिन यहाँ तो न मृतक का पता था।</font>

285
00:18:40,688 --> 00:18:42,063
<font face="sans-serif" size="71">‪न आरोपी का पता था।</font>

286
00:18:42,146 --> 00:18:44,271
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुंदर] न घटनास्थल का पता था।</font>

287
00:18:44,355 --> 00:18:46,563
<font face="sans-serif" size="71">‪तो इन सारी चीज़ों की वजह से
‪ये बहुत कठिन केस था।</font>

288
00:18:49,605 --> 00:18:53,313
<font face="sans-serif" size="71">‪[अंग्रेज़ी में] देखिए, ये ऐसा नहीं है कि हम
‪एक सीरियल किलर के पीछे लगे हुए हैं।</font>

289
00:18:53,396 --> 00:18:54,771
<font face="sans-serif" size="71">‪ऐसा कभी नहीं होता।</font>

290
00:18:54,855 --> 00:18:59,855
<font face="sans-serif" size="71">‪आप संपत्ति अपराध करने वाले लोगों
‪को पकड़ सकते हैं या ढूंढ़ सकते हैं।</font>

291
00:19:00,646 --> 00:19:04,313
<font face="sans-serif" size="71">‪लेकिन ऐसा कोई नहीं है…
‪मुझे नहीं लगता कि कोई पुलिस फ़ोर्स है</font>

292
00:19:04,396 --> 00:19:06,521
<font face="sans-serif" size="71">‪जो बस सीरियल किलर के पीछे लगी हुई हो।</font>

293
00:19:06,605 --> 00:19:09,021
<font face="sans-serif" size="71">‪क्योंकि जब तक कि अपराध सामने नहीं आता,</font>

294
00:19:09,605 --> 00:19:11,355
<font face="sans-serif" size="71">‪आप उस पर काम नहीं करते।</font>

295
00:19:11,438 --> 00:19:15,980
<font face="sans-serif" size="71">‪आपको एक पैटर्न चाहिए, आपको
‪एक कड़ी चाहिए, आपको एक लाश चाहिए।</font>

296
00:19:16,063 --> 00:19:20,980
<font face="sans-serif" size="71">‪आपको एक अपराध चाहिए
‪जो आपके उस तक पहुँचने से पहले हो चुका हो।</font>

297
00:19:21,063 --> 00:19:22,771
<font face="sans-serif" size="71">‪[फ्लैश की आवाज़]</font>

298
00:19:27,855 --> 00:19:34,855
<font face="sans-serif" size="71">‪ताज़ा फल</font>

299
00:19:38,313 --> 00:19:40,480
<font face="sans-serif" size="71">‪पुलिस के ऊपर जब दबाव आया</font>

300
00:19:40,563 --> 00:19:43,855
<font face="sans-serif" size="71">‪तो इन्होंने छानबीन करते हुए आस-पास</font>

301
00:19:43,938 --> 00:19:46,480
<font face="sans-serif" size="71">‪जितने भी थाने हैं।</font>

302
00:19:46,563 --> 00:19:50,438
<font face="sans-serif" size="71">‪पश्चिमी जिले के साथ-साथ
‪उस पूरे इलाके में जितने थाने थे</font>

303
00:19:50,521 --> 00:19:53,021
<font face="sans-serif" size="71">‪सबको इस अपराध को सुलझाने में लगा दिया गया।</font>

304
00:19:53,105 --> 00:19:55,646
<font face="sans-serif" size="71">‪क्योंकि सीधा-सीधा
‪दिल्ली पुलिस को चुनौती दी गई थी।</font>

305
00:19:56,230 --> 00:19:58,980
<font face="sans-serif" size="71">‪[अंग्रेज़ी में] मेरी अगुआई में
‪टीम का गठन किया था।</font>

306
00:20:02,230 --> 00:20:04,855
<font face="sans-serif" size="71">‪[हरगोबिंदर अंग्रेज़ी में] हमारे पास
‪पश्चिमी ज़िले से विशेष स्टाफ़ के सदस्य थे,</font>

307
00:20:04,938 --> 00:20:06,896
<font face="sans-serif" size="71">‪कुछ बहुत ही बेहतरीन अफ़सर,</font>

308
00:20:06,980 --> 00:20:10,188
<font face="sans-serif" size="71">‪और साथ ही पश्चिमी ज़िले के
‪अन्य उप-विभागों से भी।</font>

309
00:20:10,271 --> 00:20:12,313
<font face="sans-serif" size="71">‪इस केस में बहुत लोगों को लगाया गया था।</font>

310
00:20:14,980 --> 00:20:18,938
<font face="sans-serif" size="71">‪दिल्ली पुलिस</font>

311
00:20:21,938 --> 00:20:25,855
<font face="sans-serif" size="71">‪[हरगोबिंदर अंग्रेज़ी में] हमने केस पर बहुत
‪गहराई से और बिना समय गंवाए काम किया</font>

312
00:20:25,938 --> 00:20:29,771
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪क्योंकि हमें एहसास हुआ
‪कि जितना ज़्यादा समय इसमें लगेगा,</font>

313
00:20:29,855 --> 00:20:33,063
<font face="sans-serif" size="71">‪आरोपी उतने ही ज़्यादा खून करेगा।</font>

314
00:20:34,730 --> 00:20:36,896
<font face="sans-serif" size="71">‪यह ऐसा था कि आप समय के विरूद्ध भाग रहे थे,</font>

315
00:20:36,980 --> 00:20:38,896
<font face="sans-serif" size="71">‪एक और निर्दोष इंसान
‪को बचाने की कोशिश करते हुए</font>

316
00:20:38,980 --> 00:20:42,271
<font face="sans-serif" size="71">‪जो उसके अपराधों की कड़ी
‪का शिकार बन सकता था।</font>

317
00:20:44,938 --> 00:20:47,105
<font face="sans-serif" size="71">‪[हरगोबिंदर अंग्रेज़ी में]
‪और फिर, बेशक़, हमारी…</font>

318
00:20:49,396 --> 00:20:53,855
<font face="sans-serif" size="71">‪खोज का क्षेत्र
‪और अन्य सुराग़ ढूँढ़ने का क्षेत्र</font>

319
00:20:53,938 --> 00:20:56,605
<font face="sans-serif" size="71">‪दिल्ली के विभिन्न इलाकों तक फ़ैल गया।</font>

320
00:20:57,605 --> 00:21:02,980
<font face="sans-serif" size="71">‪इसमें दिल्ली के उत्तर पश्चिमी, पश्चिमी,
‪और उत्तर पूर्वी डिस्ट्रिक्ट शामिल थे।</font>

321
00:21:04,063 --> 00:21:05,563
<font face="sans-serif" size="71">‪[नाटकीय संगीत]</font>

322
00:21:07,563 --> 00:21:10,605
<font face="sans-serif" size="71">‪उन्होंने उसके बाद जब जाँच जारी रखी,</font>

323
00:21:10,688 --> 00:21:15,521
<font face="sans-serif" size="71">‪इस दौरान 18 मई, 2007 को फिर एक लाश मिली।</font>

324
00:21:15,605 --> 00:21:17,396
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪25 अप्रैल 2007,
‪दूसरी लाश</font>

325
00:21:17,480 --> 00:21:19,188
<font face="sans-serif" size="71">‪18 मई, 2007
‪तीसरी लाश</font>

326
00:21:19,271 --> 00:21:21,188
<font face="sans-serif" size="71">‪तिहाड़ जेल</font>

327
00:21:21,271 --> 00:21:24,230
<font face="sans-serif" size="71">‪गेट नंबर 3
‪18 मई, 2007, तीसरी लाश बरामद</font>

328
00:21:29,688 --> 00:21:32,771
<font face="sans-serif" size="71">‪[अंग्रेज़ी में] पिछले 23 सालों में
‪मेरे सामने ऐसा कोई केस नहीं आया।</font>

329
00:21:42,771 --> 00:21:46,605
<font face="sans-serif" size="71">‪हमने एक इंसान को कई खून करते देखा है।</font>

330
00:21:46,688 --> 00:21:49,105
<font face="sans-serif" size="71">‪शायद विदेशों में ऐसे कुछ केस हुए हों,</font>

331
00:21:49,188 --> 00:21:50,896
<font face="sans-serif" size="71">‪लेकिन भारतीय संदर्भ में,</font>

332
00:21:50,980 --> 00:21:54,605
<font face="sans-serif" size="71">‪मेरा सामना ऐसे किसी शख्स से नहीं हुआ
‪जिसने ऐसे क़त्ल किए हों</font>

333
00:21:54,688 --> 00:21:59,813
<font face="sans-serif" size="71">‪और इतने सिलसिलेवार ढंग से किए हों।</font>

334
00:21:59,896 --> 00:22:03,146
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪18 मई, 2007
‪तीसरी लाश</font>

335
00:22:03,230 --> 00:22:05,355
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪बिल्कुल वही पैटर्न,</font>

336
00:22:05,438 --> 00:22:07,438
<font face="sans-serif" size="71">‪और इस बार वहाँ एक चिट्ठी और मिली।</font>

337
00:22:07,521 --> 00:22:08,980
<font face="sans-serif" size="71">‪पहले वो एक पेज की चिट्ठी थी।</font>

338
00:22:09,063 --> 00:22:11,855
<font face="sans-serif" size="71">‪और इसमें दो-तीन पेज की चिट्ठी लिखी हुई थी।</font>

339
00:22:12,355 --> 00:22:14,021
<font face="sans-serif" size="71">‪और लगभग वही गाली-गलौच…</font>

340
00:22:14,646 --> 00:22:16,771
<font face="sans-serif" size="71">‪और इसमें काफी विवरण लिख रखा था।</font>

341
00:22:16,855 --> 00:22:21,021
<font face="sans-serif" size="71">‪और उसमें पहली वाली लाश
‪का भी ज़िक्र किया हुआ था</font>

342
00:22:22,105 --> 00:22:24,896
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुंदर] और दूसरी लाश
‪जो डाली गई थी उसका भी ज़िक्र था।</font>

343
00:22:26,105 --> 00:22:28,813
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪[अपराधी की आवाज़]
‪20 अक्टूबर, 2006 को लाश मिली थी।</font>

344
00:22:29,855 --> 00:22:34,146
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪उसमें उस लाश का आप लोगों ने
‪ठीक ढंग से मुआयना ही नहीं किया।</font>

345
00:22:35,605 --> 00:22:39,355
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪क्योंकि उस लाश पर
‪उसके हाथ पर "अमित" नाम लिखा था।</font>

346
00:22:40,105 --> 00:22:43,688
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪लेकिन आप लोगों ने अख़बार में
‪उसका नाम भी नहीं डलवाया था।</font>

347
00:22:43,771 --> 00:22:45,688
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪[भयावह संगीत]</font>

348
00:22:45,771 --> 00:22:48,855
<font face="sans-serif" size="71">‪[अंग्रेज़ी में] वो अखबार की
‪खबरों पर बड़े क़रीब से ध्यान दे रहा था</font>

349
00:22:49,438 --> 00:22:51,855
<font face="sans-serif" size="71">‪और लेखों को बारीकी से पढ़ रहा था।</font>

350
00:22:53,313 --> 00:22:58,521
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪[अपराधी की आवाज़]  इस सी.सी. को खूँखार
‪और ख़तरनाक कातिल की उपाधि देकर</font>

351
00:22:58,605 --> 00:23:00,438
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪इनाम रखवाने का कोशिश करो</font>

352
00:23:01,605 --> 00:23:03,605
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪ताकि इस खेल में कुछ मज़ा आए।</font>

353
00:23:05,521 --> 00:23:07,230
<font face="sans-serif" size="71">‪[अंग्रेज़ी में] उसे घोषित
‪इनाम के बारे में पता था।</font>

354
00:23:07,313 --> 00:23:08,855
<font face="sans-serif" size="71">‪उसे पता था</font>

355
00:23:09,563 --> 00:23:12,396
<font face="sans-serif" size="71">‪कि पुलिस कैसे मीडिया से
‪ख़बरें साझा करती है,</font>

356
00:23:12,480 --> 00:23:14,855
<font face="sans-serif" size="71">‪और किस तरह से मीडिया में
‪अपराधों की सूचना दी जाती है।</font>

357
00:23:15,980 --> 00:23:21,188
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪[अपराधी की आवाज़] ध्यान रखना कि इनाम
‪मेरे काम के लायक होना चाहिए।</font>

358
00:23:21,271 --> 00:23:25,646
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪अगर मेरी बेइज़्ज़ती होगी,
‪तो मैं तुम सबकी बेइज़्ज़ती करवा दूँगा।</font>

359
00:23:27,396 --> 00:23:32,688
<font face="sans-serif" size="71">‪[अंग्रेज़ी में] वो चाहता था
‪कि उसके अपराध की सूचना दी जाए,</font>

360
00:23:32,771 --> 00:23:33,688
<font face="sans-serif" size="71">‪यूँ समझिए कि…</font>

361
00:23:34,813 --> 00:23:37,980
<font face="sans-serif" size="71">‪वो चाहता था उसे उसके
‪अपराध के ज़रिए याद रखा जाए।</font>

362
00:23:38,646 --> 00:23:41,188
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪[अपराधी की आवाज़] ये चिट्ठी
‪अख़बार वालों को भी पढ़ा देना,</font>

363
00:23:41,271 --> 00:23:43,355
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪आगे फिर तोहफ़ा समय पर भेज दूँगा।</font>

364
00:23:44,855 --> 00:23:48,563
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪तुम लोगों का जीजाजी और दामाद, सी.सी.</font>

365
00:23:52,021 --> 00:23:56,313
<font face="sans-serif" size="71">‪[अंग्रेज़ी में] लेकिन ये इंसान
‪सिस्टम के बारे में थोड़ा-बहुत जानता है,</font>

366
00:23:57,146 --> 00:23:59,521
<font face="sans-serif" size="71">‪और सिस्टम को चुनौती दे रहा है,</font>

367
00:24:00,271 --> 00:24:04,355
<font face="sans-serif" size="71">‪इसे गुनाह करने में मज़ा आता है</font>

368
00:24:04,896 --> 00:24:06,271
<font face="sans-serif" size="71">‪और इसे करने के तरीके पर गर्व है।</font>

369
00:24:07,480 --> 00:24:09,063
<font face="sans-serif" size="71">‪तो, ये लगभग ऐसा था मानो…</font>

370
00:24:10,813 --> 00:24:13,563
<font face="sans-serif" size="71">‪इस मोड़ पर उसे हर काम में मज़ा आ रहा था।</font>

371
00:24:15,438 --> 00:24:16,855
<font face="sans-serif" size="71">‪अब यदि आप दोनों चिट्ठियाँ देखें,</font>

372
00:24:17,646 --> 00:24:20,146
<font face="sans-serif" size="71">‪लिखाई का पैटर्न वही था, भाषा वही थी।</font>

373
00:24:20,230 --> 00:24:23,396
<font face="sans-serif" size="71">‪और जो शब्द इस्तेमाल
‪किए थे वो लगभग एक से थे।</font>

374
00:24:23,480 --> 00:24:25,813
<font face="sans-serif" size="71">‪और लिखावट भी एक सी ही थी।</font>

375
00:24:28,563 --> 00:24:32,480
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुंदर] दोनों चिट्ठियों के नीचे सी.सी.
‪लिखा हुआ था, वो भी एक और सुराग़ था।</font>

376
00:24:32,563 --> 00:24:35,563
<font face="sans-serif" size="71">‪सी.सी.</font>

377
00:24:35,646 --> 00:24:38,813
<font face="sans-serif" size="71">‪[अंग्रेज़ी में] मेरी पहली प्रतिक्रिया थी
‪कि दोनों चिट्ठियाँ एक इंसान ने लिखी थीं।</font>

378
00:24:39,438 --> 00:24:40,605
<font face="sans-serif" size="71">‪यह एक बात है।</font>

379
00:24:40,688 --> 00:24:43,355
<font face="sans-serif" size="71">‪और लिखावट की वजह से नहीं,</font>

380
00:24:43,438 --> 00:24:46,271
<font face="sans-serif" size="71">‪उनमें लिखे शब्दों की वजह से।</font>

381
00:24:50,146 --> 00:24:52,521
<font face="sans-serif" size="71">‪मैं डॉ. शिवरत्न ललित वाया हूँ,</font>

382
00:24:53,438 --> 00:24:56,855
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪निदेशक, अपराध विज्ञान स्कूल,
‪अपराध विज्ञान एवं व्यवहार विज्ञान।</font>

383
00:24:58,688 --> 00:25:01,646
<font face="sans-serif" size="71">‪[शिवरत्न] जब इन दोनों चिट्ठियों
‪का वैज्ञानिक सामग्री विश्लेषण किया गया,</font>

384
00:25:02,313 --> 00:25:04,355
<font face="sans-serif" size="71">‪जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया था,</font>

385
00:25:04,438 --> 00:25:06,438
<font face="sans-serif" size="71">‪जिस तरह की बोलचाल इस्तेमाल की गई,</font>

386
00:25:07,105 --> 00:25:10,313
<font face="sans-serif" size="71">‪और जिस तरह वाक्य
‪बनाए गए थे, उनकी जाँच की गई।</font>

387
00:25:10,396 --> 00:25:15,188
<font face="sans-serif" size="71">‪गुणवत्ता और सामग्री के आधार पर,
‪दोनों एक ही इंसान द्वारा लिखे गए थे।</font>

388
00:25:18,646 --> 00:25:19,646
<font face="sans-serif" size="71">‪[शिवरत्न] दूसरी बात।</font>

389
00:25:20,605 --> 00:25:22,855
<font face="sans-serif" size="71">‪इसमें साफ़ है कि…</font>

390
00:25:22,938 --> 00:25:26,855
<font face="sans-serif" size="71">‪ये इंसान अतीत में
‪कुछ खून करने का दावा कर रहा है,</font>

391
00:25:27,646 --> 00:25:31,521
<font face="sans-serif" size="71">‪और उसका निकट भविष्य में
‪कुछ और खून करने का इरादा है,</font>

392
00:25:32,271 --> 00:25:36,146
<font face="sans-serif" size="71">‪जिसके लिए, वो ये कहने की कोशिश
‪कर रहा है कि वर्तमान प्रशासन जिम्मेदार है।</font>

393
00:25:37,480 --> 00:25:42,271
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪[अपराधी की आवाज़] तुम लोगों की माँ को
‪तुम लोगों के ही बाप ने चोदकर पैदा किया है,</font>

394
00:25:42,355 --> 00:25:44,230
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪तो मुझे पकड़कर दिखाओ।</font>

395
00:25:44,980 --> 00:25:48,271
<font face="sans-serif" size="71">‪[शिवरत्न अंग्रेज़ी में] जैसी भाषा
‪वो अपने संदेशों में प्रयोग करता है,</font>

396
00:25:48,938 --> 00:25:50,438
<font face="sans-serif" size="71">‪वो एक अप्रत्यक्ष तरीका है</font>

397
00:25:50,521 --> 00:25:55,063
<font face="sans-serif" size="71">‪अपने माता-पिता और अधिकारियों
‪के ख़िलाफ गुस्सा ज़ाहिर करने का।</font>

398
00:25:55,146 --> 00:25:59,230
<font face="sans-serif" size="71">‪देखिए, अगर उसके मन में
‪किसी तरह का सम्मान और लगाव होता</font>

399
00:25:59,313 --> 00:26:02,730
<font face="sans-serif" size="71">‪अपनी माँ के लिए, तो वो
‪ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करता।</font>

400
00:26:04,563 --> 00:26:07,813
<font face="sans-serif" size="71">‪उसका गुस्सा,
‪माता-पिता या अभिभावक के लिए है</font>

401
00:26:07,896 --> 00:26:13,730
<font face="sans-serif" size="71">‪जिससे एक बच्चा सुरक्षा की अपेक्षा करता है।</font>

402
00:26:13,813 --> 00:26:19,355
<font face="sans-serif" size="71">‪उसके पास ऐसा कोई नहीं था, तो वही गुस्सा
‪वो पुलिसवालों पर निकाल रहा है।</font>

403
00:26:26,271 --> 00:26:27,980
<font face="sans-serif" size="71">‪[हरगोबिंदर अंग्रेज़ी में]
‪देखिए, ये कोई ऐसा है</font>

404
00:26:28,688 --> 00:26:32,855
<font face="sans-serif" size="71">‪जो ख़ुद को प्रशासन द्वारा
‪पीड़ित महसूस करता है।</font>

405
00:26:34,105 --> 00:26:36,313
<font face="sans-serif" size="71">‪और कोई जो…</font>

406
00:26:38,355 --> 00:26:43,938
<font face="sans-serif" size="71">‪जो न केवल प्रताड़ित महसूस कर रहा है बल्कि
‪उसे दूर करने के लिए कुछ करना चाहता है।</font>

407
00:26:51,688 --> 00:26:56,855
<font face="sans-serif" size="71">‪वो इस तरह सिस्टम का हिस्सा नहीं है
‪कि कानूनी रूप से इसके बारे में कुछ कर सके।</font>

408
00:26:58,438 --> 00:27:03,938
<font face="sans-serif" size="71">‪लेकिन वो अपने बल पर जो भी
‪कर सकता है उसकी कोशिश कर रहा है।</font>

409
00:27:04,646 --> 00:27:07,563
<font face="sans-serif" size="71">‪और इससे बच निकलना इतने लंबे समय तक कि…</font>

410
00:27:09,521 --> 00:27:11,230
<font face="sans-serif" size="71">‪मेरा मतलब, ये बहुत ही अलग बात है।</font>

411
00:27:13,355 --> 00:27:15,646
<font face="sans-serif" size="71">‪[अंग्रेज़ी में] चिट्ठी में,
‪वो ये भी कहता है कि…</font>

412
00:27:16,646 --> 00:27:22,105
<font face="sans-serif" size="71">‪अगर वो एक साल में लगभग सात से आठ लोगों
‪को नहीं मारता, तो शांति से जी नहीं सकता।</font>

413
00:27:23,188 --> 00:27:26,396
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪[अपराधी की आवाज़] मैं, सी.सी., ये बात
‪सीना तानकर कबूल कर रहा हूँ</font>

414
00:27:27,188 --> 00:27:31,855
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪कि करीब-करीब साल में कम से कम
‪सात से आठ क़त्ल हर हाल में करता हूँ।</font>

415
00:27:32,563 --> 00:27:34,521
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪वरना मेरा दिमाग पागल होने लगता है।</font>

416
00:27:36,771 --> 00:27:41,563
<font face="sans-serif" size="71">‪[अंग्रेज़ी में] वह खून करने की
‪मनोवैज्ञानिक तीव्र इच्छा की बात करता है।</font>

417
00:27:56,146 --> 00:27:58,188
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪20 अक्टूबर, 2006
‪पहली लाश</font>

418
00:28:02,980 --> 00:28:06,188
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪[उत्कर्ष अंग्रेज़ी में] पाँच महीनों के
‪दौरान, तीन से चार खून पहले ही हो चुके थे।</font>

419
00:28:06,730 --> 00:28:09,980
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪हालाँकि शवों के अलग-अलग हिस्सों को
‪दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में फेंका गया था,</font>

420
00:28:10,480 --> 00:28:15,105
<font face="sans-serif" size="71">‪शव का एक बड़ा हिस्सा हमेशा
‪तिहाड़ जेल के बाहर रखा जाता था।</font>

421
00:28:15,188 --> 00:28:18,480
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪उसके बावजूद, अगर वे किसी को नहीं पकड़ सकते,
‪उस इंसान को दबोच नहीं सकते,</font>

422
00:28:18,563 --> 00:28:20,438
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪उस इंसान की पहचान तक नहीं कर सकते,</font>

423
00:28:20,521 --> 00:28:22,480
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪और ये एक गुमनाम केस बनकर रह जाता है,</font>

424
00:28:22,563 --> 00:28:27,271
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪यह दिल्ली पुलिस की जाँच
‪और काबिलियत के बारे में बहुत कुछ कहता है।</font>

425
00:28:27,771 --> 00:28:30,313
<font face="sans-serif" size="71">‪[अंग्रेज़ी में] देखिए, लाशें एक के बाद एक
‪तेज़ी से बरामद नहीं हुई थीं।</font>

426
00:28:30,396 --> 00:28:34,355
<font face="sans-serif" size="71">‪एक घटना और दूसरी घटना के बीच</font>

427
00:28:34,438 --> 00:28:36,646
<font face="sans-serif" size="71">‪काफ़ी फ़ासला था।</font>

428
00:28:37,813 --> 00:28:39,855
<font face="sans-serif" size="71">‪और ऐसा नहीं था कि लाश सही-सलामत थी।</font>

429
00:28:41,813 --> 00:28:43,896
<font face="sans-serif" size="71">‪ये सुनने में बहुत विरोधाभासी लगता है</font>

430
00:28:43,980 --> 00:28:46,438
<font face="sans-serif" size="71">‪कि उनमें एक पैटर्न था
‪और साथ ही एक पैटर्न नहीं भी था।</font>

431
00:28:46,521 --> 00:28:47,771
<font face="sans-serif" size="71">‪तिहाड़ जेल
‪तीस हज़ारी कोर्ट</font>

432
00:28:47,855 --> 00:28:51,105
<font face="sans-serif" size="71">‪शालीमार बाग़
‪स्वरुप नगर</font>

433
00:28:51,188 --> 00:28:54,146
<font face="sans-serif" size="71">‪गाज़ियाबाद</font>

434
00:28:55,146 --> 00:28:56,563
<font face="sans-serif" size="71">‪जब 18 मई का समय आ गया,</font>

435
00:28:57,396 --> 00:28:59,230
<font face="sans-serif" size="71">‪तो हमारी फिर बैठक हुई।</font>

436
00:28:59,313 --> 00:29:03,646
<font face="sans-serif" size="71">‪बातें हुईं, और बात करने के बाद
‪तय हुआ कि भाई आपको क्या-क्या चाहिए,</font>

437
00:29:03,730 --> 00:29:06,896
<font face="sans-serif" size="71">‪मैंने कहा, "सर, मुझे दिलीप कौशिक चाहिए
‪और आदमी, मेरे लड़के तीन-चार वहीं।</font>

438
00:29:06,980 --> 00:29:10,271
<font face="sans-serif" size="71">‪गाड़ी हमारे पास में नहीं है,
‪क्या करें? हमारे पास सुराग़ हैं।"</font>

439
00:29:10,355 --> 00:29:11,771
<font face="sans-serif" size="71">‪"कितने दिन तुम और लोगे?"</font>

440
00:29:11,855 --> 00:29:14,230
<font face="sans-serif" size="71">‪मैंने कहा, "सर, दो-तीन दिन
‪का समय आप हमें दे दीजिए,</font>

441
00:29:14,313 --> 00:29:15,896
<font face="sans-serif" size="71">‪यदि तीन दिन में हम नहीं कर पाते,</font>

442
00:29:15,980 --> 00:29:18,313
<font face="sans-serif" size="71">‪तो आप हमसे जाँच वापस ले लीजिएगा।"</font>

443
00:29:18,813 --> 00:29:19,938
<font face="sans-serif" size="71">‪उन्होंने कहा, "ठीक है,</font>

444
00:29:20,021 --> 00:29:23,521
<font face="sans-serif" size="71">‪अब से न क्राइम टीम काम करेगी
‪इसके ऊपर, न स्पेशल सेल काम करेगी।</font>

445
00:29:23,605 --> 00:29:26,355
<font face="sans-serif" size="71">‪तीन दिन तक सुंदर सिंह यादव साहब
‪की ही टीम काम करेगी।"</font>

446
00:29:26,438 --> 00:29:27,938
<font face="sans-serif" size="71">‪पद का नाम
‪अधिकारी का नाम</font>

447
00:29:28,021 --> 00:29:30,105
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुंदर] उन्होंने पूछा
‪कि आपको कौन सी टीम चाहिए।</font>

448
00:29:30,813 --> 00:29:33,605
<font face="sans-serif" size="71">‪मुझे नरेंद्र पहलवान, वीरेंद्र त्यागी,</font>

449
00:29:33,688 --> 00:29:37,105
<font face="sans-serif" size="71">‪दिलीप कौशिक, रोहताश चाहिए
‪और दो गाड़ियाँ दे दी जाएं।</font>

450
00:29:42,688 --> 00:29:47,021
<font face="sans-serif" size="71">‪अठारह मई को इतना दबाव आ गया
‪कि प्रेस पीछा कर रही है।</font>

451
00:29:47,105 --> 00:29:51,313
<font face="sans-serif" size="71">‪और एक तरह से हम
‪बिल्कुल नाकाम होते जा रहे हैं।</font>

452
00:29:51,396 --> 00:29:53,563
<font face="sans-serif" size="71">‪लेकिन उधर से हमारे पास सुराग़ भी हैं।</font>

453
00:29:53,646 --> 00:29:56,480
<font face="sans-serif" size="71">‪दिल्ली पुलिस</font>

454
00:29:56,563 --> 00:29:57,813
<font face="sans-serif" size="71">‪सन 1998 के पहले,</font>

455
00:29:57,896 --> 00:30:00,896
<font face="sans-serif" size="71">‪सन 1997 में एक खून हुआ था
‪उत्तर पश्चिमी डिस्ट्रिक्ट में।</font>

456
00:30:00,980 --> 00:30:03,563
<font face="sans-serif" size="71">‪1998 में, उसने एक मंगल
‪को मारकर सनसनी मचा दी</font>

457
00:30:03,646 --> 00:30:06,480
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुंदर] इस खून की तरह उस खून में भी,</font>

458
00:30:06,563 --> 00:30:10,563
<font face="sans-serif" size="71">‪उस आदमी के हाथ नहीं थे, पैर नहीं थे,
‪लिंग नहीं था और गर्दन नहीं थी।</font>

459
00:30:10,646 --> 00:30:11,730
<font face="sans-serif" size="71">‪उसे 1998 में गिरफ़्तार किया गया</font>

460
00:30:11,813 --> 00:30:15,313
<font face="sans-serif" size="71">‪वो देखकर, नरेंद्र को किसी तरह से</font>

461
00:30:15,396 --> 00:30:18,188
<font face="sans-serif" size="71">‪मुख़बिर का सुराग़ मिलने लग गया था।</font>

462
00:30:24,271 --> 00:30:25,813
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪बिना मुख़बिर पुलिस कुछ नहीं कर पाएगी।</font>

463
00:30:25,896 --> 00:30:27,230
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪पुलिस ख़बरी</font>

464
00:30:27,313 --> 00:30:30,771
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪पुलिस को कैसे पता कि बाहर क्या हो रहा है
‪वो तो अपनी चौकी में रहती है, घर बैठी है।</font>

465
00:30:30,855 --> 00:30:34,355
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪एक मुख़बिर ही ढूँढ़ता है किसने
‪कहाँ केस किया, किसने क्या कर लिया।</font>

466
00:30:39,980 --> 00:30:42,771
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪[आदमी] सिविल में घूमते हैं पुलिस वाले,
‪स्पेशल सेल वाले बोलते हैं इनको।</font>

467
00:30:42,855 --> 00:30:44,021
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪खून का आरोपी</font>

468
00:30:44,105 --> 00:30:48,271
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪उनके मुख़बिर भी होते हैं, उनको हर एक बंदे
‪के बारे में पता होता है कि क्या कर रहा है।</font>

469
00:30:48,355 --> 00:30:50,646
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪कोई ग़लत काम कर रहा है
‪या ठीक काम कर रहा है।</font>

470
00:30:56,396 --> 00:30:59,896
<font face="sans-serif" size="71">‪[मुख़बिर] इस इलाके के जितने भी मुख़बिर हैं न
‪जिसकी सीसीटीवी फ़ोटो आई है</font>

471
00:30:59,980 --> 00:31:01,271
<font face="sans-serif" size="71">‪वो फ़ोटो मुख़बिर को दी जाएगी।</font>

472
00:31:01,938 --> 00:31:07,855
<font face="sans-serif" size="71">‪फिर मुख़बिर उसकी फ़ोटो, जूते, बंदे की लम्बाई
‪देखकर और किस रंग की शर्ट पहन रखी है…</font>

473
00:31:08,480 --> 00:31:11,855
<font face="sans-serif" size="71">‪वो देखके पता लगा लेता है
‪कि बंदा किस इलाके का है, कहाँ होगा।</font>

474
00:31:14,646 --> 00:31:17,646
<font face="sans-serif" size="71">‪अभी आज के समय में
‪मोबाइल बहुत ज़्यादा हो गए हैं,</font>

475
00:31:17,730 --> 00:31:19,521
<font face="sans-serif" size="71">‪तकनीकी निगरानी बहुत ज़्यादा हो गई है।</font>

476
00:31:19,605 --> 00:31:25,230
<font face="sans-serif" size="71">‪लेकिन उस समय में मुख़बिर नेटवर्क जिसे पुलिस
‪का एक सबसे मज़बूत तंत्र कहा जाता है, वो था।</font>

477
00:31:25,313 --> 00:31:29,063
<font face="sans-serif" size="71">‪[अमित] और इसके बारे में
‪लगातार जानकारी जुटाई जा रही थी।</font>

478
00:31:34,146 --> 00:31:35,646
<font face="sans-serif" size="71">‪[नाटकीय संगीत]</font>

479
00:31:40,938 --> 00:31:42,688
<font face="sans-serif" size="71">‪[मुख़बिर] मुख़बिर पूरे दिन घूमता रहता है।</font>

480
00:31:42,771 --> 00:31:45,938
<font face="sans-serif" size="71">‪उसे हर तरह के बंदे
‪मिलते हैं, अच्छे मिलें, बुरे मिलें।</font>

481
00:31:46,021 --> 00:31:47,021
<font face="sans-serif" size="71">‪उसका नेटवर्क होता है।</font>

482
00:31:47,730 --> 00:31:50,605
<font face="sans-serif" size="71">‪तो मुख़बिर पूरा पता निकालेगा
‪कि कहाँ खून हुआ है और किसने किया है,</font>

483
00:31:50,688 --> 00:31:52,771
<font face="sans-serif" size="71">‪कहाँ उसने लाश दबाई है।</font>

484
00:31:52,855 --> 00:31:56,230
<font face="sans-serif" size="71">‪मुख़बिर ही बताएगा, फिर उसके आधार
‪पर पुलिस वाले कार्यवाही करते हैं।</font>

485
00:32:03,980 --> 00:32:05,980
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुंदर] नरेंद्र साहब
‪अपने-आप काम कर रहे थे।</font>

486
00:32:07,521 --> 00:32:11,188
<font face="sans-serif" size="71">‪उनके मुख़बिर ने बताया है
‪कि आज़ादपुर मंडी में एक डॉक्टर है</font>

487
00:32:11,271 --> 00:32:14,021
<font face="sans-serif" size="71">‪जिनके पास में
‪इसी हुलिये का व्यक्ति आता है।</font>

488
00:32:14,105 --> 00:32:17,688
<font face="sans-serif" size="71">‪आज़ादपुर मंडी</font>

489
00:32:17,771 --> 00:32:20,480
<font face="sans-serif" size="71">‪अब हमारी अगुआई कर रहे थे, नरेंद्र पहलवान।</font>

490
00:32:20,563 --> 00:32:22,563
<font face="sans-serif" size="71">‪मैं उनके साथ काम कर रहा था।</font>

491
00:32:22,646 --> 00:32:27,313
<font face="sans-serif" size="71">‪तो दोपहर 2 बजे, मैं, दिलीप कौशिक,
‪और नरेंद्र पहलवान, तीनों ही थे।</font>

492
00:32:27,396 --> 00:32:30,146
<font face="sans-serif" size="71">‪और बाकी टीम को हमने पीछे कर दिया।</font>

493
00:32:30,771 --> 00:32:33,063
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुंदर] जब हम वहाँ पहुँचे
‪तो एक डॉक्टर बैठे हुए थे।</font>

494
00:32:33,146 --> 00:32:33,980
<font face="sans-serif" size="71">‪आज़ादपुर</font>

495
00:32:34,771 --> 00:32:37,396
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुंदर] तो वहाँ हमने
‪डॉक्टर से पूछताछ शुरू की।</font>

496
00:32:38,730 --> 00:32:40,605
<font face="sans-serif" size="71">‪क्योंकि मैं सिविल में था,
‪स्पेशल स्टाफ़ में था,</font>

497
00:32:40,688 --> 00:32:44,021
<font face="sans-serif" size="71">‪मैंने आईडी कार्ड निकालकर
‪उनको दिखाया कि मैं सुंदर सिंह यादव हूँ।</font>

498
00:32:44,105 --> 00:32:46,563
<font face="sans-serif" size="71">‪और स्पेशल स्टाफ़ में
‪पश्चिमी डिस्ट्रिक्ट में मौजूद हूँ।</font>

499
00:32:46,646 --> 00:32:49,646
<font face="sans-serif" size="71">‪और हम एक क़त्ल की छानबीन कर रहे हैं
‪तो उस लिए आपके पास में आए हैं।</font>

500
00:32:50,813 --> 00:32:54,896
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुंदर] मैंने नाम लिया ही होगा कि उसी समय
‪एक फ़ोन डॉक्टर साहब के पास आया।</font>

501
00:33:00,813 --> 00:33:04,813
<font face="sans-serif" size="71">‪जैसे ही उसने फ़ोन काटा,
‪नरेंद्र पहलवान ने उसे थप्पड़ जड़ दिया।</font>

502
00:33:06,313 --> 00:33:08,688
<font face="sans-serif" size="71">‪पर उसका सवाल सटीक था,</font>

503
00:33:08,771 --> 00:33:12,063
<font face="sans-serif" size="71">‪कि ये उसी का फ़ोन था न?</font>

504
00:33:12,146 --> 00:33:12,980
<font face="sans-serif" size="71">‪उसने कहा, "हाँ।"</font>

505
00:33:15,938 --> 00:33:19,521
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुंदर] हम डॉक्टर को लेकर
‪हमारे टैगोर गार्डन ऑफ़िस में आ गए।</font>

506
00:33:22,646 --> 00:33:27,188
<font face="sans-serif" size="71">‪डॉक्टर ने मुझे बताया
‪कि ये आदमी है, इसकी पाँच बेटियाँ हैं।</font>

507
00:33:27,271 --> 00:33:31,313
<font face="sans-serif" size="71">‪पाँचों की डिलीवरी मैंने कराई है
‪और इसका नाम चंद्रकांत झा है।</font>

508
00:33:33,396 --> 00:33:38,188
<font face="sans-serif" size="71">‪संदिग्ध का नाम: चंद्रकांत झा</font>

509
00:33:38,271 --> 00:33:42,980
<font face="sans-serif" size="71">‪उसने कहा, "साहब, एक बार ये जो
‪चंद्रकांत झा है, वो मेरा एक साला है</font>

510
00:33:43,063 --> 00:33:44,480
<font face="sans-serif" size="71">‪उससे उसकी कुछ अनबन हो गई।</font>

511
00:33:44,563 --> 00:33:47,563
<font face="sans-serif" size="71">‪तो उसको चंद्रकांत झा बहला-फुसला कर ले गया,</font>

512
00:33:47,646 --> 00:33:50,605
<font face="sans-serif" size="71">‪मुझे पता लगा
‪कि चंद्रकांत झा मेरे साले को ले गया है।</font>

513
00:33:50,688 --> 00:33:53,688
<font face="sans-serif" size="71">‪पहले भी मुझे पता था
‪कि ये केसों में बंद रहा है</font>

514
00:33:53,771 --> 00:33:55,313
<font face="sans-serif" size="71">‪और खून भी कर चुका है।</font>

515
00:33:56,021 --> 00:33:58,063
<font face="sans-serif" size="71">‪मैं उनका पीछा करते उसके कमरे में गया,</font>

516
00:33:58,146 --> 00:33:59,771
<font face="sans-serif" size="71">‪कमरे में गया तो</font>

517
00:33:59,855 --> 00:34:03,605
<font face="sans-serif" size="71">‪पाता क्या हूँ कि चंद्रकांत झा ने
‪मेरे साले के गले पर छुरी लगा रखी है।</font>

518
00:34:06,355 --> 00:34:08,813
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुंदर] उसे लगभग मार देता
‪यदि मैं नहीं पहुँचता तो।</font>

519
00:34:13,521 --> 00:34:16,021
<font face="sans-serif" size="71">‪और वो आज शाम चार बजे आने वाला था।</font>

520
00:34:16,605 --> 00:34:19,188
<font face="sans-serif" size="71">‪अब आप मुझे यहाँ लेके आए हैं
‪और अब वो मिलेगा नहीं।</font>

521
00:34:25,063 --> 00:34:28,563
<font face="sans-serif" size="71">‪तो मैंने कहा, "यार, अब तू ऐसा कर
‪कि फ़ोन से बात कर उसके नंबर से।"</font>

522
00:34:30,688 --> 00:34:34,980
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुंदर] उसने उस फ़ोन का नंबर मिलाया
‪और बात की कि भाई आप आने वाले थे आए नहीं।</font>

523
00:34:35,730 --> 00:34:37,896
<font face="sans-serif" size="71">‪उसने कहा कि ठीक है, भाई,
‪कल मैं चार बजे आऊँगा।</font>

524
00:34:37,980 --> 00:34:38,938
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪मई 2007</font>

525
00:34:39,021 --> 00:34:41,396
<font face="sans-serif" size="71">{\an8}‪18 - तीसरी लाश बरामद
‪जाँच का पहला दिन</font>

526
00:34:42,521 --> 00:34:44,605
<font face="sans-serif" size="71">‪19 - जाँच का दूसरा दिन</font>

527
00:34:44,688 --> 00:34:47,188
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुंदर] 19 मई को, शाम चार बजे
‪हम सब काम पर लग गए।</font>

528
00:34:48,063 --> 00:34:50,313
<font face="sans-serif" size="71">‪आज़ादपुर मंडी</font>

529
00:34:51,021 --> 00:34:54,313
<font face="sans-serif" size="71">‪आज़ादपुर</font>

530
00:34:57,521 --> 00:35:00,396
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुंदर] सब के सब कोई किसी भेष में लगे।</font>

531
00:35:01,230 --> 00:35:06,438
<font face="sans-serif" size="71">‪और मैं भी लगा। मैंने लुंगी कुर्ता पहना
‪और मैं केले बेचने वाला बन गया।</font>

532
00:35:07,688 --> 00:35:09,771
<font face="sans-serif" size="71">‪फ्रंटलाइन लड़के जो थे
‪वो तो काम पर लगे हुए थे,</font>

533
00:35:09,855 --> 00:35:13,855
<font face="sans-serif" size="71">‪बाकी जो मेरे जैसे लंबे कद के हैं या पहचान
‪जिनकी हो सकती है पुलिस वालों की तरह से,</font>

534
00:35:13,938 --> 00:35:17,688
<font face="sans-serif" size="71">‪वो थोड़ा सा पीछा हटके रहते थे
‪पर मार्गदर्शन के लिए मुझे रहना पड़ता था।</font>

535
00:35:17,771 --> 00:35:21,438
<font face="sans-serif" size="71">‪मतलब जैसी परिस्थिति होती है
‪उसके हिसाब से जाँच को शुरू किया जाता है।</font>

536
00:35:21,521 --> 00:35:23,646
<font face="sans-serif" size="71">‪[रहस्यपूर्ण संगीत]</font>

537
00:35:40,688 --> 00:35:42,855
<font face="sans-serif" size="71">‪उसके बाद में चार बज गए।</font>

538
00:35:42,938 --> 00:35:45,271
<font face="sans-serif" size="71">‪गर्मी का दिन था, बहुत परेशान हो लिए।</font>

539
00:35:45,355 --> 00:35:47,021
<font face="sans-serif" size="71">‪और उस समय पर मेट्रो रेल</font>

540
00:35:47,105 --> 00:35:48,105
<font face="sans-serif" size="71">‪का काम भी चल रहा था।</font>

541
00:35:49,271 --> 00:35:53,146
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुंदर] धुल, आँधियाँ,
‪और गर्मियाँ। और बुरा हाल हो गया।</font>

542
00:35:53,230 --> 00:35:55,146
<font face="sans-serif" size="71">‪वहाँ चार बजे तक वो आया नहीं।</font>

543
00:35:59,646 --> 00:36:03,730
<font face="sans-serif" size="71">‪अगली रणनीति के लिहाज़ से सोचने से पहले
‪हमने डॉक्टर की कॉल डिटेल रिकॉर्ड को देखा।</font>

544
00:36:05,396 --> 00:36:07,355
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुंदर] एक फ़ोन चंद्रकांत झा का था</font>

545
00:36:07,438 --> 00:36:08,980
<font face="sans-serif" size="71">‪और एक फ़ोन उसकी पत्नी का था।</font>

546
00:36:09,063 --> 00:36:11,063
<font face="sans-serif" size="71">‪जो डॉक्टर साहब ने एक फ़ोन का जवाब दिया था।</font>

547
00:36:11,146 --> 00:36:15,355
<font face="sans-serif" size="71">‪और एक नरेंद्र पहलवान ने जब थप्पड़ मारा था
‪तो एक फ़ोन उन्होंने उसकी पत्नी का बताया था।</font>

548
00:36:18,438 --> 00:36:21,563
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुंदर] सीडीआर में देखा
‪कि ये दोनों टाटा के फ़ोन नंबर थे।</font>

549
00:36:22,396 --> 00:36:24,855
<font face="sans-serif" size="71">‪टाटा और रिलायंस
‪दोनों के नंबर यदि हम देखते हैं</font>

550
00:36:24,938 --> 00:36:27,771
<font face="sans-serif" size="71">‪तो उस समय पर वो लोकेशन
‪एक जगह नहीं दिखाते थे।</font>

551
00:36:27,855 --> 00:36:30,980
<font face="sans-serif" size="71">‪वो लोकेशन दिखा रहा था जब भी बात होती थी</font>

552
00:36:31,063 --> 00:36:34,730
<font face="sans-serif" size="71">‪नजफ़गढ़ से नरेला और जहाँगीरपुरी दिखाता था।</font>

553
00:36:34,813 --> 00:36:36,105
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुन्दर] पूरा ही इलाका दिखाता था।</font>

554
00:36:38,771 --> 00:36:43,355
<font face="sans-serif" size="71">‪तो अब वो इलाका दिखाने के बाद उसको पकड़ना
‪बहुत मुश्किल था क्योंकि इतना बड़ा इलाका है।</font>

555
00:36:43,438 --> 00:36:45,605
<font face="sans-serif" size="71">‪ठीक है अब इनमें से नंबर छांटे जाएँ।</font>

556
00:36:49,105 --> 00:36:52,980
<font face="sans-serif" size="71">‪एक नंबर ऐसा आ रहा था
‪जिससे बहुत बार फ़ोन से बातें हुई थीं।</font>

557
00:36:53,063 --> 00:36:54,855
<font face="sans-serif" size="71">‪लगातार बहुत बार बातें हुईं।</font>

558
00:36:54,938 --> 00:36:58,563
<font face="sans-serif" size="71">‪और, कभी-कभी तो दो मिनट
‪तीन मिनट भी बातें हुईं।</font>

559
00:36:58,646 --> 00:37:02,271
<font face="sans-serif" size="71">‪और ये फ़ोन का लोकेशन का पता
‪जो आया था, वो अलीपुर का था।</font>

560
00:37:02,355 --> 00:37:04,480
<font face="sans-serif" size="71">‪जहाँगीरपुरी</font>

561
00:37:05,688 --> 00:37:08,271
<font face="sans-serif" size="71">‪अलीपुर</font>

562
00:37:08,355 --> 00:37:11,521
<font face="sans-serif" size="71">‪मई 2007
‪19 - जाँच का दूसरा दिन</font>

563
00:37:13,480 --> 00:37:16,063
<font face="sans-serif" size="71">‪20 - जाँच का तीसरा दिन</font>

564
00:37:16,146 --> 00:37:20,813
<font face="sans-serif" size="71">‪अलीपुर</font>

565
00:37:20,896 --> 00:37:23,355
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुंदर] बीस मई को हम अलीपुर चले गए।</font>

566
00:37:28,271 --> 00:37:31,771
<font face="sans-serif" size="71">‪सब गलियाँ बाँट दी गईं।
‪पाँच गली तेरी, चार गली तेरी।</font>

567
00:37:33,146 --> 00:37:35,855
<font face="sans-serif" size="71">‪और उनका उद्देश्य था कि वहाँ</font>

568
00:37:35,938 --> 00:37:38,813
<font face="sans-serif" size="71">‪जो आदमी निकल रहे हैं
‪या आ रहे हैं, जा रहे हैं।</font>

569
00:37:38,896 --> 00:37:43,355
<font face="sans-serif" size="71">‪उनसे पूछना कि यहाँ पर कोई
‪किराएदार भी रहता है या नहीं इस हुलिए का।</font>

570
00:37:43,438 --> 00:37:46,813
<font face="sans-serif" size="71">‪उनको ये नहीं बताना था कि ये क़त्ल
‪की जाँच चल रही है। क़त्ल वाला मामला है।</font>

571
00:38:04,105 --> 00:38:06,646
<font face="sans-serif" size="71">‪अब मैंने उन सभी को कहा
‪कि भाई अब तो कोई और सुराग़ नहीं रहा।</font>

572
00:38:06,730 --> 00:38:09,563
<font face="sans-serif" size="71">‪मुझे लगता है कि हम
‪बिल्कुल ही नाकाम हो रहे हैं।</font>

573
00:38:09,646 --> 00:38:13,230
<font face="sans-serif" size="71">‪अठारह, 19, 20 आज का हमारा दिन है,
‪और अब वो हमको मिलेगा नहीं।</font>

574
00:38:19,396 --> 00:38:22,396
<font face="sans-serif" size="71">‪अब क्या होता है, छानबीन में
‪हर समय दिमाग़ में चलता है,</font>

575
00:38:22,480 --> 00:38:24,521
<font face="sans-serif" size="71">‪कि अब अगला काम क्या किया जाए?</font>

576
00:38:24,605 --> 00:38:26,105
<font face="sans-serif" size="71">‪मैंने एक ड्यूटी अफ़सर को फ़ोन किया।</font>

577
00:38:26,188 --> 00:38:31,105
<font face="sans-serif" size="71">‪याद आया कि डॉक्टर का साला वहाँ पर बैठा
‪हुआ था, तीन-चार दिन से हम उसे खिला रहे थे।</font>

578
00:38:31,188 --> 00:38:32,688
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुंदर] ये साला भी तो कुछ बताए।</font>

579
00:38:34,480 --> 00:38:39,105
<font face="sans-serif" size="71">‪जो हेड कॉन्स्टेबल ड्यूटी पर था उसने
‪उससे पूछा और तुरंत मुझे वापस फ़ोन किया।</font>

580
00:38:39,188 --> 00:38:44,480
<font face="sans-serif" size="71">‪जी सर, ये बता रहा है कि जो वो
‪चंद्रकांत झा है उसके पास में एक रेहड़ा है</font>

581
00:38:44,563 --> 00:38:46,188
<font face="sans-serif" size="71">‪और रेहड़े पर एक इंजन लगा हुआ है।</font>

582
00:38:51,271 --> 00:38:53,521
<font face="sans-serif" size="71">‪उसके बाद में फिर मैंने
‪नरेंद्र पहलवान को फ़ोन किया।</font>

583
00:38:56,813 --> 00:39:00,313
<font face="sans-serif" size="71">‪[सुंदर] मैंने कहा, "पहलवान जी, देखिएगा
‪एक ऐसा रेहड़ा है जिस पर इंजन लगा हुआ है।"</font>

584
00:39:01,813 --> 00:39:04,313
<font face="sans-serif" size="71">‪मुझसे बात करते-करते नरेंद्र ने कहा कि सर</font>

585
00:39:04,396 --> 00:39:06,146
<font face="sans-serif" size="71">‪ये रेहड़ा तो यहीं खड़ा हुआ है।</font>

586
00:39:08,813 --> 00:39:10,855
<font face="sans-serif" size="71">‪वो बोला, "सर, कहाँ घुसूँ? किधर जाऊँ?"</font>

587
00:39:10,938 --> 00:39:13,896
<font face="sans-serif" size="71">‪मैंने कहा, "जहाँ दरवाज़े के बाहर
‪रेहड़ा रखा हुआ है, उधर घुस जा।"</font>

588
00:41:57,021 --> 00:41:58,896
<font face="sans-serif" size="71">‪संवाद अनुवादक: प्रीति भारद्वाज</font>

