1
00:00:12,375 --> 00:00:14,375
‪[भयावह संगीत]

2
00:00:17,041 --> 00:00:20,958
‪[आदमी, अंग्रेजी में] एक शिकारी,
‪उदाहरण के लिए, एक ऐसा व्यक्ति हो सकता है

3
00:00:21,041 --> 00:00:23,958
‪जो दुनिया में मौजूद विभिन्न तरह के जघन्य
‪अपराधों में से कोई भी अपराध करे।

4
00:00:24,541 --> 00:00:25,916
‪[भयावह संगीत जारी है]

5
00:00:26,458 --> 00:00:29,541
‪तुमने मान लो गुस्से में किसी को गोली मारी,
‪हत्या कर दी, उसकी सज़ा तो मिलेगी।

6
00:00:29,625 --> 00:00:31,541
‪फिर उसके साथ तुम क्या छेड़खानी कर रहे हो?

7
00:00:34,708 --> 00:00:36,583
‪धोखे से सिर काट दिया उसका,

8
00:00:36,666 --> 00:00:39,541
‪और सिर को बाकायदा कड़ाही में उबाला।

9
00:00:40,583 --> 00:00:42,041
‪[भयावह संगीत जारी है]

10
00:00:43,000 --> 00:00:45,500
‪[आदमी, अंग्रेजी में]
‪दिमाग को बाहर निकालना, उसे छूना

11
00:00:46,000 --> 00:00:48,791
‪यह उसके लिए बहुत ही
‪संवेदनात्मक अनुभव रहा होगा।

12
00:00:51,041 --> 00:00:53,333
‪[त्रिपाठी] क्या हो तुम? मनुष्य हो?

13
00:00:53,916 --> 00:00:55,958
‪कि नरमानव हो तुम या पिशाच हो?

14
00:01:00,541 --> 00:01:02,375
‪[रोमांचक संगीत]

15
00:01:04,500 --> 00:01:08,583
‪मैंने यूट्यूब में देखा है, एक ने कहा है
‪कि राजा ऐसा था, भेजा खाता था,

16
00:01:08,666 --> 00:01:09,833
‪बड़ा खूंखार था।

17
00:01:09,916 --> 00:01:12,833
‪पागल है वो? अगर वह ऐसा करता
‪तो उसके बीवी-बच्चे रहते?

18
00:01:12,916 --> 00:01:15,875
‪NETFLIX डॉक्यूमेंट्री सीरीज़

19
00:01:33,333 --> 00:01:36,750
‪एक सीरियल किलर की डायरी

20
00:01:39,083 --> 00:01:41,083
‪[साईरन की आवाज़]

21
00:01:43,916 --> 00:01:45,958
‪[बकरियों के मिमियाने की आवाज़]

22
00:01:55,625 --> 00:01:57,541
‪पापा हमारे बहुत अच्छे इंसान थे।

23
00:01:58,291 --> 00:02:01,416
‪जो किसी ने नहीं कहा। हमारे पापा
‪बहुत अच्छे इंसान थे। हम लोग छोटे-छोटे थे।

24
00:02:01,500 --> 00:02:02,541
‪आंदोलन
‪राम निरंजन की बेटी

25
00:02:02,625 --> 00:02:05,000
‪समझ लीजिए हमें ज़रा भी तकलीफ़ होती
‪तो उन्हें बहुत कष्ट होता।

26
00:02:05,083 --> 00:02:07,041
‪किसी से कोई वाद-विवाद नहीं,
‪किसी से झगड़ा नहीं।

27
00:02:07,125 --> 00:02:09,916
‪हम लोग सब घुल-मिलकर रहते थे।
‪हम लोगों का बहुत ख्याल रखते थे।

28
00:02:15,416 --> 00:02:18,583
‪मेरे पापा अधिकतर सुबह आठ बजे जागते थे।

29
00:02:19,125 --> 00:02:21,083
‪तो अपना नहाए-धोए, पूजा करते थे।

30
00:02:21,166 --> 00:02:22,083
‪अदालत सिंह
‪राम निरंजन का बेटा

31
00:02:22,166 --> 00:02:23,875
‪दो अगरबत्ती लगाते, नाश्ता किए,
‪फिर ड्यूटी पर चले जाते थे

32
00:02:23,958 --> 00:02:25,750
‪और सीधा शाम चार बजे ही आते थे।

33
00:02:25,833 --> 00:02:29,416
‪[अदालत] आते थे तो आधा-एक घंटा आराम करते,
‪उसके बाद हम लोगों को पढ़ाने बैठते थे।

34
00:02:29,500 --> 00:02:30,916
‪हम लोगों को पढ़ाते-लिखाते थे।

35
00:02:31,875 --> 00:02:34,666
‪उसके बाद टीवी वगैरह देखते थे
‪फिर सो जाते थे।

36
00:02:37,958 --> 00:02:39,333
‪[आंदोलन] मेरे पापा कहते थे, बच्चों

37
00:02:39,916 --> 00:02:42,291
‪इज़्ज़त से बढ़कर कुछ नहीं है,
‪झूठ कभी मत बोलना।

38
00:02:42,875 --> 00:02:44,333
‪झूठ नहीं बोलना है,

39
00:02:44,416 --> 00:02:47,166
‪और किसी से डरना नहीं है।
‪न गलत करना, न डरना।

40
00:02:47,250 --> 00:02:49,458
‪और दूसरे के धन को कभी अपना धन मत समझना।

41
00:02:53,541 --> 00:02:55,375
‪[आदमी] बहुत सिंपल थे,
‪न ज़्यादा हंसी-मज़ाक,

42
00:02:56,166 --> 00:02:57,375
‪न ज़्यादा जो है गुस्सा।

43
00:02:57,458 --> 00:02:58,916
‪गब्बर कोल
‪राम निरंजन के दोस्त

44
00:02:59,000 --> 00:03:02,208
‪एक साधारण आदमी का स्वभाव जैसा होता है।

45
00:03:02,291 --> 00:03:03,541
‪लुभावनी भाषा थी।

46
00:03:04,208 --> 00:03:06,708
‪जिससे एक बार बात कर लेते थे
‪वो आकर्षित हो जाता था उनसे।

47
00:03:07,958 --> 00:03:09,541
‪मतलब ऐसे लगते नहीं थे कि

48
00:03:10,083 --> 00:03:13,625
‪इतने बड़े क्रिमिनल हैं
‪या क्रिमिनल बन सकते हैं।

49
00:03:13,708 --> 00:03:15,291
‪वो हमेशा हंसी-मज़ाक

50
00:03:15,375 --> 00:03:18,791
‪और घुल-मिलकर रहा करते थे।
‪वैसा ही जैसे लोग रहते हैं।

51
00:03:18,875 --> 00:03:21,166
‪ऐसा कभी लगा ही नहीं कि वो वैसे होंगे।

52
00:03:23,708 --> 00:03:25,416
‪[गब्बर] वो ड्यूटी करते थे सीओडी में।

53
00:03:25,500 --> 00:03:26,833
‪और वह कर भी रहे थे।

54
00:03:28,166 --> 00:03:29,750
‪ये तो बाद में पता चला कि

55
00:03:29,833 --> 00:03:32,416
‪इनका क्या सिस्टम है,
‪क्या ड्यूटी इनकी चल रही थी।

56
00:03:43,666 --> 00:03:46,125
‪पत्रकार धीरेंद्र सिंह की मौत के
‪सिलसिले में

57
00:03:46,208 --> 00:03:47,791
‪पुलिस को एक डायरी मिली है।

58
00:03:48,458 --> 00:03:51,000
‪[रिपोर्टर] यह डायरी मुख्य आरोपी
‪राजा कोलंदर

59
00:03:51,083 --> 00:03:53,791
‪उर्फ राम निरंजन के
‪फ़ार्म हाउस से बरामद की गई है।

60
00:03:54,541 --> 00:03:58,416
‪इस डायरी में कई लोगों के नाम दर्ज हैं,
‪ऐसा बताया जा रहा है।

61
00:04:04,208 --> 00:04:06,083
‪[रतिभान] पुलिस ने जब इसे पकड़ लिया,

62
00:04:06,166 --> 00:04:07,041
‪पूछताछ शुरू हुई।

63
00:04:07,125 --> 00:04:08,125
‪रतिभान त्रिपाठी
‪जर्नलिस्ट

64
00:04:08,208 --> 00:04:09,666
‪पुलिस ने पहले वक्षराज से पूछा,

65
00:04:09,750 --> 00:04:12,166
‪वक्षराज ने ढेर सारी बातें बता दी थीं।

66
00:04:12,708 --> 00:04:15,041
‪पर पुलिस के पास ऐसा कोई सबूत नहीं था

67
00:04:15,125 --> 00:04:18,166
‪कि वक्षराज के बयानों के आधार पर
‪या उनकी बातचीत के आधार पर

68
00:04:18,250 --> 00:04:20,250
‪इसको दोषी ठहराया जा सके।

69
00:04:20,833 --> 00:04:24,541
‪अब पुलिस के पास एक सहारा था
‪कि यह डायरी बहुत बड़ा माध्यम है

70
00:04:25,541 --> 00:04:28,000
‪जो इससे पूछताछ में आगे सहायक बनेगी।

71
00:04:29,000 --> 00:04:30,208
‪यह डायरी ही एक थी जो

72
00:04:30,291 --> 00:04:33,041
‪उसके आगे की कहानी बयान कर सकती थी।

73
00:04:33,666 --> 00:04:34,916
‪[भयावह संगीत]

74
00:04:36,333 --> 00:04:38,541
‪[त्रिपाठी] चूँकि इसमें धीरेंद्र का
‪नाम भी लिखा था,

75
00:04:38,625 --> 00:04:39,958
‪और नाम लिखे हुए थे,

76
00:04:40,041 --> 00:04:41,916
‪तो मैंने उससे पूछा, वक्षराज से,

77
00:04:42,000 --> 00:04:43,291
‪श्री नारायण त्रिपाठी
‪जाँच अधिकारी

78
00:04:43,375 --> 00:04:44,666
‪कि ये नाम क्या हैं।

79
00:04:45,375 --> 00:04:46,833
‪उसने कहा इनको सबको "कट" कर दिया।

80
00:04:47,625 --> 00:04:48,666
‪"कट" कर दिया?

81
00:04:48,750 --> 00:04:50,666
‪सबको कत्ल कर दिया।

82
00:04:52,708 --> 00:04:56,125
‪[तेज़ रोमांचक संगीत]

83
00:05:06,083 --> 00:05:09,666
‪[अंग्रेजी में] मैं रजत मित्रा हूँ।
‪मैं क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट हूँ।

84
00:05:09,750 --> 00:05:13,750
‪मैं पुलिस और कानून के लिए
‪सलाहकार के रूप में काम करता हूँ

85
00:05:13,833 --> 00:05:18,708
‪जब वे जघन्य अपराधों
‪और मामलों की जाँच करना चाहते हैं।

86
00:05:18,791 --> 00:05:23,666
‪लगभग सारे सीरियल किलर
‪एक डायरी मेंटेन करते हैं।

87
00:05:24,916 --> 00:05:26,250
‪वे इसे लिखकर रखते हैं।

88
00:05:26,333 --> 00:05:28,458
‪कैथलीन फोलबिग
‪निजी डायरी में हत्या के सुराग छोड़े।

89
00:05:28,541 --> 00:05:32,708
‪और वे यह अलग-अलग उद्देश्यों से करते हैं।

90
00:05:32,791 --> 00:05:34,666
‪डेनिस रेडर
‪अपनी हत्यायों का कोड में लॉग रखता था

91
00:05:34,750 --> 00:05:37,166
‪उदाहरण के लिए, जब वे अपनी डायरी को देखते,

92
00:05:37,250 --> 00:05:40,375
‪उन्हें उसका रिकॉर्ड रखना पसंद होता है।

93
00:05:41,083 --> 00:05:43,916
‪मान लीजिए, जैसे यह व्यक्ति कल्पना करेगा…

94
00:05:44,000 --> 00:05:46,416
‪बीस साल बाद, वह अपनी डायरी में देखेगा

95
00:05:46,500 --> 00:05:49,375
‪उन्हें याद करेगा और कहेगा,
‪देखो हर एक दिन को

96
00:05:49,458 --> 00:05:51,458
‪और फिर से वही उत्साह महसूस करेगा

97
00:05:51,541 --> 00:05:55,083
‪कि इस दिन को, ऐसे-ऐसे मैंने कुछ किया था।

98
00:05:55,166 --> 00:05:58,083
‪तो यह वो अपने मनोरंजन के लिए करते हैं।

99
00:05:58,583 --> 00:05:59,750
‪मुख्य बात यही होती है।

100
00:06:02,791 --> 00:06:05,666
‪[रतिभान] डायरी में पहला नाम
‪काली प्रसाद श्रीवास्तव का था।

101
00:06:05,750 --> 00:06:08,583
‪काली प्रसाद श्रीवास्तव

102
00:06:08,666 --> 00:06:12,333
‪यह काली प्रसाद श्रीवास्तव उसका दोस्त था।

103
00:06:13,416 --> 00:06:18,666
‪सीओडी छिवकी में काली प्रसाद श्रीवास्तव भी
‪उसके साथ नौकरी करता था।

104
00:06:21,291 --> 00:06:22,583
‪मेरा नाम लक्ष्मण प्रसाद श्रीवास्तव है।

105
00:06:23,166 --> 00:06:25,000
‪लक्ष्मण श्रीवास्तव
‪काली प्रसाद श्रीवास्तव का बेटा

106
00:06:25,083 --> 00:06:26,541
‪लोग मुझे टीटू के नाम से जानते हैं।

107
00:06:28,333 --> 00:06:31,083
‪[लक्ष्मण] मेरे पिताजी सरकारी नौकरी
‪करते थे, सीओडी, छिवकी में।

108
00:06:32,250 --> 00:06:36,041
‪पच्चीस जनवरी 1997 से घर से गए हैं।

109
00:06:36,125 --> 00:06:38,375
‪सुबह छह बजे से घर से निकले हैं,

110
00:06:39,958 --> 00:06:41,708
‪आज तक जो है, घर नहीं आए।

111
00:06:45,166 --> 00:06:48,875
‪इंतज़ार करते-करते रात तो किसी तरह काट दी।

112
00:06:49,458 --> 00:06:51,291
‪फिर हम लोग नैनी थाने गए।

113
00:06:51,375 --> 00:06:52,791
‪एफआईआर दर्ज करवाई गई।

114
00:06:52,875 --> 00:06:54,958
‪उत्तरप्रदेश पुलिस

115
00:06:55,041 --> 00:06:57,958
‪फिर हम लोग कहाँ-कहाँ नहीं गए,
‪अयोध्या गए हैं कहीं,

116
00:06:58,041 --> 00:07:01,125
‪कानपुर जाना हुआ,
‪कई रिश्तेदारों से पता किया।

117
00:07:01,208 --> 00:07:03,708
‪कोई मठ में नहीं चले गए हों, क्या हुआ,

118
00:07:03,791 --> 00:07:05,958
‪कैसे हुआ, हमें कुछ भी नहीं पता चला।

119
00:07:06,041 --> 00:07:08,416
‪इस तरह से समय चलता चला गया।

120
00:07:10,916 --> 00:07:12,708
‪[लक्ष्मण] ऑफिस जाते-जाते,

121
00:07:13,416 --> 00:07:17,083
‪राजा कोलंदर उर्फ
‪निरंजन भैया से दोस्ती हुई।

122
00:07:17,750 --> 00:07:19,666
‪और किसी ऑफिस वाले ने साथ नहीं दिया।

123
00:07:19,750 --> 00:07:21,375
‪इस चीज़ को हम कहते हैं,

124
00:07:22,166 --> 00:07:24,208
‪पर राजा कोलंदर ने,

125
00:07:24,291 --> 00:07:26,250
‪सब अधिकारियों से मिलवाया भी।

126
00:07:27,583 --> 00:07:30,166
‪इनसे मिलिए, कागज़-पत्ता जो भी चाहिए था,

127
00:07:30,250 --> 00:07:32,250
‪वो सब कराते रहे।

128
00:07:35,958 --> 00:07:38,416
‪जैसा राजा कोलंदर का कहना था,

129
00:07:38,500 --> 00:07:41,500
‪कि काली प्रसाद श्रीवास्तव ने
‪उससे पचास हज़ार रूपए लिए थे।

130
00:07:41,583 --> 00:07:43,166
‪उनके साथ धोखा कर रहा था।

131
00:07:43,250 --> 00:07:44,750
‪पैसे वापस नहीं कर रहा था।

132
00:07:45,291 --> 00:07:47,666
‪और उल्टे यह कह रहा था कि लाला की खोपड़ी है

133
00:07:47,750 --> 00:07:49,958
‪बहुत आसान नहीं है पैसा ले लेना

134
00:07:50,041 --> 00:07:53,708
‪तो उसने मन ही मन ठान लिया
‪कि इसने मेरे साथ धोखा किया है,

135
00:07:53,791 --> 00:07:55,666
‪मैं इसको सबक सिखाऊँगा,

136
00:07:55,750 --> 00:07:58,375
‪और फिर उसने दोस्ती के बहाने
‪उसको घर पर बुलाया।

137
00:08:02,000 --> 00:08:03,875
‪[रतिभान] उससे बातचीत की,

138
00:08:03,958 --> 00:08:07,791
‪और उसी समय उसका सिर धड़ से अलग कर दिया।

139
00:08:09,708 --> 00:08:11,916
‪[सूअर घुरघुरा रहा है]

140
00:08:17,416 --> 00:08:20,291
‪और वहीं पीपल का जो पेड़ था,
‪उसके सूअर के फ़ार्म में,

141
00:08:20,375 --> 00:08:21,666
‪वहीं पर उसने गाड़ दिया था।

142
00:08:28,833 --> 00:08:31,125
‪काली प्रसाद का सिर काटने के बाद ही,

143
00:08:31,208 --> 00:08:32,875
‪मनुष्य है एक, मानव है,

144
00:08:32,958 --> 00:08:35,875
‪उसके साथ उसने क्या कुकृत्य किया?

145
00:08:42,875 --> 00:08:45,125
‪उस समय लालाजी यह कहा करते थे हमसे

146
00:08:45,875 --> 00:08:48,291
‪कि मुझसे बड़ा दिमागदार
‪आदमी कहीं है नहीं इस दुनिया में।

147
00:08:48,375 --> 00:08:50,416
‪सबसे तेज़ दिमाग लाला का होता है।

148
00:08:50,916 --> 00:08:52,916
‪तो सोचा जब कि इसका दिमाग तेज़ है

149
00:08:54,041 --> 00:08:55,583
‪तो क्यों न अपना दिमाग तेज़ कर लूँ।

150
00:08:56,875 --> 00:08:57,916
‪[गंभीर संगीत]

151
00:08:59,291 --> 00:09:00,708
‪तो उसकी खोपड़ी को

152
00:09:01,291 --> 00:09:02,666
‪मैंने उबाला।

153
00:09:17,125 --> 00:09:21,000
‪और उसके सिर का रस पिया
‪हम दोनों ने, साले-बहनोई ने।

154
00:09:22,916 --> 00:09:24,583
‪[भयावह संगीत]

155
00:09:29,166 --> 00:09:31,416
‪हम कपड़े की दुकान में
‪उस समय काम कर रहे थे।

156
00:09:31,500 --> 00:09:33,541
‪तब किसी ने पेपर में पढ़ा,

157
00:09:34,875 --> 00:09:37,625
‪कि राजा कोलंदर ने 14 लोगों का
‪मर्डर किया है।

158
00:09:40,875 --> 00:09:42,708
‪[लक्ष्मण] इसमें तुम्हारे पिताजी का
‪नाम आया है।

159
00:09:42,791 --> 00:09:44,708
‪काली प्रसाद श्रीवास्तव

160
00:09:48,500 --> 00:09:50,333
‪समझ लीजिए यह सुनकर हम लोग

161
00:09:51,625 --> 00:09:52,708
‪बेहाल हो गए।

162
00:09:53,958 --> 00:09:56,375
‪तीन साल तो इसी तरह गुजर गए थे

163
00:09:56,458 --> 00:09:59,125
‪गिरते-उठते, रोते-बिछड़ते।

164
00:09:59,708 --> 00:10:02,791
‪जब पता चला
‪तो और सीना फटने लगा लोगों का घर में।

165
00:10:08,250 --> 00:10:10,750
‪[लक्ष्मण] हम लोग साइकिल से नैनी में आए,

166
00:10:10,833 --> 00:10:14,000
‪देखने आए हम लोग,
‪कहा कि यहाँ तो हम शादी में आए थे।

167
00:10:14,083 --> 00:10:15,500
‪इसकी लड़की की शादी थी।

168
00:10:17,916 --> 00:10:19,375
‪[उदास संगीत]

169
00:10:28,833 --> 00:10:31,541
‪यहीं पर खाना-पीना किया
‪और यहीं हमारे पिताजी को गाड़ा हुआ था।

170
00:10:45,666 --> 00:10:49,250
‪जब इसने कहा कि मैंने अपने फ़ार्म पर,
‪मतलब पिगरी हाउस में,

171
00:10:49,958 --> 00:10:52,291
‪जिसको मारा है उनको वहाँ पर डाला है,

172
00:10:52,375 --> 00:10:54,208
‪दबाया है, ज़मीन खोद के गाड़ा है।

173
00:10:54,291 --> 00:10:55,250
‪तो हम वहाँ गए।

174
00:10:55,333 --> 00:10:57,916
‪इसकी निशानदेही पर
‪संवैधानिक तरीके से उसकी खुदाई हुई।

175
00:11:01,083 --> 00:11:02,708
‪[रोमांचक संगीत]

176
00:11:09,666 --> 00:11:12,125
‪[त्रिपाठी] वहाँ पर हमें कुछ नरकंकाल मिले,

177
00:11:12,208 --> 00:11:14,166
‪और दो खोपड़ियाँ मिलीं।

178
00:11:16,708 --> 00:11:20,416
‪एक लाल रंग की थी
‪और एक सफेद रंग से रंगी हुई थी।

179
00:11:20,500 --> 00:11:24,416
‪उसने बताया था कि लाल रंग वाली
‪काली प्रसाद की थी।

180
00:11:27,041 --> 00:11:30,375
‪लाला की खोपड़ी थी
‪और उसने उसे लाल रंग से रंग के रखा था

181
00:11:30,458 --> 00:11:32,750
‪कि लाला की खोपड़ी है
‪उसका रंग लाल होना चाहिए।

182
00:11:44,708 --> 00:11:48,291
‪और जो सफेद रंग की खोपड़ी थी उसने बताई
‪कि यह मोहम्मद मोइन की है।

183
00:11:54,666 --> 00:11:56,750
‪[रतिभान] मोहम्मद मोइन भी
‪उसके साथ काम करता था।

184
00:11:57,458 --> 00:11:58,291
‪सीओडी में।

185
00:11:59,041 --> 00:12:00,750
‪दोनों की दोस्ती थी।

186
00:12:00,833 --> 00:12:03,750
‪और जैसा कि खुद राजा कोलंदर ने कहा

187
00:12:03,833 --> 00:12:06,125
‪कि मोइन ने उससे पच्चीस हज़ार रूपए लिए थे

188
00:12:06,208 --> 00:12:08,625
‪और वह रूपए वापस नहीं कर रहा था।

189
00:12:08,708 --> 00:12:10,375
‪मोइन यह भी कहता था

190
00:12:10,458 --> 00:12:12,875
‪कि मैं सम्मोहन विद्या जानता हूँ।

191
00:12:12,958 --> 00:12:14,833
‪मुझसे कोई पैसे वापस ले नहीं पाएगा।

192
00:12:18,250 --> 00:12:20,625
‪[त्रिपाठी] तो उसने सोचा
‪कि सम्मोहन विद्या कैसे पता चले,

193
00:12:20,708 --> 00:12:22,041
‪है तो दिमाग में ही इसके।

194
00:12:22,125 --> 00:12:23,791
‪तो इसका भी दिमाग देखें।

195
00:12:29,041 --> 00:12:31,791
‪तो मोइन को यह यमुना के पुल पर ले गया था।

196
00:12:32,791 --> 00:12:34,500
‪चूँकि पुल के ऊपर इसलिए ले गया

197
00:12:34,583 --> 00:12:37,000
‪क्योंकि वहाँ ट्रेनों के पुल के ऊपर

198
00:12:37,083 --> 00:12:39,916
‪कोई जानता नहीं था, कोई देखता नहीं था,
‪वहाँ कोई आता-जाता नहीं था।

199
00:12:41,458 --> 00:12:46,333
‪और वहाँ पर जाकर मैंने उसे "कट" कर दिया।

200
00:12:46,916 --> 00:12:49,625
‪और वहीं से मैंने मुल्ला जी की लाश

201
00:12:50,208 --> 00:12:51,083
‪नदी में डाल दी।

202
00:12:53,541 --> 00:12:54,791
‪[पानी में गिरने की आवाज़]

203
00:13:02,666 --> 00:13:05,875
‪और उसने इसलिए ऐसा किया था
‪जैसा उसने बताया कि

204
00:13:05,958 --> 00:13:07,000
‪यह मुसलमान है

205
00:13:07,083 --> 00:13:09,125
‪इसकी आत्मा को शांति न मिले

206
00:13:09,208 --> 00:13:12,166
‪इसलिए मैं इसकी लाश को ज़मीन में
‪नहीं गाड़ रहा हूँ, दफ़ना नहीं रहा हूँ।

207
00:13:15,041 --> 00:13:16,500
‪[रोमांचक संगीत]

208
00:13:37,625 --> 00:13:38,833
‪[त्रिपाठी] सिर को उबाला,

209
00:13:38,916 --> 00:13:40,041
‪उबाल के उसके

210
00:13:41,041 --> 00:13:42,041
‪रस को पीया।

211
00:13:48,291 --> 00:13:50,833
‪अरे बाबा, सम्मोहन विद्या तो
‪पढ़-लिखकर सीख लेते,

212
00:13:50,916 --> 00:13:53,833
‪उससे पूछ लेते, कैसे पढ़ा जाता है मंत्र।

213
00:13:53,916 --> 00:13:56,208
‪न कि उसकी खोपड़ी में घुस जाओ,
‪अब पीएचडी कोई है

214
00:13:56,291 --> 00:13:57,958
‪तो क्या पीएचडी हो जाओगे तुम।

215
00:13:58,958 --> 00:14:01,541
‪तो काटकर के सम्मोहन विद्या के
‪नाम पर उसको भी उबाल कर पी गया।

216
00:14:01,625 --> 00:14:03,416
‪और जब काम नहीं आया, तो यहाँ पर गाड़ दिया।

217
00:14:07,625 --> 00:14:08,791
‪ये कोई बात हुई?

218
00:14:08,875 --> 00:14:10,708
‪क्या हो आप?

219
00:14:11,416 --> 00:14:12,958
‪नर नहीं, नरपिशाच!

220
00:14:15,291 --> 00:14:16,500
‪[डरावना संगीत]

221
00:14:20,625 --> 00:14:23,791
‪राजा कोलंदर जो है, जिसको भी मारता था

222
00:14:24,375 --> 00:14:26,125
‪उस पर एहसान करता था।

223
00:14:26,208 --> 00:14:28,041
‪"एहसान" का मतलब उनसे दोस्ती करता था।

224
00:14:28,708 --> 00:14:31,083
‪कभी इसने किसी के साथ
‪सीधे-सीधे न तो फाइट की।

225
00:14:31,958 --> 00:14:33,166
‪जितनी भी घटनाएं हुईं,

226
00:14:33,250 --> 00:14:36,083
‪सबको दोस्ती करके ही मारता था यह।

227
00:14:37,750 --> 00:14:39,416
‪[रजत, अंग्रेजी में] तो राजा कोलंदर जैसे

228
00:14:39,500 --> 00:14:43,958
‪किसी व्यक्ति का काम करने का ढंग होता है,

229
00:14:44,875 --> 00:14:48,000
‪अपना कोई शिकार तय करना

230
00:14:48,083 --> 00:14:51,208
‪और फिर उसके आसपास एक काल्पनिक कहानी बुनना,

231
00:14:51,291 --> 00:14:54,833
‪कि वह उसके टुकड़े-टुकड़े करना चाहता है,
‪उसे मारना चाहता है, और उसे यह करना है।

232
00:14:54,916 --> 00:14:58,583
‪फिर, वह दूसरे चरण के बारे में सोचेगा,
‪"इसे कैसे किया जाए?"

233
00:14:59,500 --> 00:15:01,500
‪वह सावधानीपूर्वक एक योजना बनाएगा

234
00:15:01,583 --> 00:15:04,666
‪और वह इसे बड़े ही सलीके से करेगा

235
00:15:04,750 --> 00:15:09,125
‪जब तक कि वह आखिरी कदम तक तय नहीं कर लेता।

236
00:15:09,208 --> 00:15:10,916
‪यह एक दरिंदे का काम है।

237
00:15:11,000 --> 00:15:14,500
‪तो मैं यह कहूँगा कि बिलकुल मुमकिन है कि

238
00:15:14,583 --> 00:15:16,250
‪राजा कोलंदर एक दरिंदा है

239
00:15:16,333 --> 00:15:19,291
‪और बहुत उच्च स्तर का, इस बात से
‪इंकार नहीं किया जा सकता है।

240
00:15:25,083 --> 00:15:28,000
{\an8}‪उन्नाव जेल, उत्तर प्रदेश

241
00:15:31,916 --> 00:15:33,625
‪[डरावना संगीत]

242
00:15:39,916 --> 00:15:42,208
‪[कोलंदर] क्षमा कीजिएगा, कुछ विलंब हो गया।

243
00:15:49,541 --> 00:15:50,958
‪-[इंटरव्यूअर] कैसे हैं?
‪-अच्छा हूँ।

244
00:15:51,833 --> 00:15:53,250
‪[इंटरव्यूअर] थोड़ा दाईं ओर आ जाइए।

245
00:15:54,833 --> 00:15:56,375
‪इनको एक माइक लगाइए।

246
00:16:03,083 --> 00:16:05,416
‪अभी इन लोगों ने मेरे ऊपर

247
00:16:05,500 --> 00:16:08,000
‪एक हत्या का नहीं,
‪चौदह खून का इल्ज़ाम मढ़ा है।

248
00:16:08,500 --> 00:16:10,583
‪एक नहीं, यूपी के अंदर
‪जितने अज्ञात कत्ल हुए हैं

249
00:16:10,666 --> 00:16:12,083
‪राम निरंजन
‪दोषी (उर्फ़ राजा कोलंदर)

250
00:16:12,166 --> 00:16:13,166
‪सब दिखा दिए हैं।

251
00:16:13,250 --> 00:16:16,833
‪मैं तो कह रहा हूँ मैं निर्दोष हूँ,
‪मैंने कोई पुलिस को बयान ही नहीं दिया है

252
00:16:16,916 --> 00:16:19,500
‪पुलिस अपने मनमाने ढंग से
‪मारपीट कर लिख रही है।

253
00:16:20,208 --> 00:16:21,500
‪लेकिन सुने कौन।

254
00:16:21,583 --> 00:16:23,208
‪षडयंत्र इन लोगों ने रचा है मेरे साथ।

255
00:16:24,041 --> 00:16:26,791
‪कि यह आदमी हत्या पर हत्या करता गया

256
00:16:26,875 --> 00:16:28,625
‪और खुलासा अचानक कर दिया।

257
00:16:28,708 --> 00:16:30,291
‪यही एक सवाल है हमारा।

258
00:16:33,875 --> 00:16:36,666
‪हफ्तों से अदालत में चल रहे
‪राजा कोलंदर के केस में

259
00:16:36,750 --> 00:16:39,166
‪कुछ नए पहलू सामने आ रहे हैं।

260
00:16:39,250 --> 00:16:40,875
‪[रिपोर्टर] एक तरफ पुलिस बताती है

261
00:16:40,958 --> 00:16:42,750
‪कि वह नरभक्षी हत्यारा है

262
00:16:42,833 --> 00:16:45,750
‪और लगभग 13-14 लोगों की हत्या कर चुका है।

263
00:16:45,833 --> 00:16:47,833
‪तो दूसरी तरफ यह अटकलें भी हैं,

264
00:16:47,916 --> 00:16:50,125
‪कि इनमें से कुछ नाम उन लोगों के हैं

265
00:16:50,208 --> 00:16:51,750
‪जो अभी भी ज़िंदा हैं।

266
00:16:52,333 --> 00:16:54,291
‪क्या सच है राजा कोलंदर का?

267
00:16:54,375 --> 00:16:57,000
‪क्या उसके चंगुल से कोई भी निकल पाया होगा?

268
00:17:00,541 --> 00:17:01,541
‪मैं दीपक पटेल।

269
00:17:02,083 --> 00:17:03,708
‪मेरा मूलत: घर शंकरगढ़ है।

270
00:17:03,791 --> 00:17:04,750
‪दीपक पटेल
‪राजनेता

271
00:17:04,833 --> 00:17:08,458
‪जो 12 विधानसभा के अंतर्गत आता है,
‪इलाहाबाद या प्रयागराज जनपद के अंदर।

272
00:17:09,041 --> 00:17:12,375
‪सन 2000 में जिला पंचायत के
‪चुनाव हो रहे थे।

273
00:17:13,583 --> 00:17:16,125
‪[दीपक] जिला पंचायत की
‪शंकरगढ़ ब्लॉक में दो सीटें थीं।

274
00:17:16,208 --> 00:17:18,583
‪एक सीट पर हमारी माँ,
‪श्रीमती केसरी देवी पटेल

275
00:17:18,666 --> 00:17:20,458
‪जो इस समय सांसद हैं यहाँ की,

276
00:17:20,541 --> 00:17:24,833
‪वो उम्मीदवार थीं और दूसरी सीट पर उम्मीदवार
‪राजा कोलंदर की पत्नी फूलन देवी थीं।

277
00:17:24,916 --> 00:17:27,666
‪वो सीट अनुसूचित जाति की
‪महिला के लिए रिज़र्व थी।

278
00:17:30,791 --> 00:17:32,500
‪तो दोनों लोग चुनाव जीते भी।

279
00:17:33,458 --> 00:17:37,583
‪तो चुनाव जीतने के बाद जह हमारी माताजी
‪अध्यक्ष जिला पंचायत की उम्मीदवार बनीं

280
00:17:37,666 --> 00:17:38,875
‪[दीपक] तो अध्यक्ष जिला पंचायत

281
00:17:38,958 --> 00:17:40,958
‪के चुनाव में सदस्य लोग
‪उसके मतदाता होते हैं।

282
00:17:42,875 --> 00:17:44,750
‪इस नाते हमें उनसे मिलना पड़ा।

283
00:17:44,833 --> 00:17:46,333
‪संबंध तो था ही, परिचय था।

284
00:17:47,416 --> 00:17:49,083
‪उसके पास जाना पड़ा कई बार।

285
00:17:51,625 --> 00:17:53,708
‪छह अगस्त, सन 2000 को

286
00:17:53,791 --> 00:17:55,291
‪अध्यक्ष का चुनाव होना था।

287
00:17:55,958 --> 00:17:57,958
‪तो तीन या चार अगस्त को

288
00:17:58,041 --> 00:17:59,833
‪राजा कोलंदर का फ़ोन आया।

289
00:18:00,333 --> 00:18:02,333
‪कि चुनाव को बहुत कम समय बचा है।

290
00:18:02,958 --> 00:18:05,958
‪आकर मिल लीजिए
‪नहीं तो हम आपका साथ नहीं देंगे,

291
00:18:06,041 --> 00:18:08,000
‪आपको वोट नहीं देंगे।

292
00:18:08,083 --> 00:18:11,708
‪पिताजी बाहर थे, लौटकर आए
‪तकरीबन रात आठ-साढ़े आठ बजे के बीच।

293
00:18:11,791 --> 00:18:13,291
‪उन्हें फिर कहीं जाना था।

294
00:18:14,458 --> 00:18:18,583
‪तो हम भी नए-नए थे, अति उत्साह में
‪कहा कि हम ही जाकर के मिल लें।

295
00:18:19,708 --> 00:18:21,833
‪फिर उसका फोन आया कि आप आ रहे हैं?

296
00:18:21,916 --> 00:18:23,375
‪तो हमने कहा हम आ रहे हैं।

297
00:18:23,875 --> 00:18:26,791
‪फिर उसने कहा कि अकेले आइएगा।

298
00:18:28,916 --> 00:18:31,833
‪तो हमने कहा कि क्यों,
‪बात अकेले में हो जाएगी

299
00:18:31,916 --> 00:18:34,416
‪पर आएंगे भले दो-चार लोग,
‪तो वो बोले नहीं, अकेले आइएगा।

300
00:18:37,208 --> 00:18:38,916
‪[दीपक] जब मैं वहाँ गया तो एक तो

301
00:18:39,000 --> 00:18:40,958
‪उस जगह का वातावरण बड़ा अजीब सा था।

302
00:18:54,208 --> 00:18:57,250
‪वह यही बात कर रहा था
‪पैसे रुपए की, इधर-उधर की।

303
00:18:57,333 --> 00:18:59,250
‪पहले पूछा कि आप पैसे लाए हो।

304
00:18:59,333 --> 00:19:02,083
‪हमने कहा पैसे तो नहीं लाया हूँ,
‪हमें पैसा देकर वोट नहीं लेना है।

305
00:19:02,166 --> 00:19:04,791
‪आप तो हमारे घर के हो,
‪आपको हमारे साथ रहना चाहिए।

306
00:19:04,875 --> 00:19:07,541
‪उसने कहा पैसा तो
‪आपकी जेब में समझ में आ रहा है।

307
00:19:09,250 --> 00:19:11,333
‪तो मैंने जींस की पैंट पहन रखी थी।

308
00:19:12,208 --> 00:19:15,541
‪जेब में थे पैसे पर उसको
‪देने के उद्देश्य से नहीं थे।

309
00:19:17,125 --> 00:19:21,541
‪तो मैंने कहा बात कर लेते हैं,
‪रात ज़्यादा हो रही है, फिर आप अपना…

310
00:19:21,625 --> 00:19:23,625
‪पर उसने कहा नहीं,
‪पहले पूजा कर लूँ, फिर उसके बाद।

311
00:19:23,708 --> 00:19:26,583
‪हम बैठे रहे, पर जब इन्होंने
‪पूजा का उपक्रम शुरू किया।

312
00:19:26,666 --> 00:19:30,125
‪तकरीबन 15-20 मिनट के बाद
‪अजीब सी हरकतें करने लगे।

313
00:19:42,583 --> 00:19:47,041
‪और मेरी गाड़ी जो है, उन्होंने अपने
‪फ़ार्म से तकरीबन 50 मीटर दूर

314
00:19:47,125 --> 00:19:48,291
‪खड़ी करवाई थी।

315
00:19:50,708 --> 00:19:52,250
‪फिर उसके बाद,

316
00:19:53,000 --> 00:19:54,875
‪पूजा करते रहे, उसी बीच मुझे कुछ लगा,

317
00:19:55,541 --> 00:19:58,833
‪डर कहिए या अनहोनी की आशंका कह लीजिए।

318
00:20:02,250 --> 00:20:04,166
‪[सूअर घुरघुरा रहे हैं]

319
00:20:17,958 --> 00:20:20,166
‪मैं उठा और बिना उनको बताए

320
00:20:21,125 --> 00:20:22,083
‪चला आया।

321
00:20:49,541 --> 00:20:51,958
‪फिर बाद में जब यह घटना सामने आई,

322
00:20:53,541 --> 00:20:55,416
‪तो फिर मैं देखने गया जब वह स्थल,

323
00:20:56,083 --> 00:20:57,541
‪थोड़ा कौतूहल था,

324
00:21:00,541 --> 00:21:03,416
‪तो जब नरकंकाल
‪और शरीर के अंग मिलना शुरू हुए,

325
00:21:04,250 --> 00:21:06,000
‪तो जिस जगह पर मैं बैठा था

326
00:21:06,083 --> 00:21:08,166
‪उसी के नीचे ही सब मिला था,

327
00:21:08,875 --> 00:21:11,291
‪यह सब उपक्रम संपन्न हुआ था।

328
00:21:11,875 --> 00:21:14,250
‪एक लाइन में कहें कि बाल-बाल बचे।

329
00:21:14,958 --> 00:21:18,500
‪हालांकि किसके मन में क्या है
‪यह तो नहीं जान सकते।

330
00:21:18,583 --> 00:21:20,833
‪हो सकता है हमसे बात ही करना चाह रहा हो।

331
00:21:20,916 --> 00:21:23,291
‪लेकिन जो परिस्थितियाँ थीं वहाँ पर,

332
00:21:23,375 --> 00:21:24,958
‪घर से वहाँ ले जाना,

333
00:21:25,625 --> 00:21:27,625
‪फिर वहाँ जाकर ऐसी हरकतें करना।

334
00:21:28,666 --> 00:21:30,708
‪तो कई तरह के संदेह मन में आते हैं।

335
00:21:31,750 --> 00:21:34,875
‪इसके पीछे उसकी मंशा आखिर थी क्या,
‪वहाँ आखिर ले क्यों गया मुझे?

336
00:21:39,041 --> 00:21:41,041
‪[अंग्रेजी में] उसके केस को देखने के बाद

337
00:21:41,125 --> 00:21:43,416
‪और सालों से कई सीरियल किलर के साथ

338
00:21:43,500 --> 00:21:47,250
‪काम करने के बाद

339
00:21:47,333 --> 00:21:51,333
‪मुझे यह समझ आया

340
00:21:51,416 --> 00:21:55,875
‪कि राजा कोलंदर जैसे व्यक्ति को
‪जिस तरह का व्यक्तित्व विकार होगा,

341
00:21:55,958 --> 00:22:00,541
‪वह शायद असामाजिक व्यक्तित्व विकार के
‪सबसे करीब होगा,

342
00:22:00,625 --> 00:22:04,375
‪जिसे पहले साइकोपैथिक
‪व्यक्तित्व विकार कहा जाता था।

343
00:22:04,458 --> 00:22:08,250
‪ऐसे लोग समाज के नियमों और कानूनों का

344
00:22:08,333 --> 00:22:10,958
‪सम्मान नहीं करते हैं।

345
00:22:11,041 --> 00:22:13,875
‪उनके मन में दूसरों के लिए
‪कोई सहानुभूति नहीं होती,

346
00:22:13,958 --> 00:22:19,458
‪और वे आपसी सहमति या सही और गलत की
‪भावना में विश्वास नहीं करते हैं।

347
00:22:19,541 --> 00:22:23,083
‪ये लोग खुद को पीड़ित के रूप में देखते हैं,

348
00:22:23,166 --> 00:22:26,375
‪और उन्हें लगता है
‪कि उनके पास जन्मजात अधिकार है

349
00:22:26,458 --> 00:22:30,958
‪दूसरों को नियंत्रित करने,
‪बर्बाद करने या मारने का,

350
00:22:31,041 --> 00:22:33,083
‪और वे इसके लिए ज़िम्मेदार नहीं हैं।

351
00:22:36,291 --> 00:22:37,416
‪मेरा नाम बद्री नारायण है।

352
00:22:37,500 --> 00:22:38,583
‪बद्री नारायण
‪समाज वैज्ञानिक

353
00:22:38,666 --> 00:22:41,416
‪मैं समाज वैज्ञानिक हूँ

354
00:22:41,500 --> 00:22:45,916
‪जो दलित मूवमेंट,
‪मार्जिनल कम्युनिटी के आंदोलन

355
00:22:46,000 --> 00:22:49,166
‪उनके दावे, और निम्नवर्ग के दावों पर

356
00:22:49,250 --> 00:22:51,708
‪पर पिछले 30-35 सालों से काम कर रहा हूँ।

357
00:22:52,458 --> 00:22:53,791
‪मैं हंसराज कोल।

358
00:22:54,750 --> 00:22:56,041
‪मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता हूँ।

359
00:22:56,125 --> 00:22:57,375
‪हंसराज कोल
‪सामाजिक कार्यकर्ता

360
00:22:57,958 --> 00:23:00,166
‪और क्षेत्र में रहकर के
‪आदिवासी समाज के विकास

361
00:23:00,250 --> 00:23:02,458
‪और उत्थान के लिए काम कर रहा हूँ।

362
00:23:03,875 --> 00:23:05,666
‪देखिए, राम निरंजन,

363
00:23:06,458 --> 00:23:11,125
‪या कोलंदर जिसको कहा जाता था,

364
00:23:11,208 --> 00:23:12,750
‪लोकप्रिय नाम है जिसका…

365
00:23:13,708 --> 00:23:15,041
‪वो…

366
00:23:17,083 --> 00:23:19,333
‪वह खुद कोल समुदाय के थे।

367
00:23:19,416 --> 00:23:23,250
‪कोल एक बड़ा आदिवासी सुमदाय था,

368
00:23:23,333 --> 00:23:24,500
‪जो अब

369
00:23:25,083 --> 00:23:27,583
‪उत्तर प्रदेश में
‪और मध्य प्रदेश के कुछ भागों में

370
00:23:27,666 --> 00:23:29,250
‪[बद्रीनारायण] बुंदेलखंड वाले इलाके में,

371
00:23:29,333 --> 00:23:31,208
‪एक तरह से गैर-आदिवासी इलाके में

372
00:23:32,208 --> 00:23:33,708
‪सामाजिक जीवन में

373
00:23:33,791 --> 00:23:35,291
‪प्रवेश कर गई हैं।

374
00:23:35,375 --> 00:23:38,541
‪कारण यह है कि जब जंगल खत्म हुए

375
00:23:38,625 --> 00:23:40,458
‪और ये इधर आए

376
00:23:40,541 --> 00:23:43,291
‪तो उनको खेत बनाना,
‪खेत बनाकर उस पर काम करना,

377
00:23:43,375 --> 00:23:45,916
‪तो यह मैदानों की संस्कृति में आ गए।

378
00:23:46,000 --> 00:23:48,958
‪तो एक तरह से हम लोग इसे
‪"कम्युनिटी इन हायब्रिडिटी" कहते हैं,

379
00:23:49,041 --> 00:23:51,833
‪समुदाय एक हाइब्रिड मेंटेलिटी में जीता है।

380
00:23:52,541 --> 00:23:54,625
‪हाइब्रिडिटी इस सेंस में कि

381
00:23:54,708 --> 00:23:57,291
‪सामाजिक-आर्थिक रूप से हाइब्रिडिटी,

382
00:23:57,375 --> 00:23:59,041
‪मानसिक रूप से हाइब्रिडिटी।

383
00:23:59,125 --> 00:24:02,416
‪क्योंकि आदिवासी मूल्य
‪तो आपके जीवन में हैं ही

384
00:24:02,500 --> 00:24:04,250
‪लेकिन साथ-साथ आपको एक

385
00:24:04,333 --> 00:24:08,208
‪गैर-आदिवासी मूल्यों के साथ भी
‪संवाद करना पड़ रहा है।

386
00:24:08,291 --> 00:24:12,125
‪तो वह एक तरह से कम्यूनिटी इन फ्ल्क्स,
‪इसको कहते हैं

387
00:24:12,208 --> 00:24:16,958
‪एक प्रवर्तन, एक ट्रांजिशन
‪संस्कृति से गुज़र रहा है।

388
00:24:17,041 --> 00:24:20,500
‪आज भी 75 प्रतिशत कोल समाज के लोग

389
00:24:21,166 --> 00:24:24,666
‪[हंसराज] झोंपड़ पट्टी में निवास करता है और

390
00:24:24,750 --> 00:24:27,208
‪खाने के लिए, दो समय की रोटी के लिए

391
00:24:27,291 --> 00:24:28,875
‪दिनभर वह हाड़तोड़ मेहनत करता है।

392
00:24:28,958 --> 00:24:31,291
‪तब जाकर के उसको रोटी नसीब होती है।

393
00:24:31,375 --> 00:24:34,833
‪यह 75 प्रतिशत कोल आदिवासियों की
‪मैं बात कर रहा हूँ।

394
00:24:34,916 --> 00:24:36,583
‪खाने-पीने में यह लोग,

395
00:24:37,166 --> 00:24:40,666
‪देखिए इनका पैतृक परंपरागत रूप से

396
00:24:40,750 --> 00:24:42,375
‪मांस-मदिरा का सेवन करते हैं।

397
00:24:42,958 --> 00:24:44,791
‪मछली पकड़ना इनके स्वभाव में है।

398
00:24:45,875 --> 00:24:48,250
‪जंगलों में शिकार करना इनका स्वभाव है।

399
00:24:48,958 --> 00:24:51,333
‪जंगली सूअर को भी मारकर के ये खाते हैं।

400
00:24:53,791 --> 00:24:58,083
‪और मछली-मुर्गा, ये इनकी दिनचर्या में हैं।

401
00:25:00,500 --> 00:25:02,208
{\an8}‪उन्नाव जेल, उत्तर प्रदेश

402
00:25:10,583 --> 00:25:13,833
‪-[इंटरव्यूअर] तो आप हमेशा से शाकाहारी हैं?
‪-शुरू से ही, हाँ।

403
00:25:13,916 --> 00:25:17,833
‪जबकि मेरी पत्नी सुपारी-पान वगैरह खाती थीं,
‪मैंने कोई नशा नहीं किया।

404
00:25:19,666 --> 00:25:20,500
‪[इंटरव्यूअर] अच्छा।

405
00:25:21,041 --> 00:25:23,375
‪तो आपने आजतक कभी मांस-मछली नहीं खाई?

406
00:25:23,458 --> 00:25:27,291
‪नहीं, कभी-कभार जैसे मछली वगैरह खा ली,
‪इससे मना नहीं किया मैंने।

407
00:25:27,375 --> 00:25:29,500
‪लेकिन मैं इसका आदी नहीं रहा हूँ।

408
00:25:29,583 --> 00:25:33,250
‪मान लीजिए कि हमारे घरवाले
‪इस्तेमाल करते भी थे, खाते थे।

409
00:25:33,333 --> 00:25:35,083
‪लेकिन मैं आदी नहीं था।

410
00:25:35,166 --> 00:25:38,916
‪अगर घरवाले बनाए हैं, तालाब से मछली वगैरह,

411
00:25:39,000 --> 00:25:41,708
‪तो मान लीजिए, हमारे लिए फिर दाल बना देंगे।

412
00:25:41,791 --> 00:25:43,166
‪समझे, जो भी है।

413
00:25:45,333 --> 00:25:47,833
‪शाकाहारी थे, मासांहारी थे,

414
00:25:47,916 --> 00:25:49,291
‪दारूखोर थे, यह कुछ नहीं पता।

415
00:25:49,375 --> 00:25:52,833
‪हाँ, लेकिन जो बनता था पूरा परिवार
‪खाता था, अलग से कुछ नहीं बनता था।

416
00:25:53,750 --> 00:25:57,083
‪सब्जी हो, या मुर्गा हो,
‪या मछली हो या मांस हो।

417
00:25:57,166 --> 00:25:59,791
‪नॉनवेज तो सभी खाना पसंद करते हैं, बताइए।

418
00:26:00,500 --> 00:26:02,791
‪राजा

419
00:26:02,875 --> 00:26:03,750
‪साल 2000

420
00:26:03,833 --> 00:26:05,625
‪[अदालत]
‪पूरा एक पिगरी फ़ार्म था ना यहाँ पर।

421
00:26:05,708 --> 00:26:06,791
‪साल 2021

422
00:26:06,875 --> 00:26:08,125
‪वहीं रहते थे वो लोग तो बनता था।

423
00:26:08,208 --> 00:26:10,958
‪तो पापा भी खाते थे,
‪मम्मी भी खाती थी जब भी वहाँ बनता था।

424
00:26:11,041 --> 00:26:13,208
‪मम्मी लोग यह सब नहीं पकाती थीं।

425
00:26:13,791 --> 00:26:15,750
‪तो घर पर नहीं बनता था, यहीं पर बनता था।

426
00:26:15,833 --> 00:26:17,958
‪तो यहीं से बनने लगा और यहीं सब खाते थे।

427
00:26:19,041 --> 00:26:22,833
‪पापा कहते थे एक भगोना यहाँ रखा है,
‪तो यही बनने के लिए रहता था वह भगोना।

428
00:26:22,916 --> 00:26:25,916
‪कहते थे इसी में हम जड़ी-बूटी
‪उबालते थे, ये करते थे।

429
00:26:26,000 --> 00:26:28,500
‪जबकि उसमें सूअर का भी गोश्त बनाते थे।

430
00:26:29,958 --> 00:26:33,958
‪यह एकदम सरासर गलत है
‪कि उनका दिमाग उबालकर पी लिया गया।

431
00:26:34,750 --> 00:26:38,583
‪ये कोल होने के नाम से एक जो

432
00:26:38,666 --> 00:26:40,833
‪आदिमानव का लेबल लगा है।

433
00:26:40,916 --> 00:26:42,041
‪कि ये आदिवासी हैं।

434
00:26:43,166 --> 00:26:47,500
‪आदिवासी मनुष्य को भी खा जाता है ये…

435
00:26:49,166 --> 00:26:51,500
‪ऐसा व्यवहार हमें आज तक नहीं मिला।

436
00:26:51,583 --> 00:26:53,583
‪और जो भी यह बात कही गई

437
00:26:54,250 --> 00:26:56,083
‪ये पूरी तरह से झूठ है।

438
00:26:56,166 --> 00:26:58,625
‪राजा कोलंदर के जीवन में

439
00:26:58,708 --> 00:27:00,375
‪आदिवासी मूल्य तो बहुत हैं।

440
00:27:00,458 --> 00:27:02,125
‪चाहे वो स्मृतियों के रूप में हों,

441
00:27:02,208 --> 00:27:04,833
‪आदतों के रूप में हों,
‪चाहतों के रूप में हों।

442
00:27:05,750 --> 00:27:09,375
‪या विस्थापित होने के एहसास के रूप में हो।

443
00:27:09,458 --> 00:27:12,166
‪लेकिन नरभक्षी होने के उदाहरण

444
00:27:12,250 --> 00:27:15,000
‪आदिवासी जीवन में नहीं मिलते हैं।

445
00:27:15,083 --> 00:27:18,625
‪इस पर मेरे पास इस तरह के
‪कोई अध्ययन नहीं हैं जिसमें मैं यह कहूँ कि

446
00:27:18,708 --> 00:27:21,666
‪वो दिमाग पकाकर खा जाते थे।

447
00:27:21,750 --> 00:27:23,541
‪ऐसा कुछ मिलता नहीं है।

448
00:27:23,625 --> 00:27:26,750
‪यह उसका अपना निजी व्यक्तित्व है

449
00:27:26,833 --> 00:27:28,875
‪जो उसने अपने अपराध में जोड़ा है।

450
00:27:28,958 --> 00:27:31,833
‪क्योंकि जब कोई अपराध के रास्ते पर चलता है

451
00:27:31,916 --> 00:27:34,083
‪तो उसका क्रिमिनल व्यक्तित्व भी बन जाता है।

452
00:27:34,166 --> 00:27:35,708
‪स्ट्रेटेजी के रूप में।

453
00:27:35,791 --> 00:27:37,375
‪और वो जो क्रिमिनल व्यक्तित्व है

454
00:27:37,458 --> 00:27:41,333
‪वह कई बार हताशा की विकृत परछाईं होती है।

455
00:27:41,416 --> 00:27:44,083
‪तो मुझे लगता है कि यह जो नरभक्षीपन है

456
00:27:44,166 --> 00:27:46,125
‪वो उसने ख़ुद जोड़ा है।

457
00:27:46,208 --> 00:27:49,541
‪उसका आदिवासी कल्चर के साथ
‪कोई रिश्ता नहीं है।

458
00:27:53,583 --> 00:27:56,500
‪भई, न्यायालय में जो कह सकता है
‪कि मैंने उनको "कट" किया।

459
00:27:57,125 --> 00:27:59,791
‪[त्रिपाठी] अदालत में उसने कहा
‪कि मैंने कट किया, उबालकर के पीया,

460
00:28:00,416 --> 00:28:01,666
‪जब उसको रिमांड पर लिया था।

461
00:28:03,875 --> 00:28:07,666
‪उस समय जो मेरे जज साहब थे,
‪जिनके कोर्ट के अंतर्गत मेरा थाना आता था

462
00:28:07,750 --> 00:28:10,041
‪और जहाँ से मुझे रिमांड लेना था,
‪जहाँ इस पर केस किया था,

463
00:28:11,125 --> 00:28:12,458
‪वो जाति से श्रीवास्तव थे।

464
00:28:14,375 --> 00:28:16,750
‪तो वो एकदम खुद भौंचक्के थे।

465
00:28:16,833 --> 00:28:19,666
‪और उन्होंने मुझे बुलाकर के ये कहा कि

466
00:28:19,750 --> 00:28:21,750
‪त्रिपाठी, किस नरपिशाच को,

467
00:28:23,166 --> 00:28:25,041
‪किस राक्षस को तुमने पकड़ लिया है?

468
00:28:38,958 --> 00:28:42,625
‪पुलिस ने जब वक्षराज को
‪और राजा कोलंदर को पकड़ा,

469
00:28:42,708 --> 00:28:45,791
‪पूछताछ की और पूछताछ के बाद
‪पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस रखी।

470
00:28:45,875 --> 00:28:48,041
‪पुलिस लाइन्स में प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई थी।

471
00:28:48,125 --> 00:28:50,208
‪जिस समय प्रेस कॉन्फ्रेंस में हम लोग पहुँचे

472
00:28:50,291 --> 00:28:52,666
‪पुलिस ऑफिसर मौजूद थे, राजा कोलंदर था,

473
00:28:52,750 --> 00:28:55,500
‪और बगल में दो खोपड़ियाँ रखी हुई थीं।

474
00:28:56,958 --> 00:29:00,500
‪[रतिभान] उसकी आँखों की जो भाव-भंगिमा थी,
‪जो उसके चेहरे में

475
00:29:00,583 --> 00:29:02,041
‪एक अलग किस्म का तनाव दिख रहा था।

476
00:29:06,000 --> 00:29:08,166
‪बहुत क्रूरता उसके चेहरे पर
‪झलक रही थी उस वक़्त।

477
00:29:13,833 --> 00:29:16,833
‪सभी पत्रकार बंधुओं के सामने
‪उसने पूरे घटनाक्रम को

478
00:29:16,916 --> 00:29:19,916
‪सिलसिलेवार पूरे विवरण के साथ बताया।

479
00:29:20,000 --> 00:29:23,166
‪जो डायरी में नाम अंकित थे,
‪उनके विषय में पूछा गया इससे

480
00:29:23,250 --> 00:29:25,041
‪तो अपना इसने बताना चालू किया।

481
00:29:25,125 --> 00:29:27,291
‪धीरेंद्र के विषय में पूरा बताया कि

482
00:29:28,500 --> 00:29:31,708
‪मैंने इस तरीके से उनको
‪"ऑब्लाइज" करने के लिए बुला लिया।

483
00:29:33,500 --> 00:29:35,416
‪[त्रिपाठी] मारकर के उनको "कट" किया

484
00:29:35,500 --> 00:29:38,541
‪गला काटकर के अलग रखा
‪और बाकी सब गाड़ी में रखकर ले गए।

485
00:29:43,791 --> 00:29:46,250
‪[इंटरव्यूअर] आप धीरेंद्र पत्रकार को
‪कबसे जानते थे?

486
00:29:46,791 --> 00:29:49,083
‪वो पत्रकार मेरे ससुराल का था ना।

487
00:29:49,166 --> 00:29:53,375
‪तो उनसे कभी भेंट भी नहीं हुई थी,
‪बस फ़ोन पर बातचीत होती थी उससे।

488
00:29:53,458 --> 00:29:57,625
‪वो जब हम इलेक्शन जीते
‪तो एक औपचारिकता होती थी।

489
00:29:57,708 --> 00:30:01,708
‪ससुराल के नाते वो भी बेचारा क्या,
‪साला ही लगता था।

490
00:30:04,625 --> 00:30:07,500
‪[अदालत] धीरेंद्र मामा थे,
‪जानते हैं हम उनको आराम से।

491
00:30:07,583 --> 00:30:10,708
‪प्रेस में थे, इलाहाबाद में रहते थे,
‪कभी-कभी घर पर भी आते थे।

492
00:30:12,125 --> 00:30:14,791
‪बल्कि हमेशा आने का बोलते थे
‪लेकिन मेरे घर कभी नहीं आए।

493
00:30:15,541 --> 00:30:18,458
‪समझे ना और हर चीज़ में मदद ही करते रहे।

494
00:30:20,625 --> 00:30:21,833
‪रामराज
‪राम निरंजन का साला

495
00:30:21,916 --> 00:30:24,833
‪[रामराज] धीरेंद्र का आना-जाना,
‪हर एक चीज़ मतलब

496
00:30:24,916 --> 00:30:26,958
‪बना रहा, इनके यहाँ संबंध था।

497
00:30:27,750 --> 00:30:31,125
‪आते-जाते थे,
‪मतलब जीजाजी और धीरेंद्र बैठते थे,

498
00:30:31,208 --> 00:30:33,166
‪मतलब साथ में उठना-बैठना था।

499
00:30:33,958 --> 00:30:37,041
‪अब कोलंदर जीजा बात कर रहे हैं
‪और अगर बीच में हम आ गए तो हमको

500
00:30:37,125 --> 00:30:40,791
‪तुरंत ही कह देते थे,
‪पत्रकार ही कह देते थे, धीरेंद्र ही।

501
00:30:40,875 --> 00:30:44,333
‪यार मंजू, चले जा थोड़ा बाहर,
‪तुम्हारे जीजा से बात कर रहे हैं प्रायवेट।

502
00:30:44,416 --> 00:30:48,583
‪भई, करिए उनसे बात,
‪क्या बात कर रहे हैं, हमें क्या मतलब।

503
00:30:48,666 --> 00:30:49,875
‪तो इस तरीके से हम लोग

504
00:30:50,750 --> 00:30:54,166
‪मतलब ऐसे एकाध-बार
‪हमने उनको देखा है, सुना है।

505
00:30:56,458 --> 00:30:57,416
‪इसमें हमें लगता है

506
00:30:58,458 --> 00:31:01,666
‪गलती पत्रकार की ही होगी, तभी ऐसा हुआ होगा।

507
00:31:01,750 --> 00:31:04,958
‪क्योंकि तुम्हारा हमारे जीजाजी से
‪लगाव था, सबकुछ था।

508
00:31:05,833 --> 00:31:08,958
‪तो कैसे आप लोग बिगाड़ लिए कि ऐसा कांड हुआ।

509
00:31:09,875 --> 00:31:12,958
‪या तो सामने वाले ने कुछ किया होगा,

510
00:31:13,041 --> 00:31:15,208
‪बाकी हमारे पापा ने ऐसा कुछ नहीं किया है।

511
00:31:15,291 --> 00:31:18,583
‪हम आज भी कह रहे हैं।
‪हमारे पिताजी ने ऐसा कुछ नहीं किया।

512
00:31:18,666 --> 00:31:21,666
‪बाकी तो फालतू इल्ज़ाम लगा दिए
‪ऐसे ही कुछ लोगों के पास,

513
00:31:21,750 --> 00:31:24,500
‪अभी कुछ एकाध-दो आदमी ऐसे थे

514
00:31:24,583 --> 00:31:27,041
‪जो कि अभी ज़िंदा हैं,
‪कहा कि उनको मार दिया गया है।

515
00:31:28,708 --> 00:31:30,833
‪ऐसे ही झूठा आरोप लगा दिया है।

516
00:31:32,250 --> 00:31:34,083
‪कह रहे हैं कि एक-दो किए हैं

517
00:31:34,166 --> 00:31:36,375
‪लेकिन लाद दिए हजारों उनके ऊपर।

518
00:31:39,541 --> 00:31:42,041
‪मेरा जानकारी में यह पूरी बात तो नहीं है

519
00:31:42,625 --> 00:31:45,875
‪कि कुछ लोग ज़िंदा मिले थे
‪या ज़िंदा क्या थे,

520
00:31:45,958 --> 00:31:48,750
‪लेकिन इसने जहाँ-जहाँ बताया था,
‪जगह की पहचान बताई थी

521
00:31:48,833 --> 00:31:50,833
‪कि यहाँ-यहाँ डेड बॉडी पड़ी थी।

522
00:31:50,916 --> 00:31:54,625
‪अब वो कौन है, कौन नहीं है,
‪ये वहाँ के संबंधित थाने,

523
00:31:54,708 --> 00:31:56,375
‪संबंधित जहाँ की विवेचना है,

524
00:31:56,458 --> 00:31:58,875
‪वो लोग भी इतना करते, मतलब
‪पता लगाए होंगे क्या है क्या नहीं।

525
00:32:00,291 --> 00:32:02,958
‪एक पड़ोसी की हत्या का
‪इल्ज़ाम मुझ पर लगा दिए।

526
00:32:03,041 --> 00:32:05,541
‪पर मैं तो जानता हूँ कि वो साला ज़िंदा है।

527
00:32:06,166 --> 00:32:09,791
‪अगर एक ज़िंदा हो सकता है
‪तो और भी ज़िंदा हो सकते हैं ना?

528
00:32:09,875 --> 00:32:10,791
‪हो सकते हैं।

529
00:32:11,333 --> 00:32:13,625
‪तो भाई, मान लीजिए मैंने
‪चौदह लोगों का कत्ल किया,

530
00:32:13,708 --> 00:32:16,000
‪तो अगर यह ज़िंदा है तो वह किसकी लाश थी?

531
00:32:17,291 --> 00:32:20,000
‪खोपड़ी, साहब, यह गंगाजी के किनारे से
‪लाकर इल्ज़ाम लगा रहे हैं,

532
00:32:20,083 --> 00:32:21,416
‪बुनियाद बना रहे हैं।

533
00:32:22,000 --> 00:32:24,291
‪और जिस खोपड़ी को उन्होंने चर्चित किया,

534
00:32:25,166 --> 00:32:27,333
‪श्रीवास्तव, लाला की खोपड़ी
‪जिसे मैंने लाल रंग दिया।

535
00:32:27,416 --> 00:32:29,458
‪तो जब पुलिस वालों ने ऐसा कहा,

536
00:32:29,541 --> 00:32:32,000
‪"साहब, लाला की खोपड़ी रंग दिया,
‪साला इस तरह से किया है।"

537
00:32:32,541 --> 00:32:36,125
‪रिमांड वगैरह में किसी ने
‪मेरी बात ही नहीं सुनी, ऐसे ही भगा देते थे।

538
00:32:36,833 --> 00:32:39,666
‪तो मैं क्या उम्मीद रखूँ? जो मेरा रक्षक है,

539
00:32:39,750 --> 00:32:42,625
‪जब वही मेरी ओर से मुँह मोड़ रहा है।

540
00:32:42,708 --> 00:32:43,916
‪किससे उम्मीद रखूँ बताइए?

541
00:32:47,875 --> 00:32:50,541
‪केवल वर्चस्व कायम रखने के लिए,
‪बाहुबली बनने के लिए

542
00:32:50,625 --> 00:32:52,000
‪उसने यह सारे कत्ल किए।

543
00:32:52,583 --> 00:32:55,833
‪शरीर में जितनी सोच है,
‪क्योंकि जात ही ऐसी है कोल की।

544
00:32:56,625 --> 00:33:00,083
‪ताक़त अपने अंदर अर्जित करने के लिए,
‪किसी को हम कट कर दे रहे हैं

545
00:33:00,166 --> 00:33:01,750
‪और उसका हम सिर पी रहे हैं।

546
00:33:01,833 --> 00:33:04,875
‪भई, उसे पीने का मतलब, यह तो जात कोल है।

547
00:33:04,958 --> 00:33:09,041
‪कोल-भील जो पहले जंगलों में रहा करते थे,
‪कुछ नहीं मिलता था तो मांस खाते थे।

548
00:33:09,125 --> 00:33:10,875
‪तो मेरी अपनी सोच है यह

549
00:33:10,958 --> 00:33:14,625
‪कि वो अपने को बाहुबली बनाने के लिए,

550
00:33:14,708 --> 00:33:16,666
‪ताक़त पाने के लिए ही यह सब कर रहा था।

551
00:33:17,375 --> 00:33:22,375
‪कोल दोगुनी निचली जाति है
‪वह इसलिए क्योंकि पहले तो

552
00:33:23,333 --> 00:33:27,333
‪एक तरफ से वे आदिवासी से
‪गैर-आदिवासी में बदल गए।

553
00:33:27,875 --> 00:33:30,458
‪उस चीज़ को खोने की याद है उसके पास।

554
00:33:30,541 --> 00:33:34,375
‪दूसरा, उन्हें एससी या
‪अनुसूचित जाति घोषित किया गया।

555
00:33:34,458 --> 00:33:38,166
‪वे अनुसूचित जनजाति बने रहना चाहते हैं
‪और एससी नहीं बनना चाहते।

556
00:33:38,250 --> 00:33:41,541
‪क्योंकि वे अपने आदिवासी मूल को
‪बनाए रखना चाहते हैं।

557
00:33:41,625 --> 00:33:43,416
‪इसके लिए बहुत आंदोलन भी चल रहे हैं।

558
00:33:44,000 --> 00:33:47,666
‪कि ये समुदाय कह रहे हैं
‪कि हमें एससी न कहा जाए, एसटी कहा जाए।

559
00:33:47,750 --> 00:33:50,916
‪दूसरा क्या है कि अनुसूचित जातियों में भी

560
00:33:51,000 --> 00:33:55,583
‪जो गैर आदिवासी एससी हैं
‪उनका व्यवहार भी इनके साथ वैसा ही होता है

561
00:33:55,666 --> 00:33:57,791
‪जैसे एक प्रभुत्व वाली जाति का होता है।

562
00:33:57,875 --> 00:34:01,041
‪निचली जातियों के कई स्तर हैं।

563
00:34:01,125 --> 00:34:03,291
‪भेदभाव के कई स्तर हैं।

564
00:34:03,375 --> 00:34:07,583
‪इस चीज़ का एहसास
‪इनको अपने दैनिक जीवन में होता रहता है।

565
00:34:10,833 --> 00:34:15,833
‪मैंने इस सबसे देखा पुलिस तो मानव अधिकार का
‪एक-दो दिन हनन करती है, मार के भेज देती है।

566
00:34:15,916 --> 00:34:20,125
‪लेकिन सारे न्यायालय मूल अधिकारों का
‪हनन करते हैं, तारीख पर तारीख लगाकर।

567
00:34:20,208 --> 00:34:21,500
‪उसके भुक्तभोगी हम भी हैं।

568
00:34:22,291 --> 00:34:26,583
‪बीस साल से जाता हूँ।
‪हमें दुत्कारा जाता है।

569
00:34:26,666 --> 00:34:29,000
‪अमानवीय व्यवहार किया जाता है।

570
00:34:29,583 --> 00:34:33,625
‪कोई भी आवेदन दीजिए, ठीक से
‪आदेश नहीं देते, किंतु-परंतु करते हैं।

571
00:34:34,250 --> 00:34:37,833
‪इस तरह से गरीबों को
‪न्याय पाना मुश्किल हो गया है।

572
00:34:41,541 --> 00:34:43,541
‪[रजत, अंग्रेजी में] वैसे, हर सीरियल किलर,

573
00:34:44,125 --> 00:34:47,083
‪अपने दिमाग में वो पीड़ित होता है।
‪वह अपराधी नहीं है।

574
00:34:47,166 --> 00:34:49,375
‪वे न्याय प्रणाली में
‪विश्वास नहीं करते हैं।

575
00:34:49,458 --> 00:34:52,375
‪उनका मानना है यह अनुचित है, उनके खिलाफ है

576
00:34:52,458 --> 00:34:55,500
‪और वे मानते हैं कि वे जो कर रहे हैं

577
00:34:55,583 --> 00:34:59,083
‪वह न केवल उनको न्याय दिला रहा है

578
00:34:59,166 --> 00:35:01,291
‪बल्कि पीड़ितों को भी न्याय दिला रहा है।

579
00:35:01,375 --> 00:35:04,000
‪उनके दिमाग में, पीड़ित को मारना न्याय है।

580
00:35:09,958 --> 00:35:14,083
‪उसने हर तरह के लोगों को मारा था,
‪उसने अपने साथ के लोगों को भी मारा था।

581
00:35:14,166 --> 00:35:18,583
‪लेकिन कहीं ना कहीं ऐसी बात थी, उसे लगता था
‪कि ऊँची जाति के लोग उसे दबा रहे हैं।

582
00:35:18,666 --> 00:35:21,833
‪सामाजिक और आर्थिक, दोनों रूप से मजबूत हैं।

583
00:35:21,916 --> 00:35:24,250
‪तो मुझे बड़ा आदमी बनना चाहिए।

584
00:35:24,333 --> 00:35:28,625
‪उसके मन में कहीं न कहीं द्वेष भावना
‪तो थी ही अपर कास्ट के लिए।

585
00:35:28,708 --> 00:35:32,500
‪जो हत्याएं ज़्यादातर उसने की हैं,
‪ऊँची जाति के लोगों की ही की हैं।

586
00:35:40,416 --> 00:35:42,583
‪[त्रिपाठी] राजा कोलंदर से जब मैंने पूछा,

587
00:35:43,250 --> 00:35:45,500
‪तो उसने बताया कि मैं चित्रकूट गया हुआ था।

588
00:35:46,291 --> 00:35:48,083
‪वहाँ पर एक कमांडर जीप थी।

589
00:35:51,375 --> 00:35:53,250
‪उसका जो ड्राइवर था वो ब्राह्मण था।

590
00:35:54,333 --> 00:35:57,000
‪लोग कहते हैं
‪कि ब्राह्मण ज़्यादा खाना खाते हैं।

591
00:36:00,500 --> 00:36:03,125
‪तो अगर ब्राह्मण ज़्यादा खाते थे
‪तो उनकी आंत बड़ी होगी।

592
00:36:04,500 --> 00:36:08,541
‪तो मैं वहाँ से, चित्रकूट से वह जीप ले आया।

593
00:36:17,041 --> 00:36:19,791
‪मैंने ब्राह्मण को पहले ज़िंदा ही
‪अपने पिगरी फ़ार्म में बांध के

594
00:36:20,458 --> 00:36:21,583
‪उसका पेट फाड़ा।

595
00:36:22,500 --> 00:36:24,375
‪[सूअर घुरघुरा रहे हैं]

596
00:36:26,500 --> 00:36:28,791
‪[सनसनीख़ेज़ संगीत]

597
00:36:31,583 --> 00:36:32,875
‪उसकी आंत निकाली।

598
00:36:37,791 --> 00:36:39,458
‪आंत को देखा।

599
00:36:40,833 --> 00:36:45,333
‪और जो दूसरा व्यक्ति था,
‪किस जाति का था, इस समय ध्यान नहीं है।

600
00:36:45,416 --> 00:36:48,333
‪उसको भी फाड़ के, उसकी आंत को भी निकाला।

601
00:36:48,416 --> 00:36:51,000
‪और उसको नापा तो एक ही साइज़ की थीं।

602
00:36:55,916 --> 00:36:58,000
‪तो मैंने अपने पिगरी फ़ार्म में ही

603
00:36:58,708 --> 00:37:01,250
‪उन दोनों को दफ़न कर दिया है।

604
00:37:03,083 --> 00:37:05,958
‪बल्कि सर, ब्राह्मण जिस जगह गाड़ा है

605
00:37:07,125 --> 00:37:09,666
‪वहाँ मैंने पीपल का
‪छोटा सा पेड़ लगा दिया है।

606
00:37:10,791 --> 00:37:12,583
‪और मैं उसके सामने अगरबत्ती लगाता हूँ

607
00:37:12,666 --> 00:37:14,500
‪कि ब्रह्मदेवता मुझे परेशान न करें।

608
00:37:18,333 --> 00:37:20,416
‪[अंग्रेजी में] उसके जैसा व्यक्ति,

609
00:37:20,500 --> 00:37:24,958
‪वे शरीर के अंगों को
‪बहुत दिलचस्पी से देखते हैं।

610
00:37:28,833 --> 00:37:31,125
‪वे इसे एक डॉक्टर से
‪बहुत अलग तरीके से करते हैं।

611
00:37:31,208 --> 00:37:33,791
‪उदाहरण के लिए, डॉक्टर जो है,
‪शरीर के अंगों को

612
00:37:33,875 --> 00:37:36,666
‪नैदानिक, निष्पक्ष तरीके से देखेंगे

613
00:37:36,750 --> 00:37:38,875
‪या जिस तरह से हम शरीर के
‪अंगों को देखते हैं।

614
00:37:38,958 --> 00:37:44,208
‪वे शरीर के अंगों को बच्चे की
‪दृष्टि से देखते हैं

615
00:37:44,291 --> 00:37:47,541
‪जो किसी चीज को अलग-अलग टुकड़ों में

616
00:37:48,625 --> 00:37:50,666
‪तोड़ना चाहता है।

617
00:37:50,750 --> 00:37:54,500
‪जैसे, अगर आप किसी बच्चे को खिलौना
‪देते हैं, बच्चा क्या करता है?

618
00:37:54,583 --> 00:37:57,375
‪बच्चा खिलौने को लेकर
‪इसके टुकड़े-टुकड़े करना चाहता है,

619
00:37:57,458 --> 00:37:58,458
‪देखने को कि वह है क्या।

620
00:37:58,541 --> 00:38:00,500
‪उसमें भी उनको मज़ा आता है।

621
00:38:00,583 --> 00:38:02,625
‪उदाहरण के लिए, उसे भी यही महसूस होता होगा

622
00:38:02,708 --> 00:38:05,791
‪दिमाग को निकालने पर, उसे महसूस करने पर।

623
00:38:05,875 --> 00:38:09,000
‪यह उसके लिए एक बहुत ही संवेदी अनुभव होगा।

624
00:38:12,125 --> 00:38:17,791
‪और यही उनकी आंतरिक दुनिया है।
‪वे इसी जीवन में जीते हैं

625
00:38:17,875 --> 00:38:21,250
‪और यह उस विस्तृत कल्पना का
‪हिस्सा है जिससे वे गुजरते हैं।

626
00:38:22,625 --> 00:38:27,583
‪राम निरंजन की ज़िंदगी का
‪इतिहास अगर देखें तो

627
00:38:27,666 --> 00:38:30,875
‪इसमें वहाँ उसके समय की
‪राजनीति की बड़ी भूमिका है।

628
00:38:31,583 --> 00:38:34,541
‪और वह राजनीति नब्बे के दशक के आसपास

629
00:38:34,625 --> 00:38:36,750
‪बदल रही थी, उत्तर प्रदेश में।

630
00:38:36,833 --> 00:38:41,500
‪उसमें निचली जातियों के उभरने
‪के लिए सबसे उचित माहौल था।

631
00:38:42,083 --> 00:38:43,750
‪क्योंकि एक तो कांसीराम आ चुके थे

632
00:38:43,833 --> 00:38:47,333
‪[बद्रीनारायण] बहुजन समाज
‪पार्टी का गठन हो चुका था

633
00:38:47,416 --> 00:38:50,625
‪वो लगातार पूरे राज्य में घूम-घूम कर,
‪पिछड़ी जातियों की

634
00:38:50,708 --> 00:38:52,875
‪आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।

635
00:38:52,958 --> 00:38:56,000
‪मुलायम सिंह यादव भी अपनी तरह से

636
00:38:56,083 --> 00:38:59,791
‪ओबीसी, एमबीसी
‪और पिछड़ी जातियों की आकांक्षाओं

637
00:38:59,875 --> 00:39:02,833
‪का प्रतिनिधित्व कर रहे थे,
‪समाजवादी पार्टी के जरिए।

638
00:39:02,916 --> 00:39:05,083
‪तीसरा जो फैक्टर था उस समय,

639
00:39:05,166 --> 00:39:07,833
‪बांदा और चित्रकूट के जंगल वगैरह में

640
00:39:07,916 --> 00:39:11,166
‪डकैतों का उभार चल रहा था।

641
00:39:11,875 --> 00:39:13,750
‪उसी समय, चंबल में फूलन देवी

642
00:39:13,833 --> 00:39:16,875
‪भी उभर रही थीं।

643
00:39:17,958 --> 00:39:22,041
‪तो ये सब विरोध के निम्नवर्गीय रूप हैं।

644
00:39:22,125 --> 00:39:24,791
‪राजनीति के माध्यम से,
‪इलेक्टोरल डेमोक्रेसी के द्वारा,

645
00:39:24,875 --> 00:39:27,000
‪डकैती कल्चर के माध्यम से,

646
00:39:27,083 --> 00:39:30,125
‪कानून को और इसकी शाखाओं को चैलेंज करना।

647
00:39:30,208 --> 00:39:33,041
‪और उसी समय राजा कोलंदर का उभार होता है।

648
00:39:33,125 --> 00:39:36,291
‪लेकिन उसके लिए वो रास्ता आसान नहीं था

649
00:39:36,375 --> 00:39:38,500
‪कि वह पार्टी में चला जाए,
‪उसको टिकट मिल जाए।

650
00:39:38,583 --> 00:39:42,208
‪तो इसने अपना खुद का रचा रास्ता चुना,
‪शक्ति प्राप्त करने के लिए,

651
00:39:42,291 --> 00:39:44,666
‪खोजा, गढ़ा और विकसित किया।

652
00:39:50,416 --> 00:39:52,541
‪यह व्यक्ति, जो राजा कोलंदर है

653
00:39:52,625 --> 00:39:56,541
‪उसके दिमाग में कहीं
‪बड़ा बनने की एक तमन्ना थी।

654
00:39:56,625 --> 00:39:58,625
‪नेता बनना चाह रहा था जैसा कि उसने

655
00:39:58,708 --> 00:40:00,750
‪खुद अपने बयान में कबूल किया पुलिस से।

656
00:40:04,458 --> 00:40:07,625
‪[त्रिपाठी] जब मैंने इसको रिमांड पर
‪लिया था, इसके साथ चलता था,

657
00:40:07,708 --> 00:40:09,791
‪इससे पूछा कि ऐसा क्यों कर रहे हो।

658
00:40:10,791 --> 00:40:13,541
‪उसने हंस कर इस तरीके से कहा कि वो

659
00:40:14,375 --> 00:40:15,583
‪मेरे क्षेत्र का बाहुबली है।

660
00:40:16,166 --> 00:40:18,750
‪सांसद अतीक, विधायक था उस समय।

661
00:40:19,583 --> 00:40:22,500
‪उसका ज़्यादा वर्चस्व है,
‪मैं चुनाव उसके खिलाफ लडूँगा।

662
00:40:22,583 --> 00:40:25,250
‪और जब मैं भी इतना वर्चस्व वाला हो जाऊँगा

663
00:40:25,333 --> 00:40:26,375
‪तो यह सब मुझसे डरेंगे।

664
00:40:30,500 --> 00:40:33,041
‪[कोलंदर] मेरे साले प्रधानी चुनाव जीते,

665
00:40:33,125 --> 00:40:36,208
‪मेरी पत्नी जिला पंचायत सदस्य चुनाव जीती,

666
00:40:36,291 --> 00:40:39,250
‪मेरा एक भतीजा ग्राम सदस्य चुनाव जीता,

667
00:40:39,333 --> 00:40:42,833
‪ममेरी साली बीडीसी जीती, ब्लॉक में।

668
00:40:42,916 --> 00:40:45,791
‪मेरी एमएलए की तैयारी थी सन 2001 की।

669
00:40:45,875 --> 00:40:48,041
‪तो नेताओं में खलबली मच गई।

670
00:40:48,125 --> 00:40:51,791
‪तो इसलिए इन लोगों ने
‪षडयंत्र करके मुझे यहाँ भेजे।

671
00:40:54,250 --> 00:40:56,916
‪राजनीति में नहीं आते
‪तो यह सब कुछ नहीं होता।

672
00:40:57,000 --> 00:40:57,833
‪समझे ना?

673
00:41:00,750 --> 00:41:04,000
‪कोलंदर जिस क्षेत्र का
‪रहनेवाला था, शंकरगढ़ क्षेत्र,

674
00:41:04,083 --> 00:41:05,583
‪वो कोल बहुल्य क्षेत्र है।

675
00:41:05,666 --> 00:41:08,958
‪और वह कोलों में अपना
‪प्रभुत्व बनाए रखना चाहता था।

676
00:41:09,041 --> 00:41:13,583
‪ताकि उसे सम्मान मिले,
‪उसे एक राजनीतिक मुकाम मिले,

677
00:41:13,666 --> 00:41:16,875
‪ताकि वो और मजबूत बनकर उभरे,
‪सत्ता में बैठे, राजा बन जाए।

678
00:41:16,958 --> 00:41:19,291
‪इस तरह की धारणा लेकर चल रहा था।

679
00:41:24,000 --> 00:41:27,208
‪वो अपने को वही जो राजाओं की परंपरा है

680
00:41:27,291 --> 00:41:28,791
‪उससे अपने को जोड़ता था।

681
00:41:34,083 --> 00:41:36,375
‪इसीलिए उसने राजा शब्द अपने नाम में लिखा था

682
00:41:36,458 --> 00:41:37,875
‪उसने डायरी में राजा की डायरी लिखा।

683
00:41:41,875 --> 00:41:44,750
‪उसे लगता था कि हत्या करके
‪उसने न्याय किया है।

684
00:41:44,833 --> 00:41:46,125
‪एक राजा वाला व्यवहार किया है।

685
00:41:49,500 --> 00:41:51,500
‪इसीलिए वह खुद न्याय करता था

686
00:41:51,583 --> 00:41:52,708
‪खुद फैसला कर देता था।

687
00:41:55,708 --> 00:41:57,458
‪इसीलिए वह अपने को राजा कोलंदर कहता था।

688
00:41:57,541 --> 00:42:00,000
‪क्योंकि राजा मांदा, राजा शंकरगढ़,

689
00:42:00,083 --> 00:42:01,125
‪तो राजा कोलंदर।

690
00:44:46,833 --> 00:44:51,833
‪संवाद अनुवादक: अनुराधा पिल्लई

