WEBVTT

00:19.729 --> 00:21.397
हाउस ऑफ़ डेविड में अब तक…

00:21.480 --> 00:23.065
मालिक, अब हम कहाँ जा रहे हैं?

00:23.149 --> 00:24.358
एक राजा को खोजने।

00:24.442 --> 00:26.652
अगर उन्होंने किसी को चुना है,
तो उसे ख़त्म कर दो।

00:26.736 --> 00:27.903
यह किसने किया?

00:27.987 --> 00:30.448
-तुम्हारे यहाँ एक कहानी है, है न?
-दानवों की।

00:30.531 --> 00:31.782
घोड़े तैयार करो।

00:31.866 --> 00:33.784
-हम कहाँ जा रहे हैं?
-नए देवताओं को बुलाने।

00:33.868 --> 00:35.619
यह शाही दौरा हमें भटकाने के लिए है।

00:35.703 --> 00:37.538
उनके महाराज समझ-बूझ खो रहे हैं।

00:38.706 --> 00:40.082
मैं कर लूँगा, छोड़ दो!

00:40.166 --> 00:41.542
माफ़ करना, योशीया।

00:41.625 --> 00:43.419
-पिता जी?
-सब भुला दिया जाएगा!

00:43.502 --> 00:44.336
पिता जी!

00:44.962 --> 00:46.297
डेविड! भागो!

00:53.721 --> 00:54.555
सॉल।

00:59.101 --> 01:00.144
ओह, सॉल।

01:16.952 --> 01:18.245
जाने दो, सॉल।

01:20.080 --> 01:21.081
सैमुअल?

01:22.082 --> 01:23.000
आप हैं क्या?

01:24.960 --> 01:25.961
मुझसे बात कीजिए।

01:36.597 --> 01:38.098
इसका नाम जोनाथन होगा।

01:38.182 --> 01:41.101
मेरा बेटा, जोनाथन।

01:41.769 --> 01:42.853
होने वाला राजा।

01:44.438 --> 01:45.898
यह कभी राजा नहीं बन पाएगा।

01:47.024 --> 01:48.025
तुम्हारी वजह से।

01:48.108 --> 01:49.068
नहीं।

01:49.151 --> 01:50.444
तुम्हारे घमंड की वजह से।

01:50.528 --> 01:53.447
तुमने इसे बर्बाद कर दिया।
तुमने हमें बर्बाद कर दिया।

01:56.075 --> 01:57.535
तुम्हारा वक़्त बीत चुका है।

01:59.829 --> 02:00.913
जोनाथन!

02:01.914 --> 02:03.249
आबनर!

02:03.999 --> 02:05.084
परमेश्वर!

02:15.094 --> 02:16.095
रुक जाइए।

02:16.178 --> 02:17.012
सैमुअल!

02:17.513 --> 02:18.389
मैं गलती सुधारूँगा।

02:18.806 --> 02:22.309
-रुक जाइए!
-परमेश्वर का मज़ाक नहीं उड़ाया जाता।

02:37.616 --> 02:38.993
पिता जी!

02:53.549 --> 02:55.509
नहीं!

03:00.556 --> 03:01.390
नहीं!

03:02.474 --> 03:03.893
मेरे बेटे। नहीं!

03:04.643 --> 03:05.477
जोनाथन।

03:05.561 --> 03:06.687
मेरी तरफ देखो।

03:06.770 --> 03:08.856
क्या मैं कभी एक अच्छा राजा बन पाता?

03:12.735 --> 03:13.569
नहीं।

03:14.153 --> 03:14.987
मेरे बेटे।

03:16.989 --> 03:18.157
नहीं!

03:25.414 --> 03:26.415
नहीं।

03:31.170 --> 03:32.463
इसे छोड़ दो, सॉल।

03:33.964 --> 03:36.675
जो तुम्हारा नहीं उसे छोड़ दो।

03:36.759 --> 03:37.635
नहीं।

03:38.844 --> 03:40.095
नहीं!

03:45.559 --> 03:47.227
यह सल्तनत मेरी है!

03:47.311 --> 03:50.189
इज़राइल का राजा मैं हूँ।

03:54.151 --> 03:55.694
सैमुअल!

04:06.872 --> 04:07.706
सॉल!

04:07.790 --> 04:08.999
नहीं, रुक जाओ।

04:09.083 --> 04:09.917
अरे, नहीं।

04:26.141 --> 04:33.148
हाउस ऑफ़ डेविड

04:35.901 --> 04:37.152
परमेश्वर मेरे भाई को बचा लीजिए।

04:39.571 --> 04:40.572
उसकी हिफाज़त कीजिए।

04:43.325 --> 04:44.535
उसे मुझसे मत छीनिए।

04:46.161 --> 04:47.079
मेहरबानी कीजिए।

04:48.789 --> 04:50.582
मेरी गलतियों की सजा उसे मत दीजिए।

04:55.671 --> 04:56.672
नेथानील।

04:57.423 --> 04:59.091
सभी औरतें घर के बाहर चली जाएँ।

05:02.177 --> 05:03.345
तुम इसे पकड़ के रखो।

05:04.179 --> 05:06.056
तुम्हारी वजह से इसे जो दर्द मिला है
तुम देखो।

05:07.182 --> 05:08.183
हमें जल्दी करना होगा।

05:08.767 --> 05:11.103
इससे पहले के ज़्यादा खून बहे
हमें घाव को भरना होगा।

05:11.186 --> 05:12.688
और दुआ करो कि इससे बुखार चला जाए।

05:12.771 --> 05:13.647
समझे?

05:15.441 --> 05:16.275
ठीक है।

05:23.782 --> 05:24.783
तैयार हो?

05:34.626 --> 05:35.669
हिम्मत रखो, बेटे।

05:49.641 --> 05:50.893
माफ़ कर दीजिए।

05:52.936 --> 05:53.771
मुझे माफ़ कर दीजिए।

05:55.355 --> 05:56.732
माफ़ी मांगने की ज़रूरत नहीं है।

05:57.524 --> 05:58.609
बस जैसा कहा करो।

06:39.441 --> 06:40.609
बेताब हो।

06:47.449 --> 06:48.492
सेनापति आबनर।

06:48.575 --> 06:49.493
डोएग।

06:50.786 --> 06:55.249
मैं धन्य हो गया
कि आप यहाँ इस अँधेरी कोठरी में पधारे…

06:59.837 --> 07:03.841
अब जानवरों का धंधा है मेरा
तो उनकी बदबू तो आयेगी ही।

07:05.717 --> 07:08.303
यह कैसी गंदगी फैलाकर रखे हो, डोएग?

07:08.804 --> 07:11.348
सेनापति, जैसा कि आप जानते हैं
मैं इब्रानी नहीं हूँ।

07:12.474 --> 07:14.434
और मैं सवालों का पता लगाने वाला इंसान हूँ।

07:16.603 --> 07:17.813
मुझे किसी का पीछा करवाना है।

07:21.483 --> 07:23.777
आप मुझसे किसके नक्शेकदम का
पता करवाना चाहते हैं?

07:24.444 --> 07:25.279
नबी का।

07:25.946 --> 07:26.905
कौन से नबी का?

07:26.989 --> 07:28.073
बहुत से नबी हैं।

07:29.366 --> 07:30.409
सैमुअल का।

07:32.035 --> 07:32.953
सैमुअल का?

07:35.831 --> 07:36.957
तुम्हें उससे डर लगता है?

07:37.666 --> 07:38.834
बहुत ज़्यादा।

07:39.960 --> 07:41.670
आप कहें तो मैं उसकी जान ले लूँ?

07:42.796 --> 07:43.839
बस उसका पीछा करो।

07:44.882 --> 07:47.676
और वह जिस भी सैनिक, सेनापति
और सरदार से मिले उसका हिसाब रखना।

07:48.343 --> 07:50.012
और सीधे मुझे बताना।

07:50.846 --> 07:51.930
सिर्फ मुझे।

07:54.016 --> 07:55.684
किसी को पता न चले और जल्दी करना।

07:57.227 --> 07:58.061
सेनापति आबनर।

07:59.438 --> 08:05.652
क्या यह बेहतर नहीं होगा कि सैमुअल को
महाराज के अज़ाब को ठीक करने को मनाया जाए?

08:08.155 --> 08:09.114
कैसा अज़ाब?

08:11.200 --> 08:12.868
हाँ, आपने सही कहा।

08:13.410 --> 08:14.244
कैसा कहर?

08:48.237 --> 08:49.821
आपके बाल तो देखिए।

08:52.532 --> 08:53.784
लाइए, मैं ठीक कर दूँ।

08:54.785 --> 08:55.702
ज़रा खुद को देखिए।

08:57.412 --> 08:59.164
आप सारी रात ऊपर ही थे?

08:59.248 --> 09:00.374
हाँ।

09:00.457 --> 09:01.416
उन्होंने आपसे बात की?

09:03.961 --> 09:05.170
हाँ, की।

09:06.713 --> 09:08.632
परमेश्वर का फैसला आपका दिल झकझोर रहा है?

09:10.968 --> 09:15.097
"अब भी सॉल के लिए आँसू क्यों बहा रहे हो
जब मैंने किसी और को चुन लिया है?"

09:17.224 --> 09:18.100
और ऐसा कहकर,

09:19.977 --> 09:22.604
परमेश्वर मुझे बग़ावत करने को कह रहे हैं।

09:26.233 --> 09:27.067
क्या हुआ?

09:27.526 --> 09:28.568
सुनकर हंसी आ गई।

09:29.695 --> 09:31.029
परमपिता परमेश्वर भी अजीब हैं।

09:31.113 --> 09:31.947
अजीब?

09:32.656 --> 09:34.199
सॉल मुझे मार सकता है।

09:34.700 --> 09:35.575
बग़ावत।

09:36.076 --> 09:37.536
किस से बग़ावत?

09:37.995 --> 09:41.957
यह हवा जो हमें ठंडक दे रही है
और सॉल को नहीं, क्या वह बग़ावत कर रही है?

09:42.457 --> 09:46.795
सॉल से ऊँचा खड़ा होकर क्या ये पहाड़
उससे बग़ावत कर रहे हैं?

09:47.504 --> 09:51.550
इंसान तलवारों और ताजों और "बग़ावत"
जैसे शब्दों से खेल सकता है।

09:52.050 --> 09:54.469
मगर यह सब कुछ हमारे परमेश्वर की देन है।

09:54.970 --> 09:57.306
और उन्हीं के हुक्म से सबकुछ हो रहा है।

09:57.889 --> 09:59.308
तो वो जैसा कहें, कीजिए।

10:09.818 --> 10:12.487
मुझे लगता है अगर मैंने लोगों को
सही से सीख दी होती,

10:13.030 --> 10:15.741
तो शायद आज ऐसा दिन ही नहीं देखना पड़ता।

10:16.325 --> 10:17.159
सैमु…

10:17.242 --> 10:20.746
शायद तब लोग अपने लिए
कोई राजा चुनने को कहते ही नहीं,

10:20.829 --> 10:23.665
शायद तब उनके लिए
बस परमेश्वर ही काफी होता।

10:28.128 --> 10:29.546
जो हो गया सो हो गया।

10:30.088 --> 10:31.089
सॉल के लिए…

10:32.257 --> 10:33.091
और मेरे लिए भी।

10:33.967 --> 10:34.801
सच में?

10:36.636 --> 10:37.512
आपके लिए भी?

10:38.805 --> 10:41.808
हम जो भी जानते हैं सब बदलने वाला है, हीला।

10:41.892 --> 10:47.356
मुझे उस सल्तनत के लिए एक नया राजा चुनना है
जिसका पहले से एक राजा है।

10:47.981 --> 10:51.193
वह भी एक आज्ञाकारी राजा को ही चुनना है।

10:54.571 --> 10:58.241
अच्छा, तो फिर इस बार
एक बेहतर इंसान को चुनना।

11:01.286 --> 11:03.872
परमेश्वर ने आपको बताया
कि वह नया राजा आपको कहाँ मिलेगा?

11:06.583 --> 11:07.459
हाँ, बताया।

11:07.959 --> 11:09.461
तो फिर रुके क्यों हैं?

11:10.796 --> 11:12.756
मैंने अब तक अपनी चाय नहीं पी है।

11:14.925 --> 11:17.552
"परमेश्वर के हुक्म से ही सब हो रहा है।"

11:17.636 --> 11:18.845
तुम्हारी बात पसंद आई।

11:18.929 --> 11:20.222
मैं यही बात सबसे कहूँगा।

11:26.353 --> 11:28.355
मैंने उसे कुछ दिन पहले ही देखा था।

11:30.023 --> 11:31.233
वह मेरे आँखों के सामने था।

11:31.733 --> 11:33.110
मेरी खिड़की के बाहर।

11:37.447 --> 11:38.323
महारानी,

11:40.242 --> 11:41.326
मुझे माफ़ कर दीजिए।

11:42.077 --> 11:43.870
मगर मुझे समझ नहीं आ रहा।

11:45.455 --> 11:47.916
योशीया कोई सैनिक नहीं था।

11:49.167 --> 11:51.962
वह नर्मदिल, ख़्याल रखने वाला है।

11:53.380 --> 11:55.006
वह ऐसे कैसे मर सकता है?

12:00.178 --> 12:05.100
सॉल वंश के… अब भी कई दुश्मन हैं।

12:06.935 --> 12:11.314
एक नकाबपोश हत्यारे ने हमारे अंगरक्षकों को
चकमा दिया और महाराज को मारने की कोशिश की।

12:12.232 --> 12:13.483
मगर तुम्हारा हिम्मतवर बेटा

12:14.568 --> 12:17.070
उन्हें बचाने सामने कूद गया
और अपनी जान दे दी।

12:21.575 --> 12:23.243
मेहरबानी कीजिए, महारानी।

12:24.411 --> 12:25.620
कह दीजिए कि यह सच नहीं है।

12:27.372 --> 12:28.832
परमेश्वर ऐसा क्यों करेंगे?

12:29.791 --> 12:32.502
वह हमारे साथ
इतनी ज़्यादती क्यों होने देंगे?

12:38.842 --> 12:40.385
मैं चाहती हूँ तुम इसे रखो।

12:43.305 --> 12:46.224
एक छोटी सी सौगात
जो कभी उसकी कमी पूरी नहीं कर सकता।

12:46.725 --> 12:48.351
मैं यह नहीं ले सकती, महारानी।

12:48.977 --> 12:51.104
-यह बेहद ही पाक है।
-नहीं, कोई बात नहीं।

12:51.188 --> 12:53.106
यह मुझसे ज़्यादा तुम्हारे पास अच्छा लगेगा।

12:56.234 --> 12:57.819
इसमें क्या लिखा है?

13:00.489 --> 13:01.490
"मैं तुम्हारे साथ हूँ।"

13:03.283 --> 13:04.743
"मैं न कभी दूर करूँगा,

13:06.161 --> 13:07.287
और न ही कभी अकेला छोडूंगा।"

13:12.250 --> 13:14.878
मैं अपने परिवार की हिफाज़त के लिए
कुछ भी कर गुज़रूंगा।

13:16.588 --> 13:17.506
कुछ भी।

13:18.507 --> 13:20.300
इसलिए, तुम यह रखो।

13:20.759 --> 13:26.431
और बदले में तुम्हारा दर्द मैं सहूंगी
यह मानकर कि इसकी ज़िम्मेदार मैं हूँ।

13:54.626 --> 13:57.546
क्या मैंने पारिवारिक ज्ञान मिस कर दिया?

13:58.588 --> 13:59.673
सबके चेहरे के रंग उड़े हैं।

14:00.632 --> 14:01.466
तुमने सुना नहीं?

14:02.676 --> 14:04.678
अब भी उस दास की मौत का
शोक मना रहे हो?

14:06.012 --> 14:07.639
वही जिसे पिता जी ने ऊपर भेज दिया।

14:08.223 --> 14:09.766
पता है, भले वह अपनी सुध-बुध खो रहे हैं,

14:09.849 --> 14:12.561
मगर लगता है पिताजी का निशाना
अब भी निशाने पर जाकर लगता है।

14:12.644 --> 14:13.562
एश्बाल…

14:14.604 --> 14:15.730
थोड़ी तमीज़ दिखाओ।

14:15.814 --> 14:18.775
हमारे परिवार के लिए युद्ध के मैदान में
हज़ारों सैनिकों ने जान दी है।

14:18.858 --> 14:21.945
तब तो मैंने तुम लोगों को यूँ गुमसुम होकर
रोते-बिलखते नहीं देखा।

14:22.028 --> 14:23.863
वह अपनी मर्ज़ी से शहीद हुए। युद्ध में।

14:23.947 --> 14:25.198
एक ही बात है, मारे गए न।

14:25.282 --> 14:26.283
तो दोनों में क्या फर्क है?

14:26.783 --> 14:31.371
समझो हमारे शाही खानदान की भलाई के लिए
एक और ने अपनी जान गँवाई है।

14:31.454 --> 14:34.374
-एश, बहुत हुआ।
-पता नहीं तुम लोग किस ग़म में डूबे हो।

14:35.166 --> 14:37.335
पता है, पिता जी की छोटी से गलती से

14:37.919 --> 14:40.589
उस दास के पूरे खानदान की
किस्मत भी तो संवर गई।

14:41.172 --> 14:43.508
एक ही रात में कंगाल से मालामाल हो गया।

14:44.259 --> 14:46.720
बस एक छोटी कुर्बानी देकर।

14:49.848 --> 14:52.183
बेशक यही एक वजह है
कि पिता जी कभी तुम्हें नहीं चुनेंगे…

14:53.059 --> 14:54.269
भाई।

14:55.854 --> 14:57.147
एक नहीं बहुत सी वजहें हैं।

14:58.023 --> 14:59.232
मगर मेरी बात का जवाब दो, भाई।

15:00.525 --> 15:02.652
जब महाराज का पागलपन हद से बढ़ जाएगा,

15:03.236 --> 15:05.113
और तुम्हें उनका ताज लेना ज़रूरी हो जाएगा,

15:07.741 --> 15:09.826
तब वह तुम्हारे ऊपर क्या फेंकेंगे?

15:28.094 --> 15:29.638
कह दो कि वह एक सपना था।

15:30.305 --> 15:31.139
मैं…

15:33.516 --> 15:34.351
मैं…

15:35.143 --> 15:36.478
उसे कभी चोट नहीं पहुँचा सकता।

15:38.605 --> 15:42.067
मैंने जानबूझकर नहीं मारा…

15:44.611 --> 15:47.155
इस सब का ज़िम्मेवार सिर्फ और सिर्फ
एक ही इंसान है।

15:48.365 --> 15:49.449
सैमुअल।

15:50.492 --> 15:51.534
आप नहीं, मेरे सरताज।

15:57.374 --> 15:58.375
अब बेहतर लग रहे हैं।

16:01.169 --> 16:02.045
वह लड़का।

16:02.796 --> 16:03.630
हम…

16:04.214 --> 16:05.632
हम क्या करेंगे?

16:05.715 --> 16:07.050
मैंने मामला संभाल लिया है।

16:10.261 --> 16:12.597
मैं सब कुछ संभाल लूंगी।

16:20.647 --> 16:22.816
रामाह शहर

16:26.403 --> 16:30.740
महाराज की ओर से
परमेश्वर के पादरी को मेरा सलाम।

16:32.158 --> 16:35.704
राजा सॉल पहाड़ी पर
कुर्बानी करना चाहते हैं।

16:37.122 --> 16:37.956
फिर चढ़ जाइए उस पर।

16:39.416 --> 16:42.001
मुझे पागलपन और दूरदृष्टि नहीं चाहिए।

16:42.752 --> 16:44.421
मैंने कहानियाँ सुनी हैं।

16:46.131 --> 16:48.550
तो मैं चाहूँगा
कि यह काम हमारे नबी ही करें।

16:49.092 --> 16:50.427
सैमुअल ही करे।

16:50.510 --> 16:51.845
सैमुअल वहाँ नहीं हैं।

16:53.138 --> 16:53.972
बात को समझिए।

16:54.472 --> 16:56.433
मुझे नबी को ढूँढ़ने का हुक्म दिया गया है।

16:57.350 --> 16:58.601
उन्हें गए वक़्त नहीं हुआ है।

16:58.685 --> 17:00.437
वह और उनका खादिम।

17:05.024 --> 17:07.110
वह किस तरफ गए हैं?

17:22.709 --> 17:24.878
क्या आपको उसका नाम पता है
जिसे आप चुनने जा रहे हैं?

17:25.712 --> 17:26.796
मैंने उनसे पूछा।

17:28.423 --> 17:31.259
परमेश्वर बस निशानियों और

17:32.051 --> 17:32.969
इल्हामों में बताते हैं।

17:36.514 --> 17:38.224
मालिक, हम वापस कब लौटेंगे?

17:41.644 --> 17:42.729
ऐसा क्यों पूछ रहे हो?

17:45.190 --> 17:46.483
मेरी बीवी पेट से है।

17:47.025 --> 17:47.984
आख़िरी महीना चल रहा है।

17:52.155 --> 17:52.989
अदीना नाम है न?

17:53.698 --> 17:56.242
जी, अदीना ही नाम है।

17:56.326 --> 17:57.744
-पहला बच्चा है?
-सही कहा।

17:57.827 --> 18:01.998
खैर, फिर तो मैं कहूँगा
अभी जितना चाहे आराम कर लो।

18:02.957 --> 18:04.918
मेरी पेशीनगोई है तुम्हें इसकी ज़रूरत पड़ेगी।

18:07.587 --> 18:09.881
हम आगे ही पड़ाव डालेंगे।

18:10.924 --> 18:12.592
और तुम वहाँ मेरे आने का इंतज़ार करना।

18:14.052 --> 18:15.595
शुक्रिया, मगर मुझे आपकी मदद करनी है।

18:16.095 --> 18:17.180
कंधों का बोझ हल्का करना है।

18:18.014 --> 18:19.724
नहीं, सिलास।

18:21.476 --> 18:25.271
बात कन्धों के बोझ से कहीं ज़्यादा की है।

18:27.899 --> 18:29.943
इसके लिए मौत की सज़ा मिल सकती है, समझे?

18:30.693 --> 18:32.737
नहीं, तुम्हारा यहीं रहना ठीक है।

18:35.198 --> 18:37.033
तुम्हें अपने परिवार का
ख्याल रखना है, समझे?

18:37.116 --> 18:38.117
समझ गया।

18:48.127 --> 18:49.546
अपने बच्चे का नाम सोचा है?

18:50.880 --> 18:52.006
अभी सोचा नहीं है?

18:55.593 --> 18:56.427
वह कैसे हैं?

18:57.303 --> 18:59.681
शुक्र है, महाराज को अब जाकर नींद आई है।

19:05.645 --> 19:07.480
आख़िरी बार एनडोर कब गए थे?

19:12.360 --> 19:13.194
तुम्हारी माँ वहीं है।

19:15.071 --> 19:16.072
अब भी ज़िंदा हैं?

19:18.283 --> 19:19.659
या उनके जैसा कोई और?

19:23.580 --> 19:26.457
मैं आपको कोई ऐसा इलाज
तलाशने से पहले आगाह करना चाहूँगा,

19:26.541 --> 19:28.293
जिसका अंजाम इस बीमारी से भी बुरा हो।

19:31.170 --> 19:32.922
महाराज अपनी समझ-बूझ खोते जा रहे हैं।

19:33.923 --> 19:37.135
हर दिन उन्हें पहचानना
मुश्किल होता जा रहा है।

19:37.635 --> 19:38.553
मगर आप जानती हैं?

19:39.304 --> 19:40.430
उन्हें याद रखिए।

19:42.640 --> 19:44.267
इस शहर में ऐसे भी लोग हैं

19:44.350 --> 19:47.937
जो अब भी दूसरे ख़ुदाओं को मानते हैं, है न?

19:48.646 --> 19:50.440
आध्यात्मवादी, माध्यममार्गी?

19:51.566 --> 19:53.860
आप जो पूछ रही हैं,
मैं बहुत पहले उससे निकल चुका हूँ।

19:55.820 --> 19:58.615
जब तुम महाराज को ऐसे देखते हो,
तब तुम्हारी आँखों में दिखता है।

19:59.240 --> 20:00.533
उनके शाप को देखकर।

20:00.950 --> 20:02.368
तुमने ऐसा पहले भी देखा है।

20:04.370 --> 20:05.496
मैंने पहले भी देखा है।

20:08.166 --> 20:09.542
इसीलिए इससे मुझे डर लगता है।

20:16.007 --> 20:17.717
मगर तुम्हारी माँ की जान उसने नहीं ली?

20:18.885 --> 20:19.802
वह उन पर हावी हो गया।

20:22.221 --> 20:26.267
मैं बता दूँ, यह ऐसी डगर है
जहाँ से वापसी मुमकिन नहीं है।

20:27.143 --> 20:30.647
इसके पीछे एक सही वजह है कि क्यों महाराज ने
यानी आपके पति ने उसे या उसके जैसों को

20:30.730 --> 20:33.524
शहर-बदर किया और क्यों परमेश्वर ने
इस काम से मना किया है।

20:33.608 --> 20:35.735
परमेश्वर बहुत सी चीज़ें करने को कहते हैं।

20:35.818 --> 20:37.904
या फिर पैगंबर हमसे यकीन करने को कहते हैं।

20:40.573 --> 20:41.407
मेरी गुज़ारिश है।

20:42.659 --> 20:45.036
अहिनोहम, मैं बहुत पहले
वह ज़िंदगी छोड़ चुका हूँ।

20:46.704 --> 20:47.914
मुझसे यह करने को मत कहिए।

20:49.666 --> 20:50.750
मैं कह नहीं रही।

21:18.111 --> 21:18.945
स्वागत है।

21:19.904 --> 21:21.155
मैं क्या मदद कर सकती हूँ?

21:22.448 --> 21:25.034
हमारे पास मिस्र से
उम्दा सूती पोशाक का नया माल आया है।

21:25.118 --> 21:26.536
और रेशम का भी माल आया है।

21:27.370 --> 21:29.330
हम कुछ और रूहानी सी चीज़ खोज रहे हैं।

21:31.708 --> 21:33.042
मैं आपकी बात समझी नहीं।

21:37.255 --> 21:38.131
सलाम।

21:39.132 --> 21:40.008
सलाम, बेसाई।

21:42.218 --> 21:43.052
आबनर।

21:47.223 --> 21:48.057
महारानी।

21:49.726 --> 21:51.144
हाँ, मैं तुम्हारी महारानी ही हूँ।

21:51.936 --> 21:54.814
और तुम बाल की पुजारन हो।

21:56.649 --> 21:57.775
मुझे तुम्हारी मदद चाहिए।

21:59.986 --> 22:00.987
बड़ी हैरत की बात है

22:01.487 --> 22:05.616
कि जिस राजा ने हमें देशनिकाला दिया था
उसकी पत्नी अब हमसे मदद मांगने आई है।

22:06.200 --> 22:07.368
तुम्हें कुछ नहीं होगा।

22:09.287 --> 22:11.205
मेरे जैसे और लोग
इस बात पर यकीन नहीं करेंगे।

22:12.749 --> 22:13.666
और यह सच है।

22:14.584 --> 22:15.460
ख़ैर,

22:18.004 --> 22:23.009
फिर साबित करो कि हमने गलत फैसला लिया है।

22:34.103 --> 22:34.937
जनाब।

22:36.105 --> 22:36.981
ज़रा सुनिए।

22:37.523 --> 22:41.944
आपने पादरियों के शहर,
नॉब की पोशाक पहनी हुई है।

22:42.028 --> 22:42.862
सही कहा।

22:47.075 --> 22:49.619
मेहरबानी करके, मेरे लिए दुआ करें।

22:50.411 --> 22:52.371
मैंने अपना सबकुछ खो दिया।

22:53.331 --> 22:54.624
माफ़ करना,

22:54.707 --> 22:57.627
मैं पादरी का सेवक हूँ, खुद पादरी नहीं हूँ।

22:58.211 --> 22:59.253
आप पादरी के सेवक हैं?

23:00.922 --> 23:02.757
फिर आपके मालिक कहाँ हैं?

23:03.424 --> 23:04.425
बड़ी मेहरबानी होगी।

23:07.428 --> 23:08.763
पैगंबर ध्यान कर रहे हैं।

23:11.891 --> 23:12.850
वादियों में।

23:13.726 --> 23:15.061
उन्हें बीच में…

23:41.087 --> 23:42.004
तुम कौन हो?

23:43.506 --> 23:47.510
तुम बताने में जितनी देर करोगे,
उतना ही ज़्यादा दर्द सहना पड़ेगा।

23:48.511 --> 23:50.763
मैं लेनदेन में भरोसा रखने वाला इंसान हूँ,

23:51.681 --> 23:53.099
इसलिए सौदा करने का एक मौका देता हूँ।

23:54.976 --> 23:57.895
अगर तुमने मेरी बात का जवाब दिया
तो तुम्हें छोड़ दूँगा।

23:59.480 --> 24:00.690
सैमुअल कहाँ है?

24:05.611 --> 24:07.113
मेरे मालिक सैमुअल नहीं हैं।

24:08.364 --> 24:11.742
आपने सही सुना है। वह नॉब में रहते हैं,
मगर मैं उनका सेवक नहीं हूँ।

24:11.826 --> 24:14.495
सेवक, झूठ का ही तो मेरा कारोबार है।

24:15.204 --> 24:18.166
झूठ के सौदागर से झूठ नहीं बोलते।

24:18.916 --> 24:21.919
आज रात किसी के टुकड़े करने का
मेरा इरादा नहीं है,

24:22.962 --> 24:26.174
मगर लोग मुझे मेरे काम के लिए ही जानते हैं।

24:30.011 --> 24:31.304
तो बताओ मुझे, सिलास।

24:31.387 --> 24:34.182
पता है शुतुरमुर्ग के अंदर
कितनी हड्डियाँ होती हैं?

24:38.603 --> 24:39.812
छप्पन।

24:40.313 --> 24:42.106
मैंने खुद गिना है।

24:43.274 --> 24:45.234
शुतुरमुर्ग बहुत अनोखे होते हैं

24:45.318 --> 24:48.821
उनके पाँव की पूरी हड्डी में
मज्जा भरी होती है।

24:50.615 --> 24:52.408
शुतुरमुर्ग उड़ नहीं सकते हैं

24:53.534 --> 24:57.079
मगर वो उड़नेवालों से
कहीं ज़्यादा कीमती होते हैं।

24:57.705 --> 24:59.707
और यह, मेरा साथी,

25:00.499 --> 25:03.085
शुतुरमुर्ग की हड्डियों से बना तेज़ खंजर है।

25:05.963 --> 25:09.133
यह गहरे घाव देने के लिए शानदार है।

25:10.218 --> 25:11.052
देख रहे हो?

25:12.929 --> 25:15.223
ये खंज़र अँतड़ियाँ बाहर निकाल देते हैं।

25:15.848 --> 25:19.101
तुम लोग रूहों को पढ़ते हो,
मैं शरीर की छानबीन करता हूँ।

25:19.185 --> 25:20.937
और मैंने बहुत कुछ जाना है।

25:21.437 --> 25:25.983
शायद आज रात मैं यह जान सकता हूँ
इंसान के कान में कितनी हड्डियाँ होती हैं।

25:26.067 --> 25:27.109
रुको, रुक जाओ।

25:28.027 --> 25:29.487
तुम्हें नहीं पता तुम क्या कर रहे हो।

25:30.571 --> 25:32.323
मैं परमपिता परमेश्वर का सेवक हूँ।

25:34.158 --> 25:35.284
तुम

25:35.368 --> 25:36.869
तुम उनके कहर को सहना चाहते हो?

25:38.663 --> 25:41.540
मैं बहुत वक़्त से यह बात
किसी इब्रानी से कहना चाहता था।

25:41.624 --> 25:44.293
और आज मैं वह तुम्हें बता देता हूँ,
पादरी के सेवक।

25:45.127 --> 25:47.046
मैं याह्वेह का हुक्म नहीं मानता।

25:47.129 --> 25:49.298
मैं अपनी चाहत और जुनून को मानता हूँ।

25:49.382 --> 25:52.802
तो अगर वह सच में है, जो कि लगता तो नहीं,

25:54.011 --> 25:55.137
तो मैं ऐलान करता हूँ…

25:56.347 --> 25:59.517
मैं कहता हूँ वह अपना कहर
मुझ पर बरपा करके दिखाए,

25:59.600 --> 26:01.102
क्योंकि मैं तो यही मानता हूँ,

26:01.894 --> 26:04.772
कि वह सब कुछ नहीं देख सकते
और न वह मुझे देख रहे हैं।

26:05.356 --> 26:07.441
-तो अब, मेरे पिंजड़े के पंछी…
-रहम करो।

26:08.442 --> 26:11.529
…अपना मुंह खोलो और मुझे बताओ
कि तुम्हारा मालिक कहाँ है,

26:11.612 --> 26:15.199
वरना मेरा चेहरा ही वह आख़िरी चीज़ होगा
जो तुम देखोगे।

26:17.451 --> 26:18.327
हेब्रॉन।

26:19.829 --> 26:20.830
वह हेब्रॉन गए हैं।

26:22.123 --> 26:23.291
मैं बस इतना ही जानता हूँ।

26:25.001 --> 26:26.460
मेहरबानी करके, मुझे छोड़ दो।

26:26.544 --> 26:27.378
बस इतना ही पता है।

26:27.461 --> 26:28.337
चलो काम शुरू करें।

26:28.421 --> 26:29.755
नहीं। ऐसा मत करो!

26:33.592 --> 26:34.927
सैमुअल ताक़तवर है।

26:36.470 --> 26:39.557
उनके किसी शाप को तोड़ने के लिए
बेहद पुरानी मंत्र विद्या की ज़रूरत पड़ेगी।

26:41.225 --> 26:43.144
इस शाप को तोड़ा नहीं जा सकता।

26:44.520 --> 26:45.771
इसे किसी और पर डालना होगा।

27:46.207 --> 27:47.124
तुमने क्या देखा?

27:49.919 --> 27:50.753
एक शेर।

28:08.437 --> 28:09.313
माँ?

28:17.988 --> 28:18.823
वह कौन थी?

28:20.241 --> 28:21.200
एक कारीगर थी।

28:22.201 --> 28:24.745
-महल के काम के सिलसिले में बुलाया था।
-कारीगर?

28:28.707 --> 28:30.543
मैंने देखा आपके धर्म ग्रंथ नहीं दिख रहे।

28:31.794 --> 28:32.711
आपके पलंग के सिरहाने।

28:34.088 --> 28:35.339
क्या ही फ़र्क पड़ता है?

28:35.423 --> 28:36.424
माँ?

28:43.139 --> 28:44.473
इस घर के पालनहार परमेश्वर हैं।

28:45.558 --> 28:46.809
वह पिता जी को ठीक कर देंगे।

28:48.602 --> 28:50.396
हमें उनसे मुँह नहीं मोड़ना चाहिए।

28:52.898 --> 28:55.109
बेंजामिन कबीले के राजा सॉल
इस घर के पालनहार हैं।

28:56.110 --> 28:57.778
और एक दिन, तुम बनोगे।

28:59.071 --> 29:02.491
मगर तब तक, याद रखना
कि किसने तुम्हें अपनी कोख में पाला है।

29:44.658 --> 29:45.493
सैमुअल।

29:45.993 --> 29:48.537
परमेश्वर के महान पैगंबर।

29:49.371 --> 29:51.582
हमें ख़ुशी हुई कि आप यहाँ आए, पर हम…

29:52.208 --> 29:54.919
आपसे जानना चाहते हैं
कि आप किसी ख़ास काम से आए हैं क्या?

29:56.378 --> 29:57.213
हाँ।

29:58.380 --> 30:00.424
तुम लोगों के साथ
ख़ुदा की इबादत करने आया हूँ।

30:02.426 --> 30:03.469
जेसी।

30:05.095 --> 30:09.099
जेसी के खानदान को बुलवाओ,
मैं उनके साथ कुर्बानी देना चाहता हूँ।

30:09.183 --> 30:10.643
जेसी, यानी ओबेड के बेटे के संग?

30:10.726 --> 30:11.560
हाँ।

30:12.978 --> 30:15.397
जेसी अब सरदारों के बीच नहीं रहता,

30:15.481 --> 30:18.567
क्योंकि उसने दुश्मन की बेटी से शादी करके
एक नाजायज बच्चे को अपनाया।

30:32.581 --> 30:33.624
परमेश्वर भी मज़ाक करते हैं।

30:36.377 --> 30:37.503
कोई बात नहीं।

30:39.171 --> 30:40.422
उसका घर कहाँ है?

30:48.389 --> 30:50.266
रास्ता नीचे घाटी की तरफ जाता है।

30:50.849 --> 30:52.476
महाराज, नीचे जाना खतरनाक होगा।

30:53.811 --> 30:56.814
मेरे पिता बचपन में
दानवों की बहुत सी कहानियाँ सुनाते थे।

30:58.774 --> 31:00.568
उन्होंने कहा था
वो घने पहाड़ों में रहते हैं।

31:03.362 --> 31:05.030
काश वह आज यह देखने के लिए यहाँ होते।

31:06.865 --> 31:08.033
हमें चलते रहना चाहिए।

31:08.117 --> 31:09.827
आगे बढ़ने के लिए नीचे घोड़े तैनात हैं।

31:16.417 --> 31:18.460
दानवों की घाटी

31:45.404 --> 31:46.238
महाराज।

31:47.740 --> 31:50.034
यहाँ से आज तक कोई नहीं लौटा,
तो कोई तो वजह होगी।

32:07.301 --> 32:08.594
जो डर तुम्हें सता रहा है,

32:09.470 --> 32:10.721
हमें उसी डर की तलाश है।

32:13.140 --> 32:14.058
आगे बढ़ते हैं।

32:16.185 --> 32:17.102
जी, महाराज।

33:10.989 --> 33:12.199
कौन है?

33:14.326 --> 33:15.244
राजा अकीश।

33:15.869 --> 33:16.995
गाथ प्रांत का राजा।

33:17.788 --> 33:19.373
फ़िलिस्तीन साम्राज्य का युवराज।

33:19.873 --> 33:23.043
मैं हमारे बीच रहे अनाक वंश के
शूरवीरों से मिलने आया हूँ।

33:23.127 --> 33:25.379
गाथ और अनाक के बीच कभी दोस्ती नहीं रही।

33:31.427 --> 33:33.303
तो, अब मैं वह दोस्ती करना चाहता हूँ।

33:34.513 --> 33:35.431
अंदर आने की इजाज़त है?

33:36.432 --> 33:39.351
बहुत लोग अंदर आए, पर लौटकर कोई नहीं गया।

33:40.352 --> 33:42.646
मेरे घर की शांति दांव पर होगी।

33:43.814 --> 33:45.607
क्या फिर भी अंदर आना चाहोगे?

33:46.608 --> 33:47.651
जी, हाँ।

33:47.735 --> 33:49.194
अंदर आइए, गाथ प्रांत के महाराज।

33:49.278 --> 33:50.571
बस आप और कोई नहीं।

34:06.378 --> 34:07.212
महाराज अकीश।

34:07.796 --> 34:08.964
मत जाइए!

34:09.047 --> 34:09.923
महाराज!

34:44.374 --> 34:45.209
महाराज!

34:46.502 --> 34:47.461
सैमुअल।

34:49.296 --> 34:52.341
हमें फ़ख्र है कि आप हमारे गरीबखाने में आए।

34:54.259 --> 34:55.928
जेसी, बोज़ के बेटे।

34:57.012 --> 34:58.096
तुम काँप क्यों रहे हो?

35:00.182 --> 35:01.350
खड़े हो जाओ।

35:01.934 --> 35:03.143
खड़े हो और मुझे देखो।

35:08.816 --> 35:10.692
मैं यहाँ परमेश्वर को
कुर्बानी चढ़ाने आया हूँ।

35:12.277 --> 35:13.445
अपने बेटों को बुलाओ।

35:14.154 --> 35:15.781
हम साथ मिलकर कुर्बानी करेंगे।

35:24.706 --> 35:25.958
गाथ प्रांत के महाराज।

35:30.087 --> 35:31.839
आपने इस जगह को कैसे ढूँढ़ा?

35:34.967 --> 35:36.844
आप जैसों के पैरों के निशान
लंबे वक़्त तक रहते हैं।

35:38.929 --> 35:40.973
मेरे बड़ों ने बताया कि आपका नाम ओरपाह है।

35:42.683 --> 35:43.600
सही कहा।

35:45.102 --> 35:47.354
प्राचीन भाषा में इसका मतलब
दानवों की माँ होता है।

35:50.607 --> 35:52.818
अब कोई प्राचीन भाषा नहीं बोलता।

35:54.486 --> 35:56.864
बहुत पहले मिट चुकी है।

35:59.199 --> 36:01.910
जो कुछ अब तक खोया है,
उसे याद रखा जाएगा।

36:06.665 --> 36:09.543
मैं गाथ साम्राज्य और इस घराने के बीच
दोस्ती का पैगाम लेकर आया हूँ।

36:12.880 --> 36:14.298
घर के बड़े से बात करना चाहूँगा।

36:16.842 --> 36:18.886
फिर तो तुम्हें देवताओं से बात करनी होगी।

36:20.512 --> 36:23.181
और उनसे बातचीत के लिए
तुम्हें जान गँवानी होगी।

36:24.850 --> 36:29.187
वे इंसानों से कम ही मोलभाव करते हैं,
चाहे वह राजा हो या कोई भिखारी।

36:29.271 --> 36:30.314
देवताओं से बात करूँ?

36:31.565 --> 36:32.649
यह तो नामुमकिन है।

36:34.318 --> 36:35.819
और फिर भी तुम यहाँ आए हो।

36:37.988 --> 36:40.240
तो गाथ के महाराज बताइए,

36:41.658 --> 36:45.245
अगर पुराने वक़्त के पराक्रमी
आपसे हाथ मिलाएंगे,

36:48.582 --> 36:49.917
तो आप बदले में उन्हें क्या देंगे?

36:52.586 --> 36:55.881
अगर इस जगह से ज़िंदा लौटना चाहते हैं
तो सोच समझकर जवाब दीजिएगा।

36:58.800 --> 37:00.010
मैं बदले में दौलत दूँगा।

37:01.053 --> 37:01.887
इज़्ज़त दूँगा।

37:02.763 --> 37:03.680
शोहरत दूँगा।

37:04.473 --> 37:07.017
हम जैसों के बीच आपकी सही जगह दूँगा।

37:07.976 --> 37:09.853
मगर सबसे ज़रूरी चीज़,

37:10.354 --> 37:12.064
इज़राइल के उन लोगों के ख़िलाफ़

37:12.147 --> 37:14.691
जिन्होंने आपको अपनी सरजमीं से निकालकर
इन गुफ़ाओं में भेजा…

37:19.363 --> 37:20.530
बदला लेने का मौका दूँगा।

37:31.416 --> 37:34.711
♪ परमेश्वर है मेरा पालनहार ♪

37:36.338 --> 37:42.803
♪ नहीं है ज़रूरत किसी और की ♪

37:44.304 --> 37:49.059
♪ उसने इन हरियालियों से
की है मुझ पर छाँव ♪

37:50.310 --> 37:56.316
♪ पाक पानी से बुझाता है वह मेरी प्यास ♪

38:05.158 --> 38:06.326
पिता जी, यह सब क्या है?

38:06.910 --> 38:08.245
नबी पागल हो गए हैं।

38:08.328 --> 38:09.413
मैंने गिलगाल में देखा था…

38:09.496 --> 38:10.372
चुप हो जाओ।

38:16.044 --> 38:17.295
डेविड यहाँ क्यों नहीं हैं?

38:22.134 --> 38:23.010
एलिअब।

38:23.885 --> 38:25.512
मेरा सबसे बड़ा बेटा।

38:33.395 --> 38:34.229
यकीनन,

38:35.230 --> 38:37.733
तुम्हीं वह हो जिसे परमेश्वर चाहते हैं।

38:38.191 --> 38:42.154
एलिअब, अपने पिता का पहला सहारा।

38:43.905 --> 38:48.285
इज़्ज़त और ताक़त में सबसे मज़बूत।

38:50.287 --> 38:53.248
समंदर की लहरों जैसा जुनूनी।

38:58.128 --> 38:59.212
और फिर भी…

39:02.174 --> 39:03.884
तुम इतने डरे हुए क्यों हो?

39:12.851 --> 39:13.852
अबीनाडाब।

39:21.777 --> 39:22.694
नेथानील।

39:46.051 --> 39:47.052
मैंने आपसे कहा था।

39:48.011 --> 39:49.346
वह पागल हो चुके हैं।

39:49.429 --> 39:50.263
चुप हो जाओ।

39:54.017 --> 39:55.560
मैं कुछ समझा नहीं।

40:01.024 --> 40:03.110
तुमने मेरा हुक्म क्यों नहीं माना?

40:04.194 --> 40:06.530
क्या जेसी का और कोई बेटा नहीं है?

40:10.659 --> 40:11.493
हाँ, है।

40:12.452 --> 40:13.328
एक और बेटा है।

40:14.329 --> 40:16.123
मेरा सबसे छोटा बेटा।

40:16.706 --> 40:17.541
डेविड।

40:18.291 --> 40:21.294
पर वह भेड़ों की देखभाल करता है।

40:23.004 --> 40:24.131
उसे बुलाकर लाओ।

40:30.345 --> 40:32.055
आवा, डेविड को बुला लाओ।

40:32.764 --> 40:33.598
जल्दी आना।

40:34.683 --> 40:35.976
आइए, बैठिए।

40:36.059 --> 40:37.185
मेहरबानी करके।

40:37.269 --> 40:38.812
उसके आने तक हमारे साथ नाश्ता करें।

40:38.895 --> 40:40.355
कोई नहीं बैठेगा।

40:41.106 --> 40:42.107
कोई कुछ नहीं खाएगा।

40:43.608 --> 40:46.236
तुम्हारे बेटे के यहाँ आने तक
हम सब यूँ ही खड़े रहेंगे।

40:47.612 --> 40:48.864
अभी के लिए।

40:54.828 --> 40:59.833
♪ वह करता है तरोताज़ा ♪

40:59.916 --> 41:04.880
♪ रूह को मेरे ♪

41:04.963 --> 41:05.839
डेविड!

41:06.339 --> 41:07.340
डेविड!

41:08.675 --> 41:09.509
चलो।

41:14.848 --> 41:16.725
पिता जी बुला रहे हैं।
भेड़ों को मैं देखती हूँ।

41:16.808 --> 41:17.976
बात क्या है?

41:18.059 --> 41:18.935
तुम ठीक तो हो?

41:19.436 --> 41:20.896
-सब ठीक है।
-कुछ हुआ तो नहीं?

41:21.521 --> 41:22.772
अब शेर का भी डर नहीं है। आप जाओ।

41:27.068 --> 41:28.236
बॉज़ के बेटे।

41:29.988 --> 41:32.699
परमपिता परमेश्वर ने मुझे
तुमसे यह कहने को कहा है।

41:34.993 --> 41:37.913
"मैंने जिसका नाम रौशन किया है
तुम्हें उससे शर्मिंदगी क्यों है?"

41:39.831 --> 41:41.666
"तुमने एक रौशन चिराग को
छिपाकर क्यों रखा है?"

41:43.376 --> 41:44.836
यह डेविड का किया-धरा है।

41:45.587 --> 41:47.547
उसने ऐसा क्या किया जो हम यहाँ हैं?

41:48.798 --> 41:51.301
जो भी किया है,
राजा अगाग जितना बुरा तो नहीं ही हो सकता।

41:52.677 --> 41:54.763
-बेशक, उसे मारा नहीं जाएगा।
-ऐसा क्यों लगता है?

41:54.846 --> 41:56.431
-क्योंकि…
-क्योंकि वह पागलपन होगा?

41:56.514 --> 41:57.515
-हाँ?
-नहीं।

41:58.642 --> 42:00.018
मैं ऐसा नहीं होने दूँगा?

42:01.144 --> 42:02.437
तुम होने नहीं दोगे?

42:03.063 --> 42:03.897
मेरे भाई,

42:04.564 --> 42:05.649
तुम भी साथ में मारे जाओगे।

42:13.907 --> 42:14.991
वह डेविड है।

42:16.701 --> 42:17.994
इस घर का सबसे छोटा बेटा।

42:19.496 --> 42:21.623
-दूसरी पत्नी का…
-जिस बेटे से शर्मिंदगी होती है?

42:36.680 --> 42:37.639
आप कौन हैं?

42:37.722 --> 42:38.890
मैं सैमुअल हूँ।

42:41.017 --> 42:42.560
परमपिता परमेश्वर का पैगंबर।

42:55.323 --> 42:57.409
मेरे तरफ देखो, जेसी के बेटे।

43:15.760 --> 43:16.594
एलिअब।

43:38.658 --> 43:40.744
मैं एक महान योद्धा की उम्मीद में आया था।

43:45.373 --> 43:46.458
और फिर भी परमेश्वर…

43:49.210 --> 43:52.005
वह नहीं देखते जो इंसान देखता है।

43:53.298 --> 43:56.426
इंसान बाहरी खूबसूरती को देखता है।

43:57.093 --> 43:57.927
मगर परमेश्वर…

43:59.679 --> 44:00.889
दिल में देखते हैं।

44:04.184 --> 44:07.395
डेविड, जेसी का बेटा,

44:09.105 --> 44:10.106
एक मामूली चरवाहा।

44:11.900 --> 44:13.401
जब यह वक़्त गुज़र जाएगा,

44:14.986 --> 44:16.404
तुम कुछ और बनोगे…

44:18.239 --> 44:19.574
एक नई पहचान मिलेगी।

44:26.956 --> 44:28.083
ऊपरवाला भी अजीब है।

44:48.186 --> 44:51.064
मिलिए, मेरे सबसे ताक़तवर बेटों से।

45:06.996 --> 45:08.164
इसका नाम क्या है?

45:12.085 --> 45:13.294
मैं हूँ गोलायथ।

45:28.143 --> 45:29.894
घुटनों पर बैठो, जेसी के बेटे।

45:35.316 --> 45:36.359
डेविड,

45:37.569 --> 45:39.237
अपने भाईयों में सबसे छोटे।

45:41.364 --> 45:43.741
सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने तुम्हें चुना है।

45:53.001 --> 45:57.797
जूडाह कबीले के शेर।

45:59.591 --> 46:02.177
तुम्हारा दिल परमेश्वर को पुकारता है

46:03.178 --> 46:07.682
और इसलिए उसने
तुम्हारा मकाम ऊँचा कर दिया है।

46:15.565 --> 46:18.485
परमेश्वर ने सॉल वंश को
हमेशा के लिए ठुकरा दिया है।

46:22.947 --> 46:23.865
आज,

46:25.074 --> 46:28.745
उन्होंने तुम्हें अपना बेटा घोषित किया है,

46:29.579 --> 46:31.206
और तुम्हारे वंश से,

46:34.209 --> 46:35.543
सारे इज़राइल का

46:37.295 --> 46:38.379
भला होगा।

46:42.342 --> 46:43.468
उठो, डेविड।

46:46.054 --> 46:47.514
परमेश्वर ने तुम्हें चुना है।

46:48.973 --> 46:49.807
चुना है?

46:51.142 --> 46:52.018
क्या चुना है?

46:53.728 --> 46:55.021
इज़राइल का राजा।

47:47.073 --> 47:48.199
महाराज सॉल,

47:49.659 --> 47:52.078
अमलेकाइट्स का नाश करने वाले,

47:54.122 --> 47:57.166
इज़राइल के रक्षक,

47:59.752 --> 48:01.629
मानवों में महामानव,

48:02.338 --> 48:04.507
ईश्वर द्वारा दिए देश का पहला राजा,

48:05.508 --> 48:09.012
और दुश्मनों के लिए ईश्वर का कोप,

48:10.972 --> 48:14.976
एक बार फिर विजयी होकर
अपने सिंहासन पर लौट रहे हैं

48:17.395 --> 48:19.731
जो विजयगाथाओं से,

48:20.398 --> 48:22.942
शोभित है।

48:25.778 --> 48:30.033
सॉल वंश की अमर रहे।

48:30.116 --> 48:31.451
-अमर रहे!
-अमर रहे।

48:46.966 --> 48:47.925
महाराज।

48:56.768 --> 48:57.602
बेशक।

50:28.025 --> 50:30.027
संवाद अनुवादक महताब आलम
