WEBVTT

00:25.025 --> 00:28.654
इज़राइल साम्राज्य
1000 ईसा पूर्व

00:36.245 --> 00:39.415
क्या एक पत्थर इतिहास बदल सकता है?

00:40.916 --> 00:44.086
क्या परमेश्वर की एक अवहेलना
एक पौराणिक कथा बना सकती है?

00:46.130 --> 00:48.340
मैं आपको डेविड की कहानी सुनाऊंगा,

00:48.924 --> 00:52.386
एक आम-सा चरवाहा, समाज से निष्कासित एक लड़का

00:53.053 --> 00:56.891
जो आज तक के सबसे प्रसिद्ध राजाओं में से
एक बन गया।

01:03.189 --> 01:06.108
एक समय था जब इज़राइल का कोई राजा नहीं था।

01:07.193 --> 01:10.613
मूसा ने जब समुद्र को बाँटा था,
उसके पाँच सौ साल बाद,

01:11.405 --> 01:14.116
लोग बंटे हुए थे
और उनका कोई मार्गदर्शक नहीं था।

01:16.285 --> 01:20.247
तब सैमुअल,
महान नबियों में से सबसे आख़िरी नबी ने

01:21.165 --> 01:23.959
बेंजामिन कबीले के सॉल की ताजपोशी

01:24.543 --> 01:26.629
इज़राइल के पहले राजा के तौर पर की।

01:27.379 --> 01:32.134
मगर सैमुअल ने लोगों को आगाह किया कि वे
मिस्र से बचाने वाले परमेश्वर को न भूलें।

01:33.886 --> 01:37.807
पच्चीस सालों तक राजा सॉल ने राज किया,

01:37.890 --> 01:42.561
प्रजा का प्यार पाया,
हर युद्ध में जीत हासिल की।

01:43.896 --> 01:49.902
साथ ही, सॉल का अहंकार बढ़ता गया,
उसके और सैमुएल के बीच दरार आती गई।

01:51.111 --> 01:52.571
हर नई जीत के साथ,

01:53.113 --> 01:57.743
इज़राइल की प्रजा परमेश्वर के बजाय
अपने राजा पर यकीन करने लगी।

01:58.160 --> 02:02.248
सॉल वंश अमर रहे।

02:02.998 --> 02:04.166
अमर रहे!

02:11.298 --> 02:13.425
एलाह का दर्रा - फिलिस्तीन का युद्ध

02:26.438 --> 02:27.773
वो लोग कितने होंगे?

02:27.857 --> 02:29.817
दो लाख से ज़्यादा ही।

02:51.922 --> 02:53.507
वह एक आदमी ही तो है, पिता जी।

02:54.967 --> 02:56.010
सच में?

02:56.552 --> 03:00.180
हमारा सामना कितने दिन कर पाओगे?

03:02.099 --> 03:03.726
अपना शूरवीर भेजो।

03:06.186 --> 03:09.899
कायर हो तुम सब। कायर।

03:14.236 --> 03:15.404
गोलायथ!

03:28.876 --> 03:32.755
परमेश्वर, मुझे हिम्मत देना।
हर कदम पर। बस एक बार।

03:33.213 --> 03:35.716
मैंने शूरवीर को भेजने को कहा है।

03:36.216 --> 03:42.139
तुम एक लाठी लेकर मुझसे लड़ोगे,
तुम मेरे गुस्से का शिकार बनोगे।

03:57.112 --> 03:58.197
दूसरा लाओ।

04:04.828 --> 04:05.746
एक और।

04:19.969 --> 04:20.803
अरे नहीं।

04:30.729 --> 04:35.651
तो, अब जबकि लोगों के किस्मत का फैसला
एक पल पर टिका हुआ है,

04:36.986 --> 04:39.154
मैं फिर से वही सवाल पूछता हूँ।

04:43.117 --> 04:47.955
क्या एक पत्थर इतिहास बदल सकता है?

04:52.376 --> 04:58.632
हाउस ऑफ़ डेविड

05:04.263 --> 05:05.931
एक साल पहले

05:11.020 --> 05:13.897
बेथलेहेम
जूडाह का कबीला

05:20.279 --> 05:21.280
क्या कर रहे हो?

05:22.114 --> 05:23.115
अब ठीक है।

05:23.741 --> 05:24.742
कोई बात नहीं।

06:05.657 --> 06:06.492
अरे नहीं।

06:32.017 --> 06:34.228
चलो। जल्दी हो जाओ।

06:57.000 --> 06:59.962
बच्चे, मुझे माफ़ कर दो।

07:02.422 --> 07:04.299
जानता हूँ। कुछ नहीं होगा।

07:05.968 --> 07:08.595
अब, चुप हो जाओ।

07:30.534 --> 07:33.954
मूसा क्यों नहीं जा सकते थे?
उन्हें मरना क्यों पड़ा?

07:34.037 --> 07:36.999
क्योंकि जब वह बहुत, बहुत बूढ़े हो गए…

07:37.082 --> 07:37.916
आपकी तरह?

07:40.752 --> 07:42.796
हाँ, बहुत बूढ़े मेरी तरह।

07:42.880 --> 07:49.052
इज़राइलियों को 40 साल राह दिखाने के बाद
मूसा ने उसी पहाड़ पर आख़िरी सांस ली।

07:51.138 --> 07:57.561
अवहेलना करने की कीमत चुकानी पड़ती है,
मूसा जैसे महान इंसान को भी।

07:59.396 --> 08:02.733
तो फिर मूसा के बगैर जॉशुआ ने क्या किया?

08:02.816 --> 08:07.446
खैर, परमेश्वर ने उनसे तीन बार कहा,
"ताक़तवर और हिम्मतवर बनो।"

08:08.030 --> 08:12.701
ताक़तवर और हिम्मतवर बनो। डरो मत।

08:12.784 --> 08:18.415
क्योंकि डर एक दुश्मन है, समझे।
डर ख़ुशियों का लुटेरा है।

08:19.708 --> 08:21.418
फिर हम अब तक क्यों छिप रहे हैं?

08:23.337 --> 08:25.214
क्योंकि उनका काम अभी पूरा नहीं हुआ।

08:27.799 --> 08:29.176
सही कहा, डेविड।

08:31.511 --> 08:32.804
इसलिए हमें डरना नहीं चाहिए।

08:35.057 --> 08:41.480
हमें डर का सामना करना चाहिए क्योंकि
परमेश्वर हमारा साथ देने को हमेशा रहेंगे।

08:42.981 --> 08:45.734
तुम्हें तो भेड़ों का ध्यान रखने का
काम दिया था न, छोटे चरवाहे?

08:45.817 --> 08:46.652
मैंने रखा।

08:47.653 --> 08:51.114
पर अच्छे से नहीं।
क्या करके घर आए हो मैंने देखा।

08:52.449 --> 08:53.825
शेर वापस लौट आया है।

08:53.909 --> 08:55.702
शेर? फिर तुम कहाँ थे?

08:57.287 --> 09:01.583
छुट्टी पर… अपनी माँ के गीत गाते हुए?

09:01.667 --> 09:02.960
माँ को कुछ कहा तो देख लेना।

09:03.710 --> 09:09.091
नेथानील, डेविड, हमारे लोगों की कहानी
तुम्हारे लिए मायने नहीं रखती?

09:09.174 --> 09:13.804
माफ़ कर दीजिए, पिता जी।
मैं इस चरवाहे की वजह से भटक गया था।

09:23.146 --> 09:24.147
बेचारा मेमना।

09:25.023 --> 09:25.941
यह बच गई।

09:27.567 --> 09:29.152
क्या पिता जी को इस का पता है?

09:30.487 --> 09:32.614
आवा, अंदर जाओ।

09:34.741 --> 09:35.826
डेविड।

09:36.410 --> 09:37.494
पिता जी।

09:38.578 --> 09:39.913
कितनी भेड़ कम हैं?

09:41.999 --> 09:43.000
चार भेड़।

09:43.083 --> 09:44.418
डेविड, मैं कोई अमीर नहीं हूँ।

09:47.170 --> 09:48.171
वही पुराना शेर था।

09:52.968 --> 09:54.094
वह शेर तो मर चुका है।

09:55.262 --> 09:58.849
वही था। जब तक हम उसे सच में नहीं मारते
भेड़ वहाँ चर नहीं सकतीं।

09:59.474 --> 10:00.517
हम और भेड़ खोते रहेंगे।

10:00.726 --> 10:04.521
डेविड, तुम्हें तो पता है
और जगहों पर हम नहीं चरा सकते।

10:04.604 --> 10:06.565
तो कुछ लोगों को इकट्ठा करके
उसका शिकार करते हैं।

10:06.940 --> 10:07.858
कोई साथ नहीं आएगा।

10:07.941 --> 10:08.775
मगर क्यों?

10:12.946 --> 10:13.780
मेरी वजह से।

10:14.281 --> 10:15.657
तुम्हारी वजह से नहीं।

10:15.741 --> 10:17.659
पूरा बेथलेहेम मेरे साथ यूँ ही पेश आता है,

10:18.076 --> 10:19.494
जैसे मेरे भाई पेश आते हैं।

10:19.995 --> 10:22.122
इस घर में मेरी हैसियत एक नौकर जैसी है।

10:22.998 --> 10:25.625
तुम मेरे बेटे हो, वैसे ही जैसे वो हैं।

10:27.461 --> 10:28.670
मैं खुद उस शेर को मारूंगा।

10:29.087 --> 10:31.173
तुम ऐसा नहीं करोगे।
मैं कोई रास्ता निकालता हूँ।

10:31.256 --> 10:32.507
जैसे पिछली बार निकाला था?

10:34.801 --> 10:36.720
तुम्हारी माँ के साथ
इसे भी दफ़ना देना चाहिए था।

10:36.845 --> 10:40.932
मैं इस बाजे की आवाज़ अपने घर में दोबारा कभी
नहीं सुनना चाहता। सुना तुमने, डेविड।

10:42.601 --> 10:44.561
पिता जी, उनकी बस एक यही याद बची है।

10:45.979 --> 10:46.980
तुम कहाँ जा रहे हो?

10:47.064 --> 10:48.065
जहाँ मेरी जगह है।

10:48.398 --> 10:50.984
डेविड!

11:17.761 --> 11:19.888
मुझे ज़िंदगी का मकसद दिखाइए।

11:19.971 --> 11:21.807
आपने मेरे लिए क्या सोचा है मुझे दिखाइए।

11:23.016 --> 11:24.226
मुझे दिखाइए कि मैं कौन हूँ।

11:28.021 --> 11:29.064
कृपा करो।

11:53.213 --> 11:58.969
हर गीत का एक मकसद होना चाहिए।
जैसे, हर ज़िंदा चीज़ का होता है।

12:08.562 --> 12:09.479
अब तुम कोशिश करो।

12:13.233 --> 12:16.736
मैं करूँगा तेरा शुक्र अदा ओ ख़ुदा

12:16.987 --> 12:20.907
तहे दिल से

12:21.575 --> 12:24.870
करूँगा मैं याद

12:25.287 --> 12:29.374
तेरे सारे करिश्मों को बार-बार

12:30.542 --> 12:37.549
और मज़लूमों का सहारा
सदा तू ही रहेगा ऐ ख़ुदा

12:38.967 --> 12:45.932
मुश्किल दौर का मज़बूत सहारा है तू

12:48.268 --> 12:54.816
जो लोग जानते हैं तेरा नाम

12:56.985 --> 13:02.782
करेंगे यक़ीन एक तुझ पर ही

13:05.619 --> 13:10.290
क्योंकि तुमने न छोड़ा कभी उनका साथ

13:14.211 --> 13:19.799
जिन्होंने पकड़ा तेरा हाथ, ऐ ख़ुदा

13:59.422 --> 14:03.385
हवीला
अमलेकाइट्स की जंग

14:03.468 --> 14:07.639
गोलायथ का सामना करने से पहले
एक आख़िरी बड़ी जंग जो इज़राइल को लड़नी थी

14:07.722 --> 14:09.808
वह अमलेकाइट्स के खिलाफ़ थी,

14:09.891 --> 14:15.063
खून पीने वाले दरिंदों का एक क्रूर राज्य
जो कई पीढ़ियों से इज़राइल को सताते आ रहे थे।

14:20.944 --> 14:26.992
राजा सॉल को नबी सैमुअल ने यह निर्देश दिया
कि वह इस जंग से कोई लूट न ले,

14:27.075 --> 14:31.162
अमलेकाइट्स का कोई सामान अपने पास न रखे
और उनके वहशी आदमखोर शासक,

14:31.246 --> 14:33.832
राजा अगाग को क़त्ल कर दे।

14:39.170 --> 14:42.966
कई दिनों की लड़ाई के बाद,
मेरे पिता, राजा सॉल,

14:43.883 --> 14:47.846
और मेरे भाई राजकुमार जोनाथन ने
एक बार फिर से जंग जीत ली।

14:47.929 --> 14:49.931
हमारी जीत हुई!

14:52.267 --> 14:55.478
परमेश्वर के लिए और इज़राइल के लिए,

14:56.980 --> 14:58.648
और हमारे राजा के लिए!

15:09.659 --> 15:10.493
राजकुमार।

15:17.167 --> 15:19.044
परमेश्वर ने यह नई सुबह हमारे नाम की है।

15:19.753 --> 15:21.129
हमने कितनों को खोया?

15:21.212 --> 15:22.422
पाँच हज़ार।

15:24.841 --> 15:26.051
हमने जीत की भारी कीमत चुकाई है।

15:27.636 --> 15:29.429
मगर अमलेकाइट्स हार चुके हैं।

15:32.932 --> 15:35.602
खबर आई है कि बेथलेहेम का
पूर्वी सरहद का गाँव बर्बाद हो गया

15:35.685 --> 15:37.854
सरहद का गांव? किसने किया?

15:38.396 --> 15:40.482
मैं एक टुकड़ी को पता करने भेज रहा हूँ।

15:41.775 --> 15:42.776
मेरे लिए घोड़ा तैयार करो।

15:42.859 --> 15:44.903
युवराज, वहाँ जाना दिन भर का सफर है।

15:45.320 --> 15:47.822
और आप कई दिनों से जंग के मैदान में हैं।

15:49.866 --> 15:50.950
मुझे वहां ले चलो।

15:54.537 --> 15:56.122
चलो सीमा पास के गांव चलते हैं।

15:57.749 --> 15:59.042
एलिअब, तुम थक गए हो क्या?

15:59.125 --> 16:00.502
नहीं, मैं कभी नहीं थकता।

16:10.762 --> 16:13.682
बाल हाज़ौर
बेथलेहेम के उत्तर में सरहद पास का एक गांव

16:14.683 --> 16:18.019
जब हम एक तरफ दुश्मनों से लड़ रहे थे, तभी
दूसरी तरफ हमारे ही लोगों पर हमला हो गया।

16:18.478 --> 16:20.980
जिनकी हिफाज़त को कोई न था।
वे एकदम निहत्थे थे।

16:23.441 --> 16:26.403
ऐसा कौन करेगा? फिलिस्तीनी?

16:27.404 --> 16:30.949
वे इतने अंदर हमारे इलाके में क्यों आएँगे?
इस जगह से उन्हें क्या फ़ायदा होगा।

16:32.951 --> 16:35.286
क्या तुम में से किसी ने
पहले ऐसा कुछ भी देखा है?

16:36.204 --> 16:37.080
एलिअब?

16:37.997 --> 16:41.584
सभी के टुकड़े-टुकड़े कर दिए हैं उन्होंने
ज़रा भी रहम नहीं बरता। कैसे?

16:41.876 --> 16:42.752
एक ज़िंदा बचा है।

16:46.673 --> 16:47.674
उसे नीचे उतारो।

16:49.008 --> 16:51.469
आराम से। इसने काफी कुछ सहा है।

16:52.137 --> 16:55.765
बच्चे, मैं तुम्हारा युवराज हूँ,
राजा सॉल का बेटा।

16:56.558 --> 16:58.226
मुझे सारी बात सच सच बताओ, ठीक है?

17:04.607 --> 17:08.361
मेरा नाम जोनाथन है। तुम्हारा नाम क्या है?

17:11.865 --> 17:13.283
बता सकते हो ये सब किसने किया?

17:13.616 --> 17:14.451
या ख़ुदा…

17:24.794 --> 17:25.670
भागो!

17:26.838 --> 17:27.839
भागो!

17:37.849 --> 17:38.725
भागो।

18:01.748 --> 18:02.999
मुझे माफ़ कर दो।

18:06.586 --> 18:08.713
युवराज होते हुए भी
तुम लोगों को बचा नहीं पाया।

18:10.673 --> 18:12.175
तुम्हारी हिफाज़त करना मेरा काम है।

18:13.510 --> 18:15.595
अब मुझे बताओ कि ये सब किसने किया?

18:17.096 --> 18:22.894
और कसम खाता हूँ, मैं उन्हें खोज निकालूंगा
और उन्हें वापस मिट्टी में मिला दूँगा।

18:24.938 --> 18:26.147
सिर्फ तुम्हारे लिए।

19:01.099 --> 19:06.479
"उन दिनों पृथ्वी पर दैत्य हुआ करते थे…
और वे आज भी हैं।"

19:25.164 --> 19:26.958
तुम इसमें अच्छे होते जा रहे हो।

19:29.127 --> 19:31.838
जैसा आपने कहा था,
मैंने सभी भेड़ों का हिसाब सही से

19:32.630 --> 19:34.340
मैं भेड़ों को देखने नहीं आया हूँ।

19:37.468 --> 19:41.598
कल रात मैंने आपसे जैसे बात की
उसके लिए माफ़ कीजिएगा।

19:46.519 --> 19:50.982
तुम अपनी माँ पर गए हो,
वो घोड़ा हो जिसे कोई लगाम नहीं लगा सकता।

19:51.065 --> 19:53.026
पिता जी,
मुझे इन पहाड़ियों में क्यों रखा है?

19:53.109 --> 19:55.069
-मुझे किसी बीमारी की तरह छिपाते हो।
-डेविड।

19:55.153 --> 19:58.114
राजा की सेना में क्यों नहीं भेजते?
मुझे खुद को साबित करने दीजिए।

19:58.197 --> 20:01.618
उस जैसे राजा की सेवा करके
कोई भला नहीं होने वाला।

20:01.701 --> 20:02.660
ये बात एलिअब को कहिए।

20:02.744 --> 20:04.621
कहा है। कई दफा।

20:04.704 --> 20:08.541
फिर, मेरे भाई जंग में क्यों जाते हैं
और मैं यहाँ अटका हुआ क्यों हूँ?

20:08.625 --> 20:10.168
क्योंकि वह उन्हें जबरन ले गए।

20:11.336 --> 20:14.797
हमारे नबी ने आगाह किया था
फिर भी वह हमसे लगान लेते हैं।

20:15.048 --> 20:17.050
इज़राइल का
कभी कोई राजा होना ही नहीं चाहिए था।

20:18.051 --> 20:21.471
वह पहले ही हमसे बहुत कुछ ले चुका है।
अब तुम्हें ले जाने नहीं दूँगा।

20:21.554 --> 20:24.223
मेरी जगह यह नहीं है, पिता जी।
मैं अच्छे से जानता हूँ।

20:26.267 --> 20:27.727
मैं इससे ज़्यादा के लिए बना हूँ।

20:29.103 --> 20:30.396
ऐसा कैसे कह सकते हो?

20:31.356 --> 20:33.107
क्योंकि परमेश्वर मुझसे बातें करते हैं।

20:33.733 --> 20:38.196
जब मैं इन वादियों में अकेला होता हूँ।
मुझे उनकी आवाज़ सुनाई देती है, माँ के जैसे।

20:39.697 --> 20:40.740
उन्होंने मुझसे कहा…

20:41.574 --> 20:42.492
आवा।

20:50.291 --> 20:51.334
आवा!

20:52.251 --> 20:53.211
आवा,

20:58.716 --> 20:59.634
आवा।

21:03.179 --> 21:04.263
अरे, नहीं।

21:04.347 --> 21:05.306
आवा?

21:06.057 --> 21:06.891
डेविड।

21:13.022 --> 21:14.148
यहाँ आओ।

21:16.734 --> 21:17.735
तुम ठीक हो?

22:16.044 --> 22:18.129
परमेश्वर मेरा इम्तिहान क्यों ले रहा है?

22:18.755 --> 22:21.215
इस वहशी ने मेरे घर पर हमला किया।

22:22.216 --> 22:25.636
डेविड, रुक जाओ।
तुम उसका सामना अकेले नहीं कर पाओगे।

22:25.720 --> 22:29.682
मैं कर सकता हूँ और करूँगा। हम सब के लिए।

22:29.766 --> 22:32.143
नहीं। रुक जाओ।

22:33.978 --> 22:35.480
मैं इंतज़ार करके थक चुका हूँ।

22:36.064 --> 22:37.356
डेविड, रुक जाओ।

22:55.208 --> 22:59.629
गिलगाल खेमा
अमलेकाइट्स की हार के बाद

22:59.712 --> 23:00.838
लड़के का क्या करेंगे?

23:01.422 --> 23:02.423
यह मेरे साथ रहेगा।

23:05.051 --> 23:09.889
युवराज, बच्चे कहानियाँ बनाते हैं।
इसकी बातें लोगों में डर फैलाएगा।

23:10.431 --> 23:12.767
-और ये बच्चा…
-अब तक एक शब्द नहीं बोला है।

23:14.310 --> 23:18.356
जाओ। बाकियों से मिलो। इस जीत का जश्न मनाओ।

23:25.446 --> 23:30.785
गिबियाह की जय हो! सॉल वंश, कीश के बेटे

23:31.410 --> 23:33.162
बेंजामिन की शान की जय हो,

23:33.579 --> 23:37.250
जिसने राजा अगाग को हराकर
उसकी शराब से हमारा पेट भरा है।

24:05.236 --> 24:09.073
ध्यान रहे कि राजा का सिंहासन
ज़मीन से एक हाथ ऊपर उठा हुआ हो।

24:09.157 --> 24:11.075
सच बताइए, माँ, इससे क्या ही फ़र्क पड़ता है?

24:11.159 --> 24:12.535
हर बारीकी मायने रखती है।

24:12.743 --> 24:17.081
मीखाल, अंदर ले जाओ। अच्छा काम किया है।
पूरा होने पर मैं देखूँगी।

24:17.957 --> 24:21.544
जंग के मैदान में अगर आप अकेली होतीं,
तो भी हम पहले दिन ही जीत जाते।

24:21.627 --> 24:23.254
-राजकुमार जोनाथन।
-रानी साहिबा।

24:23.337 --> 24:25.548
परमेश्वर मेरे बेटे को
सही सलामत वापस लाया है।

24:29.343 --> 24:30.887
-कहीं ज़ख्म तो नहीं?
-एक खरोंच भी नही।

24:32.054 --> 24:33.431
ख़ैर, ज़्यादा नहीं हैं।

24:35.141 --> 24:39.061
-जोनाथन, रोज़ सलामती की दुआ माँगी।
-मेरी बहन।

24:39.145 --> 24:41.606
-और यह बच्चा कौन है?
-जोनाथन, हर आवारा को यहाँ मत लाया करो।

24:41.689 --> 24:43.065
मैं बस इसे ही लाया हूँ।

24:43.149 --> 24:44.233
इसे क्या हुआ है?

24:44.317 --> 24:47.945
सीमा पास इसके पूरे गाँव को तबाह कर दिया।
अकेला यही बचा।

24:48.154 --> 24:52.366
मीखाल, ये पोशाक मिस्र की है।
है न, माँ? उसकी पोशाक।

24:52.783 --> 24:53.951
तुम्हारा नाम क्या है?

24:54.118 --> 24:55.077
यह कुछ नहीं बोलता।

24:56.495 --> 24:57.455
रूबेन

24:58.873 --> 25:03.711
अच्छा, रूबेन। आओ चलो।
तुम्हें अंजीर पसंद हैं? मुझे तो पसंद हैं।

25:04.462 --> 25:05.463
सफ़र कैसा था?

25:05.546 --> 25:06.964
ऐसी कि उल्टी करती आई हूँ।

25:07.506 --> 25:10.885
तुम जंग के मैदान में आई हो
मतलब महल में तुम्हारा मन नहीं लग रहा था।

25:11.802 --> 25:14.513
महल के खतरों के सामने
जंग के मैदान के खतरे कुछ नहीं हैं।

25:14.597 --> 25:16.390
कम से कम यहाँ पता तो होता है
कि दुश्मन कौन है।

25:16.641 --> 25:18.976
हमेशा नहीं। आप सब क्यों आई हैं?

25:19.060 --> 25:22.313
पिता जी ने हमें बुलाया है।
हम एकजुटता दिखाने आए हैं।

25:23.105 --> 25:26.400
कबीलों को सम्मान दिया जाना चाहिए।
जंग में नायक उभरते हैं।

25:26.859 --> 25:28.110
नायकों की शादी होनी चाहिए।

25:29.195 --> 25:30.404
राजकुमारों की भी।

25:36.953 --> 25:38.162
तुमने काफी कुछ अकेले झेल लिया।

25:38.246 --> 25:40.748
माँ, मैं अभी एक जंग लड़कर आ रहा हूँ।

25:41.666 --> 25:42.959
दूसरी जंग लड़ना नहीं चाहता।

25:44.919 --> 25:45.753
पिता जी कहाँ हैं?

25:45.836 --> 25:48.172
-पहाड़ों पर कहीं हैं?
-उस वाले पहाड़ पर।

25:49.215 --> 25:50.883
जीत की निशानी बनवा रहे हैं।

25:51.592 --> 25:52.468
और एश्बाल?

25:52.551 --> 25:54.887
लूट के माल का पीछा करो
तो पक्का वह कहीं मिल जाएगा।

26:00.476 --> 26:02.395
युवराज, मैं आपके और क्या काम आ सकती हूँ?

26:03.479 --> 26:06.941
खैर, अभी तो यह प्याला भरा हुआ है।
मगर पास ही रहो।

26:07.650 --> 26:10.569
मुझे भूख जल्दी लग जाती है।

26:15.700 --> 26:17.410
मैं कभी शाही परिवार के इतने करीब नहीं रही।

26:19.620 --> 26:21.455
आओ। यहाँ बैठो।

26:24.458 --> 26:26.585
बैठ जाओ। मैं काटता नहीं हूँ।

26:29.505 --> 26:30.381
यहाँ पर।

26:34.260 --> 26:36.971
तुम्हारा चेहरा बेहद ख़ूबसूरत है।

26:37.680 --> 26:40.850
मुझे बताओ, तुम्हारा नाम क्या है?

26:41.934 --> 26:42.852
केज़िया।

26:42.935 --> 26:43.769
केज़िया।

26:44.603 --> 26:48.149
अगर मुझे आपकी बहन की
देखभाल के काम में लगा दिया जाए,

26:50.109 --> 26:52.028
तो आप मेरी और भी ख़ूबसूरती देख सकते हैं।

26:54.363 --> 27:00.745
काफी चालाक हो, है न?
शायद मैं ऐसा करवा सकता हूँ।

27:01.829 --> 27:03.080
आप एक दिन राजा बनेंगे?

27:07.293 --> 27:12.173
मुझे ताज के बोझ की बजाय

27:12.256 --> 27:14.425
सत्ता का पतन ज़्यादा पसंद है।

27:14.800 --> 27:15.676
एश्बाल।

27:15.760 --> 27:17.261
बोझ का नाम लो और वो हाज़िर।

27:17.345 --> 27:18.471
युवराज।

27:22.808 --> 27:28.022
सलाम, मेरे भाई। काफी परेशान लग रहे हो।
क्या मुझसे कोई चूक हो गई?

27:28.105 --> 27:31.067
तुम अच्छे से जानते हो।
एक महान युद्ध चूक गए तुम।

27:31.442 --> 27:34.028
सच में? महान युद्ध?

27:34.111 --> 27:38.074
युद्ध वो लोग लड़े और जीते
जिन्हें खून-खराबे और जीत की भूख थी।

27:38.157 --> 27:42.036
वहाँ मेरी ज़रूरत नहीं पड़ी होगी। और वैसे भी,
उस नौटंकी के लिए बहुत छोटा और भोला हूँ।

27:42.119 --> 27:44.413
तुमसे कम उम्र के लोग भी
जंग में हिस्सा लेकर शहीद हुए हैं।

27:44.497 --> 27:47.792
उनके लिए अच्छा है।
ख़ुदा उनकी कुर्बानी का इनाम दे।

27:51.545 --> 27:52.546
तुम्हारा किया धरा है।

27:52.922 --> 27:55.424
भाई, ज़रा खुलकर बताओ।

27:55.508 --> 27:58.594
इन शापित चीज़ों को रखने के लिए
तुमने ही पिता जी को मनाया।

28:01.430 --> 28:05.768
शापित? कितनी शानदार हैं,
तुम्हें ये शापित क्यों लगती हैं?

28:06.310 --> 28:09.563
खैर, महाराज को
इससे कोई आपत्ति नहीं है, तो…

28:11.565 --> 28:13.901
अब चलो भी, भाई।

28:16.278 --> 28:17.947
हमारी इतनी बड़ी जीत का मज़ा लो।

28:20.449 --> 28:21.742
तुम इसके हक़दार हो।

28:29.125 --> 28:32.211
ठीक है। जैसी तुम्हारी मर्ज़ी।

28:32.837 --> 28:35.881
युवराज, योआब और राजा आबनर ने
आपको बुलावा भेजा है।

28:39.009 --> 28:39.844
अब जाओ।

28:40.928 --> 28:42.555
हम इस पर फिर कभी बात करेंगे।

28:42.638 --> 28:43.764
मुझे इंतज़ार रहेगा।

28:49.520 --> 28:52.523
मैं तुम्हें 50 बैल
और 400 भेड़ें हिस्से में दे सकता हूँ।

28:52.606 --> 28:55.443
इज़राइल के कबीलों में
हम सबसे छोटे और कम क्यों हैं?

28:55.526 --> 28:57.611
क्योंकि तुम हो छोटे। अब जाओ।

28:57.695 --> 29:03.325
आबनर, इनका हिस्सा दोगुना कर दो।
तुम मेरी नज़रों में कमतर नहीं हो।

29:04.243 --> 29:05.703
महाराज अमर रहें।

29:07.538 --> 29:08.956
आप बहुत ज़्यादा दे रहे हैं।

29:09.707 --> 29:10.624
मेरा दिल बड़ा है।

29:10.875 --> 29:14.003
चीज़ों के बदले मिली वफ़ादारी
ज़्यादा देर नहीं टिकती है।

29:14.086 --> 29:18.507
जवानी भी नहीं टिकती। मगर जब तक टिके,
ख़ुशी के साथ टिके, मेरे दोस्त।

29:37.151 --> 29:38.027
पिता जी।

29:38.652 --> 29:40.237
जोनाथन, मेरा बेटा।

29:40.321 --> 29:41.155
महाराज।

29:46.035 --> 29:47.453
काफी ऊँचा पत्थर है, है न?

29:47.536 --> 29:50.414
और यह किसकी याद दिलाएगा?
अमलेकाइट्स की हार का?

29:50.498 --> 29:54.001
उससे भी बढ़कर।
यह हमेशा-हमेशा के लिए एक निशानी होगी।

29:54.084 --> 29:57.546
इज़राइल की शान, यानी यह
हमारे कबीले की महानता का निशानी होगा।

29:58.506 --> 29:59.423
परमेश्वर की महानता?

30:00.257 --> 30:02.510
हमारी महानता उनकी महानता है।

30:05.638 --> 30:07.014
सीमा पास के गाँव में क्या हुआ?

30:07.932 --> 30:13.354
उन्होंने उसे पूरी तरह तबाह कर दिया।
बस एक बच्चा बचा। मैं उसे साथ लाया हूँ।

30:14.104 --> 30:15.064
किसने तबाह किया?

30:15.397 --> 30:19.818
पता नहीं। वहाँ टोकरी से भी बड़े
हाथ के निशान के अलावा कुछ नहीं मिला।

30:20.903 --> 30:22.780
और भालों के आकार के तीर थे।

30:25.366 --> 30:28.869
जॉशुआ के दौर के बाद से
धरती पर दैत्यों को नहीं देखा गया है।

30:29.537 --> 30:31.455
करीब सैकड़ों सालों से तो नहीं।

30:33.040 --> 30:35.918
यह हमें डराने के लिए
फ़िलिस्तीनियों की एक चाल है।

30:36.001 --> 30:38.045
ताकि हमें डराकर वापस गुफाओं में भेज दें।

30:39.380 --> 30:40.256
मुमकिन है।

30:41.924 --> 30:43.425
तुम अब भी परेशान लगते हो।

30:45.844 --> 30:48.514
हम इन वहशी लोगों से लूटे सामानों को
लोगों में बाँट क्यों रहे हैं?

30:49.765 --> 30:51.141
उन्हें बंदी क्यों बना रहे हैं?

30:52.017 --> 30:53.561
हमें कुछ भी नहीं रखने को कहा था।

30:55.104 --> 30:56.105
सैमुअल ने।

30:56.313 --> 30:57.815
हाँ, पिता जी। सैमुअल ने यही कहा था।

30:59.608 --> 31:00.484
हाँ।

31:01.443 --> 31:04.071
बेटे, उनका वक़्त बीत चुका है।

31:05.823 --> 31:11.870
नबियों का दौर जा चुका है। यह राजाओं का
दौर है और हम उसके पहल करने वाले हैं।

31:12.538 --> 31:14.707
इज़राइल का पहला वंश।

31:16.000 --> 31:19.086
मगर, हमें अब भी उनकी इज़्ज़त करनी चाहिए।
वह परमेश्वर की बातें बोलते हैं।

31:20.713 --> 31:23.674
परमेश्वर मुझसे बात क्यों नहीं कर सकते,
उन्होंने ही ताजपोशी की है।

31:24.842 --> 31:26.218
सैमुअल ने ताजपोशी की है।

31:31.890 --> 31:32.891
जोनाथन,

31:34.310 --> 31:39.231
जब तुम राजा बनोगे, तब हरदम कोई न कोई
तुमसे नाराज़ रहेगा। हमेशा ही।

31:40.983 --> 31:42.568
ऐसे में मुझे किसे ख़ुश रखना चाहिए?

31:43.319 --> 31:47.156
उन 12 कबीलों के सरदारों को,
जिनके लोग हमारे लिए लड़े हैं,

31:47.239 --> 31:51.744
हमारे तख़्त को बचाते हुए कुर्बान हुए हैं?
या फिर बस एक इंसान को ख़ुश रखें?

31:54.580 --> 31:56.290
मुझे सियासत में दिलचस्पी नहीं है।

31:56.373 --> 31:58.500
ज़िंदगी ही सियासत है, बेटे।

31:59.418 --> 32:01.462
तख़्त पर बैठकर करने से भी ज़्यादा।

32:02.379 --> 32:07.926
ये सब बातें छोड़ो। अब चलो।
हमें इस जीत का जश्न मनाना है।

32:15.851 --> 32:18.812
पवित्र स्थल
रामाह

32:21.398 --> 32:26.779
सॉल… मेरे बच्चे…

32:28.656 --> 32:30.157
यह तुमने क्या किया?

32:34.411 --> 32:35.579
यह तुमने क्या कर दिया?

32:41.418 --> 32:42.461
परमेश्वर ने आपसे बात की?

32:43.545 --> 32:44.505
हमें जाना होगा।

32:49.009 --> 32:49.927
कहाँ?

32:53.931 --> 32:56.934
वो बातें बताने जो मुझे बताई गई हैं।

32:58.769 --> 33:01.689
जो गलती कर दी गई है उसे ठीक करने।

33:03.899 --> 33:06.527
मेरे रहनुमा, आपके जूते।

33:19.832 --> 33:24.253
देखिए, आप हमारे लोगों के लिए
कितनी तरक्की और ख़ुशहाली लेकर आए हैं।

33:29.800 --> 33:30.634
इस पल का मज़ा लीजिए।

33:41.228 --> 33:42.062
महाराज पधार रहे हैं।

33:48.736 --> 33:50.320
हमें आप पसंद हैं, महाराज सॉल!

34:06.253 --> 34:07.337
माफ़ करना।

34:13.886 --> 34:14.720
हाँ, माँ?

34:15.220 --> 34:17.055
-तमीज़ से रहो।
-मैं कब नहीं रहता?

34:18.724 --> 34:20.225
तुम अपनी शराब पियो।

34:20.601 --> 34:22.686
वो लोग सबसे बेहतरीन शराब
महाराज के लिए बचाकर रखते हैं।

34:23.812 --> 34:25.063
नहीं, ऐसे… मत करो।

34:25.147 --> 34:27.232
फिर तो तुम्हें भी
महाराज के पास रहना चाहिए।

34:28.734 --> 34:34.490
कृपया, सब शांत हो जाइए।

34:35.532 --> 34:37.701
कृपया शांति बनाओ, मेरे बच्चों।

34:38.035 --> 34:42.206
मेरे महाराज। पूरे इज़राइल के आक़ा,

34:42.289 --> 34:46.668
मैं हूँ एड्रियल, बर्ज़िलाई का बेटा
जूडाह कबीले का सरदार।

34:46.752 --> 34:49.463
बर्ज़िलाई के बेटे, एड्रियल,
तुम्हारा स्वागत है।

34:49.963 --> 34:53.550
अब्राहम के बेटों में
जूडाह एक लंबे वक़्त से शेर की तरह रहा है।

34:53.634 --> 34:59.348
वैसे ही जैसे बेंजामिन जैसे एक छोटे
कबीले से हमें आप जैसा महान नायक मिला।

35:01.141 --> 35:04.186
वो कहते हैं न, कीचड़ में ही कमल खिलता है।

35:06.605 --> 35:09.274
जब मैं जवान था, हम सब बिखरे हुए थे,

35:09.358 --> 35:13.737
उन दुश्मनों के डर से गुफाओं में छिपते थे
जिन पर आपने हमें जीत दिलाई।

35:13.821 --> 35:18.283
हम बगैर किसी रहनुमा के थे, बंटे हुए थे,
हर पड़ोसी राज्य वाले हम पर ज़ुल्म करते थे।

35:18.700 --> 35:22.746
मगर सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने
हमारी गुहार सुन ली

35:23.747 --> 35:29.586
और हमारे लिए बेंजामिन कबीले से किश के बेटे
सॉल को हमारा राजा चुनकर हमें धन्य किया।

35:29.711 --> 35:35.467
और महाराज सॉल, आपने हमें एक राज्य दिया।
आपने हमारे दिल से डर निकाला।

35:35.676 --> 35:39.930
आपने अमलेकाइट्स की लूट से
हमें धनवान बना दिया है।

35:40.806 --> 35:44.643
अब हम उनके जानवरों का गोश्त खा रहे हैं
और उनकी शराब पी रहे हैं,

35:44.726 --> 35:49.273
और उनका ताक़तवर राजा अगाग
आपके पैरों में बैठा जलील हो रहा है।

35:50.649 --> 35:55.696
इसलिए जूडाह कबीला, परमपिता परमेश्वर
द्वारा चुने गए, पूरे इज़राइल के राजा

35:56.363 --> 36:02.202
सॉल वंश के प्रति अपनी वफ़ादारी का
एक बार फिर से वादा करना चाहता है।

36:02.286 --> 36:06.373
आपकी हुकूमत हर पीढ़ी में कायम रहे।

36:15.799 --> 36:21.138
मैं जूडाह की वफ़ादारी का शुक्रगुज़ार हूँ
और यह जाम अपने नाम नहीं,

36:22.556 --> 36:26.602
बल्कि यह जाम मैं…
अपने बेटे के नाम उठा रहा हूँ,

36:26.685 --> 36:30.564
जिसकी हिम्मत और जांबाज़ी का कोई जवाब नहीं।

36:31.440 --> 36:34.067
जिसका दिल मज़बूत है।

36:34.526 --> 36:40.073
दुआ करता हूँ कि लोग मुझे अच्छे राजा के
तौर पर याद करें मगर यह मुझसे भी महान होगा।

36:41.158 --> 36:45.996
आपके युवराज और मेरे प्यार बेटे के नाम।

36:46.163 --> 36:50.500
राजकुमार जोनाथन
और उसकी आने वाली हुकूमत के नाम।

36:50.584 --> 36:55.797
राजकुमार जोनाथन के नाम।
मेरा प्यारा भाई, जो हर काम में माहिर है।

37:00.093 --> 37:01.261
सॉल वंश के नाम।

37:47.683 --> 37:52.479
है कोई जो इस्सकार के नायक के खिलाफ़ खड़ा हो
और अगाग की तलवार पर दावा पेश करे?

37:53.063 --> 37:56.149
एलायब, आओ। जूडाह कबीले की शान के लिए लड़ो।

37:58.235 --> 38:00.737
जूडाह कबीले के एलिअब पर कौन दांव लगाएगा?

38:05.993 --> 38:09.913
महाराज, ये मायावी राजा
अब तक ज़िंदा क्यों है?

38:13.959 --> 38:17.337
बगैर ज़लील किए मैं उसे मौत नहीं दूँगा।

38:19.006 --> 38:21.925
उसने कई पीढ़ियों तक
हमारे लोगों पर ज़ुल्म किए हैं।

38:22.509 --> 38:25.470
ये और इसके लोग आदमखोर और मायावी हैं।

38:26.805 --> 38:28.181
इसे यहाँ रखना ठीक नहीं है।

38:28.807 --> 38:32.936
इसे जहाँ होना चाहिए बिल्कुल वहीं है,
मेरे पैरों के नीचे, कमज़ोर।

38:33.729 --> 38:35.856
इसका यहाँ होना, मेरा यकीन मानिए…

38:35.939 --> 38:37.941
मुझे लगता है तुम्हें शराब पीनी चाहिए।

38:39.359 --> 38:42.571
मज़े करो। अपना दांव लगाओ।

39:28.450 --> 39:32.079
तुम्हारा दौर चला गया, खूनी दरिंदे।

39:33.413 --> 39:34.998
क्या सच में?

39:51.515 --> 39:55.685
डर एक दुश्मन है। डर ख़ुशियों का लुटेरा है।

40:00.148 --> 40:01.483
शेर!

40:50.157 --> 40:52.367
इस जश्न बाज़ी से दूर उस पहाड़ पर,

40:53.368 --> 40:56.037
मैंने एक स्मारक देखा जिस पर लिखा था,

40:56.413 --> 40:59.624
"सॉल वंश की महिमा के नाम।"

41:00.876 --> 41:03.003
"उसने अमलेकाइट्स को हराया।"

41:04.337 --> 41:06.756
"उसका नाम हर समंदर के पार पहुंचे।"

41:08.049 --> 41:11.469
"हर एक पीढ़ी में उसी की हुकूमत कायम रहे।"

41:14.973 --> 41:16.600
"राजा सॉल की महिमा के नाम।"

41:20.228 --> 41:21.646
"राजा सॉल की महिमा के नाम"

41:24.357 --> 41:27.652
हमारे बीच परमपिता परमेश्वर के भेजे
एक नबी आए हैं।

41:28.403 --> 41:31.698
सैमुअल, एल्कानाह के बेटे, आपका स्वागत है।

41:32.490 --> 41:35.577
सर्वशक्तिमान परमेश्वर के नबी
आप पर सलामती हो।

41:36.119 --> 41:39.789
सलाम, बेंजामिन कबीले के, सॉल, किश के बेटे।

41:40.123 --> 41:44.044
इज़राइल के सबसे छोटे कबीलों ने ही
बड़े-बड़े चिराग पैदा किए हैं।

41:44.461 --> 41:47.005
क्या आप हमारे साथ कुर्बानी देने आए हैं?

41:47.839 --> 41:50.926
आप हमारे साथ इस जीत की
और आज के दिन की ख़ुशी मनाने आए हैं?

41:51.009 --> 41:54.846
कल रात परमेश्वर ने मुझसे जो कुछ कहा
वही बताने मैं यहाँ आया हूँ।

41:59.184 --> 42:01.978
हमने परमेश्वर के सभी हुक्म माने हैं।

42:05.315 --> 42:08.193
अमलेकाइट्स को पूरी तरह से तबाह कर दिया है।

42:12.489 --> 42:13.615
सच में?

42:16.451 --> 42:18.828
तो भेड़ों के मिमियाने की आवाज़
मेरे कानों में क्यों आ रही है?

42:20.372 --> 42:22.374
पशुओं की खून बहाना क्यों चल रहा है?

42:33.260 --> 42:37.264
वो जगह जिसे पवित्र होना चाहिए था
वहाँ गंदगी को क्यों लाया गया है?

42:43.228 --> 42:46.231
आओ। आओ, मेरे पुराने दोस्त।

42:46.481 --> 42:47.983
आज रात, साथ में जश्न मनाएंगे।

42:49.776 --> 42:51.403
हम पुरानी कहानियाँ सुनेंगे।

42:52.279 --> 42:56.199
हम परमेश्वर की महिमा को याद करेंगे। आ जाओ।

43:01.121 --> 43:02.664
चलो चलकर अकेले में बात करते हैं।

43:42.537 --> 43:43.997
कुर्बानी की कद्र कीजिये।

43:44.789 --> 43:47.667
हमने जंग के मैदान में
हज़ारों आदमियों की कुर्बानी दी है।

43:48.168 --> 43:49.461
क्या इतना काफी नहीं है?

43:50.879 --> 43:54.382
और फिर भी आप आकर इज़राइल के
कबीलों के सामने मुझे शर्मिंदा कर रहे हैं?

43:55.258 --> 43:56.843
आप मुझे बच्चे की तरह डाँट रहे हैं?

43:56.926 --> 44:01.598
मैंने उस बच्चे की ताजपोशी की थी,
जिसकी आँखों में हमदर्दी थी।

44:01.681 --> 44:05.352
अब एक राजा हूँ।
जो आपने मुझे बनाया वही हूँ।

44:05.435 --> 44:09.356
सॉल, मैं रात भर तुम्हारे लिए रोया,
गुस्से और दुःख में सारी रात बिताई।

44:10.982 --> 44:15.987
मैंने स्वर्ग के परमेश्वर से गुहार लगाई,
मगर वो नहीं माने।

44:16.071 --> 44:18.990
तो अब जो उन्होंने मुझसे कहा
तुम्हें बता दूँ।

44:19.407 --> 44:21.117
आपको इसमें मज़ा आता है, है न?

44:21.701 --> 44:25.622
आख़िर मुझे कैसे पता चलेगा
कि आपकी बताई बातें परमेश्वर की कही हैं

44:26.498 --> 44:30.085
न कि मुझसे जलने वाले
एक बूढ़े आदमी की कही हुई हैं?

44:33.588 --> 44:35.173
मैंने तुम्हें अपने बेटे जैसा चाहा।

44:36.049 --> 44:38.635
और फिर भी आपके अपने बेटों ने
आपको नहीं चाहा।

44:41.471 --> 44:43.681
वही आपकी बताई राह पर नहीं चलते।

44:43.765 --> 44:46.059
क्या यही वजह नहीं थी
कि लोगों ने राजा को चुना।

44:46.142 --> 44:47.060
ठीक है, सॉल।

44:49.229 --> 44:52.273
इज़राइल के पालनहार परमेश्वर ने मुझसे जो कहा
मैं तुम्हें बता देता हूँ।

44:54.818 --> 44:55.735
बताइए।

44:58.863 --> 45:01.116
"मुझे अफ़सोस है मैंने सॉल को राजा बनाया।"

45:02.075 --> 45:03.785
"उसने मुझसे मुंह मोड़ लिया है

45:05.078 --> 45:07.247
और उसने मेरे हुक्मों को नहीं माना।"

45:41.197 --> 45:42.031
मीखाल।

45:44.117 --> 45:45.160
हमने क्या कर दिया?

45:46.411 --> 45:51.249
मैंने परमेश्वर का हुक्म माना है। मैंने
अमलेकाइट्स को पूरी तरह तबाह के दिया है।

45:51.332 --> 45:52.709
फिर भी राजा अगाग ज़िंदा है।

45:52.792 --> 45:55.462
मेरे तख़्त के नीचे
कुत्तों की तरह बंधा हुआ है।

45:55.545 --> 45:57.964
तुम्हें उसे मारने का हुक्म मिला था।

46:00.508 --> 46:02.260
मैंने शुरू से शुरू करके एक सल्तनत बनाई।

46:02.469 --> 46:04.471
बिखरे हुए कबीलों को जोड़कर।

46:06.014 --> 46:07.891
क्यों मेरा उतना करना काफी नहीं है?

46:08.433 --> 46:11.394
तुमने सल्तनत कायम की?

46:13.188 --> 46:14.147
तुमने?

46:20.987 --> 46:23.364
सॉल, जब खुद की नज़रों में
तुम्हारी कोई औकात नहीं थी,

46:23.448 --> 46:26.534
तब परमेश्वर ने तुम्हारी मदद की
और तुम्हें राजा बनाया।

46:26.618 --> 46:30.497
अब जबकि तुम खुद की नज़र में
हैसियतदार हो गए,

46:30.580 --> 46:35.919
तुमने परमेश्वर से बगावत की
और खुद उनकी नज़रों में बुरा बना लिया।

46:36.336 --> 46:37.170
बुरा?

46:37.587 --> 46:41.925
तुमने अपनी महिमा बढ़ाने के लिए
इज़राइल के तख़्त का इस्तेमाल किया है,

46:42.008 --> 46:47.972
इसलिए तुम्हें भी वैसी ही सजा मिलेगी
और अपने ही जाल में फंसोगे।

46:48.306 --> 46:51.059
तुम्हारा दिमाग काम नहीं करेगा।

46:51.142 --> 46:53.061
मेरे दिमाग से निकल जाओ, जादूगर कहीं के।

46:53.144 --> 46:54.771
मैंने कोई जादूगर नहीं हूँ।

46:59.150 --> 47:00.568
मैं तो बस संदेश पहुंचाने वाला हूँ।

47:01.903 --> 47:06.407
सैमुअल, मैं लोगों की वजह से डर गया था।

47:09.118 --> 47:11.704
मैंने कुर्बानी के लिए
बेहतरीन जानवर बचाकर रखे हैं।

47:13.414 --> 47:15.250
मैं उन सबकी कुर्बानी दे दूंगा।

47:15.833 --> 47:22.549
"आदेश मानना बलिदान से उत्तम है,
भेड़ों के चढ़ावे से बेहतर है हुक्म मानना।"

47:23.258 --> 47:27.095
"उससे बगावत करना,
जादू करने जितना ही बड़ा पाप है,

47:27.178 --> 47:31.140
और ग़ुरूर करना सबसे बड़ा
और मूर्ति पूजने जैसा पाप है।

47:31.224 --> 47:32.725
मैं लोगों से डर गया था।

47:32.809 --> 47:36.229
क्यों? तुम लोगों से क्यों कर डरोगे?

47:36.312 --> 47:39.857
तुम इंसानों के बजाए
परमेश्वर से क्यों नहीं डरते?

47:42.193 --> 47:43.069
मैं…

47:43.903 --> 47:45.196
तुम मेरे पसंदीदा थे।

47:53.538 --> 47:54.747
मैंने तुम्हारी ताजपोशी की।

47:59.752 --> 48:03.798
मेरे लिए दुआ कीजिए।
मेरे साथ कुर्बानी दीजिए।

48:04.966 --> 48:07.552
आपने मुझे राजा चुना।
आप मेरे लिए पिता समान हैं।

48:07.635 --> 48:11.514
परमेश्वर ने तुम्हें चुना था।
अब उसने किसी और को चुन लिया है।

48:11.598 --> 48:15.018
क्योंकि तुमने
अपने परमेश्वर के हुक्म को नहीं माना,

48:15.101 --> 48:19.731
तो अब उस परमेश्वर ने भी
तुमसे राजा का ओहदा छीन लिया है।

48:21.941 --> 48:23.901
उनका साया तुमसे तुमसे दूर किया जाता है।

48:26.571 --> 48:27.989
यह मेरी सल्तनत है।

48:29.032 --> 48:32.577
और मेरे बाद मेरे बेटे की होगी।
जोनाथन इस पर राज करेगा।

48:33.244 --> 48:34.412
वह कभी राज नहीं करेगा।

48:35.121 --> 48:36.247
सैमुअल।

48:42.086 --> 48:48.343
परमेश्वर ने यह सल्तनत तुमसे छीनकर
तुमसे बेहतर इंसान के हवाले कर दी है।

48:49.260 --> 48:50.428
वह कौन है?

48:57.518 --> 48:58.561
सैमुअल?

49:01.606 --> 49:02.815
सैमुअल?

49:05.151 --> 49:07.362
सैमुअल!

49:09.030 --> 49:11.407
सैमुअल!

49:19.874 --> 49:21.292
मुझे माफ़ करना, मेरे बच्चे।

49:21.918 --> 49:23.503
सैमुअल!

49:24.420 --> 49:25.588
पिता जी, क्या हुआ?

49:25.672 --> 49:28.132
-सैमुअल!
-क्या हुआ?

49:28.216 --> 49:31.177
मुझसे दूर हो जाओ! चले जाओ!

49:31.761 --> 49:32.762
नहीं, चले जाओ यहाँ से!

49:49.487 --> 49:52.865
मदद करो! कोई मेरी मदद करो!

50:34.282 --> 50:36.951
मैं डरते-डरते थक चुका हूँ।

50:39.954 --> 50:44.208
परमेश्वर ने जॉशुआ से कहा,
"ताक़तवर और हिम्मतवर बनो।"

50:45.877 --> 50:47.128
"डरो मत।"

51:15.948 --> 51:20.286
परमेश्वर के दूत यहाँ क्या करने आए हैं?

51:21.037 --> 51:23.122
क्योंकि परमेश्वर ने ऐसा कहा है।

51:24.999 --> 51:30.129
लगता है सॉल का दौर चला गया।

51:33.466 --> 51:36.260
हाँ, सॉल का दौर ज़रूर ख़त्म हो गया है।

51:38.387 --> 51:41.599
मगर परमेश्वर के क्रोध का दौर नहीं गया।

51:47.897 --> 51:51.859
जिस तरह तुम्हारी तलवार ने
औरतों से उनकी संतानें छीनी हैं,

51:52.777 --> 51:57.532
वैसे ही तुम्हारी माँ भी हमेशा के लिए
संतान के बगैर ही रहेगी।

52:39.323 --> 52:42.493
परमेश्वर से कोई चालाकी नहीं कर सकता।

53:25.828 --> 53:29.165
मेरे रहनुमा, अब हम कहाँ जा रहे हैं?

53:34.795 --> 53:36.005
एक राजा को खोजने।

54:05.701 --> 54:09.372
तो, क्या एक पत्थर
इतिहास का रुख बदल सकता है?

54:12.583 --> 54:14.585
हाँ, बेशक।

54:16.545 --> 54:18.589
पर किस्मत को पाने के लिए
कीमत चुकानी पड़ती है,

54:20.091 --> 54:25.179
और डेविड की बुलंदी से
मेरा परिवार सब कुछ गँवा देगा।

56:04.403 --> 56:06.405
संवाद अनुवादक महताब आलम

56:06.489 --> 56:08.491
रचनात्मक पर्यवेक्षक
दिनेश शाकुल
सब कुछ गँवा देगा।
