1
00:00:08,208 --> 00:00:09,916
‪[एंकर 1] इस बार हम जुर्म में देखेंगे,

2
00:00:10,000 --> 00:00:12,000
‪डायरी के पन्नों पर मौत लिखने वाले

3
00:00:12,083 --> 00:00:14,583
‪एक आदमखोर की थर्रा देने वाली दास्तान।

4
00:00:14,666 --> 00:00:15,666
‪[गोली की आवाज़]

5
00:00:15,750 --> 00:00:19,375
‪जब उसने डायरी के इन पन्नों को
‪एक-एक कर पलटना शुरू किया,

6
00:00:19,458 --> 00:00:22,291
‪तो हर पन्ने के साथ एक लाश गिरती गई।

7
00:00:22,375 --> 00:00:24,000
{\an8}‪इस आदमखोर का नाम है

8
00:00:24,083 --> 00:00:25,041
{\an8}‪राजा कोलंदर।

9
00:00:25,125 --> 00:00:28,000
{\an8}‪[एंकर 2] राजा कोलंदर के
‪गुनाहों का पर्दाफ़ाश

10
00:00:30,541 --> 00:00:32,208
‪[पत्रकार] राजा कोलंदर कौन है, मालूम है?

11
00:00:33,791 --> 00:00:35,333
‪हमारे पिता का हत्यारा है।

12
00:00:35,416 --> 00:00:36,750
‪[रहस्यमयी संगीत]

13
00:00:36,833 --> 00:00:38,625
‪चूँकि पत्रकार का मर्डर था,

14
00:00:38,708 --> 00:00:42,125
‪और ये बहुत जघन्य कृत्य था,

15
00:00:42,208 --> 00:00:44,416
‪उससे पूरा पत्रकार समाज आंदोलित था।

16
00:00:48,583 --> 00:00:50,250
‪तो यह हुआ कि यह सब पत्रकारों की देन है

17
00:00:50,333 --> 00:00:52,166
‪पत्रकारों की वजह से मैं फंसा हूँ।

18
00:00:54,416 --> 00:00:57,250
‪कुछ पत्रकार लोगों ने पूछा
‪कि ये तुमने क्यों किया, भैया।

19
00:00:57,333 --> 00:00:59,625
‪तो बोला, लौटकर आकर
‪तुम्हें इसका जवाब दूँगा।

20
00:01:00,875 --> 00:01:02,416
‪[रहस्यमय संगीत जारी]

21
00:01:02,500 --> 00:01:05,291
‪उसका कहना था
‪कि हमारा मीडिया ट्रायल हुआ है।

22
00:01:09,375 --> 00:01:11,500
‪वो अपनी गलती को गलती नहीं मान रहा था।

23
00:01:14,958 --> 00:01:18,208
‪अरे भाई, उसके साथ में कितने ज़िंदा
‪भी हैं, यह भी तो आप लोग दिखाइए।

24
00:01:18,291 --> 00:01:20,291
‪आप ही लोगों का तो खुलासा किया हुआ है?

25
00:01:24,458 --> 00:01:27,791
‪भाई, पुलिस सपोर्ट कर रही है,
‪पत्रकार उसको उजागर कर रहे हैं।

26
00:01:33,000 --> 00:01:34,791
‪जब तक इसको ठीक से सज़ा नहीं मिलेगी

27
00:01:34,875 --> 00:01:36,750
‪तब तक धीरेंद्र को न्याय नहीं मिलेगा।

28
00:01:36,833 --> 00:01:39,416
‪ऐसे नृशंस हत्यारे को जीने का
‪अधिकार नहीं है।

29
00:01:39,500 --> 00:01:42,541
‪जब तक राजा कोलंदर को फांसी नहीं मिल
‪जाती, तब तक हमें न्याय नहीं मिलेगा।

30
00:01:42,625 --> 00:01:46,875
‪भाई मीडिया घेर रही थी, तो क्या किसी को
‪कलंकित कर दोगे, फांसी लगा दोगे।

31
00:01:50,833 --> 00:01:53,000
‪NETFLIX डॉक्यूमेंटरी सीरीज़

32
00:01:59,291 --> 00:02:00,916
‪[रहस्यमय संगीत जारी]

33
00:02:24,375 --> 00:02:27,500
‪[राम निरंजन] मैं सुबह
‪साढ़े तीन बजे तक उठ जाता हूँ।

34
00:02:29,125 --> 00:02:32,958
‪उसके बाद अपना अध्ययन, सांसों के माध्यम से
‪हमारा अध्ययन चलता रहता है।

35
00:02:33,041 --> 00:02:34,916
‪जैसे श्वास लेने छोड़ने के साथ।

36
00:02:35,000 --> 00:02:38,791
‪पंद्रह मिनट में फिर कैदियों की
‪गिनती होती है।

37
00:02:38,875 --> 00:02:40,625
‪फिर हम अपना रामायण पढ़ते हैं।

38
00:02:40,708 --> 00:02:43,625
‪बस रामायण या भगवद गीता,
‪मैं बस यही पढ़ता हूँ।

39
00:02:45,333 --> 00:02:50,625
‪राम निरंजन 2019 से
‪उन्नाव ज़िला कारागार में है

40
00:02:51,208 --> 00:02:55,333
‪मैं सन 1993 बैच का
‪प्रांतीय सेवा अधिकारी हूँ।

41
00:02:55,416 --> 00:02:59,500
‪और मेरी सीधी भर्ती जेल अधीक्षक
‪पद पर ही हुई थी।

42
00:02:59,583 --> 00:03:02,958
‪मैं जब लखनऊ जेल स्थानांतरित होकर आया तो

43
00:03:03,041 --> 00:03:04,791
‪[पांडे] वहाँ की हाई सिक्युरिटी जेल है

44
00:03:04,875 --> 00:03:06,333
‪तो वहाँ मेरी तैनाती की गई थी।

45
00:03:06,416 --> 00:03:09,458
‪और राजा कोलंदर भी वहाँ
‪ मेरे आने के पहले से ही

46
00:03:09,541 --> 00:03:11,625
‪हाई सिक्युरिटी जेल की एक कोठरी में

47
00:03:11,708 --> 00:03:13,333
‪बंद हुआ करता था।

48
00:03:16,375 --> 00:03:22,250
‪राम निरंजन 2016 से 2019 तक
‪ज़िला कारागार, लखनऊ में था

49
00:03:22,833 --> 00:03:24,791
‪मेरा नाम शैलेश कुमार गुप्ता है।

50
00:03:24,875 --> 00:03:26,916
‪[अंग्रेज़ी में] सन 2008 में,

51
00:03:27,000 --> 00:03:30,041
‪मैं एक विचाराधीन कैदी था

52
00:03:30,125 --> 00:03:31,500
‪नैनी सेंट्रल जेल में।

53
00:03:32,000 --> 00:03:34,666
‪वहाँ पर राजा कोलंदर के बारे में
‪मैंने सुना।

54
00:03:37,916 --> 00:03:41,666
‪राम निरंजन सन 2000 से 2016 तक
‪नैनी सेंट्रल जेल में था

55
00:03:41,750 --> 00:03:44,416
‪[शैलेश] लोग जो साथ में कैद में थे,

56
00:03:44,500 --> 00:03:48,458
‪वो बोले कि वो राजा कोलंदर है,
‪ आदमी को मारकर खा जाता है।

57
00:03:49,250 --> 00:03:52,166
‪तो देखकर के थोड़ा सा अजीब भी लगता
‪और डर भी लगता था।

58
00:03:53,000 --> 00:03:55,666
‪लेकिन राजा कोलंदर हमेशा अलग रहता था।

59
00:04:00,708 --> 00:04:04,291
‪जब भी उसे देखा गया,
‪या तो पूजा-पाठ करते हुए देखा

60
00:04:04,375 --> 00:04:07,250
‪या कानून से संबंधित
‪किताबें पढ़ते हुए देखा।

61
00:04:07,333 --> 00:04:11,333
‪चूँकि उसे अपने अधिकारों की जानकारी थी,
‪कानून की भी जानकारी थी,

62
00:04:11,416 --> 00:04:13,541
‪और उसको मालूम था कि

63
00:04:13,625 --> 00:04:16,833
‪जेल में भूख हड़ताल करने से
‪थोड़ा अधिकारी परेशान होते हैं।

64
00:04:16,916 --> 00:04:18,875
‪और बात ऊपर और बाहर जाती है।

65
00:04:18,958 --> 00:04:22,750
‪तो इन सब चीज़ों को, जेल अधिकारियों
‪का अक्सर कमज़ोर बिंदु समझा जाता है,

66
00:04:22,833 --> 00:04:26,125
‪कि मैं भूख हड़ताल पर बैठ जाऊँगा,
‪तो इसे भुनाता था वो।

67
00:04:30,708 --> 00:04:34,625
‪कभी मुझको ऐसा लगा नहीं
‪कि यह राजा कोलंदर है जिसके ऊपर 14-15

68
00:04:34,708 --> 00:04:38,250
‪तीन सौ दो के केसेस, नृशंस अपराध
‪के केस चल रहे हैं।

69
00:04:38,333 --> 00:04:40,833
‪कभी इस बात का एहसास नहीं हुआ
‪उसके बर्ताव से।

70
00:04:40,916 --> 00:04:45,125
‪किसी बंदे को कोई समस्या है कोर्ट
‪के बारे में, लिखा पढ़ी करनी है

71
00:04:45,208 --> 00:04:47,833
‪तो हमेशा वह कागज़-पेन लेकर
‪उनका आवेदन लिखता।

72
00:04:48,416 --> 00:04:51,416
‪जेल प्रबंधन के सामने
‪किसी को कोई बात रखनी है

73
00:04:51,500 --> 00:04:54,833
‪बंदी पढ़े-लिखे नहीं होते हैं, तो उनकी
‪मदद करने की कोशिश करता था।

74
00:04:56,916 --> 00:04:58,458
‪मैंने राक्षस को नहीं देखा

75
00:04:59,750 --> 00:05:01,416
‪जैसा मैंने उनके बारे में सुना था।

76
00:05:02,000 --> 00:05:05,833
‪मैंने हमेशा एक ऐसे आदमी को देखा
‪जो दूसरों की मदद करना चाहता है

77
00:05:05,916 --> 00:05:07,958
‪जबकि उसके पास संसाधन नहीं हैं।

78
00:05:11,416 --> 00:05:14,166
‪[पांडे] लखनऊ जेल में कट्टरपंथ,
‪एक बड़ा मुद्दा था।

79
00:05:14,250 --> 00:05:17,875
‪काफ़ी पाकिस्तानी बंदी और आतंकवादी
‪गतिविधि में जो शामिल

80
00:05:17,958 --> 00:05:20,708
‪बंदी थे वो उसी हाई
‪सिक्युरिटी जेल में रहा करते थे।

81
00:05:21,583 --> 00:05:23,875
‪[पांडे] कुछ ऐसी सूचना थी
‪कि एक हिंदू बंदी था

82
00:05:23,958 --> 00:05:27,083
‪तो जैसा हमने देखा
‪वो पाकिस्तानी बंदियों के साथ

83
00:05:27,833 --> 00:05:32,458
‪उठता-बैठता है ज़्यादा, तो मुझे लगा कि
‪यह कट्टरपंथ का एक केस बन सकता है।

84
00:05:32,541 --> 00:05:37,583
‪तो हम लोगों ने सोचा कि यह चूँकि
‪बहुत पूजा-पाठ करने वाला आदमी है,

85
00:05:37,666 --> 00:05:40,833
‪मतलब एक आध्यात्म की धारणा में
‪उसका बहुत गहरा विश्वास है।

86
00:05:40,916 --> 00:05:45,916
‪तो उसको रोकने के लिए, हम लोगों को
‪इंटेलिजेंस इनपुट मिले

87
00:05:46,541 --> 00:05:48,583
‪तो उसका इस्तेमाल हम लोगों ने किया था।

88
00:05:48,666 --> 00:05:52,625
‪हर चीज़ मैंने बताई। मैंने कहा, सर
‪ये मटन के नाम से मुर्गा भिजवाते हैं।

89
00:05:52,708 --> 00:05:55,958
‪लोडिंग बीड़ी भिजवाते हैं
‪आतंकवादियों को, कैसे।

90
00:05:56,041 --> 00:05:59,666
‪हम कहे ये हिंदुस्तान है,
‪तुम क्या इसे पाकिस्तान बना दोगे।

91
00:05:59,750 --> 00:06:02,041
‪एक शेख ने कहा कि

92
00:06:02,125 --> 00:06:03,625
‪दिल्ली तक गूजेंगे। तो हमने कहा

93
00:06:03,708 --> 00:06:06,083
‪पहले लखनऊ गूँजा लो समझ में आ जाएगा।

94
00:06:06,166 --> 00:06:09,500
‪हमने कहा कि गाय हमारी माता है,
‪साला गाय को खाता है, कैसे हो जाएगा।

95
00:06:09,583 --> 00:06:11,875
‪तो आतंकवादी है,
‪अपना हिंदुस्तानी तो नहीं है।

96
00:06:11,958 --> 00:06:14,541
‪अपनी हिंदुस्तानी भाई होकर
‪वहाँ पाकिस्तान की मदद कर रहे हो।

97
00:06:17,583 --> 00:06:20,375
‪[पांडे] तो मुझे लगा आखिर में जब
‪हम निकल के आए कि

98
00:06:20,958 --> 00:06:23,458
‪उसने हम लोगों से ज़्यादा सुविधा ले ली

99
00:06:23,541 --> 00:06:27,250
‪लेकिन जो जानकारी उसने मुझे दी
‪वो बहुत सामान्य किस्म की थी।

100
00:06:27,333 --> 00:06:30,958
‪बल्कि वो जानकारी मुझे दूसरे लोगों ने भी
‪दिया। तो बाद में लगा, हाँ

101
00:06:31,041 --> 00:06:33,500
‪यह एक तरह से डबल क्रॉस जैसा कर रहा था।

102
00:06:35,333 --> 00:06:40,916
‪[अंग्रेज़ी में] वे खुद को कानून से
‪ज़्यादा चालाक मानते हैं।

103
00:06:41,000 --> 00:06:44,291
‪उनके पास अक्सर ज्ञान का एक अच्छा,
‪विशाल भंडार होता है

104
00:06:44,375 --> 00:06:46,791
‪पुलिस के बारे में,
‪आपराधिक न्याय प्रणाली के बारे में।

105
00:06:46,875 --> 00:06:50,000
‪वे आपको एक श्रेणी में रखकर
‪आपसे हेरफेर करने की कोशिश करते हैं।

106
00:06:50,750 --> 00:06:54,750
‪हाँ? और उन्हें लगता है वे इसे बहुत
‪तेज़ी से, बहुत जल्दी कर सकते हैं,

107
00:06:54,833 --> 00:06:56,208
‪और वे तुमसे ज़्यादा चालाक हैं।

108
00:06:56,791 --> 00:06:58,916
‪अब ये लोग, जीनियस लोग क्या समझेंगे।

109
00:06:59,000 --> 00:07:01,375
‪वो तो अपने अहंकार में रहते हैं।

110
00:07:01,458 --> 00:07:03,250
‪[इंटरव्यूअर] जीनियस तो आप भी हैं लेकिन?

111
00:07:03,333 --> 00:07:06,583
‪मान लीजिए सौ में से दस समझ रहे हैं,
‪तो न के बराबर।

112
00:07:06,666 --> 00:07:10,375
‪अब जैसे आपसे संवाद हुआ, तो आप समझ लेंगे,

113
00:07:10,458 --> 00:07:12,916
‪अब सौ लोगों में दस से ही तो
‪संवाद हो पाएगा।

114
00:07:13,000 --> 00:07:15,708
‪और जो एक बार संवाद हो गया
‪तो वह अच्छे ढंग से समझ जाएगा।

115
00:07:15,791 --> 00:07:19,500
‪और जो नहीं समझेगा वो तो कहेगा
‪अरे, खोपड़ा खाने वाला, यार, यही है।

116
00:07:19,583 --> 00:07:22,000
‪एक यहाँ डिप्टी आए थे शुरू में।

117
00:07:22,083 --> 00:07:24,083
‪पहले झटका उनका मुझी से हो गया।

118
00:07:24,166 --> 00:07:25,958
‪यार, तुम तो खून-वून पी लेते थे।

119
00:07:26,041 --> 00:07:28,583
‪हमने कहा आप क्या साथ में थे
‪वहाँ देखने के लिए।

120
00:07:28,666 --> 00:07:29,833
‪तो उनको बुरा लगा।

121
00:07:29,916 --> 00:07:31,708
‪तो जब परेड़ हुई,

122
00:07:32,750 --> 00:07:35,333
‪वह मोबाईल लेकर गया,
‪अपना फ़ोन मिला रहा था बाहर।

123
00:07:35,416 --> 00:07:38,750
‪मैंने उससे यही पूछा, कहा आप हैं क्या, सर।

124
00:07:39,416 --> 00:07:40,625
‪उसने कहा मैं भी बंदी हूँ।

125
00:07:41,416 --> 00:07:45,666
‪हमने पकड़कर एक दिया, बंदी हो तो
‪जेल में मोबाइल से फ़ोन लगाओगे।

126
00:07:45,750 --> 00:07:47,000
‪वो चला गया।

127
00:07:47,083 --> 00:07:49,750
‪अब बेइज़्ज़ती तो उसकी हो गई।

128
00:07:49,833 --> 00:07:52,083
‪क्यों बताया मुझे कि मैं बंदी हूँ?
‪बंदी को तो इज़ाजत है नहीं।

129
00:07:52,750 --> 00:07:54,791
‪हम कहे इसको बताना था। मैं डिप्टी हूँ।

130
00:07:54,875 --> 00:07:56,291
‪भाई सिविल कपड़ों में आया है।

131
00:07:56,375 --> 00:07:58,833
‪गलत बताओगे? तब से वो हमें दिखा ही नहीं।

132
00:07:58,916 --> 00:08:00,000
‪ट्रांसफ़र करवा लिया।

133
00:08:00,625 --> 00:08:01,833
‪[रहस्यमय संगीत]

134
00:08:01,916 --> 00:08:05,416
‪[शैलेश] सन 2008 से लेकर 2014-15 तक

135
00:08:05,500 --> 00:08:08,875
‪वह लगातार एकांत कारावास में ही थे।

136
00:08:08,958 --> 00:08:10,541
‪सेल में ही रहते थे वो।

137
00:08:10,625 --> 00:08:15,000
‪तो वहाँ पर यह अफ़वाह थी कि राजा कोलंदर
‪को अलग इसलिए रखा जाता है कि

138
00:08:15,083 --> 00:08:19,083
‪आम बंदे के साथ रखेंगे तो उसको भी खा जाएगा।

139
00:08:25,708 --> 00:08:27,833
‪[राम निरंजन] मैं नैनी में सोलह साल तक था।

140
00:08:28,416 --> 00:08:30,333
‪तो वहाँ जो अधीक्षक थे,
‪बताया था ना श्रीवास्तव थे,

141
00:08:30,416 --> 00:08:32,166
‪अब श्रीवास्तव तो घटना थी।

142
00:08:32,250 --> 00:08:34,416
‪तो उनका भी ध्येय था कि इसको भीड़ में रखो

143
00:08:34,500 --> 00:08:37,000
‪कुछ अगर उद्दंडता की तो इसको पिटवाएंगे।

144
00:08:37,083 --> 00:08:39,125
‪हमने कहा चलो कोई बात नहीं।

145
00:08:39,208 --> 00:08:42,333
‪तो मैं दो साल तक पब्लिक में रहा।

146
00:08:42,416 --> 00:08:46,333
‪तो शिकायत ही नहीं कोई भाई।
‪हर आदमी हमसे आकर्षित होते गए।

147
00:08:46,416 --> 00:08:49,000
‪अब जैसे, कोई गरीब है,

148
00:08:49,083 --> 00:08:51,166
‪देखा, कहा भैया कोई नहीं है।

149
00:08:51,250 --> 00:08:54,666
‪फिर मैंने उसकी अपील बनाई,
‪हाईकोर्ट में अपील की

150
00:08:54,750 --> 00:08:56,625
‪फिर उसकी मैंने जमानत करवाई।

151
00:08:57,416 --> 00:09:02,083
‪तो अब सोचिए मुफ़्त में हुआ ना, जब एक-दो
‪ऐसे केस हुए तो काफ़ी चर्चित हो गए।

152
00:09:02,166 --> 00:09:05,625
‪अब हर आदमी आ जाता मदद के लिए।
‪तो मेरे अध्ययन में दिक्कत आने लगी।

153
00:09:05,708 --> 00:09:09,083
‪तो फिर एक याजवेंद्र शुक्ला आए।

154
00:09:09,666 --> 00:09:14,333
‪तो मैंने उन्हें बताया कि सर,
‪मुझे यहाँ तपस्या में दिक्कत होती है।

155
00:09:14,416 --> 00:09:17,875
‪अगर आप चाहें तो हमें एकांत में
‪रख दीजिए, किसी जगह।

156
00:09:17,958 --> 00:09:20,583
‪वो बोला, ऐसा है कि आप एक आवेदन दीजिए

157
00:09:20,666 --> 00:09:24,166
‪स्वेच्छा से मैं रह रहा हूँ, ऐसे नहीं रख
‪सकता, आप इतने अच्छे, सुलझे हुए हैं।

158
00:09:24,250 --> 00:09:26,708
‪तो वहाँ एकांत मे जो दिमागी तौर पर
‪असंतुलित होते हैं उन्हें

159
00:09:26,791 --> 00:09:28,416
‪रखते हैं या जो उद्दंडी होता है
‪उनको रखते हैं।

160
00:09:28,500 --> 00:09:30,708
‪तो, मैंने आवेदन में लिखा
‪कि अपनी स्वेच्छा से, क्योंकि

161
00:09:30,791 --> 00:09:32,750
‪उनको भी दिखाना है,
‪तो मैंने स्वेच्छा से लिख दिया।

162
00:09:32,833 --> 00:09:35,166
‪तो उन्होंने मुझे अलग कमरा दे दिया।

163
00:09:37,333 --> 00:09:39,416
‪[रहस्यमय संगीत]

164
00:09:45,291 --> 00:09:47,041
‪[रहस्यमय संगीत जारी है]

165
00:09:50,708 --> 00:09:55,416
‪[रजत अंग्रेज़ी में] अन्य लोगों की उपस्थिति
‪उसके लिए बहुत परेशान करने वाली होगी।

166
00:09:55,500 --> 00:09:59,750
‪वे एक संरचित और व्यवस्थित
‪वातावरण चाहते हैं

167
00:09:59,833 --> 00:10:03,291
‪यह महसूस करने के लिए
‪कि वे स्वयं के नियंत्रण में हैं।

168
00:10:03,375 --> 00:10:06,208
‪तो उदाहरण के लिए, उसके जैसा व्यक्ति,

169
00:10:06,291 --> 00:10:08,750
‪जो भ्रम और मतिभ्रम में है,

170
00:10:08,833 --> 00:10:12,125
‪उसके आस-पास के अन्य लोग
‪बताते करेंगे कि क्या हो रहा है।

171
00:10:12,208 --> 00:10:16,833
‪वे उसे बताएंगे कि उसके साथ कुछ गड़बड़ है।

172
00:10:16,916 --> 00:10:19,916
‪लेकिन वह यह सुनना नहीं चाहता
‪कि उसके साथ कुछ गड़बड़ है।

173
00:10:20,000 --> 00:10:23,291
‪जितना ज़्यादा वह अकेला रहता है,
‪उतना ही वह अपना राजा बन सकता है।

174
00:10:26,458 --> 00:10:27,958
‪-[बहुत से लोग] धर्म की…
‪-जय हो!

175
00:10:28,041 --> 00:10:29,500
‪-अधर्म का…
‪-विनाश हो!

176
00:10:29,583 --> 00:10:31,125
‪-सत्य की…
‪-विजय हो!

177
00:10:31,208 --> 00:10:34,250
‪-सत्य की…
‪-विजय हो!

178
00:10:34,333 --> 00:10:36,375
‪तो मैं जब जेल के अंदर गया,

179
00:10:36,958 --> 00:10:41,666
‪तो मेरा एक लक्ष्य था कि जेल के
‪जितने बड़े-बड़े अपराधी हैं,

180
00:10:41,750 --> 00:10:42,583
‪कमल मिश्रा
‪ साथी बंदी

181
00:10:42,666 --> 00:10:45,208
‪उनको भी भगवान का संदेश दूँ।

182
00:10:45,291 --> 00:10:47,750
‪तो उसी क्रम में जो है, मुझे

183
00:10:48,666 --> 00:10:52,208
‪लोगों ने बताया कि एक राजा कोलंदर है

184
00:10:52,875 --> 00:10:55,041
‪तो… बहुत बड़े आपराधिक

185
00:10:55,666 --> 00:10:56,750
‪केस में

186
00:10:57,708 --> 00:10:58,916
‪कोठरी में बंद हैं।

187
00:11:00,000 --> 00:11:03,833
‪[कमल] तो उनको मैंने अपना संदेश दिया।

188
00:11:04,666 --> 00:11:06,458
‪फिर उन्होंने कुछ प्रश्न

189
00:11:06,541 --> 00:11:11,291
‪कुछ शंका, कुछ धार्मिक शंकाओं को मेरे पास
‪पत्र के माध्यम से भेजना शुरू किया।

190
00:11:13,125 --> 00:11:17,958
‪[कमल] तो मैंने एक-एक शंका का समाधान, उनके
‪प्रश्न का उत्तर दिया, तो वो प्रभावित हुए।

191
00:11:18,041 --> 00:11:20,583
‪ये समझ लीजिए कि पूरी तरह से

192
00:11:20,666 --> 00:11:24,500
‪वो मेरे महाराज जी प्रभु सदानंद
‪जी के भक्त बन गए।

193
00:11:25,125 --> 00:11:28,250
‪और इनके एक प्रभु सदानंद जी थे

194
00:11:28,333 --> 00:11:33,708
‪इनके गुरू थे, हमेशा जय सदानंद प्रभु
‪का जाप करते रहते थे। हमने कहा ठीक है, भई।

195
00:11:33,791 --> 00:11:38,208
‪अगर हम और अपनी टिप्पणी बताएंगे,
‪तो उनकी तो इच्छा होगी नहीं मानने की।

196
00:11:38,291 --> 00:11:41,041
‪तो जब मैं समझदार हूँ,
‪तो उनके भाव में मैं चलूँगा।

197
00:11:41,708 --> 00:11:43,125
‪तभी तो होगा प्रेम।

198
00:11:43,208 --> 00:11:46,458
‪भई, कैसे प्रेम होगा, अगर हम
‪ विरोध करेंगे तो प्रेम कहाँ होगा।

199
00:11:49,250 --> 00:11:51,500
‪उन्होंने एक पत्र मुझे यह भी लिखा था।

200
00:11:53,000 --> 00:11:55,833
‪मैं किस भी कारण से जेल आया, मगर मेरी

201
00:11:55,916 --> 00:11:58,125
‪जेल यात्रा बड़ी सुखद रही क्योंकि मुझे

202
00:11:58,208 --> 00:12:01,125
‪भगवान मिल गए और वचन दिया

203
00:12:01,208 --> 00:12:03,541
‪कि मैं जिस दिन जेल से निकलूँगा

204
00:12:03,625 --> 00:12:05,916
‪मेरा पूरा शेष जीवन आपके

205
00:12:06,000 --> 00:12:09,416
‪आश्रम के प्रति, धर्म, धर्मात्मा,
‪धरती की रक्षा के प्रति,

206
00:12:09,500 --> 00:12:13,958
‪प्रभु सदानंद जी के प्रति मेरा जीवन
‪समर्पित रहेगा, उन्होंने मुझे वचन भी दिया।

207
00:12:17,583 --> 00:12:21,125
‪[पांडे] बहुत अधिकता उसकी थी
‪पूजा-पाठ की। मतलब एक

208
00:12:21,208 --> 00:12:23,750
‪असामान्य स्थिति कह सकते हैं उसको।

209
00:12:23,833 --> 00:12:26,583
‪छह से सात घंटे, आठ घंटे पूजा करना।

210
00:12:26,666 --> 00:12:30,375
‪और ज़्यादातर मंत्र जाप जो करते हैं
‪जैसे माला ले करके।

211
00:12:30,458 --> 00:12:34,791
‪उसके मन में था कि एक मंत्र को हज़ार बार,
‪लाख बार उच्चारित करेंगे तो कुछ

212
00:12:34,875 --> 00:12:36,458
‪मनवांछित फल मिलेगा।

213
00:12:36,541 --> 00:12:41,000
‪कुछ तांत्रिक टाइप उसके मन में
‪विश्वास था, ऐसा लगता था।

214
00:12:41,083 --> 00:12:46,708
‪वो कहते थे कि मैं सिद्धि, जैसे बगुलादेवी
‪हैं, तो ये सिद्धिदात्री मानी ही जाती हैं।

215
00:12:46,791 --> 00:12:49,125
‪बोलते थे कि मैं बगुलादेवी की
‪अराधना करना चाहता हूँ,

216
00:12:49,208 --> 00:12:51,083
‪मैं सिद्धि प्राप्त करना चाहता हूँ।

217
00:12:54,375 --> 00:12:58,375
‪[हंसराज] जो बगुलादेवी आप बोलते हैं,
‪उनको हम लोग वनदेवी कहते हैं।

218
00:12:59,000 --> 00:13:01,250
‪वनदेवी को जो ये लोग चाहते हैं,

219
00:13:02,166 --> 00:13:03,958
‪पूजा करते हैं, तो इनको बलि दी जाती है।

220
00:13:04,625 --> 00:13:07,958
‪पहले सूअर की बलि देते थे,
‪बकरे की बलि देते थे,

221
00:13:08,041 --> 00:13:09,791
‪अब तो मुर्गे की भी बलि देते हैं।

222
00:13:13,583 --> 00:13:17,916
‪[शैलेश] बीच में एक बार तो ऐसा हुआ
‪कि किसी तरह से वो कोठरी में

223
00:13:18,000 --> 00:13:19,791
‪हवन वगैरह करने के लिए

224
00:13:20,666 --> 00:13:22,166
‪उसने इंतज़ाम किया था।

225
00:13:22,250 --> 00:13:26,125
‪लेकिन रात के समय कोठरी में
‪धुंआ निकलेगा तो सायरन बज जाएगा।

226
00:13:27,208 --> 00:13:29,416
‪[सायरन की आवाज़]

227
00:13:41,875 --> 00:13:45,125
‪उसमें भी बड़ी समस्या हुई थी, सब लोग
‪आ गए कि यह कहाँ से आया, कैसे।

228
00:13:45,208 --> 00:13:47,291
‪कहा, मैं हवन कर रहा था, मैं सिद्धि

229
00:13:48,583 --> 00:13:49,875
‪करना चाहता हूँ।

230
00:13:49,958 --> 00:13:52,250
‪[रहस्यमयीसंगीत]

231
00:13:54,875 --> 00:13:58,416
‪अगर वो बगुलामुखी की पूजा करता था,

232
00:13:58,500 --> 00:13:59,958
‪रात में,

233
00:14:00,041 --> 00:14:03,708
‪इसका मतलब वह तांत्रिक शक्ति
‪प्राप्त करना चाहता था।

234
00:14:03,791 --> 00:14:05,875
‪क्योंकि बगुलामुखी तांत्रिकों की देवी हैं,

235
00:14:06,458 --> 00:14:09,875
‪इसको तांत्रिक प्रक्रियाओं के द्वारा
‪शक्ति प्राप्त करने के लिए,

236
00:14:09,958 --> 00:14:13,291
‪शक्ति प्राप्त करने के यंत्र के
‪ रूप में देखा जाना चाहिए।

237
00:14:15,083 --> 00:14:17,583
‪[रहस्यमयी संगीत]

238
00:14:17,666 --> 00:14:20,125
‪भगवान हृदय में हैं आपके। ठीक है।

239
00:14:20,208 --> 00:14:25,250
‪जब ये उसमें आ जाएंगे, तो आप स्वयं
‪बोलेंगे कि यह ऐसे होना चाहिए। ठीक है।

240
00:14:25,333 --> 00:14:28,208
‪लोगों को देखने में आध्यात्मिक
‪लोग ऐसे लगते हैं

241
00:14:28,291 --> 00:14:30,000
‪पागल लगता है लेकिन

242
00:14:30,083 --> 00:14:31,875
‪असल में मेंटल से निर्मुक्त है।

243
00:14:31,958 --> 00:14:33,416
‪अगर ईश्वर से बातचीत करने लगेगा,

244
00:14:33,500 --> 00:14:37,083
‪लोग कहेंगे, यार, ये तो पागल है। है ना?

245
00:14:37,166 --> 00:14:39,875
‪लेकिन केवल उस व्यक्ति को दिखाई पड़ रहा है।

246
00:14:40,375 --> 00:14:41,916
‪[इंटव्यूअर] तो, आप
‪भगवान से बात कर लेते हैं?

247
00:14:42,000 --> 00:14:45,083
‪बस हो गया, अब इतना सब मत पूछिए।

248
00:14:45,166 --> 00:14:48,416
‪ये हमारी अपनी गोपनीय बात है।

249
00:14:48,500 --> 00:14:53,166
‪कि किसी का कुछ भला करना है, शांतिपूर्वक
‪करते रहो, निमित्त मात्र तुम रहो बस।

250
00:14:53,916 --> 00:14:55,500
‪बाकी तो भगवान है कर्ता-धर्ता।

251
00:14:57,875 --> 00:15:01,333
‪[अंग्रेज़ी में] बहुत अधिक संभावना थी
‪कि वह भ्रम में था,

252
00:15:01,416 --> 00:15:04,708
‪और वह कई बार मतिभ्रम में भी रहा हो

253
00:15:04,791 --> 00:15:07,500
‪जिसमें आवाज़ों ने उसे मारने का आदेश दिया।

254
00:15:07,583 --> 00:15:11,375
‪मेरे अंदर किसी को भी मारने के खिलाफ़
‪स्वाभाविक प्रतिरोध है, और आपके पास भी है।

255
00:15:11,458 --> 00:15:14,958
‪लेकिन इन लोगों में, जब वह टूट जाता है,
‪तो उनके पास यह नहीं होता है।

256
00:15:15,041 --> 00:15:19,333
‪आपको अपनी इच्छा, अपनी व्यक्तिगत
‪ज़िम्मेदारी का त्याग करना होगा,

257
00:15:19,416 --> 00:15:22,791
‪और इसे करने के लिए मतिभ्रम पैदा
‪करने से बेहतर तरीका क्या हो सकता है

258
00:15:22,875 --> 00:15:26,041
‪और कह दो कि आवाज़ों ने मुझे आगे बढ़कर
‪ऐसा करने के लिए कहा।

259
00:15:38,750 --> 00:15:41,875
‪राम निरंजन के अपराध के
‪इतिहास को अगर आप देखें,

260
00:15:42,666 --> 00:15:46,250
‪तो आपको लगता है
‪कि वह एक बड़ा दिलचस्प कैरेक्टर है,

261
00:15:46,333 --> 00:15:50,875
‪एक ऐसा कैरेक्टर है
‪ जो काल्पनिक दुनिया में रहता है।

262
00:15:51,666 --> 00:15:55,541
‪एक तरफ़ वास्तविकता से
‪वह बार-बार आहत होता है,

263
00:15:55,625 --> 00:15:57,333
‪जो समाज उसको मिला है।

264
00:15:57,416 --> 00:16:01,125
‪और एक तरफ़ काल्पनिक वास्तविकता
‪जिसको उसने खो दिया है,

265
00:16:01,208 --> 00:16:04,958
‪उसको वह वापस पाना चाहता है।

266
00:16:05,041 --> 00:16:08,833
‪तो इन दो टकरावों से और इन दो विरोधों से

267
00:16:08,916 --> 00:16:10,833
‪उसका व्यक्तित्व बनता है।

268
00:16:10,916 --> 00:16:13,291
‪[रोमांचक संगीत]

269
00:16:20,583 --> 00:16:23,250
‪देखिए, राजा कोलंदर शुरू से ही

270
00:16:23,333 --> 00:16:26,416
‪अपराध के ज़रिए राजनीति में
‪प्रवेश करना चाह रहा था।

271
00:16:27,000 --> 00:16:29,541
‪खुद को वह कोलों का राजा मानता था

272
00:16:29,625 --> 00:16:31,333
‪इसीलिए उसने डायरी में
‪राजा की डायरी लिखा था।

273
00:16:34,708 --> 00:16:39,541
‪[अंग्रेज़ी में] हाँ, उसके पास
‪एक वैकल्पिक वास्तविकता होगी

274
00:16:39,625 --> 00:16:41,916
‪उसके दिमाग के अंदर कि वह एक राजा है।

275
00:16:42,000 --> 00:16:43,916
‪[रजत अंग्रेज़ी में] वह अलग है।

276
00:16:44,000 --> 00:16:45,458
‪यह अपने आप में एक भ्रम है।

277
00:16:45,541 --> 00:16:47,416
‪[रोमांचक संगीत]

278
00:16:56,041 --> 00:16:59,250
‪कोल समाज में राजाओं का
‪बहुत महत्तव हुआ करता है।

279
00:16:59,333 --> 00:17:02,541
‪जिस तरह से आज की व्यवस्था है,

280
00:17:03,208 --> 00:17:05,791
‪उसी तरह से जो कोल समाज के राजा थे

281
00:17:05,875 --> 00:17:07,416
‪उनकी भी व्यवस्था थी।

282
00:17:08,291 --> 00:17:10,875
‪[हंसराज] उनके भी कानून-नियम
‪अपने तरीके से बनते थे।

283
00:17:10,958 --> 00:17:12,791
‪[रोमांचक संगीत]

284
00:17:12,875 --> 00:17:15,583
‪उसका नाम तो वास्तविक रूप से राम निरंजन था।

285
00:17:15,666 --> 00:17:17,791
‪लेकिन राजा कोलंदर यानि कोलों का राजा।

286
00:17:17,875 --> 00:17:20,041
‪[रहस्यमयी संगीत]

287
00:17:20,916 --> 00:17:23,875
‪[रजत अंग्रेज़ी में] यह बहुत ही
‪आध्यात्मिक किस्म का नाम है।

288
00:17:23,958 --> 00:17:25,416
‪राम निरंजन…

289
00:17:25,500 --> 00:17:27,541
‪यह नियंत्रण का प्रतीक नहीं है।

290
00:17:27,625 --> 00:17:31,208
‪और, उसके दिमाग में तो घूम रहा
‪होगा और वह कह रहा होगा,

291
00:17:31,291 --> 00:17:36,208
‪"राम निरंजन नाम किसी
‪नियंत्रण का प्रतीक नहीं है।"

292
00:17:36,291 --> 00:17:40,541
‪[अंग्रेज़ी में] मुझे वो शब्द या नाम
‪सोचने दो जो नियंत्रण को दर्शाते हैं।

293
00:17:40,625 --> 00:17:43,250
‪जो दूसरों पर नियंत्रण होना दर्शाता है।

294
00:17:46,333 --> 00:17:48,291
‪ये अक्सर जो है अपने घरों में

295
00:17:49,000 --> 00:17:51,625
‪राजा ही लिख देते हैं,
‪कि "राजा घर पर नहीं है।"

296
00:17:52,333 --> 00:17:55,958
‪जैसे लोग मिलना चाहें और जाएं तो
‪वहाँ लिख देते थे कि राजा घर पर नहीं है।

297
00:17:56,041 --> 00:17:57,958
‪[रहस्यमय संगीत]

298
00:17:59,583 --> 00:18:03,625
‪[अंग्रेज़ी में] तो उसे लगता है
‪कि ऐसा करने से उसने अपने

299
00:18:03,708 --> 00:18:07,708
‪ब्रह्मांड पर, अपने लोगों पर
‪अधिक नियंत्रण प्राप्त कर लिया है।

300
00:18:07,791 --> 00:18:11,750
‪उसकी जो दिमाग की बनावट थी
‪वो एक अलग किस्म की थी।

301
00:18:12,833 --> 00:18:15,333
‪वो खुद को राजा महसूस करता था।

302
00:18:15,916 --> 00:18:19,916
‪[बद्री नारायण] इसीलिए जब हत्याएं करता था
‪तो उन्हें एक सज़ा सुनाने जैसी बात थी।

303
00:18:20,000 --> 00:18:24,333
‪और उनके नाम दर्ज करता था। उसे लगता था
‪कि हत्या करके उसने एक न्याय किया है।

304
00:18:24,416 --> 00:18:28,708
‪एक राजा का व्यवहार किया है,
‪इसीलिए वह खुद न्याय करता था,

305
00:18:28,791 --> 00:18:30,125
‪खुद फ़ैसला कर देता था।

306
00:18:31,041 --> 00:18:32,708
‪[रहस्यमय संगीत]

307
00:18:34,083 --> 00:18:37,958
‪[अंग्रेज़ी में] जिस प्रकार राजा को
‪मौत की सज़ा देने का पूर्ण अधिकार होता है

308
00:18:38,041 --> 00:18:40,625
‪या अपनी प्रजा में से किसी की
‪जान ले सकता है।

309
00:18:40,708 --> 00:18:42,791
‪[रजत अंग्रेज़ी में] ये लोग, शायद उसके लिए,

310
00:18:42,875 --> 00:18:46,250
‪उसकी प्रजा बन गए जिनकी वह जान ले सकता था

311
00:18:46,333 --> 00:18:48,416
‪या उनके साथ मनमर्जी कर सकता था।

312
00:18:48,916 --> 00:18:50,875
‪[रहस्यमय संगीत]

313
00:18:52,916 --> 00:18:56,333
‪[इंचरव्यूअर] तो आपने अपना नाम
‪ राजा कोलंदर क्यों रखा हुआ था?

314
00:18:56,416 --> 00:19:00,208
‪नहीं, राजा कोलंदर नहीं, राजा साहब।
‪हमको राजा भैया बुलाते थे।

315
00:19:00,291 --> 00:19:03,958
‪दुलार से घर में,
‪क्योंकि मैं घर में सबसे छोटा था।

316
00:19:04,041 --> 00:19:07,416
‪और कहीं किसी भी लिखा-पढ़ी में नहीं है
‪कि मैं राजा कोलंदर लिखता हूँ। समझे?

317
00:19:07,500 --> 00:19:11,958
‪अब देखिए ये जो मुकदमा भी चल रहा है
‪मेरा राम निरंजन के नाम से है।

318
00:19:12,041 --> 00:19:13,750
‪लखनऊ वाला राजा कोलंदर के नाम से है।

319
00:19:13,833 --> 00:19:17,041
‪ऐसा लगता है कि इन्होंने
‪ठीक से जाँच ही नहीं की।

320
00:19:17,125 --> 00:19:20,041
‪फ़ोन से सुना, आखिरी जो शब्द सुना
‪उसी से कुछ बना दिया।

321
00:19:20,125 --> 00:19:22,833
‪फिर अंत में,
‪अच्छा उर्फ़ बना दिया राम निरंजन।

322
00:19:23,708 --> 00:19:26,500
‪हालांकि नाम उन्होंने क्या बताया
‪मुझे भी नाम

323
00:19:26,583 --> 00:19:29,000
‪उतना स्पष्ट याद नहीं, राजा कोलंदर के
‪नाम से ही जानता हूँ उनको।

324
00:19:29,666 --> 00:19:31,291
‪सभी लोग राजा कोलंदर जानते हैं।

325
00:19:32,041 --> 00:19:35,500
‪[कमल] उनका मेरे पास पत्र
‪आता था, तो एक चिट्ठी में

326
00:19:35,583 --> 00:19:39,791
‪अपराध सुप्रीमो, राजा कोलंदर,
‪और मुझे संक्षिप्त में आरके लिखते थे वो।

327
00:19:52,208 --> 00:19:57,458
‪आर के

328
00:19:57,541 --> 00:20:00,208
‪कोलंदर कितनी आपराधिक मानसिकता का था

329
00:20:00,291 --> 00:20:02,750
‪वो इससे ज़ाहिर होता
‪कि उसने अपने बच्चों का नाम रखा

330
00:20:02,833 --> 00:20:05,625
‪अदालत, ज़मानत, आंदोलन।

331
00:20:06,375 --> 00:20:07,958
‪[रतिभान] एक बेटा था जिसका नाम अदालत,

332
00:20:08,916 --> 00:20:10,791
‪दूसरा बेटा था जिसका नाम था ज़मानत,

333
00:20:10,875 --> 00:20:12,875
‪तीसरी बेटी थी जिसका नाम आंदोलन था।

334
00:20:14,041 --> 00:20:19,166
‪[अंग्रेज़ी में] जो आधुनिक चुनाव प्रणाली
‪में न्याय का तरीका होता है,

335
00:20:19,250 --> 00:20:22,916
‪कि भई, अदालत चलेगी,
‪अदालत में आपको जाना होगा।

336
00:20:23,000 --> 00:20:26,750
‪और वो अपने साथ
‪जो पुराना विचार था जो जंगल में

337
00:20:26,833 --> 00:20:30,791
‪जीने का, न्याय का, वो लेकर आया था।
‪अब वो आधुनिक अदालत

338
00:20:30,875 --> 00:20:35,000
‪को भी अपने साथ रखना चाहता था,
‪तो उसने अपने बेटे का नाम अदालत रखा।

339
00:20:38,708 --> 00:20:41,125
‪[बद्रीनारायण] शक्ति प्राप्ति के लिए
‪आंदोलन।

340
00:20:41,208 --> 00:20:43,083
‪वो देख रहा था कि आंदोलन

341
00:20:43,166 --> 00:20:46,458
‪एक तरीका है जिससे लोग घेराव करते हैं

342
00:20:47,333 --> 00:20:51,583
‪डीएम का, अधिकारियों का, और डीएम
‪बेबस हो जाता है, उनकी बात मान लेता है।

343
00:20:52,583 --> 00:20:54,083
‪[लोगों की नारे लगाने की आवाज़]

344
00:20:54,166 --> 00:20:56,708
‪तो उसने अपनी बेटी का नाम आंदोलन रखा।

345
00:20:56,791 --> 00:21:01,041
‪जमानत बहुत दिलचस्प है
‪क्योंकि अगर प्रतीकात्मक रूप से देखें

346
00:21:01,125 --> 00:21:03,791
‪और वहाँ के स्थानीय इतिहास को याद करें

347
00:21:03,875 --> 00:21:05,708
‪तो मुझे लगता है कि ज़मानत

348
00:21:05,791 --> 00:21:07,625
‪दोनों तरह के लोगों के लिए महत्वपूर्ण है।

349
00:21:07,708 --> 00:21:10,125
‪एक तो जो ग़लत करता है

350
00:21:10,208 --> 00:21:12,958
‪और एक जो आंदोलनकारी है। क्योंकि वो आंदोलन,

351
00:21:13,041 --> 00:21:15,958
‪उस इलाके में आंदोलन बहुत हो रहे थे,
‪लोग पकड़े जाते थे।

352
00:21:16,041 --> 00:21:17,666
‪फिर लोगों की ज़मानत होती थी।

353
00:21:19,125 --> 00:21:23,375
‪[अंग्रेज़ी में] उसके दिमाग के अंदर
‪यही विचार चल रहे होते थे

354
00:21:23,458 --> 00:21:27,125
‪अदालत, ज़मानत, आंदोलन… ठीक है?

355
00:21:28,041 --> 00:21:31,375
‪अब, राजा कोलंदर जैसा व्यक्ति कल्पना करेगा

356
00:21:31,458 --> 00:21:38,125
‪कि जो मैं कर रहा हूँ वही जो है
‪आपराधिक न्याय प्रणाली का सारा हिस्सा है।

357
00:21:38,208 --> 00:21:40,416
‪मैं ही आपराधिक न्याय प्रणाली हूँ।

358
00:21:40,500 --> 00:21:43,875
‪और मेरे ही से
‪यह न्याय प्रणाली शुरू होती है।

359
00:21:43,958 --> 00:21:46,500
‪और मैं क्रिमिनल
‪न्याय प्रणाली से भी बड़ा हूँ।

360
00:21:47,375 --> 00:21:49,500
‪[रहस्यमय संगीत]

361
00:21:51,750 --> 00:21:55,458
‪हमारे ससुराल में उस समय
‪एक मुकदमा जीते थे अदालत से, हाई कोर्ट से।

362
00:21:55,541 --> 00:21:59,416
‪वो अदालत में जीत गए, तो हमने कहा
‪चलो आज के बाद इसका नाम अदालत सिंह ही है।

363
00:21:59,500 --> 00:22:01,833
‪-[इंटरव्यूअर] और जमानत का नाम?
‪-हाँ।

364
00:22:01,916 --> 00:22:05,416
‪उसे जमानत तो ऐसे ही बुलाते थे
‪लेकिन उसका नाम नवीन कुमार था।

365
00:22:05,500 --> 00:22:06,375
‪[इंटरव्यूअर] नवीन कुमार।

366
00:22:06,458 --> 00:22:10,791
‪और नाम भी था एक अलग ढंग का
‪ताकि यह किसी से मिले ना।

367
00:22:13,083 --> 00:22:15,208
‪[एंकर] उत्तर प्रदेश पुलिस का मानना है कि

368
00:22:15,291 --> 00:22:19,166
‪राम निरंजन उर्फ़ राजा कोलंदर
‪एक शातिर दिमाग वाला अपराधी है

369
00:22:19,250 --> 00:22:22,083
‪जो बड़ी चालाकी से अपनी
‪कहानियों पर यकीन दिला देता है।

370
00:22:22,166 --> 00:22:23,750
‪पर न्यायालय तो सबूत मांगती है।

371
00:22:24,416 --> 00:22:28,875
‪पुलिस को लखनऊ से चोरी की हुई टाटा सूमो
‪राजा कोलंदर के पास से ही मिली है।

372
00:22:28,958 --> 00:22:31,041
‪उसके पास यह गाड़ी कहाँ से आई?

373
00:22:31,125 --> 00:22:35,166
‪क्या पत्रकार धीरेंद्र सिंह का भी
‪इस टाटा सूमो से कुछ लेना-देना था?

374
00:22:38,375 --> 00:22:41,833
‪[हंसराज] उस समय कोलों के पास
‪गाड़ियाँ नहीं हुआ करती थीं।

375
00:22:41,916 --> 00:22:43,750
‪जिस दौर की यह बात हो रही है,

376
00:22:45,083 --> 00:22:49,416
‪उस दौर में कोल समाज के पास
‪मोटरसाइकिल भी नसीब नहीं होती थी।

377
00:22:49,500 --> 00:22:53,166
‪पापा के पास एक सूमो थी और एक जीप थी।

378
00:22:54,333 --> 00:22:55,708
‪[रोमांचक संगीत]

379
00:22:58,583 --> 00:23:00,041
‪हाँ, एक स्कूटर भी था।

380
00:23:05,083 --> 00:23:09,375
‪हमें यह चीज़ नहीं पता। उन्होंने कैसे
‪लिया था, कहाँ लिया था, हम नहीं जानते।

381
00:23:09,458 --> 00:23:12,625
‪उम्र मेरी 18-19 साल की थी,
‪लेकिन हाँ गाड़ी थी।

382
00:23:13,291 --> 00:23:14,458
‪गाड़ी थी।

383
00:23:14,541 --> 00:23:18,875
‪मेरे पास कोई गाड़ी नहीं था, बस एक
‪स्कूटर था। एक सांसद की थी टाटा सूमो।

384
00:23:18,958 --> 00:23:21,291
‪उसी से हम लोग सब प्रचार करते थे,
‪आते-जाते थे।

385
00:23:21,375 --> 00:23:23,541
‪[रहस्यमय संगीत]

386
00:23:28,541 --> 00:23:31,083
‪चित्रकूट का एक दिखा रहे हैं कि जीप लाए थे।

387
00:23:32,333 --> 00:23:35,500
‪अब हमारी पहचान के एक विजय बहादुर सिंह थे।

388
00:23:35,583 --> 00:23:38,041
‪वो जब रिटायर हुए तो जीप ली थी।

389
00:23:38,125 --> 00:23:41,666
‪तो सवारी वगैरह ढ़ोते थे, कभी-कभी
‪लाकर हमारे घर पर खड़ी कर देते थे।

390
00:23:41,750 --> 00:23:43,500
‪तो उसको हम भी इस्तेमाल कर लेते थे।

391
00:23:43,583 --> 00:23:45,750
‪इस्तेमाल ये कि कोई काम आ गया।

392
00:23:46,375 --> 00:23:47,958
‪चुनावी क्षेत्र में अपना काम कर लेते थे।

393
00:23:48,625 --> 00:23:51,541
‪उनके पास टाटा सूमो राजनीति में
‪आने से पहले से थी।

394
00:23:52,250 --> 00:23:54,166
‪उसके पहले थी इनके पास गाड़ी।

395
00:23:54,250 --> 00:23:56,500
‪-[इंटरव्यूअर] राजनीति में आने से पहले?
‪-उससे पहले थी इनके पास।

396
00:23:56,583 --> 00:23:58,916
‪दोनों गाड़ियाँ, चलती थीं सब।

397
00:24:11,875 --> 00:24:13,166
‪[त्रिपाठी] जब मैंने टाटा सूमो…

398
00:24:13,250 --> 00:24:16,041
‪जिस टाटा सूमो में ये पकड़ा गया था…

399
00:24:16,625 --> 00:24:20,250
‪उसके विषय में जब मैंने पूछा
‪तो इसने बताया कि मेरी पत्नी बीमार हो गई थी

400
00:24:20,333 --> 00:24:22,125
‪और पत्नी को लेकर मैं लखनऊ गया था।

401
00:24:22,916 --> 00:24:26,791
‪वहाँ से मुझे चूँकि लौटना था,
‪तो एक गाड़ी किराए पर ली,

402
00:24:26,875 --> 00:24:29,083
‪तो उसमें जो ड्राइवर था वो रवि था।

403
00:24:30,250 --> 00:24:31,916
‪और शायद गाड़ी मालिक मनोज था।

404
00:24:37,625 --> 00:24:40,083
‪[आदमी] तेईस जनवरी, 2000 की घटना है।

405
00:24:40,625 --> 00:24:46,083
‪कुछ लोगों ने पेशेंट बताकर के उन्होंने
‪इलाहाबाद के लिए गाड़ी को बुक किया।

406
00:24:47,875 --> 00:24:50,750
‪[अमरनाथ] हमारा आवास चूँकि लखनऊ-अलाहाबाद

407
00:24:50,833 --> 00:24:52,958
‪हाईवे पर ही पड़ता है,

408
00:24:53,041 --> 00:24:56,666
‪तो पाँच से छह के बीच में गाड़ी
‪हमारे घर पर आकर खड़ी होती है।

409
00:24:57,541 --> 00:25:01,583
‪हमें ऐसा लगा
‪कि कुछ शायद सामान्य पेशेंट ही हैं

410
00:25:01,666 --> 00:25:04,375
‪तो हमने उन सब लोगों को चाय वगैरह पिलवाई।

411
00:25:04,458 --> 00:25:08,041
‪और तब तक ये मनोज और रवि
‪अपने कपड़े वगैरह बदलकर आए।

412
00:25:08,750 --> 00:25:11,291
‪और शाम को छह बजे के

413
00:25:11,375 --> 00:25:13,875
‪आसपास गाड़ी हमारी इलाहाबाद के लिए निकली।

414
00:25:17,541 --> 00:25:19,833
‪[गाड़ी के जाने की आवाज़]

415
00:25:23,083 --> 00:25:25,000
‪[बिल्ली की आवाज़]

416
00:25:25,083 --> 00:25:27,166
‪[रहस्यमय संगीत]

417
00:25:27,833 --> 00:25:33,500
‪बात हुई थी कि तीन-साढ़े तीन घंटे में
‪हम इनको छोड़कर पुनः वापस आ जाएंगे।

418
00:25:33,583 --> 00:25:36,208
‪[रहस्यमय संगीत]

419
00:25:38,833 --> 00:25:43,041
‪हम लोगों के मन में एक शंका जाहिर हुई
‪जब गाड़ी दस बजे के आसपास नहीं आई।

420
00:25:43,125 --> 00:25:47,583
‪घर में तमाम तरह के दिमाग लगने लगे
‪कि यार कहीं ऐसा तो नहीं कि किसी

421
00:25:48,750 --> 00:25:51,750
‪बदमाशों के चक्कर में गाड़ी
‪फंस गई हो या कौन लोग हैं,

422
00:25:51,833 --> 00:25:54,333
‪क्योंकि उस समय कोई संपर्क नहीं हो पाता था।

423
00:25:55,208 --> 00:25:57,375
‪[रहस्यमय संगीत]

424
00:25:58,291 --> 00:26:00,666
‪रात में जब गाड़ी वापस नहीं
‪आई तो हम लोग घर से

425
00:26:00,750 --> 00:26:03,416
‪अपनी गाड़ियों से, साधनों से,

426
00:26:04,291 --> 00:26:08,416
‪गाड़ी को ढूंढने उसी दिशा की ओर निकल पड़े
‪यानि अपने घर से

427
00:26:08,500 --> 00:26:10,208
‪रायबरेली से इलाहाबाद की ओर।

428
00:26:10,291 --> 00:26:12,750
‪[रहस्यमय संगीत]

429
00:26:13,333 --> 00:26:16,375
‪लखनऊ हम लोग गए थे तो भैया का…

430
00:26:16,458 --> 00:26:19,458
‪क्या कहते हैं, गृह प्रवेश था।
‪तब गए थे लखनऊ।

431
00:26:19,541 --> 00:26:22,500
‪-[इंटरव्यूअर] कैसे गए थे लखनऊ?
‪-ट्रेन से गए थे पहले।

432
00:26:22,583 --> 00:26:24,916
‪और कथा-वथा सुने थे और फिर

433
00:26:25,000 --> 00:26:26,291
‪लौटना भी था।

434
00:26:27,250 --> 00:26:29,125
‪टाटा सूमो का यहाँ कोई ज़िक्र ही नहीं है।

435
00:26:29,208 --> 00:26:30,958
‪[इंटरव्यूअर] उस टाइम पर कमांडर जीप थी?

436
00:26:31,041 --> 00:26:32,458
‪कमांडर थी शायद।

437
00:26:34,583 --> 00:26:37,708
‪कमांडर थी, हम लोग
‪शायद कमांडर से ही गए थे उस समय, हाँ।

438
00:26:39,083 --> 00:26:41,583
‪कुछ लोग ट्रेन से और आए थे, जैसे

439
00:26:41,666 --> 00:26:44,083
‪पूरे लोग उस में नहीं आ पाते,
‪बड़ा परिवार था।

440
00:26:44,166 --> 00:26:46,208
‪मेन-मेन लोग उसमें बैठे थे।

441
00:26:47,583 --> 00:26:51,125
‪और जैसे गए थे वैसे ही आए थे।
‪टाटा सूमो से तो कोई मतलब ही नहीं।

442
00:26:51,208 --> 00:26:52,625
‪[डरावना संगीत]

443
00:26:52,708 --> 00:26:57,208
‪[त्रिपाठी] राजा कोलंदर ने बताया था
‪कि टाटा सूमो लेकर के आ रहे थे,

444
00:26:57,291 --> 00:26:59,291
‪तो, इरादा मैंने बदल दिया अपना।

445
00:27:00,000 --> 00:27:02,041
‪कि इन दोनों को मारकर के फेंक देंगे।

446
00:27:02,125 --> 00:27:05,458
‪गाड़ी किराए पर ले ली। चूँकि गाड़ी मेरे पास
‪है नहीं, तो गाड़ी रख लेंगे अपने पास।

447
00:27:05,541 --> 00:27:10,000
‪तो शंकरगढ़ के थोड़ा आगे जाकर के

448
00:27:10,083 --> 00:27:12,375
‪कुछ भौगोलिक स्थिति जंगल जैसी हो जाती है।

449
00:27:12,458 --> 00:27:14,166
‪[रहस्यमय संगीत]

450
00:27:17,625 --> 00:27:20,833
‪वहाँ पर मैंने इसके ड्राइवर
‪कंडक्टर दोनों को

451
00:27:21,625 --> 00:27:22,916
‪मार कर फेंक दिया, सर।

452
00:28:07,958 --> 00:28:10,291
‪और गाड़ी अपने पास रख ली।

453
00:28:11,208 --> 00:28:13,416
‪[रहस्यमय संगीत]

454
00:28:21,458 --> 00:28:24,375
‪[अमरनाथ] गाड़ी को ढूंढते हुए हम लोग
‪इलाहाबाद पहुँचे।

455
00:28:25,083 --> 00:28:27,416
‪हमारे रायबरेली से भी

456
00:28:27,500 --> 00:28:30,000
‪हमारे साथ मीडिया के बहुत सारे लोग थे।

457
00:28:30,083 --> 00:28:31,375
‪तो उन लोगों की वजह से,

458
00:28:31,458 --> 00:28:33,541
‪इलाहाबाद के भी मीडिया के बहुत सारे लोग

459
00:28:34,375 --> 00:28:36,541
‪इकट्ठे हुए, उसमें धीरेंद्र सिंह जी भी थे।

460
00:28:37,833 --> 00:28:41,083
‪और सबको बताया गया
‪कि हमारी गाड़ी का रंग ऐसा है।

461
00:28:43,083 --> 00:28:45,833
‪हम लोग जब ये एफआईआर वहाँ कराकर वापस आए,

462
00:28:45,916 --> 00:28:50,125
‪तो धीरेंद्र ही वो व्यक्ति थे जिनको यह
‪पता हो गया कि यह गाड़ी हमारी है।

463
00:28:50,958 --> 00:28:52,500
‪और गाड़ी जो है…

464
00:28:54,083 --> 00:28:56,333
‪टाटा सूमो का रंग बदल दिया था।

465
00:28:56,416 --> 00:28:59,416
‪सफेद रंग की थी उसको हरा करा दिया था उसने।

466
00:28:59,500 --> 00:29:02,000
‪[रहस्यमय संगीत]

467
00:29:02,083 --> 00:29:04,208
‪बाद में पता चला कि उसमें

468
00:29:04,833 --> 00:29:09,208
‪गाड़ी नंबर जो डला हुआ था
‪वो किसी मोटरसाइकिल का नंबर था।

469
00:29:12,500 --> 00:29:14,791
‪धीरेंद्र हमसे एकाध बार चर्चा किए थे

470
00:29:14,875 --> 00:29:18,125
‪कि कोलंदर कोई अवैध काम करता है।
‪अवैधानिक काम।

471
00:29:18,208 --> 00:29:19,958
‪वीरेंद्र सिंह प्रयागराज के रहवासी

472
00:29:20,041 --> 00:29:22,375
‪उसने कहा था कि इसका तो हम भंडाफोड़ करेंगे।

473
00:29:22,458 --> 00:29:25,833
‪यह हमसे उन्होंने मर्डर के
‪बीस दिन पहले कहा था।

474
00:29:27,250 --> 00:29:31,791
‪कोलंदर को भी आभास हो गया था
‪कि अब हमारी पोल खुलने वाली है।

475
00:29:31,875 --> 00:29:35,666
‪शायद धीरेंद्र ने उससे
‪कुछ सवाल-जवाब किए हों।

476
00:29:37,125 --> 00:29:40,833
‪कोलंदर नृशंस अपराधी थी,
‪इसमें कोई दो राय नहीं है।

477
00:29:40,916 --> 00:29:44,625
‪बाकी सब सीरियल किलर्स तो अलग-अलग
‪मकसद के लिए हत्याएं करते हैं,

478
00:29:44,708 --> 00:29:46,916
‪लेकिन इसका मकसद ताक़त हासिल करना था।

479
00:29:47,000 --> 00:29:48,541
‪[रहस्यमय संगीत]

480
00:29:50,875 --> 00:29:52,125
‪पैसा कमाने की भूख

481
00:29:52,208 --> 00:29:55,041
‪और ताक़त हासिल करने की जो ललक है उसके अंदर

482
00:29:55,125 --> 00:29:57,750
‪उसी ने उसको अपराध की ओर और धकेल दिया।

483
00:29:58,375 --> 00:30:01,458
‪[रहस्यमय संगीत]

484
00:30:03,875 --> 00:30:08,416
‪राम निरंजन का पूरा व्यक्तित्व अगर
‪आप देखें, अगर उसकी व्याख्या करें

485
00:30:08,500 --> 00:30:13,875
‪तो वो लगता है कि वह प्रतीकों में
‪जीने वाला व्यक्तित्व है।

486
00:30:13,958 --> 00:30:17,166
‪और वो प्रतीक उसके
‪काल्पनिक वास्तविकता से पैदा होते हैं।

487
00:30:18,166 --> 00:30:20,208
‪[बद्रीनारायण] जिसमें आंदोलन, जमानत,

488
00:30:20,291 --> 00:30:22,375
‪फूलन देवी, राजा कोलंदर,

489
00:30:22,458 --> 00:30:23,958
‪ये सारे प्रतीक हैं।

490
00:30:24,041 --> 00:30:27,708
‪जिनको वह जी रहा होता है,
‪उन प्रतीकों के पीछे एक चाहत है।

491
00:30:27,791 --> 00:30:32,625
‪लेकिन शक्ति की चाहत के लिए,
‪जैसा होता है सत्ता के जो गलियारे हैं,

492
00:30:32,708 --> 00:30:35,291
‪वो तो, उसमें प्रवेश आसान नहीं होता है।

493
00:30:35,375 --> 00:30:37,375
‪वो दलालों से संचालित होती है।

494
00:30:37,458 --> 00:30:41,500
‪लेकिन वो रास्ता उसके लिए खुला नहीं था,
‪क्योंकि वह बहुत ही आम आदमी था।

495
00:30:41,583 --> 00:30:43,291
‪वो एक आम कोल था।

496
00:30:43,375 --> 00:30:46,041
‪[रहस्यमय संगीत]

497
00:30:50,333 --> 00:30:54,833
‪तो माहौल जो था उस समय निचली जातियों के
‪उभार के लिए बहुत अच्छा था।

498
00:30:55,333 --> 00:30:59,166
‪बहुत ही पक्ष में था, उसके फेवर में था।
‪क्योंकि उस समय

499
00:30:59,250 --> 00:31:02,375
‪आपने देखा होगा
‪कि उस समय बहुजन समाज पार्टी से

500
00:31:02,458 --> 00:31:04,166
‪कितने नए-नए लोग

501
00:31:04,791 --> 00:31:07,000
‪दलित जातियों के एमएलए बने, मंत्री बने।

502
00:31:07,625 --> 00:31:09,000
‪चार-चार बार मायावती मुख्यमंत्री रहीं।

503
00:31:09,791 --> 00:31:13,708
‪फूलन देवी कितनी बड़ी नायिका के
‪रूप में उभरीं उत्तरप्रदेश राजनीति में।

504
00:31:13,791 --> 00:31:15,833
‪और उसी समय ये आता है, राम निरंजन।

505
00:31:15,916 --> 00:31:20,750
‪तो राम निरंजन में भी इस तरह की
‪चाहतों का उभार कोई असहज नहीं था।

506
00:31:20,833 --> 00:31:25,958
‪लेकिन रास्ता जो उसने बनाया वो रास्ता
‪उसका अपना खोजा गया रास्ता था।

507
00:31:26,041 --> 00:31:28,375
‪[रोमांचक संगीत]

508
00:31:35,541 --> 00:31:40,125
‪कोलंदर वो सारे काम करता था
‪जिससे उसको शक्ति प्राप्त हो।

509
00:31:40,208 --> 00:31:43,083
‪जैसे बगुलामुखी से शक्ति प्राप्त करना।

510
00:31:43,958 --> 00:31:46,750
‪[बद्रीनारायण] जैसे लोकतांत्रिक चुनाव में
‪जाने की चाह रखना।

511
00:31:47,833 --> 00:31:51,916
‪खुद चुनाव लड़ना, पत्नी को चुनाव लड़ाना,
‪या भाभी को चुनाव लड़ाना।

512
00:31:52,000 --> 00:31:54,666
‪अपने एमपी एमएलए बनने की चाहत रखना

513
00:31:54,750 --> 00:31:56,541
‪क्योंकि कोल के पास वोट भी था।

514
00:31:56,625 --> 00:31:58,750
‪और वोट के आधार पर वह अपनी शक्ति को

515
00:31:58,833 --> 00:32:01,583
‪आगे बढ़ाना चाहता था
‪तो वही करना शुरू किया उसने।

516
00:32:04,291 --> 00:32:06,416
‪दूसरा, टाटा सूमो की चोरी करना।

517
00:32:06,500 --> 00:32:08,583
‪तो, टाटा सूमो का जो प्रतीक है

518
00:32:08,666 --> 00:32:11,666
‪वो टाटा सूमो एक तरह से गाँव के समाज में

519
00:32:11,750 --> 00:32:13,416
‪शक्ति का प्रतीक है।

520
00:32:13,500 --> 00:32:15,791
‪गाँव में पहले कहते थे कि अगर
‪आप धनी हैं तो हाथी खड़ा रहेगा।

521
00:32:15,875 --> 00:32:18,833
‪आज आप शक्तिवान है तो टाटा सूमो खड़ी रहेगी।

522
00:32:18,916 --> 00:32:20,750
‪तो वह टाटा सूमो की चोरी करता है।

523
00:32:20,833 --> 00:32:24,333
‪उसके बाद वह पैसा देता है
‪लोगों को उधार में।

524
00:32:25,166 --> 00:32:28,250
‪तो उधार देना महाजनी का
‪काम नहीं है जैसा कि होता था।

525
00:32:28,333 --> 00:32:30,541
‪वो ब्याज नहीं लेता था। पैसा देकर

526
00:32:30,625 --> 00:32:33,458
‪वह एक दानकर्ता की भावना, देने वाले की जो

527
00:32:33,541 --> 00:32:35,208
‪भावना है

528
00:32:35,291 --> 00:32:37,708
‪वो किसके पास होती है? जो शक्तिवान होता है।

529
00:32:37,791 --> 00:32:42,208
‪तो वह उस दानकर्ता की भावना पाना चाहता था,
‪यानि शक्तिवान होने की कामना

530
00:32:42,291 --> 00:32:44,333
‪के भाव को उसको पूरा करना था।

531
00:32:44,416 --> 00:32:46,208
‪[रहस्यमय संगीत]

532
00:32:50,375 --> 00:32:52,791
‪[अंग्रेज़ी में] वह सारी शक्तियाँ
‪पाना चाहता है।

533
00:32:52,875 --> 00:32:55,083
‪जितनी तरह की शक्तियाँ हो सकती हैं।

534
00:32:55,166 --> 00:32:57,958
‪जो लोग कहते हैं ना।
‪अब एक ने कहा कि पैसा हम तुम्हें

535
00:32:58,041 --> 00:33:00,125
‪नहीं देंगे, और हमें ज़्यादा तंग मत करो।

536
00:33:00,208 --> 00:33:01,958
‪क्योंकि हमारे पास लाला की बुद्धि है।

537
00:33:02,041 --> 00:33:03,208
‪दिमाग की शक्ति।

538
00:33:03,291 --> 00:33:06,291
‪कहते हैं ना कि तुम लोग आदिवासी हो,
‪तुम लोग जंगली हो,

539
00:33:06,375 --> 00:33:09,500
‪तुम लोगों के पास क्या दिमाग होगा।
‪ दिमाग तो हम लोगों के पास है। हम तुम्हें

540
00:33:09,583 --> 00:33:13,958
‪बताएंगे यह। तो उसको लगा
‪कि अरे लाला उसकी शक्ति हम पर भारी पड़ेगी।

541
00:33:15,791 --> 00:33:17,375
‪[रहस्यमय संगीत]

542
00:33:19,500 --> 00:33:22,666
‪[बद्रीनारायण] तो उसने उसको मारकर
‪उसका दिमाग ही उबालकर पी लिया।

543
00:33:22,750 --> 00:33:25,166
‪इसके दिमाग में जो शक्ति रही होगी
‪वह हमारे अंदर आ जाए।

544
00:33:26,000 --> 00:33:28,166
‪नहीं तो आप कल्पना करिए
‪ क्यों वह दिमाग पीएगा?

545
00:33:28,250 --> 00:33:31,583
‪मांस का ही सुख लेना है
‪तो और तरीके हैं मांस का सुख लेने के लिए।

546
00:33:33,041 --> 00:33:35,666
‪[डरावना संगीत]

547
00:33:36,708 --> 00:33:39,666
‪तो मूलत: अगर आप देखें, तो उसका जीवन,

548
00:33:39,750 --> 00:33:44,750
‪किसी शक्ति को प्राप्त करने के जो भी तरीके
‪उसको सुलभ हो सकते थे

549
00:33:44,833 --> 00:33:48,166
‪उनके लिए उसने कोशिश की,
‪वैसे शक्तिवान होने के लिए।

550
00:33:48,250 --> 00:33:50,166
‪[डरावना संगीत]

551
00:33:56,333 --> 00:33:58,125
‪[डरावना संगीत]

552
00:34:04,166 --> 00:34:06,458
‪[डरावना संगीत]

553
00:34:18,791 --> 00:34:21,333
‪[डरावना संगीत जारी है]

554
00:34:38,208 --> 00:34:39,166
‪[मलिन संगीत]

555
00:34:40,458 --> 00:34:42,541
‪जुर्म तो एक इंसान करता है,

556
00:34:42,625 --> 00:34:45,250
‪लेकिन उसका खामियाज़ा पूरे समाज को

557
00:34:45,833 --> 00:34:50,458
‪न जाने कितने सालों तक भुगतना पड़ता है।
‪यह कहना बहुत कठिन, बहुत मुश्किल है।

558
00:34:52,666 --> 00:34:54,041
‪ये जो इन्होंने किया,

559
00:34:54,916 --> 00:34:59,166
‪ये अपने वर्चस्व के लिए, अपने व्यक्तिगत
‪स्वार्थ के लिए किया। अपने-आप को

560
00:34:59,250 --> 00:35:02,416
‪समाज में बड़ा आदमी साबित करने के लिए किया।

561
00:35:03,125 --> 00:35:04,583
‪न कि ये समाज के लिए किया।

562
00:35:07,083 --> 00:35:09,958
‪जो यहाँ के आम आदिवासी कोल हैं

563
00:35:10,583 --> 00:35:12,666
‪वो सब निंदा करते थे।

564
00:35:12,750 --> 00:35:14,583
‪उस समय भी करता था, आज भी करता है।

565
00:35:16,250 --> 00:35:21,583
‪और फिर तमाम समझदार लोग हम लोगों को बताते
‪भी थे कि अपराधी की कोई जात नहीं होती।

566
00:35:24,041 --> 00:35:27,208
‪हमें कभी ऐसा नहीं लगा
‪कि राजा कोलंदर को कोई पश्चाताप है।

567
00:35:28,791 --> 00:35:32,375
‪कुछ भी नहीं। जिस दिन उसको
‪सज़ा हुई उस दिन भी हम गए थे।

568
00:35:33,625 --> 00:35:38,041
‪[जीतेंद्र] तो जब वकील लोगों का
‪पत्रकार लोग फोटो खींच रहे थे

569
00:35:38,125 --> 00:35:40,625
‪तो उसने कहा तुम लोगों की
‪वजह से मैं फंसा हूँ।

570
00:35:42,666 --> 00:35:43,791
‪ऐसे बोलता था।

571
00:35:45,750 --> 00:35:48,208
‪ये मीडिया और लोगों का फ़ैसला है,

572
00:35:48,291 --> 00:35:50,500
‪और हम जो हैं निर्दोष हैं।

573
00:35:50,583 --> 00:35:52,000
‪-[पत्रकार] चलिए आगे बढ़ते हैं।
‪-ठीक है।

574
00:35:52,083 --> 00:35:53,458
‪[वीडियो में अस्पष्ट आवाज़]

575
00:35:55,541 --> 00:35:57,833
‪[वीडियो में पत्रकार की आवाज़] थोड़ा
‪पीछे आओ यार।

576
00:35:57,916 --> 00:35:59,875
‪थोड़ा पीछे नहीं आ सकते क्या?

577
00:36:07,500 --> 00:36:09,375
‪अब देखिए, मेरी

578
00:36:10,083 --> 00:36:12,875
‪कोई इच्छा नहीं है,
‪कि मुझे रिहा करें या ना करें।

579
00:36:12,958 --> 00:36:18,458
‪अभी जो आरोप लगा दिए हैं, और जब निर्णय होगा
‪तब हम निकलेंगे।

580
00:36:18,541 --> 00:36:20,208
‪तब तक तो आध्यात्म तो है ही है।

581
00:36:20,291 --> 00:36:23,458
‪तो जेल से छूटे ना छूटें
‪मुझे फर्क़ ही नहीं पड़ता।

582
00:36:28,625 --> 00:36:33,500
‪[अंग्रेज़ी में] उसे अंदर होना चाहिए
‪अपनी सुरक्षा के लिए

583
00:36:33,583 --> 00:36:35,541
‪और दूसरों की सुरक्षा के लिए।

584
00:36:38,541 --> 00:36:43,000
‪ऐसा है, राजा कोलंदर को अगर किसी कारणवश

585
00:36:43,083 --> 00:36:46,666
‪छोड़ा जाता है, पैरोल मिलता है,
‪तो निश्चित ही अपराध करेगा।

586
00:36:47,250 --> 00:36:48,625
‪यह मैं फिर बता रहा हूँ।

587
00:36:49,208 --> 00:36:51,625
‪चूँकि उसकी पृष्ठभूमि ही वही है।

588
00:36:52,291 --> 00:36:56,791
‪जो अपराध करेगा तो
‪फिर समाज के लिए दुष्कर बनेगा।

589
00:36:58,833 --> 00:37:02,375
‪मेरे खयाल से मुझे नहीं लगता
‪कि ऐसे बंदियों की समाज में

590
00:37:02,458 --> 00:37:04,625
‪फिर से जल्दी वापसी होनी चाहिए।

591
00:37:04,708 --> 00:37:07,541
‪कम से कम और वक़्त उसका गुज़रे,
‪उम्र भी उसकी थोड़ी और बड़ी हो।

592
00:37:07,625 --> 00:37:11,250
‪ऐसा हो जाए कि दोबारा कोई
‪और अपराध करने लायक न हो।

593
00:37:14,041 --> 00:37:15,333
‪राजा कोलंदर…

594
00:37:15,416 --> 00:37:16,333
‪[मलिन संगीत]

595
00:37:16,916 --> 00:37:18,833
‪दैनिक जीवन में आपको नहीं मिलेगा।

596
00:37:19,500 --> 00:37:20,833
‪यह अनोखा व्यक्तित्व है।

597
00:37:21,833 --> 00:37:23,875
‪दैनिक जीवन में अपराधी मिल सकते हैं

598
00:37:23,958 --> 00:37:26,625
‪लेकिन ऐसा अपराधी
‪ जो कि प्रतीकों में जीता हो,

599
00:37:26,708 --> 00:37:28,666
‪जो कि काल्पनिक वास्तविकता में जीता हो,

600
00:37:28,750 --> 00:37:32,416
‪जो शक्ति के लिए तंत्र से लेकर के

601
00:37:32,500 --> 00:37:36,375
‪मर्डर से लेकर चुनाव तक जाना चाहता हो,
‪जिसमें इतना बड़ा रेंज हो,

602
00:37:36,458 --> 00:37:38,750
‪ग़लत या सही, वो कहाँ मिलेगा आपको।

603
00:37:42,333 --> 00:37:47,416
‪सन 2000 में, राम निरंजन उर्फ़ राजा कोलंदर
‪पर 14 हत्याओं का आरोप लगाया गया था।

604
00:37:49,166 --> 00:37:50,875
‪राम निरंजन को पत्रकार
‪धीरेंद्र सिंह की हत्या और

605
00:37:50,958 --> 00:37:52,708
‪टाटा सूमो दोहरे हत्याकांड
‪के लिए दोषी ठहराया गया;

606
00:37:52,791 --> 00:37:54,875
‪उसने दोनों सज़ाओं को
‪उच्च न्यायालयों में चुनौती दी है,

607
00:37:54,958 --> 00:37:56,458
‪लेकिन उसके केस अभी भी चल रहे हैं।

608
00:37:58,291 --> 00:38:01,750
‪राम निरंजन, उसकी पत्नी फूलन देवी,
‪और बहनोई वक्षराज

609
00:38:01,833 --> 00:38:05,083
‪जेल में उम्रकैद की सज़ा काट रहे हैं।

610
00:38:07,166 --> 00:38:13,416
‪कोलंदर के खिलाफ़ नरभक्षण के आरोप
‪अदालत में साबित नहीं हुए।

611
00:40:53,708 --> 00:40:55,708
‪संवाद अनुवादक: अनुराधा पिल्लई

