WEBVTT

00:19.770 --> 00:21.897
हाउस ऑफ़ डेविड में अब तक…

00:21.981 --> 00:25.901
महाराज को कुछ हो गया है।
हर रोज़ वह बदले हुए से लगते हैं।

00:25.985 --> 00:27.611
सैमुअल!

00:27.695 --> 00:30.489
ऐसे भी लोग हैं
जो दूसरे देवताओं को पूजते हैं।

00:30.573 --> 00:32.032
मुझे तुम्हारी मदद चाहिए।

00:32.116 --> 00:34.410
यह गीत, बहुत प्यारा है।

00:34.493 --> 00:36.537
शायद एक दिन
मैं आपके लिए भी कोई गीत लिख सकूँ।

00:36.620 --> 00:39.790
-मैं किसी का पीछा करवाना चाहता हूँ।
-किसके नक्शेकदम का पता लगाना है?

00:39.874 --> 00:40.708
सैमुअल का।

00:40.791 --> 00:45.045
-डेविड, परमेश्वर ने तुम्हें चुना है।
-चुना है? वह कैसे?

00:45.129 --> 00:46.797
इज़राइल के राजा के तौर पर।

01:16.660 --> 01:17.703
कोई है!

01:26.504 --> 01:27.713
यह जगह कौन सी है?

01:33.677 --> 01:34.720
कोई है!

01:51.529 --> 01:52.446
मैं क्या देखा?

01:56.033 --> 01:57.284
मेरे साथ कुछ हुआ…

01:58.619 --> 01:59.870
जब आपने मुझ पर वह तेल डाला।

02:01.205 --> 02:02.081
मैंने कुछ देखा,

02:03.207 --> 02:04.166
मैं किसी और जगह पर था।

02:07.127 --> 02:08.295
वह परम आत्मा।

02:09.255 --> 02:11.090
उसने अब तुम्हें ज़िम्मेदारी सौंपी है।

02:11.173 --> 02:15.511
वैसे ही जैसे तुमसे पहले उसने
अब्राहम, आइज़ैक, जेकब और मूसा को सौंपा था।

02:17.054 --> 02:18.347
नहीं, मैं कुछ समझा नहीं।

02:18.430 --> 02:21.809
इस ताक़त को महसूस करने के लिए
तुम्हें कुछ समझने की ज़रूरत नहीं है।

02:22.309 --> 02:25.980
नहीं, माफ़ी चाहूँगा,
मगर इज़राइल का पहले से ही एक राजा है।

02:26.730 --> 02:27.565
वह अच्छा भी है।

02:27.648 --> 02:30.568
-शायद आप कुछ और चुनना…
-मैंने तुम्हें नहीं चुना है।

02:31.569 --> 02:34.572
दरअसल, हाशेम को समझाने की कोशिश की
कि वह गलत बंदे को चुन रहे हैं।

02:36.574 --> 02:40.327
परमेश्वर बस यही नहीं देखता है
कि तुम आज क्या हो।

02:41.579 --> 02:43.664
वह यह भी देख सकते हैं
कि तुम आगे चलकर क्या बनोगे।

02:44.748 --> 02:45.749
वह वो देख…

02:49.086 --> 02:50.212
क्या बात है?

02:51.213 --> 02:52.089
डेविड…

02:54.008 --> 02:57.261
तुम्हारे अंदर अपार शक्ति मौजूद है,
मैं महसूस कर सकता हूँ।

02:57.344 --> 02:59.221
तुम्हारे अंदर अपार क्षमता है।

02:59.305 --> 03:03.601
वो जुनून है कि हर तरफ तुम्हारा नाम होगा।

03:03.684 --> 03:09.398
और यही तुम्हारी ख़ुश-क़िस्मती भी होगी
और यही बद-क़िस्मती भी होगी।

03:10.441 --> 03:11.817
मैं यही देख पा रहा हूँ।

03:14.778 --> 03:16.530
रुकिए। मेरे साथ रहिए।

03:17.531 --> 03:19.617
मेरा यहाँ देखा जाना सही नहीं है।

03:19.700 --> 03:20.993
तुम्हारी जान को ख़तरा है।

03:21.076 --> 03:22.536
फिर मुझे अपने साथ आने दीजिए।

03:23.287 --> 03:25.289
फिर मेरी जान को खतरा होगा।

03:25.873 --> 03:26.790
वो क्यों?

03:26.874 --> 03:31.337
अगर राजा सॉल को इस बारे में पता चला,
तो वह हम दोनों को मारने की कोशिश करेगा।

03:35.257 --> 03:36.258
डेविड।

03:37.259 --> 03:39.178
मैं जल्दी वापस आऊंगा।

03:39.261 --> 03:42.139
उम्मीद करता हूँ, जवाब लेकर।

03:49.480 --> 03:50.314
ठीक है।

03:55.945 --> 03:57.738
-सैमुअल पागल हो गए हैं।
-अगर ऐसा नहीं हुआ तो?

03:57.821 --> 03:59.907
-वह पागल हो गए हैं।
-अगर नहीं हुए तो?

03:59.990 --> 04:01.742
-मेरे बच्चों।
-वह हाशेम के फैसले सुनाते हैं।

04:01.825 --> 04:02.826
चुप हो जा!

04:05.579 --> 04:08.749
वह जो भी कहते हैं सच होता है।

04:10.292 --> 04:13.879
उनकी कही बातों को अपने बचपन से
सच होता देखता आ रहा हूँ।

04:13.963 --> 04:16.006
तो, परमेश्वर चाहते हैं कि हम सब मारे जाएँ?

04:16.507 --> 04:19.468
-मुझे नहीं पता परमेश्वर क्या चाहते हैं।
-जानता हूँ आप उनकी इज़्ज़त करते हैं।

04:19.969 --> 04:22.930
उन्होंने इज़राइल को तब संभाला जब
कोई राजा नहीं था, पर सब बूढ़े होते हैं।

04:23.013 --> 04:23.889
सभी गलतियाँ करते हैं।

04:23.973 --> 04:25.849
वह सब लोगों के जैसे नहीं हैं।

04:25.933 --> 04:27.685
वह परमपिता परमेश्वर के पैगंबर हैं।

04:27.768 --> 04:28.978
वह हमारे लिए खतरा हैं।

04:29.061 --> 04:32.606
-और किसी को पता न चले कि वह यहाँ आए थे।
-गाँव में किसी ने तो देखा ही होगा।

04:32.690 --> 04:34.650
मुझे बुज़ुर्गों से बात करनी होगी।

04:35.442 --> 04:36.819
-मुझे उन्हें…
-बिल्कुल नहीं।

04:36.902 --> 04:37.820
उन्हें पता न चले।

04:37.903 --> 04:40.364
एलिअब, यह मेरा घर है।

04:41.323 --> 04:42.950
इसकी हिफाज़त कैसे करनी है मैं बताऊँगा।

04:43.033 --> 04:44.576
पिताजी, बात मानिए! तुम सब भी।

04:47.413 --> 04:49.415
मैंने इससे छोटी बातों के लिए
लोगों की जान ली है।

04:49.498 --> 04:50.624
और अबीनाडाब, आपने भी।

04:51.417 --> 04:52.835
क्या हम ऐसी मौत मरना चाहते हैं?

04:53.419 --> 04:54.294
गद्दारों की तरह?

04:58.841 --> 05:02.344
अच्छा तो, राजा के लिए तुम्हारी वफ़ादारी

05:03.053 --> 05:06.432
उस परमेश्वर के लिए
तुम्हारी वफ़ादारी से बढ़कर है?

05:07.725 --> 05:09.226
या अपने परिवार की वफ़ादारी से?

05:10.144 --> 05:10.978
नहीं।

05:11.437 --> 05:12.479
ऐसा नहीं है।

05:13.480 --> 05:14.606
इसीलिए कह रहा हूँ।

05:16.608 --> 05:17.443
पिताजी,

05:17.526 --> 05:18.736
मेरे भाइयों,

05:20.529 --> 05:23.407
किसी को इसका पता नहीं चलना चाहिए।

05:26.702 --> 05:27.953
हम डेविड का क्या करें फिर?

05:57.649 --> 05:58.525
तुम कौन हो?

06:02.321 --> 06:03.322
कौन हो…

06:08.535 --> 06:09.369
यह जगह कौन सी…

06:11.205 --> 06:12.623
-सुनो! आँखें खोलो!
-क्या हुआ?

06:14.625 --> 06:15.584
क्या बात है?

06:16.794 --> 06:19.213
घरवालों ने मिलकर एक फैसला किया है और…

06:20.255 --> 06:21.757
वही बताने मैं यहाँ आया हूँ।

06:24.134 --> 06:25.844
यहाँ से फिलिस्तिया भेजना चाहते हो।

06:25.928 --> 06:29.098
नहीं, असल में, हम तुम्हें
मिस्र में बेचने वाले हैं।

06:29.181 --> 06:30.891
वहाँ तुम बूढ़ी औरतों को गाकर सुनाना।

06:30.974 --> 06:33.477
और शायद, हमें तुम्हारे बदले
अच्छी कीमत मिल सकती है।

06:35.687 --> 06:38.732
जानकर हैरत हुई
कि इस बात पर भी गौर किया जा रहा है।

06:46.490 --> 06:49.743
तुम तो जानते हो मेरा मकसद इस परिवार की
हिफाज़त करना और इसकी तरक्की है।

06:50.744 --> 06:51.578
जानता हूँ।

06:52.746 --> 06:54.373
तो मेरे लिए इन वादियों में ही रहो।

06:55.207 --> 06:56.458
बस इस बार के लिए।

06:58.168 --> 06:59.503
तुम यह मेरे लिए करोगे।

07:00.420 --> 07:01.547
मेरे भाई, मान जाओ।

07:05.342 --> 07:06.218
शुक्रिया।

07:07.803 --> 07:08.846
किसलिए?

07:10.139 --> 07:11.390
मुझे "भाई" कहने के लिए।

07:20.941 --> 07:21.984
पर अगर किसी भी तरह…

07:23.527 --> 07:26.155
एलिअब, अगर किसी भी तरह
परमेश्वर का यही फैसला है…

07:26.238 --> 07:27.114
नहीं, ऐसा नहीं है।

07:27.739 --> 07:28.699
उनका यह फैसला नहीं है।

07:29.449 --> 07:30.367
पर सैमुअल ने जो कहा?

07:30.450 --> 07:31.618
वह नबी अब बूढ़े हो गए हैं।

07:31.702 --> 07:35.080
-यह कैसे कह सकते हो।
-तुम इसका ज़िक्र फिर कभी नहीं करोगे।

07:36.415 --> 07:38.000
सैमुअल यहाँ कभी नहीं आए।

07:38.083 --> 07:39.126
मगर वह आए थे।

07:39.209 --> 07:41.962
और अगर यह बात पता चली,
तो महाराज तुम्हें मारने का आदेश दे देंगे।

07:42.462 --> 07:44.256
और साथ में हम सब भी मरेंगे। यही चाहते हो?

07:47.926 --> 07:48.927
सैनिक।

07:52.014 --> 07:52.848
और योआब भी है।

07:53.515 --> 07:54.349
तुम यहीं रहना।

08:07.821 --> 08:09.323
सॉल वंश की ओर से आदेश आया है।

08:13.452 --> 08:14.453
मेरे भाई।

08:15.120 --> 08:15.954
बात क्या है?

08:17.039 --> 08:18.207
यह एक बुलावा है।

08:18.749 --> 08:20.959
इस पर राजा की अँगूठी की मुहर लगी है।

08:21.043 --> 08:22.461
अबीनाडाब, चलो, तैयार हो जाओ।

08:22.544 --> 08:23.378
नहीं, रुको।

08:24.338 --> 08:25.380
यह तुम्हारे लिए नहीं है।

08:26.048 --> 08:27.007
क्या कहा?

08:29.009 --> 08:29.843
डेविड के लिए है।

08:38.518 --> 08:43.857
हाउस ऑफ़ डेविड

08:59.748 --> 09:01.667
मैंने कहा था मुझे अकेले रहना है।

09:03.210 --> 09:04.127
घंटों पहले।

09:05.587 --> 09:06.546
मैं हूँ, पिताजी।

09:08.674 --> 09:09.633
मुझे अपने पास
रहने दीजिए।

09:10.634 --> 09:11.843
राजा को अकेले नहीं रहना चाहिए।

09:12.427 --> 09:14.596
राजा होने का मतलब ही अकेला होना है।

09:16.390 --> 09:17.224
ख़ैर,

09:18.433 --> 09:21.103
मैं आपका बोझ कैसे कम कर सकता हूँ?

09:23.313 --> 09:25.190
अपनी माँ को गुस्सा दिलाना बंद करके।

09:28.944 --> 09:30.112
बहुत बड़ी चीज़ माँग ली आपने।

09:35.701 --> 09:37.077
एक दिन की छुट्टी
क्यों नहीं ले लेते?

09:37.953 --> 09:39.121
मेरे साथ रहिए?

09:39.955 --> 09:41.373
पास के एक मयख़ाने को जानता हूँ।

09:42.165 --> 09:45.210
वहाँ जाम होंगे, दासियाँ होंगी और…

09:49.715 --> 09:52.384
तुम चाहते हो
मैं तुम्हारी माँ का दिल दुखाऊँ?

09:52.467 --> 09:53.343
नहीं, ऐसा नहीं है।

09:53.427 --> 09:55.971
मगर आप देख तो सकते हैं।

09:56.346 --> 09:57.389
एश्बाल।

10:03.979 --> 10:04.855
पिताजी।

10:06.982 --> 10:08.442
गिबियाह को लेकर मैंने कुछ सोचा है।

10:10.902 --> 10:13.697
यह कि इस शहर को
एक आलिशान राजधानी कैसे बनाया जाए?

10:13.780 --> 10:15.657
कुछ वक़्त से मैं इस पर काफी सोच रहा था।

10:16.325 --> 10:17.159
आगे बताओ।

10:20.203 --> 10:22.706
मेरी नज़र में इस जगह को
एक सुरक्षित शहर से बढ़कर कुछ होना चाहिए।

10:22.789 --> 10:24.708
हमारे लोगों के लिए
यह जगह एक मंज़िल होनी चाहिए।

10:25.208 --> 10:28.295
तो, हम उनके मनोरंजन के लिए
आलीशान थिएटर बनाएंगे।

10:28.378 --> 10:31.381
हम मिस्र से बेहतरीन कलाकारों
और तमाशगीरों को बुलाएंगे,

10:31.465 --> 10:32.466
और अलग-अलग जगहों से भी।

10:33.300 --> 10:34.176
उनका मनोरंजन करेंगे…

10:35.177 --> 10:36.720
और इसके लिए वो आपको पसंद करेंगे।

10:37.471 --> 10:38.305
और, पिताजी,

10:40.182 --> 10:42.100
इससे लोगों का ध्यान भी भटका हुआ रहेगा।

10:47.481 --> 10:49.358
यह एक ज़बरदस्त सोच है।

10:52.402 --> 10:53.737
और मैं सोच रहा था कि…

10:56.239 --> 10:57.699
इस काम की अगुआई मैं संभालूँ।

10:58.283 --> 10:59.534
इस मकसद को पूरा करूँ।

10:59.618 --> 11:04.122
एश्बाल, अगुआई करना
तुम्हारे बस की बात नहीं।

11:10.921 --> 11:11.755
और…

11:14.257 --> 11:17.135
अगर मैं दस महीने पहले पैदा हुआ होता,
तब जाकर शायद यह…

11:18.720 --> 11:19.554
मेरे बस की बात होती?

11:20.222 --> 11:23.517
बेटे, बात यह नहीं कि तुम कब पैदा हुए थे।

11:23.600 --> 11:25.394
यही तुम्हारी पहचान है।

11:26.103 --> 11:28.146
और आपके नज़र में क्या पहचान है?

11:28.647 --> 11:30.565
वक़्त आने पर तुम्हें अपना मकसद मिल जाएगा।

11:30.649 --> 11:33.068
मगर अभी के लिए मेरा काम मुझे ही करने दो।

11:33.151 --> 11:35.904
मगर, पिताजी, क्या पता उसी मकसद को
जानने का यह एक मौका हो।

11:35.987 --> 11:36.822
एक बार सोच…

11:51.378 --> 11:52.712
महाराज अमर रहें।

12:10.689 --> 12:12.315
-रुक जाओ!
-मैंने बहुत इंतज़ार कर लिया।

12:12.399 --> 12:14.151
याहिर, रुक जाओ।

12:14.234 --> 12:15.068
रुक जाओ।

12:15.152 --> 12:16.570
इतनी हड़बड़ी किस बात की है?

12:18.572 --> 12:19.406
याहिर,

12:20.699 --> 12:22.617
डान कबीले के सरदार।

12:23.201 --> 12:24.494
तुमसे बात करनी है, मेरे दोस्त।

12:25.287 --> 12:26.288
अकेले में।

12:26.371 --> 12:27.914
सॉल, मुझे रोका क्यों जा रहा है?

12:27.998 --> 12:30.292
तुम यहीं रहोगे
और अपने महाराज से इज़्ज़त से पेश आओगे।

12:30.375 --> 12:31.543
मैं यहाँ नहीं रहूँगा।

12:31.626 --> 12:33.628
आबनर, तुम अपनी जगह पर जाओ।

12:33.712 --> 12:36.548
सॉल वंश ने मेरे साथ धोखा किया है।

12:36.631 --> 12:37.466
आबनर,

12:38.300 --> 12:39.384
कोई बात नहीं।

12:41.136 --> 12:41.970
बताओ।

12:42.929 --> 12:44.181
हमने कैसे तुम्हें धोखा दिया है?

12:44.681 --> 12:49.519
महाराज, परमेश्वर ने मेरे परिवार को
इकलौती सुंदर बच्ची से नवाज़ा है,

12:50.312 --> 12:51.313
जिसका नाम दीना है।

12:51.980 --> 12:55.233
वह किसी इज़्ज़तदार मर्द की
दुल्हन बनने के लायक थी।

12:56.526 --> 12:58.153
मगर अब, ऐसा मुमकिन नहीं।

12:59.738 --> 13:03.033
-इसका हमसे क्या लेना-देना?
-तुम्हारे भाई ने उसकी इज़्ज़त छीन ली।

13:05.327 --> 13:06.786
और आपको कैसे पता उसी ने किया?

13:06.870 --> 13:07.746
मैं कोई झूठा नहीं।

13:08.246 --> 13:09.456
मेरी बेटी ने कसम खाकर कहा है।

13:14.044 --> 13:14.878
सॉल?

13:21.343 --> 13:22.344
यह चल क्या रहा है?

13:22.427 --> 13:23.428
तुम कहाँ जा रहे हो?

13:24.262 --> 13:25.096
यह क्या रवैया है?

13:25.722 --> 13:27.766
बात ख़त्म नहीं हुई!
मेरी माँग है कि तुम रुको!

13:27.849 --> 13:28.850
माँग?

13:31.353 --> 13:34.689
-खुद को क्या समझते हो?
-मेरे भाई, तुम्हारी यहाँ ज़रूरत नहीं है।

13:35.273 --> 13:39.361
-बिल्कुल है।
-तुमने मेरी बेटी, खानदान को बदनाम किया है।

13:40.487 --> 13:41.696
तुम्हारी बेटी कौन सी वाली थी?

13:41.780 --> 13:45.325
क्या वह जिसकी भारी कमर है?
या वह जिसकी आँखें अलग रंग की हैं?

13:45.408 --> 13:46.326
एश्बाल।

13:46.826 --> 13:47.953
माफ़ी माँगो, अभी के अभी।

13:49.412 --> 13:50.789
मुझे माफ़ कर दो। सच में।

13:50.872 --> 13:52.666
क्योंकि तुम्हारी बेटी की आँखें अलग हैं।
मैं…

13:52.749 --> 13:53.583
बस…

13:55.877 --> 13:57.420
तुमने इसकी बेटी के साथ गलत किया?

13:58.421 --> 14:00.006
मेरा मतलब… शायद। मैं…

14:00.090 --> 14:05.929
बेहतर होगा तुम्हारा भाई मेरी बेटी से
शादी करे और हमारे खानदान से जुड़े।

14:06.012 --> 14:08.890
मैं किसी बद किरदार लड़की से
कभी शादी नहीं करूँगा।

14:08.974 --> 14:10.100
तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई?

14:10.183 --> 14:12.269
गलतियों को सुधारना होगा

14:13.103 --> 14:14.479
और जब तक ऐसा नहीं होता,

14:14.563 --> 14:18.275
तब तक डान कबीला तुम्हारे वंश के प्रति
वफ़ादार नहीं रहेगा।

14:18.358 --> 14:19.859
-याहिर, हम बात कर सकते हैं।
-नहीं।

14:19.943 --> 14:22.153
-चलो, मैं तुम्हारे लिए इसे आसान कर दूँ।
-एश्बाल!

14:22.237 --> 14:25.198
हमारा घराना कभी एक नहीं होगा,
डान कबीले के याहिर।

14:25.282 --> 14:26.783
एश्बाल, चुप हो जाओ।

14:26.866 --> 14:28.827
फिर मैं मूसा के नियम को
लागू करने की माँग करूँगा।

14:29.828 --> 14:30.745
यही कानून है।

14:31.246 --> 14:32.163
अब तुम कानून सिखाओगे?

14:32.622 --> 14:36.334
तुम्हें शादी करनी होगी
या फिर पत्थर बरसा कर मौत दी जाएगी।

14:36.918 --> 14:39.879
इस महल में मरने-मारने की
कौन बात कर रहा है?

14:42.048 --> 14:42.882
महाराज कहाँ हैं?

14:43.925 --> 14:44.884
महाराज ने मुझे भेजा है।

14:46.011 --> 14:47.971
मैं बस महाराज से बात करूँगा।

14:48.763 --> 14:50.265
मैं रानी हूँ।

14:51.808 --> 14:55.729
तुमने मूसा के नियम की माँग की,
कि मेरे बेटे को पत्थर बरसाकर मार दिया जाए।

14:56.229 --> 14:57.731
हम सब पर मूसा के नियम लागू होते हैं।

14:59.274 --> 15:00.150
महाराज पर भी।

15:00.233 --> 15:01.067
सही कहा।

15:01.151 --> 15:03.236
मगर, मूसा के नियम यह भी कहते हैं

15:03.320 --> 15:07.324
कि मेरे बेटे के साथ-साथ
तुम्हारी बेटी पर भी पत्थर बरसाए जाएँ।

15:08.950 --> 15:10.368
तो क्या तुम ऐसा करोगे?

15:15.624 --> 15:16.833
तुम्हें कानून नहीं पता?

15:21.546 --> 15:22.881
मैं महाराज से बात करुँगी।

15:24.466 --> 15:26.635
आप कल आइए और हम मामला निपटा देंगे।

15:53.870 --> 15:55.747
इस फैसले का कोई मतलब नहीं है।

15:56.373 --> 15:58.458
-राजा बहुत कुछ छीन चुका है।
-पिताजी, चुप हो जाइए।

15:58.541 --> 15:59.417
मैं सँभाल लूँगा।

16:05.882 --> 16:06.716
आख़िर बात क्या है?

16:07.676 --> 16:08.677
उन्होंने मुझे नहीं बताया।

16:08.760 --> 16:10.303
योआब, वह मेरा भाई है।

16:10.387 --> 16:12.806
-तुम्हें कुछ तो पता होगा।
-मैं आदेशों पर सवाल नहीं करता,

16:12.889 --> 16:13.723
बस पूरा करता हूँ।

16:14.307 --> 16:17.435
चाहे वो अपने हों या पराए,
अच्छा होगा तुम यह याद रखो।

16:34.703 --> 16:35.537
मेरे भाई।

16:54.764 --> 16:55.724
यह तुम्हारे लिए है।

16:57.350 --> 16:59.018
मुझे शेर से अब डर नहीं लगता।

16:59.519 --> 17:01.104
अब आपको भी डर नहीं लगेगा।

17:04.774 --> 17:07.444
आवा, मेरे लिए भेड़ों का ख़्याल रखना।

17:23.668 --> 17:25.420
अलविदा कहने की ज़रूरत नहीं है।

17:26.129 --> 17:27.297
मैं फिर से तुम्हें देखूँगा।

17:27.922 --> 17:28.757
जल्द ही।

17:36.306 --> 17:37.140
एलिअब।

17:41.478 --> 17:43.188
इसमें सफर के लिए खाना है।

17:47.025 --> 17:47.942
जो करना पड़े करना।

17:49.360 --> 17:51.738
उसकी और इस घर की हिफाज़त करना।

18:39.285 --> 18:40.620
यह कौन सी चाल चलने वाली है।

18:41.204 --> 18:42.163
कौन सी?

18:42.247 --> 18:43.248
चुप करो।

18:44.999 --> 18:45.917
ठीक है।

18:46.000 --> 18:47.001
तुम चलो।

18:49.796 --> 18:52.048
क्या लगता है
वो लोग तुम्हारे साथ क्या करेंगे?

18:54.425 --> 18:56.344
वो लोग? वो क्या ही कर सकते हैं।
मैं युवराज हूँ।

18:56.427 --> 18:59.430
कानून तो तुम्हें भी मानना पड़ेगा न, एश्बाल।

19:00.765 --> 19:01.891
हाँ।

19:01.975 --> 19:05.728
हाँ, उन्हें कुछ जानवर दे देंगे
और फिर वापस से उनकी

19:06.312 --> 19:07.188
वफ़ादारी खरीद लेंगे।

19:07.272 --> 19:09.023
फिर सब भुला दिया जाएगा। जो भी हो।

19:12.402 --> 19:13.778
में आज माँ को देखा।

19:14.362 --> 19:15.321
वह बहुत नाराज़ थीं।

19:16.906 --> 19:18.283
मुझे यकीन है वह मुझे माफ़ कर देंगी।

19:19.492 --> 19:20.451
हमेशा कर देती हैं।

19:21.995 --> 19:22.912
तुम ऐसा नहीं कर सकते।

19:22.996 --> 19:23.997
-क्यों नहीं?
-बईमानी है।

19:24.831 --> 19:26.457
तुमने इसे छुआ, तो इसे ही चलना पड़ेगा।

19:29.085 --> 19:30.211
चलना पड़ेगा?

19:30.295 --> 19:31.504
-तुम्हें चलना पड़ेगा।
-मुझे…

19:32.130 --> 19:35.216
मीराब, मुझे कुछ भी करना नहीं पड़ेगा।

19:44.809 --> 19:45.643
अपनी चाल चलो।

19:47.979 --> 19:49.480
तुम किस का इंतज़ार कर रही हो?

19:50.565 --> 19:51.441
इश, मैं उसे जानती हूँ।

19:52.442 --> 19:54.027
मैंने दीना को जानती हूँ।

19:55.111 --> 19:56.863
और उसके पिता को भी जानती हूँ।

19:56.946 --> 19:58.531
तुमने सच में उनकी बेइज़्ज़ती की है।

19:59.198 --> 20:02.076
और अगर वह तुमसे
या फिर हमसे इसका बदला नहीं ले पाए

20:02.952 --> 20:04.746
तो वह बदला उस पर ज़ुल्म करके निकालेंगे।

20:06.372 --> 20:08.124
क्या मतलब? यह तुम क्या कर रही हो?

20:08.958 --> 20:09.876
तुम क्या कहना चाहती हो?

20:11.920 --> 20:13.755
यही कि किए का अंजाम भुगतना पड़ता है।

20:14.464 --> 20:16.007
-और लोगों को तकलीफ़ होती है।
-"अंजाम।"

20:16.090 --> 20:17.675
मैं तुम्हारे भले के लिए कह रही हूँ।

20:17.759 --> 20:20.470
शुक्रिया। मेरा मन बहलाने के लिए
बहुत-बहुत शुक्रिया।

20:20.553 --> 20:22.680
-अरे नहीं। मैं तो बस…
-शुक्रिया। मैं अब समझ गया।

20:22.764 --> 20:24.140
-अब मैं जान गया।
-मेरा वो मतलब…

20:24.223 --> 20:26.267
-मुझे कैसे रहना है ये अब तुम सिखाओगी?
-माफ़ करना।

20:26.351 --> 20:29.270
पता नहीं मैं ऐसा क्यों कहा।
चलो खेलते हैं।

20:29.354 --> 20:30.188
चाल चलो।

20:30.271 --> 20:31.105
अच्छा, मेरी चाल है।

20:32.357 --> 20:33.191
सही है।

20:34.776 --> 20:36.861
अब तुम्हीं खेलो। जितनी मर्ज़ी हो।

20:36.945 --> 20:38.613
मीखाल को बुला लो। उसी के साथ खेलो। मैं…

21:14.899 --> 21:15.733
बात क्या है?

21:18.236 --> 21:19.696
हाँ, एक गलती हो गई मुझसे।

21:19.779 --> 21:21.406
तो सब इतने हैरान क्यों हैं?

21:21.906 --> 21:23.866
-मैंने किसी दास की जान तो नहीं ली।
-चुप हो जाओ।

21:23.950 --> 21:27.203
-इस खानदान को बदनाम क्यों करते हो?
-अच्छा तो "उस" पर बात नहीं होगी।

21:27.704 --> 21:30.206
जैसे तब कुछ हुआ ही नहीं।
और उँगलियाँ बस मुझ पर उठेंगी।

21:30.289 --> 21:32.959
हाँ, बेशक उँगलियाँ उठेंगी।
क्योंकि कारनामे भी तो तुम्हारे हैं।

21:33.042 --> 21:34.043
बस मुंह चलाते हो।

21:34.127 --> 21:35.795
और हर बार, मुश्किल खड़ी करते हो।

21:35.878 --> 21:37.672
तुम एक शब्द नहीं बोलोगे।

21:37.755 --> 21:39.465
पर मुझे काफी कुछ कहना है!

21:46.472 --> 21:48.391
तुमने पूछा था तुम मेरी नज़रों में क्या हो।

21:50.309 --> 21:53.980
और सच बताऊँ,
जिस दिन से तुम पैदा हुए हो,

21:54.522 --> 21:56.816
तुम एक मनहूसियत के सिवा कुछ नहीं हो।

22:09.787 --> 22:10.621
हमें अकेला छोड़ दो।

22:31.976 --> 22:33.644
याद है जब तुम छोटे बच्चे थे,

22:34.228 --> 22:36.064
तुम बकरियों को चराने जाया करते थे?

22:38.941 --> 22:39.776
बेशक।

22:43.613 --> 22:46.949
वैसे ही एक दिन,
आसमान एकदम नीला था।

22:48.993 --> 22:50.495
और तब तुमने पूछा था

22:51.746 --> 22:53.456
क्या हम उसमें तैरने जा सकते हैं?

22:59.629 --> 23:02.590
तो हम अपनी हाथों को उठाकर
हवा में देर तक उछलते रहे।

23:04.467 --> 23:05.301
उसी दौरान…

23:07.386 --> 23:08.971
तुम ज़्यादा ऊँचा कूदे और गिर गए…

23:10.139 --> 23:11.390
और तुम्हारा घुटना छिल गया।

23:15.603 --> 23:17.939
मैंने इसे चूमा
और वादा किया कि मैं ठीक कर दूंगी।

23:19.023 --> 23:21.150
और फिर हम घास पर ही लेट गए और…

23:23.694 --> 23:25.863
और बादलों के बनते आकारों को देखने लगे।

23:36.124 --> 23:37.875
याद है उस दिन तुमने क्या कहा था?

23:40.086 --> 23:41.796
तुमने कहा मैं सबसे अच्छी हूँ।

23:45.508 --> 23:48.719
मगर बाद में उस रात,
जब मैंने तुम्हारा घाव साफ़ किया,

23:49.303 --> 23:51.889
तुम्हें दर्द हुआ और तुम रोए,
और चुप ही नहीं हो रहे थे।

23:52.473 --> 23:54.684
तुम्हें समझाया भी कि
साफ़ करना क्यों ज़रूरी है। पर…

23:57.645 --> 23:59.105
तुमने कहाँ मैं बहुत बुरी हूँ।

24:03.317 --> 24:06.904
उस रात, मैं भी बहुत रोई थी।

24:09.031 --> 24:10.116
मैं तब बच्चा था, माँ।

24:11.701 --> 24:12.535
मुझे माफ़ कर दीजिए।

24:13.119 --> 24:14.245
नहीं, कोई बात नहीं।

24:17.331 --> 24:18.166
मुझे माफ़ कर दो।

24:22.253 --> 24:24.839
क्योंकि अब मुझे एक और घाव साफ़ करना है।

24:39.604 --> 24:40.438
याहिर।

24:41.189 --> 24:43.232
डान कबीले के सरदार।

24:45.735 --> 24:47.862
मैं भी मूसा के नियम को मानती हूँ।

24:49.488 --> 24:54.577
इसलिए यह फैसला किया है कि मैं अपने बेटे को
एनडोर के पनाहगाह में शहर-बदर करूँगी।

24:55.745 --> 24:56.871
एनडोर?

24:56.954 --> 24:57.997
नहीं!

24:58.080 --> 25:00.082
एनडोर? माँ, आपका दिमाग खराब हो गया है?

25:00.166 --> 25:02.043
मुजरिमों और देश निकाले लोगों को
वहाँ भेजते हैं।

25:02.126 --> 25:04.086
-आप ऐसा नहीं कर सकतीं।
-"हम तुम्हें शरणार्थियों का

25:04.170 --> 25:08.049
शहर बनाकर देंगे ताकि जो भी जो नियम तोड़ेंगे
वे वहाँ चले जाएं।"

25:08.132 --> 25:10.843
"वे शहर बदला लेने वालों के लिए
पनाहगाह के जैसा होगा।"

25:10.927 --> 25:13.387
"यही नियम है
और मैं इसी को चुनती हूँ।"

25:13.471 --> 25:14.680
-मान जाओ, माँ।
-सिपाहियों।

25:14.764 --> 25:16.474
नहीं, माँ। माँ, ऐसा मत कीजिए!

25:16.557 --> 25:19.060
इस फैसले से हम दोनों में से
किसी के घराने में खून नहीं बहेगा।

25:19.644 --> 25:21.062
नहीं। छोड़ दो!

25:21.646 --> 25:22.980
एक बार यह उस शहर में गया,

25:23.648 --> 25:25.983
तो अपना क़र्ज़ चुकाए बगैर
कभी नहीं लौट सकता।

25:26.067 --> 25:26.984
मैं जानती हूँ।

25:27.068 --> 25:29.487
पिताजी के आने से पहले ये महल क्या था?

25:29.570 --> 25:30.696
ये एक जेल था!

25:31.113 --> 25:33.324
आपको लगता है दीवारों को सजा देने से

25:33.449 --> 25:35.034
इसमें क्या कोई फ़र्क पड़ा है?

25:35.117 --> 25:36.244
यह कभी घर नहीं लगा!

25:37.078 --> 25:38.412
ख़ुशी है मैं यहाँ से आज़ाद हो गया।

25:45.253 --> 25:47.672
नहीं। ऐसा नहीं हो सकता।

25:48.256 --> 25:49.090
नहीं, ऐसा मत करो।

25:49.173 --> 25:50.925
माँ। कोई और रास्ता ज़रूर होगा!

25:51.008 --> 25:51.968
आप कुछ कीजिए।

25:52.051 --> 25:52.885
मान जाइए!

25:53.427 --> 25:54.303
माँ!

25:54.804 --> 25:55.972
नहीं!

25:56.055 --> 25:57.306
नहीं, माँ!

25:59.183 --> 26:00.017
एश्बाल!

26:01.352 --> 26:02.478
-मीराब!
-एश्बाल!

26:03.145 --> 26:03.980
हटो, हट जाओ!

26:05.064 --> 26:05.940
इश

26:08.609 --> 26:10.194
एश्बाल, रुको! रुक जाओ!

26:10.278 --> 26:11.153
छोड़ो मुझे, बहुत हुआ!

26:13.656 --> 26:14.907
मुझे माफ़ करना, बहन।

26:14.991 --> 26:15.866
तुमने सही कहा था।

26:16.534 --> 26:18.077
तुम जल्दी लौट आओगे, है न?

26:19.161 --> 26:20.288
पता नहीं।

26:20.871 --> 26:22.623
क्या मतलब, नहीं पता?

26:25.960 --> 26:27.712
उम्मीद करता हूँ तुम हमेशा ख़ुश रहो।

26:29.338 --> 26:30.423
और तुम भी भाड़ में जाओ।

26:41.434 --> 26:42.393
मुझे भी तुम याद आओगी।

26:47.315 --> 26:49.442
ठीक है। अब जाओ।

26:49.525 --> 26:51.527
-मुझे माफ़ कर देना।
-हिम्मत रखो।

26:52.069 --> 26:52.987
माँ का ख़्याल रखना।

26:53.988 --> 26:55.114
मैं तुमसे फिर मिलूंगा!

26:55.197 --> 26:56.240
एश्बाल!

26:56.324 --> 26:57.450
तुमसे फिर मिलूँगा, मेरी बहन।

27:12.214 --> 27:13.049
सिलास!

27:25.728 --> 27:26.562
सिलास।

27:49.460 --> 27:51.295
गद्दार

27:52.463 --> 27:53.297
हीला।

27:57.385 --> 27:58.344
हीला!

29:07.496 --> 29:10.332
आगे तुम्हें आने की ज़रूरत नहीं है, एलिअब।
बैरक में जाओ।

29:10.416 --> 29:11.250
योआब…

29:14.420 --> 29:16.547
मैं सलाह दूँगा
कि अपने सिपहसालार का आदेश मानो।

29:17.131 --> 29:19.800
मुझे आदेश की उपेक्षा नहीं करनी,
पर मैं अपने भाई को छोड़कर नहीं जाऊँगा।

29:20.384 --> 29:22.219
तब तक नहीं, जब तक जान न लूँ
कि बात क्या है।

29:27.099 --> 29:27.933
योआब।

29:33.856 --> 29:34.690
चलो चलें।

30:02.510 --> 30:03.677
महारानी के सामने झुको, चरवाहे।

30:09.433 --> 30:10.267
नाम क्या है?

30:11.477 --> 30:15.648
-डेविड।
-महारानी, क्या मैं जान सकता हूँ…

30:17.483 --> 30:18.651
यह यहाँ क्यों आया है?

30:19.610 --> 30:20.444
तुम्हारा भाई?

30:24.907 --> 30:27.034
तुमने काफी नाम कमाया है

30:29.828 --> 30:31.664
मैं तुम्हारा संगीत सुनने को बेताब हूँ।

30:33.624 --> 30:34.625
मेरा संगीत?

30:38.504 --> 30:39.713
बस इतना ही करना है।

30:40.464 --> 30:41.632
इसे कुछ नए लिबास दो।

30:43.175 --> 30:44.009
तुम रुको।

30:44.927 --> 30:45.803
उन्होंने जाने को कहा।

30:58.816 --> 31:00.568
जब मेरे बेचारे पति जंग के मैदान में थे,

31:02.611 --> 31:06.615
तब सोते वक़्त उन्हें एक साँप ने काट लिया।

31:09.076 --> 31:10.661
वैद्य लोगों ने बताया

31:11.870 --> 31:14.081
उस ज़हर की वजह से एक अनोखी बीमारी हो गई है

31:14.164 --> 31:19.628
जिसका असर शरीर से ज़्यादा दिमाग पर होता है।

31:25.092 --> 31:28.262
तो मेरी एक दोस्त ने,
बहुत काबिल दोस्त ने बताया,

31:28.762 --> 31:31.098
उसे एक शेर का सपना आया था।

31:32.099 --> 31:36.353
और उसने मुझे बताया
कि मिस्र में संगीत की देवी यानी बेस को,

31:37.730 --> 31:39.064
शेर से जोड़ा जाता है।

31:41.900 --> 31:44.862
माफ़ कीजिएगा, महारानी,
मगर मैं बस एक ख़ुदा हाशेम को मानता हूँ।

31:46.238 --> 31:47.072
हाँ।

31:49.408 --> 31:50.868
सही कहा।

31:51.452 --> 31:53.704
मगर हम दूसरों से सीख सकते हैं, है न?

31:55.247 --> 31:58.334
सच को कई रास्तों से पाया जा सकता है।

32:11.430 --> 32:12.931
मगर यह बात याद रखना,

32:13.766 --> 32:17.561
मेरे पति की बीमारी की बात
इन दीवारों के बाहर नहीं जानी चाहिए।

32:18.228 --> 32:20.981
नहीं तो, तुम महाराज के राज़ को
सबके सामने ला दोगे।

32:22.066 --> 32:25.611
और इसकी कीमत…

32:27.905 --> 32:28.989
अच्छी खासी बड़ी होगी।

32:30.824 --> 32:35.579
आप चिंता मत कीजिए।
मैं ज़िंदगी भर मामूली इंसान रहा हूँ।

32:39.416 --> 32:40.250
अच्छा है।

32:46.840 --> 32:47.925
निकल जाओ!

32:48.008 --> 32:48.842
बंद करो!

32:50.803 --> 32:51.762
तुम अगले हो।

32:54.973 --> 32:58.936
जिस लगान की मैं बात कर रहा हूँ
उससे नए कामों के लिए पैसे जमा होंगे।

32:59.978 --> 33:02.856
हम जल्द ही राजधानी के शहर को
पूरी तरह बसाने के काबिल होंगे।

33:02.940 --> 33:04.441
तुमने मुझसे सलाह तक नहीं ली।

33:04.525 --> 33:06.985
बस फैसला ले लिया और उसे दूर भेज दिया!

33:07.069 --> 33:08.946
क्या आप चाहते हैं,
उसे पत्थरों से मार डाला जाय?

33:09.446 --> 33:13.867
-बजाओ।
-वह याहिर, मेरे घराने को धमकी दे रहा था।

33:13.951 --> 33:15.744
-अगर मैं वहाँ होता…
-मगर आप वहाँ नहीं थे!

33:15.828 --> 33:18.997
जो भी इंसान मेरा तख़्त हथियाने का सोचे
उसका गला काट दो!

33:19.081 --> 33:20.165
कोई भी आदमी!

33:21.083 --> 33:23.001
हम आबनर से इसके बारे में
फिर कभी बात करेंगे।

33:23.085 --> 33:23.919
नहीं!

33:24.962 --> 33:25.879
नहीं!

33:27.256 --> 33:29.174
-प्रजा से धन की भीख नहीं मानूँगा!
-बजाओ।

33:30.050 --> 33:31.719
उन्हें फैसला मानना ही होगा।

33:36.682 --> 33:37.516
तुम ठीक तो हो?

33:37.599 --> 33:39.101
-बहुत हुआ!
-मुझे माफ़ कीजिए।

33:39.601 --> 33:41.353
-बस करो!
-सुनो, मेरी तरफ देखो।

33:41.437 --> 33:43.147
तुम मेरी आँखों में देख सकते हो।

33:45.107 --> 33:46.442
गहरी साँस लो।

33:46.525 --> 33:48.527
-ठीक है? मैं तुम्हारे साथ करती हूँ।
-कुछ मत बोलो।

33:54.908 --> 33:58.078
तुम्हें याद नहीं होगा,
मगर मैंने तुम्हें शादी में बजाते सुना था।

33:58.829 --> 34:00.247
और तुमने कमाल का बजाया था।

34:00.831 --> 34:02.958
इसीलिए मैंने महारानी से
तुम्हें बुलाने को कहा।

34:03.041 --> 34:05.669
तो उसी तरह आज फिर बजाओ।

34:05.753 --> 34:06.587
आपने चुना मुझे?

34:08.213 --> 34:09.047
हाँ।

34:10.340 --> 34:12.050
मगर मैंने कभी ऐसी जगह पर नहीं बजाया।

34:12.885 --> 34:14.178
नहीं पता किसके लिए बजाना है?

34:14.678 --> 34:17.765
फिर, मेरे लिए बजा दो।

34:35.199 --> 34:36.283
डेविड, बजाओ।

35:00.766 --> 35:05.354
आपने ही मुझे बख्शा है रुतबा, ओ ख़ुदा

35:06.146 --> 35:10.567
आपने ही उठाया है मुझे

35:12.277 --> 35:16.198
और न होने दिया कभी दुश्मनों को

35:16.281 --> 35:20.744
मुझ पर हावी

35:20.828 --> 35:27.292
ख़ुदा, ओ मेरे खुदा।

35:29.711 --> 35:36.718
मैं हाथ फैलाऊँ बस तेरे सामने

35:38.929 --> 35:45.602
ख़ुदा, ओ मेरे खुदा।

35:47.563 --> 35:54.361
और करता है मेरी चाहतें पूरी तू ही

36:10.210 --> 36:11.587
उन्होंने ही उनकी तरफ देखने को कहा।

36:11.670 --> 36:13.255
-तभी देखा।
-पक्का तुम्हीं ने देखा होगा।

36:13.338 --> 36:15.632
उन्होंने देखा, समझे?
उन्होंने कहा उन्होंने मुझे चुना।

36:15.716 --> 36:18.719
और फिर, मैंने बस गाया। और मुझे लगता है
सभी को काफी पसंद आया।

36:18.802 --> 36:21.096
-और वह बस मुझे देख रही थी। बस मुझे।
-डेविड।

36:21.179 --> 36:23.432
और यह बहुत शानदार था।

36:23.515 --> 36:25.225
और वह बहुत सुंदर लग रही थी।

36:25.309 --> 36:27.227
-डेविड।
-यह कमरा मेरा है?

36:27.311 --> 36:28.562
-मुझे अपना कमरा मिला है?
-बस करो!

36:29.313 --> 36:30.480
शुक्र मनाओ अब तक ज़िंदा हो।

36:31.231 --> 36:33.442
मगर मेरी बात सुनो,
उनका ध्यान अपनी तरफ मत खींचो।

36:34.234 --> 36:35.068
देखो।

36:36.194 --> 36:37.613
यहाँ से पूरा शहर देख सकते हैं।

36:38.155 --> 36:41.241
और फिर कभी राजकुमारी से बात मत करना।

36:41.325 --> 36:42.284
समझ गए?

36:42.367 --> 36:43.368
उसने मुझसे बात की।

36:43.702 --> 36:45.913
-मैंने बस जवाब दिया।
-सैमसन को भी यही लगा था

36:45.996 --> 36:48.916
कि वो डेलायलाह से "बस बातें कर रहा था"
जब मंदिर के खंभों से कुचला गया।

36:48.999 --> 36:50.208
डेलायलाह फ़िलिस्तीनी थी।

36:50.709 --> 36:52.920
और मीखाल महाराज की बेटी है!

36:53.003 --> 36:56.214
तुम्हारी सच्चाई के बारे में
उन्हें कभी पता नहीं चलना चाहिए।

36:58.467 --> 36:59.468
मैं समझता हूँ।

37:05.015 --> 37:07.017
जितनी जल्दी हो सके
तुम्हें यहाँ से निकाल लूँगा।

37:07.100 --> 37:09.269
तब तक, तुम इधर-उधर मत भटकना।

37:09.353 --> 37:11.063
किसी की नज़रों में मत आना।

37:11.855 --> 37:13.357
तुम्हारे भले के लिए कह रहा हूँ।

37:22.908 --> 37:23.742
यहीं रहना।

37:30.874 --> 37:32.542
महारानी, मुझे एक बात पूछनी है…

37:35.045 --> 37:36.213
आज वह लड़का।

37:37.506 --> 37:38.423
वह संगीतकार।

37:43.220 --> 37:44.179
उसका क्या?

37:44.763 --> 37:48.433
मुझे उसकी रूह… बड़ी अजीब लगी।

37:57.025 --> 37:57.859
वह कैसे?

37:59.736 --> 38:01.279
उसके अंदर सिर्फ नूर ही नहीं।

38:04.950 --> 38:08.870
मुझे उसके अंदर… अंधकार का भी एहसास हुआ।

38:13.709 --> 38:15.168
वैसे, वो हुनरमंद है।

38:16.253 --> 38:19.381
अगर महाराज को उससे मदद मिलती है,
तो बस इतना ही उसका काम है।

38:21.842 --> 38:23.677
वह बस एक संगीतकार है।

39:39.836 --> 39:40.796
यह सुंदर है।

39:40.879 --> 39:42.089
तुम यहाँ क्या कर रहे हो?

39:42.672 --> 39:43.507
राजकुमारी!

39:44.091 --> 39:45.842
तुम्हें यहाँ नहीं होना चाहिए।

39:45.926 --> 39:47.260
यह पाक जगह है।

39:47.761 --> 39:49.054
मुझे माफ़ कर दीजिए, राजकुमारी।

39:49.137 --> 39:50.263
मैं चला जाता हूँ।

39:50.847 --> 39:51.681
नहीं।

39:52.682 --> 39:53.892
नहीं, रुक जाओ।

39:53.975 --> 39:55.936
तुमने कहा यह जगह सुंदर है।

39:57.270 --> 39:58.105
ऐसा क्यों?

39:58.688 --> 40:00.440
यह कमरा परमेश्वर की बातों से भरा है।

40:01.399 --> 40:05.028
मेरे पिता अपनी समझ से
यह बातें हमें बताते हैं, मगर…

40:06.613 --> 40:08.782
मुझे हमेशा से ऐसी किसी जगह को
देखने की तमन्ना थी।

40:09.407 --> 40:10.700
तुम्हें शब्द पसंद हैं।

40:10.784 --> 40:11.618
मैं एक गीतकार हूँ।

40:11.701 --> 40:12.911
शब्दों में ही जीता हूँ…

40:16.039 --> 40:18.458
इंसान चले जाते हैं,
उनके कहे शब्द रह जाते हैं।

40:19.459 --> 40:20.418
बड़ी प्यारी बात कही।

40:22.879 --> 40:24.131
राजकुमारी, अब…

40:27.342 --> 40:28.844
क्या मैं सिपाहियों को बुलाऊँ?

40:30.303 --> 40:31.429
नहीं।

40:33.140 --> 40:35.225
मैंने ही इसे रुकने की इजाज़त दी है।

40:37.018 --> 40:38.687
किसी को अंदर मत आने देना।

40:50.824 --> 40:54.119
क्या तुम्हारे कबीले में
धर्मग्रंथ नहीं पढ़े जाते?

40:54.619 --> 40:56.496
यानी ख़ास मौकों पर? समारोहों के दौरान?

40:59.875 --> 41:03.044
पढ़ते होंगे, मगर मुझे उनके साथ
इबादत करने की इजाज़त नहीं मिलती।

41:04.713 --> 41:05.755
क्यों?

41:07.174 --> 41:08.341
आप क्या पढ़ रही हैं?

41:12.554 --> 41:13.388
यह।

41:13.930 --> 41:15.182
खुद ही देख लो।

41:20.645 --> 41:21.855
क्या आप मुझे पढ़कर सुनाएंगी?

41:23.231 --> 41:24.065
ओह, क्या…

41:25.192 --> 41:26.193
क्या तुम्हें पढ़ना…

41:26.276 --> 41:29.446
मेरे पिता को आता है मगर…

41:30.572 --> 41:32.449
उन्होंने मुझे कभी सिखाया ही नहीं।

41:35.744 --> 41:36.620
ठीक है।

41:37.579 --> 41:39.623
चलो मैं तुम्हें यह खंड पढ़कर सुनाती हूँ।

41:40.332 --> 41:42.000
यह मूसा का गीत है।

41:42.083 --> 41:43.293
लोग इसे गाते हैं?

41:44.169 --> 41:45.712
हाँ, पाँच सौ साल पहले गाते थे।

41:46.296 --> 41:50.175
मैं हमेशा सोचती थी
कि यह कोई गाए तो कैसा लगेगा।

41:54.763 --> 41:58.225
"सुनो, ऐ गगन
कि अब मैं बोलूंगा"

41:59.309 --> 42:02.020
"और सुनेंगे मेरे मुँह की बात
इस जहाँ में सभी।"

42:05.815 --> 42:06.650
यह बहुत प्यारा है।

42:07.275 --> 42:08.109
यह कविता है।

42:11.154 --> 42:11.988
यहाँ लिखा है।

42:13.448 --> 42:16.201
"क्योंकि मैं लेता हूँ नाम परमेश्वर का।"

42:18.536 --> 42:22.123
"बयान करता हूँ मैं परमेश्वर की बड़ाई,

42:23.625 --> 42:24.960
क्योंकि उनकी ताक़त है बेशुमार,

42:25.627 --> 42:27.337
और उनकी बातें हैं हक़ की।"

42:28.797 --> 42:30.465
"वह करते हैं हमेशा इंसाफ।"

42:32.509 --> 42:35.303
"हक़ के हैं वह साथ,
ना-इंसाफ़ी को करते नहीं पसंद।"

42:36.471 --> 42:38.765
"हैं वह सबसे पाक और आला।"

42:44.562 --> 42:50.527
ऐ गगन, सुनो मेरी बात

42:51.319 --> 42:55.907
अब मैं तुम्हें सुनाऊँगा

42:56.700 --> 43:03.373
और सुन ले ये सारा जहाँ

43:03.456 --> 43:08.169
वो बात जो है मेरे दिल की

43:08.253 --> 43:13.633
जो मैंने है सीखा बन कर बारिश बरसे

43:13.717 --> 43:20.223
शब्द हों मेरे जैसे शबनम की बूँदें

43:20.307 --> 43:25.979
जैसे बारिश की बूंदें लाती हैं हरियाली

43:26.062 --> 43:32.610
और होता है दिल जैसे ख़ुश

43:32.694 --> 43:39.451
वैसे ही ऐ परमेश्वर तेरा नाम करूँ मैं बुलंद

43:39.534 --> 43:46.541
बयान करूँ मैं तेरी बड़ाई

43:49.336 --> 43:50.795
क्या वह मूसा का गीत था?

43:51.296 --> 43:52.297
हाँ।

43:54.591 --> 43:55.592
बहुत प्यारा था।

43:57.510 --> 43:58.762
मुझे वह हमेशा से पसंद था।

44:24.162 --> 44:25.663
आप गलत कमरे में आ गई हैं।

44:26.581 --> 44:27.415
मेरे साथ आओ।

44:42.680 --> 44:44.307
आपने हमें बुलाया, सेनापति?

44:48.478 --> 44:49.646
योआब, बस तुम्हें बुलाया था।

44:50.188 --> 44:51.648
एलिअब पर भरोसा कर सकते हैं।

44:51.731 --> 44:52.565
यह मेरा अपना है।

44:53.191 --> 44:56.069
फिर भी कई बार अपने ही
अपनों को खंज़र घोंपते हैं।

45:01.574 --> 45:02.409
हमें अकेला छोड़ दो।

45:08.206 --> 45:10.375
मैं तुम पर भरोसा कर रहा हूँ।

45:11.334 --> 45:13.086
मुझे लगता है कोई नई योजना बन रही है।

45:13.670 --> 45:16.589
राजा सॉल को तख़्त से हटाकर
किसी ढोंगी को बिठाने की।

45:17.924 --> 45:20.260
और मुझे लगता है
वह ढोंगी जूडाह कबीले का है।

45:22.512 --> 45:25.765
हम हर कीमत पर इस खतरे को मिटा देंगे।

45:37.277 --> 45:38.403
मेरे सेनापति।

45:42.157 --> 45:43.658
एलिअब, यह एक सम्मान की बात है।

45:44.617 --> 45:45.994
हमें चुना गया है।

45:46.077 --> 45:47.245
अपने ही लोगों को मारने के लिए?

45:47.912 --> 45:49.789
उस खतरे के लिए जिसकी हक़ीकत भी नहीं पता।

45:49.873 --> 45:51.374
मैंने उनसे कहा कि तुम वफ़ादार हो।

45:51.875 --> 45:53.710
तो अब यह एहसास मत दिलाओ
कि वह मेरी गलती थी।

45:54.544 --> 45:55.420
नहीं, ऐसा नहीं होगा।

45:56.212 --> 45:59.299
खबर है कि सैमुअल हमारे इलाके में आए थे।

46:00.175 --> 46:01.593
अगर इस बारे में कुछ पता हो,

46:02.218 --> 46:03.386
तो तुम मुझे बताओगे?

46:05.180 --> 46:06.014
ज़रूर।

46:08.600 --> 46:10.101
योआब, एलिअब,

46:11.060 --> 46:13.146
सरहद पास के एक और गाँव पर हमला हुआ है।

46:13.229 --> 46:14.564
हमें तुरंत निकलना होगा।

46:15.356 --> 46:16.649
जी, युवराज।

46:17.650 --> 46:18.860
मैं अपना सामान ले लेता हूँ।

46:27.577 --> 46:28.912
डेविड, हमें…

46:46.012 --> 46:46.971
हम कहाँ जा रहे हैं?

47:00.151 --> 47:00.985
ठीक है।

47:13.748 --> 47:14.582
आ जाओ।

47:24.217 --> 47:26.427
सभी को हक़ है कि वह पढ़ना सीखे।

47:29.472 --> 47:30.682
आओ, आ जाओ।

47:41.901 --> 47:42.819
ये कितने पुराने हैं?

47:43.653 --> 47:46.155
करीब सैंकड़ों साल।

47:47.156 --> 47:51.619
हमारा मकसद मिट्टी की तख्ती
और चमड़ों के ऊपर की लिखावट को

47:51.703 --> 47:53.454
मिस्र के बेहतरीन चर्मपत्रों पर उतारना है,

47:54.163 --> 47:57.041
ताकि वह हमेशा-हमेशा के लिए रहें।

47:59.502 --> 48:00.670
क्या उन्हें पता होगा,

48:01.170 --> 48:05.675
यानी लिखते वक़्त कि इतने सालों बाद
हम उनके लिखे शब्दों को पढ़ रहे होंगे?

48:06.175 --> 48:09.846
मुझे लगता है
उन्होंने हमारे लिए ही लिखा होगा।

48:10.430 --> 48:11.264
सही कहा।

48:13.224 --> 48:14.142
किन ख्यालों में खोई हो?

48:16.269 --> 48:17.353
कुछ भी नहीं।

48:19.480 --> 48:20.356
मुझे बता सकती हो।

48:26.696 --> 48:28.406
मेरे पिता एक बेहतरीन राजा हैं।

48:29.866 --> 48:30.950
मगर…

48:31.034 --> 48:32.577
उन्हें ऐसे देख तुम्हें दुख होता है।

48:33.911 --> 48:35.413
उन्हें समझ-बूझ खोते देख, तुम…

48:35.496 --> 48:36.581
नहीं, वह कोई पागल नहीं हैं।

48:37.373 --> 48:38.791
-ऐसा मत कहो।
-अरे, नहीं।

48:39.542 --> 48:41.669
माफ़ करना। तुम्हारे पिता एक महान इंसान हैं,

48:41.753 --> 48:43.671
और वे ख़ुशकिस्मत हैं
कि उनके पास तुम जैसी बेटी है।

48:44.839 --> 48:47.425
नहीं। समझ नहीं रहे।

48:49.677 --> 48:51.763
मुझे लगता है, डेविड, मेरे…

48:51.846 --> 48:54.390
मुझे लगता है मेरा परिवार शापित हो गया है।

48:55.516 --> 48:56.517
शापित?

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तुम्हारे पिता को परमेश्वर ने चुना है।

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मुझे भी यही लगता था।

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मगर मैं इस एहसास को नहीं छुपा सकती
कि नबी ने हमसे मुँह मोड़ लिया है।

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और शायद परमेश्वर ने भी मुँह मोड़ लिया है।

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नहीं।

49:10.156 --> 49:10.990
ऐसा नहीं है।

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मैंने उनकी मौजूदगी महसूस की।

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इन दीवारों में, इन शब्दों में
जो आप पढ़ रही हो।

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मुझे भी महसूस होता है।

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मगर…

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मुझे उतना ही अंधकार महसूस होता है।

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और इससे मुझे डर लगता है।

49:30.635 --> 49:31.761
जब मेरी माँ गुज़रीं…

49:36.849 --> 49:37.684
तब मैं…

49:38.685 --> 49:39.894
मैं भी बहुत डरा हुआ था।

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और बहुत अकेला भी था।

49:44.357 --> 49:45.775
मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था।

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मगर…

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समझ न आना ही
ईश्वर को जानने का एक पहलू है।

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और मायूसी और मौत के ऊपर
हम जो गीत गाते हैं,

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वह उनकी शान में गाते हैं।

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मैं अपने गीत से महाराज को आराम पहुँचाऊँगा,

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और उम्मीद करता हूँ,
इससे तुम्हें भी राहत मिलेगी।

50:09.090 --> 50:10.383
तुम्हें ख़ुश रहने का हक़ है।

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मुझे ख़ुशी है कि तुम यहाँ हो।

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और तुम्हारी माँ का सुनकर अफ़सोस हुआ।

50:32.572 --> 50:33.823
मुझे भी ख़ुशी है कि मैं यहाँ हूँ।

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देखो, मैं…

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यह तुम्हारे लिए बनाया है।

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यह तुम्हारा पहला सबक है।

50:49.714 --> 50:50.548
यह लो।

50:53.676 --> 50:54.510
शुक्रिया।

50:59.807 --> 51:01.058
इसमें क्या लिखा है?

51:06.022 --> 51:07.106
इसमें लिखा है।

51:12.069 --> 51:12.904
"डेविड।"

51:13.905 --> 51:14.947
इसमें "डेविड" लिखा है।

51:46.854 --> 51:47.688
हीला!

51:55.571 --> 51:56.823
-हीला।
-सैमुअल।

51:56.906 --> 51:57.740
हीला!

51:59.492 --> 52:00.493
मेरी जान!

52:01.410 --> 52:02.662
क्या बात है?

52:02.745 --> 52:03.996
मुझे लगा मैंने तुम्हें खो दिया।

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सिलास की हत्या हो गई।

52:09.418 --> 52:10.419
किसने की?

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सॉल ने।

52:12.672 --> 52:14.507
मुझे डर है अब वह हमारे पीछे आएगा।

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हमें…

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अभी ही निकलना होगा।

52:18.886 --> 52:20.763
-जाओ सामान बाँध लो।
-ठीक है।

52:21.180 --> 52:22.014
ठीक है।

52:23.140 --> 52:24.559
बस ज़रूरी सामान लेना।

52:24.642 --> 52:25.476
जाओ!

52:25.768 --> 52:26.602
जाओ!

53:09.145 --> 53:10.062
हम रुक क्यों गए?

53:14.025 --> 53:15.318
सुनो, हम रुक क्यों गए?

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सिपाहियों!

53:34.170 --> 53:35.004
सिपाहियों!

53:54.357 --> 53:55.191
सिपाहियों!

53:58.402 --> 53:59.320
सिपाहियों!

54:39.110 --> 54:40.069
ओए!

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तुम एश्बाल हो, इज़राइल के राजकुमार।

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है न?

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हाँ।

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सही है।

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तुम आ रहे हो?

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संवाद अनुवादक महताब आलम
