WEBVTT

00:04.422 --> 00:06.882
हाउस ऑफ़ डेविड में अब तक…

00:06.966 --> 00:09.427
आज मैं अपनी बेटी का रिश्ता
तुम्हारे किसी एक बेटे से तय करूँगा

00:09.510 --> 00:12.388
-तुम ऐसा होने नहीं दे सकतीं।
-यह मेरी ज़िंदगी है, डेविड।

00:12.471 --> 00:15.433
मैं नहीं चाहती कि
तुम उस चरवाहे लड़के के पीछे पड़ो।

00:15.516 --> 00:18.310
अगर मैं इस घराने से जुड़ जाऊँ,
तो खूनखराबा नहीं होगा।

00:18.394 --> 00:19.562
तुम कुछ भी नहीं करोगे।

00:19.645 --> 00:21.856
-आप ही दानवों की माँ हैं।
-बदले में तुम क्या दोगे?

00:21.939 --> 00:22.773
बदला लेने का मौका।

00:22.857 --> 00:24.233
शेर को मार दो।

00:24.316 --> 00:26.360
हमारा घराना कभी एक नहीं होगा।

00:26.444 --> 00:28.362
सॉल, इस पर बाद में बात करेंगे…

00:28.446 --> 00:29.780
मेरी बात मत काटो, घटिया औरत।

00:29.864 --> 00:31.532
मेरे महल से निकल जाओ!

00:38.873 --> 00:42.752
यह सब ईश्वर के खिलाफ
बगावत के दिनों से शुरू हुआ।

00:43.669 --> 00:47.465
जब स्वर्ग के फ़रिश्तों ने
ईश्वर का सिंहासन छीनने का सोचा।

00:48.090 --> 00:52.470
उन्होंने बगावत कर दी
मगर वे हार गए और निष्कासित किये गए।

00:56.390 --> 00:59.602
उन फरिश्तों को ज़मीन पर दरबदर कर दिया गया।

01:01.812 --> 01:06.150
ईश्वर ने उन्हें निकाल दिया या उन्हें
इंसानों की देखरेख का काम सौंपा।

01:07.526 --> 01:09.195
ये वास्तव में कोई नहीं जानता।

01:11.947 --> 01:16.827
जहाँ कुछ लोग इसे पौराणिक कथा मानते हैं,
वहीं कुछ मानते हैं कि ऐसा सच में घटा था।

01:17.328 --> 01:20.623
एक कहानी जो पीढ़ियों से चली आ रही है।

01:24.960 --> 01:29.215
इंसानों में जन्मीं,
वो बेहद हसीन और ख़ूबसूरत बेटियाँ थीं

01:30.925 --> 01:33.511
जो परमेश्वर के नूर से बनी थीं।

01:35.513 --> 01:41.769
कुछ फरिश्तों ने उन्हें देखा और उनके अंदर
उन्हें हासिल करने की चाहत भर गई।

02:00.996 --> 02:05.835
और उनके रहनुमा,
सामयाज़ा ने बाकियों से कहा,

02:05.918 --> 02:09.547
"हम इंसानों की औरतों को
अपनी पत्नियाँ बना लेते हैं

02:09.630 --> 02:13.217
और अपनी संतान उनसे पैदा करते हैं।"

02:23.978 --> 02:25.813
और उन्होंने ऐसा ही किया।

02:30.276 --> 02:35.072
और इस तरह के अजीब मिलन से
ऐसे बच्चे जन्मे जो इंसानों जैसे नहीं थे।

02:36.866 --> 02:37.992
दानवों जैसे थे।

02:39.243 --> 02:42.037
एक वर्जित मिलन से पैदा हुए।

02:42.121 --> 02:45.040
जो इंसानों से बेहतर और बेहद ताक़तवर थे।

02:45.124 --> 02:48.210
वो ज़मीन पर हमारे बीच
देवताओं के रूप में रहने लगे।

02:49.837 --> 02:52.798
मगर परमेश्वर ने फरिश्तों को
इस गुनाह की सज़ा दी।

02:55.175 --> 02:58.220
और उन्हें अनंत अंधकार में भेज दिया।

02:59.430 --> 03:02.099
ताकि फिर कभी इस धरती पर नहीं आ सकें।

03:05.728 --> 03:09.899
और बाकी बचे वो संतान
जो उनकी बगावत के बाद जन्मे थे।

03:10.399 --> 03:13.277
जिन्हें इंसानों ने डराया
और उनका शिकार किया।

03:22.119 --> 03:24.496
वो तुम हो, मेरे बच्चों।

03:26.206 --> 03:30.336
तुम आख़िरी बचे नेफ़िलिम हो।

03:43.474 --> 03:45.559
अगर आपने जो बताया वो सब सच है…

03:50.731 --> 03:53.067
तो फिर हम अब भी
इस गुफ़ा में क्यों छिपे हैं?

03:57.696 --> 04:01.116
गाथ शहर
फ़िलिस्तीन राज्य

04:05.162 --> 04:06.413
अब क्यों बुलाया है, राजा अकीश?

04:06.497 --> 04:08.123
तुम्हारी मनगढ़ंत कहानियों और

04:08.207 --> 04:11.210
दिल बहलाने वाली बातें सुनने को
इस तरह बार-बार बुलाने से ऊब गया हूँ।

04:11.293 --> 04:12.962
वो सच में हैं। मैंने उन्हें देखा है।

04:14.213 --> 04:15.923
मुझे तुम्हारे पिता पर भरोसा किया।

04:16.006 --> 04:17.758
और तुम पर भी करता हूँ।

04:17.841 --> 04:18.926
तुम जानते हो।

04:20.302 --> 04:22.304
मगर पाँचों सेनाएँ तभी एकजुट होंगी

04:22.388 --> 04:25.099
जब उन्हें ऐसा करने की
कोई बड़ी ताक़तवर वजह मिलेगी।

04:25.891 --> 04:27.559
न कि किसी मनगढ़ंत कहानी के लिए।

04:29.395 --> 04:30.562
सुना तुमने?

04:31.981 --> 04:33.649
आपको मेरी ताक़त देखनी है?

04:34.858 --> 04:37.569
तो वो ताक़त खुद चलकर
मेरे क़दमों में आने वाली है।

05:30.706 --> 05:31.915
कई हफ़्ते गुज़र गए।

05:31.999 --> 05:33.500
मुझे लगा आप नहीं आएँगी।

05:33.584 --> 05:36.628
अगर मेरे बेटे की ज़िद नहीं होती,
तो मैं नहीं आती।

05:37.087 --> 05:39.840
देखिए, मेरे दासों को
आपकी सेवा करने का मौका दीजिए।

05:40.215 --> 05:41.550
जो भी ज़रूरत हो उनसे कहें।

05:48.599 --> 05:52.227
बड़े उस्ताद, मेरे पास तुम्हें दिखाने को
कुछ दिलचस्प है।

06:00.527 --> 06:04.615
बाकी राजाओं से कह दीजिए
कि एलाह के दर्रे में जमा हो जाएँ।

06:04.698 --> 06:08.952
मैं अपनी सेना और दैत्यों के साथ
आपसे वहीँ मिलूँगा।

06:09.495 --> 06:10.788
वक़्त आ गया है।

06:14.875 --> 06:21.340
हाउस ऑफ़ डेविड

06:26.011 --> 06:30.224
आपने ही मुझे बख्शा है रुतबा, ओ ख़ुदा

06:31.975 --> 06:36.438
आपने ही उठाया है मुझे

06:38.065 --> 06:42.319
और न होने दिया कभी दुश्मनों को

06:43.737 --> 06:47.866
मुझ पर हावी

06:49.284 --> 06:55.707
ऐ ख़ुदा, ओ मेरे खुदा।

06:57.042 --> 07:02.214
मैं हाथ फैलाऊँ बस तेरे सामने

07:17.271 --> 07:18.188
मीखाल।

07:19.648 --> 07:20.691
तुम क्या कर रही हो?

07:22.067 --> 07:25.863
मैं वो कल देखने की कोशिश कर रही हूँ
जिसे देखा नहीं जा सकता।

07:25.946 --> 07:27.531
तुम माँ की तरह बातें कर रही हो।

07:32.119 --> 07:35.747
कभी-कभी यह महल बड़ा ही अजीब सा…

07:39.835 --> 07:43.297
कई बार, मैं ख़ुद को दीवारों पर बैठी

07:43.380 --> 07:45.841
और रास्तों पर टकटकी लगाए हुए पाती हूँ,

07:45.924 --> 07:49.136
बस इसी उम्मीद में कि एक आख़िरी बार
अपने भाई एश्बाल को देख सकूँ।

07:50.220 --> 07:52.973
मगर मैंने उसे खो दिया।

07:54.266 --> 07:56.226
और खुद को भी।

07:57.895 --> 08:00.439
मुझे अफ़सोस है
कि पिताजी ने तुम्हारी शादी रोक दी।

08:00.522 --> 08:01.690
मत करो।

08:01.773 --> 08:05.027
हमारा काम ही यही है
कि महाराज के आज्ञाकारी नौकर बने रहें।

08:05.652 --> 08:07.571
भले वह अपने होशोहवास में रहें या न रहें।

08:09.656 --> 08:12.993
हमारे लिए खुशहाली और अपनी मर्जी
एक भ्रम से बढ़कर कुछ नहीं है।

08:14.411 --> 08:15.704
और तुम्हें देखो।

08:16.538 --> 08:18.373
तुम्हारी गुपचुप मुलाकातें?

08:18.916 --> 08:22.002
इस महल में पिताजी की बीमारी और
तुम्हारी ही बातें चल रही हैं।

08:23.003 --> 08:24.504
तुम्हें प्यार हो गया है?

08:31.470 --> 08:32.304
नहीं।

08:37.976 --> 08:39.186
हुआ था।

08:41.313 --> 08:42.272
हो गया था।

08:42.356 --> 08:46.818
और अब मैं उलझन में हूँ।

08:49.446 --> 08:51.031
तुम्हारा भोला मासूम दिल।

08:51.114 --> 08:52.866
तुम्हारे जैसा संगदिल तो नहीं?

08:52.950 --> 08:54.284
बात मत टालो।

08:55.953 --> 08:57.162
तुम किस बात से परेशान हो?

08:58.997 --> 09:02.042
माँ ने मुझे वो बातें बताईं
जो मैं नहीं जानती थी।

09:03.210 --> 09:06.255
और अब मुझे वह अलग जैसा लग रहा है।

09:07.089 --> 09:09.925
वह एक निचले तबके का है,
और तुम्हें उससे शादी नहीं करनी चाहिए।

09:10.300 --> 09:11.760
तुम भी ये सब सीख जाओगी।

09:11.843 --> 09:17.266
हम बस वो सीढ़ी हैं जिसे मर्द
अपनी चाहत पूरी करने के लिए चढ़ते हैं।

09:17.349 --> 09:22.354
और जितनी जल्दी तुम यह मान लोगी,
आगे बढ़ने में उतना ही कम दर्द होगा।

09:26.149 --> 09:28.902
ईश्वर ने तुम्हें
एक बेहतरीन तोहफ़ा दिया है।

09:30.946 --> 09:32.239
शुक्रिया, महाराज।

09:32.906 --> 09:34.157
तुम्हें देखकर जलन होती है।

09:34.908 --> 09:36.535
उस ज़िंदगी को देखकर
जो तुम घर पर गुज़ारते हो।

09:36.618 --> 09:38.161
उसकी वो खुशहाली।

09:40.038 --> 09:43.583
तुम्हारे भेड़ों को देखकर,
तुम्हारे मैदानों को देखकर।

09:43.667 --> 09:44.793
वो दिन याद आते हैं।

09:46.837 --> 09:48.046
आप मैदानों पले-बढ़े हैं।

09:49.381 --> 09:51.091
मैं पैदाइशी राजा नहीं था।

09:51.174 --> 09:52.301
मैं आगे चलकर बना।

09:52.801 --> 09:55.095
तुम्हारी ही तरह, मैं जानवरों को चराता था।

09:56.430 --> 09:58.015
खच्चरों को।

10:00.475 --> 10:01.643
बड़े परेशान करते हैं।

10:01.727 --> 10:03.645
भेड़ों से कहीं ज़्यादा।

10:03.729 --> 10:08.442
मगर मेरा मानना है लोगों को संभालने के लिए
वो करना एक अच्छी तैयारी थी।

10:09.109 --> 10:10.819
आपका मतलब लोग भी गधे जैसे होते हैं?

10:13.864 --> 10:15.240
कभी-कभी उनसे भी बदतर।

10:20.245 --> 10:21.747
एक चरवाहे से आप राजा बने।

10:22.831 --> 10:24.082
सब कुछ मुमकिन है।

10:24.833 --> 10:26.418
तुम जो चाहो बन सकते हो।

10:27.085 --> 10:29.129
इससे फर्क नहीं पड़ता
आप शुरू कहाँ से करते हैं?

10:30.505 --> 10:35.719
और उस इंसान की बात कभी मत सुनना
जो तुम्हारी किस्मत तुमसे छीनना चाहे।

10:36.136 --> 10:37.179
चाहत तुम्हारी है।

10:38.513 --> 10:40.307
तो इस पर डटे रहना।

10:53.236 --> 10:54.529
एक मेहमान आया है।

10:54.613 --> 10:55.822
कितनी अच्छी बात है।

11:00.243 --> 11:01.745
किसी को पता नहीं चलना चाहिए।

11:02.204 --> 11:03.413
अगर महारानी को पता लगा…

11:03.497 --> 11:06.750
हम एक दूसरे के राज़, राज़ रखेंगे,
हमेशा की तरह।

11:07.918 --> 11:09.461
तुम अब जा सकती हो।

11:12.381 --> 11:14.091
घबराओ मत, रूबेन।

11:14.883 --> 11:17.928
केज़िया ने मुझे तुम्हारे बारे में
बहुत कमाल की बातें बताई हैं।

11:18.387 --> 11:21.348
यही कि तुम कितने होशियार हो,
तुम कितने अच्छे से सुनते हो।

11:21.431 --> 11:25.227
और यह भी कि तुम एक रात महाराज के साथ थे,
एक ख़ास रात।

11:25.310 --> 11:27.270
जंग के मैदान में।

11:27.354 --> 11:30.065
जब महाराज से मिलने एक इंसान आया था।

11:31.691 --> 11:32.943
-सैमुअल?
-हाँ।

11:33.026 --> 11:35.695
सैमुअल ने महाराज से क्या कहा था?

11:37.239 --> 11:38.907
आप बाद में इन्हें मार देते हैं?

11:39.741 --> 11:40.951
इन जानवरों को।

11:41.034 --> 11:42.119
आप इनकी बलि देते हैं?

11:43.120 --> 11:44.830
रूबेन, मैं कोई नबी नहीं हूँ।

11:44.913 --> 11:46.540
फिर आप उन्हें दर्द क्यों देते हैं?

11:47.624 --> 11:48.667
क्यों?

11:49.334 --> 11:51.878
क्योंकि मैं उनसे सीखता हूँ।

11:52.671 --> 11:56.466
उनके अंदर ऐसी चीज़ें होती हैं,
जिनके बारे में जानने की मुझे चाहत है।

11:56.550 --> 11:59.970
क्या तुमने कभी
दिल को धड़कते हुए देखा है?

12:03.598 --> 12:04.433
नहीं देखा?

12:04.516 --> 12:05.809
तुम देखना चाहोगे?

12:06.977 --> 12:08.270
फिर बताना कि तुमने क्या सुना था,

12:08.353 --> 12:12.315
और बदले में, मैं तुम्हें यहाँ की
बहुत सी शानदार चीज़ें दिखाऊंगा।

12:18.488 --> 12:21.032
वो ज़ोर से चिल्ला रहे थे।
और महाराज यह कहते हुए रो रहे थे

12:21.199 --> 12:23.493
कि परमेश्वर ने
उनसे राजा की कुर्सी छीन ली है।

12:23.577 --> 12:25.912
परमेश्वर ने तुमसे सल्तनत छीन ली है।

12:25.996 --> 12:27.456
उसे चुना…

12:27.539 --> 12:29.416
-चुन लिया गया है?
-चुन लिया गया है।

12:31.293 --> 12:32.919
शुक्रिया, रूबेन।

12:37.132 --> 12:40.719
धातु के हथियार बनाना
इंसानों को सबसे पहले देवताओं ने सिखाया था।

12:41.553 --> 12:48.101
और पिछले महान युग के अंत में
रहस्यमय कलाओं के राज़ खो गए।

12:48.560 --> 12:51.771
और इसे बनाने के लिए ज़रूरी
बहुत से कीमती तत्व भी।

12:53.148 --> 12:55.150
जैसे कि ताँबा, धातु

12:57.486 --> 12:59.070
और इसे बनाने की हिम्मत।

13:04.659 --> 13:05.577
तुम्हारी तलवार और ढाल।

13:06.286 --> 13:07.370
बेहद उम्दा।

13:07.454 --> 13:09.748
माइसीनिया के बेहतरीन लोहारों का बनाया।

13:10.290 --> 13:11.666
इसके जैसा कुछ और नहीं।

13:28.892 --> 13:30.143
हाँ।

13:31.228 --> 13:32.521
इससे काम बन जाएगा।

13:50.121 --> 13:51.581
ऐ। देखो।

13:56.461 --> 13:58.004
तुम दोनों को खेल खेलना है?

14:01.341 --> 14:03.260
चिंता मत कीजिए।
वो उसे नुक्सान नहीं पहुँचाएंगे।

14:03.677 --> 14:06.346
बदले में यही बात मैं नहीं कह सकती।

14:10.100 --> 14:11.810
देखो मेरे पास क्या है।

14:15.230 --> 14:16.231
कौन लड़ना चाहता है?

14:31.746 --> 14:32.747
इधर आओ!

14:32.831 --> 14:33.999
कहाँ जा रहे हो?

14:34.583 --> 14:35.458
वापस आओ!

14:42.048 --> 14:44.676
मुझसे जुड़ जाइए, जीतने में मेरी मदद कीजिये।

14:44.759 --> 14:46.928
आप और आपके बेटे राजाओं की तरह रहेंगे।

14:47.012 --> 14:48.138
राजाओं की तरह?

14:49.097 --> 14:51.182
वह पहले से देवता समान हैं।

14:54.978 --> 14:57.647
तुम लोग एक नक्शे पर प्यादे खिसकाते हो,

14:58.732 --> 15:02.277
और बहस करते हो और झगड़ते हो
कि कौन सी ज़मीन किसकी है,

15:02.360 --> 15:04.446
किसका देवता ज़्यादा ताक़तवर है।

15:06.031 --> 15:08.867
जैसे कि ये सब
असल में तुम्हीं लोग चला रहे हो।

15:08.950 --> 15:10.535
तो आपको मेरा प्रस्ताव कैसा लगा?

15:10.619 --> 15:12.537
साथ मिलकर, हम बदला ले सकते हैं।

15:14.372 --> 15:18.209
गोलायथ को उनके राजा को मारने दीजिए
और उनके लोगों को बंदी बनाने दीजिए।

15:18.293 --> 15:21.588
जब हम जंग जीतेंगे तब
हम सब लूट से मालामाल हो जाएंगे।

15:21.880 --> 15:26.635
बदले की चाह तो मुझे ऐसी है
जिसका मुझे लंबे वक़्त से इंतज़ार है।

15:27.469 --> 15:28.303
इसलिए…

15:29.554 --> 15:32.390
बदले में मेरा प्रस्ताव यह है।

15:32.474 --> 15:35.393
मेरे बेटे एक ही शर्त पर
तुम्हारा साथ देंगे।

15:36.603 --> 15:37.479
बोलिए।

15:38.605 --> 15:39.606
तुम्हारे तख़्त के बदले।

15:43.276 --> 15:44.653
मैं समझा नहीं।

15:44.736 --> 15:48.823
आख़िर मेरे बेटे किसी इंसान के सामने
घुटने क्यों टेकेंगे, तुम्हारे सामने भी?

15:49.616 --> 15:52.243
घुटने तो इंसानों को टेकने चाहिए
देवताओं के सामने।

15:53.495 --> 15:57.123
जब जीत हासिल हो जाएगी,
तब इस पूरी सरज़मीन पर गोलायथ राज करेगा।

15:57.207 --> 15:58.249
पूरी सरज़मीन पर।

16:09.135 --> 16:12.889
मेरे हाथ को चूमो
और वादा करो कि ऐसा ही होगा।

16:18.895 --> 16:19.729
नहीं।

16:21.815 --> 16:23.566
फिर तुम्हें दानवों का साथ नहीं मिलेगा।

16:24.192 --> 16:26.736
और उनके बगैर,
तुम्हें जीत हासिल नहीं होगी।

16:27.529 --> 16:29.114
मगर मैं होती तो चौकन्नी रहती, राजा अकीश।

16:29.864 --> 16:34.202
दानवों को एक बार जगा दिया,
तो उन्हें वापस सुलाना बेहद मुश्किल है।

16:46.381 --> 16:50.218
फ़िलिस्तीन में मौजूद जासूसों ने बताया है
कि कोई साज़िश रची जा रही है।

16:50.301 --> 16:51.970
इन जगहों पर सैनिक इकट्ठा हो रहे हैं।

16:52.053 --> 16:54.514
कम से कम उनके दो राज्यों के बीच
कुछ समझौता हुआ है।

16:54.597 --> 16:56.099
किसलिए, हम नहीं जानते।

16:56.182 --> 16:57.434
हमारे चारों तरफ दुश्मन हैं।

16:57.517 --> 17:00.687
मुझे शक है इसके पीछे राजा अकीश का हाथ है।

17:00.770 --> 17:02.397
वह जुनूनी है, बदले में डूबा हुआ।

17:02.480 --> 17:05.567
मगर अब तक,
ना कोई चिंगारी, ना सहयोगी।

17:05.650 --> 17:08.236
मुझे लगता है हमने उस खतरे को
बहुत पहले ही ख़त्म कर दिया था।

17:08.319 --> 17:09.446
हाँ, उसके पिता को।

17:09.529 --> 17:12.407
मगर जबसे अकीश वापस लौटा है
और तख़्त वापस लिया है,

17:12.490 --> 17:13.742
तब से वो हिम्मत दिखाने लगे हैं।

17:13.825 --> 17:14.743
किसके बलबूते?

17:14.826 --> 17:16.828
आपकी बीमारी की खबर फ़ैल गई है, पिताजी।

17:16.911 --> 17:19.164
वो इसे मौके की तरह देख रहे हैं।

17:19.247 --> 17:20.999
मुझे हराने के लिए?

17:21.082 --> 17:24.544
एक कुत्ते को कितनी बार सबक सिखाना पड़ेगा
ताकि वह सामने बैठकर दुम हिलाए?

17:24.627 --> 17:27.088
शायद हमें उन्हें याद दिलाना चाहिए,
पहले हमला करो, इससे पहले…

17:27.172 --> 17:29.382
बिल्कुल नहीं। माफ़ कीजिए, महाराज।

17:29.466 --> 17:30.508
यह सही नहीं होगा।

17:30.592 --> 17:34.763
हमें अपनी सुरक्षा मजबूत करनी चाहिए
और देखने के लिए रुकना चाहिए कि उनका…

17:34.846 --> 17:35.972
क्या कहा?

17:36.973 --> 17:40.810
आख़िर तुम कब से
दुश्मनों पर चढ़ाई करने से डरने लगे?

17:41.644 --> 17:44.189
हमने पूरी अमलेकाइट्स सेना को तबाह किया,

17:44.272 --> 17:49.068
उनके पास बेहतर हथियार और
बड़ी फ़ौज होने के बावजूद।

17:49.694 --> 17:53.198
हमने परमेश्वर का साथ पाकर जीत हासिल की।

18:04.501 --> 18:05.710
परमेश्वर का साथ पाकर।

18:19.849 --> 18:20.975
पिताजी।

18:23.478 --> 18:26.147
-आप ठीक तो हैं?
-हाँ, हमेशा की तरह ठीक हूँ।

18:28.483 --> 18:30.068
सीमा पास के गांव पर हुआ हमला…

18:30.151 --> 18:32.487
मेरे सामने फिर से दानवों की बात मत करना।

18:32.570 --> 18:35.073
पिताजी, आप इसे नकार नहीं सकते।

18:35.156 --> 18:36.491
सब जगह निशानियाँ थीं।

18:36.574 --> 18:39.953
तुम चाहते हो कि मैं एक हाथ के
निशान के चलते डरकर बैठ जाऊँ?

18:41.955 --> 18:45.750
मुझे लगा तुम हमारे लोगों के लिए
एक हीरो हो, न एक डरपोक।

18:46.376 --> 18:50.463
मेरे आसपास बस डरपोक भरे पड़े हैं।
वो सब भी और तुम भी।

18:50.547 --> 18:53.091
कोई मुझसे मेरा तख़्त नहीं छीन सकता।

18:53.174 --> 18:56.219
न ही एड्रियल और न ही राजा अकीश।

18:56.302 --> 18:57.470
और न ही तुम!

18:59.556 --> 19:00.390
पिताजी…

19:01.099 --> 19:02.475
उन्हें आने दो।

19:02.809 --> 19:04.602
उन सभी को आने दो।

19:05.645 --> 19:08.731
मैं उन सभी को
एक असली राजा की ताक़त दिखाऊँगा।

19:09.566 --> 19:12.527
मैं उन सभी के टुकड़े टुकड़े कर दूँगा।

19:23.037 --> 19:23.872
मीखाल।

19:26.082 --> 19:29.627
तुमने मुझे बताया क्यों नहीं
कि तुम असल में कौन हो?

19:33.089 --> 19:37.260
मेरी माँ ने बताया कि तुम अपने कबीले
और घर से निष्कासित हो।

19:39.178 --> 19:41.180
इस बात से तुम्हारे मेरे बीच
कोई फर्क नहीं पड़ता,

19:41.264 --> 19:43.516
मगर मुझे लगा था
कि हम एक-दूसरे के साथ ईमानदारी बरतेंगे।

19:46.603 --> 19:48.062
सच यह है कि मैं डरता हूँ।

19:49.063 --> 19:53.651
जब लोगों को मेरी असलियत पता चलती है,
वो मुझसे दूर हो जाते हैं।

19:55.361 --> 19:56.738
और मैं उन्हें खो देता हूँ।

20:01.534 --> 20:03.244
क्या मैं अब तुम्हें भी खोने वाला हूँ?

20:08.207 --> 20:09.125
डेविड…

20:11.419 --> 20:15.673
मेरे भाई ने, किसी की नज़र में आए बगैर
महल से निकलने का रास्ता बताने का कहा है।

20:16.633 --> 20:18.051
तुम मेरे साथ चल सकती हो।

20:20.637 --> 20:22.847
यह सुनने में ख़ुशहाल सपने जैसा लग रहा है।

20:24.015 --> 20:28.394
इन दीवारों के बाहर तुम क्या कुछ हो सकती हो
यह दिखाने का मुझे एक मौका दो।

20:28.478 --> 20:30.813
तुम्हारे कंधों पर
कोई शाही बोझ नहीं होगा।

20:31.689 --> 20:32.732
तुम आज़ाद होगी।

20:33.858 --> 20:35.234
एक आम-सी ज़िंदगी में।

20:35.318 --> 20:37.362
भले ज़िंदगी में एक पल के लिए ही सही।

20:41.366 --> 20:42.742
जब मेरी माँ मुझे नहीं देखेंगी,

20:42.825 --> 20:46.871
वह तुरंत मुझे वापस लाने को
शाही सेना भेज देंगी।

20:46.955 --> 20:48.289
सब जगह तुम्हारी तलाश होगी।

20:48.373 --> 20:52.418
फिर हम कहीं दूर जा सकते हैं,
ऐसी जगह जहाँ वो हमें नहीं ढूँढ़ पाएँ।

20:54.337 --> 20:55.380
डेविड।

20:57.590 --> 21:01.719
चाहत और ज़िम्मेदारी के बीच एक फर्क है।

21:04.430 --> 21:06.724
मेरी ज़िंदगी का फैसला मैं नहीं ले सकती।

21:06.808 --> 21:10.144
यह तभी सच होगा जब तुम इस पर यकीन करो।

21:14.816 --> 21:18.695
दो चीज़ें हैं जो कि बिल्कुल सच हैं।

21:20.738 --> 21:21.906
मैं तुमसे प्यार करती हूँ।

21:24.075 --> 21:24.909
और क्या?

21:25.284 --> 21:26.536
और हम कभी एक नहीं हो सकते।

21:30.707 --> 21:31.582
कभी नहीं।

21:33.001 --> 21:33.960
मीखाल।

21:57.025 --> 21:58.234
मैं 100 आदमी लेकर जाता हूँ।

21:58.735 --> 22:01.029
उन्हें घाटी में घेर लेंगे,
और दोनों को मार डालेंगे।

22:01.195 --> 22:03.656
इतने लोगों से कुछ नहीं होगा।

22:03.740 --> 22:04.699
रुक जाओ।

22:04.782 --> 22:06.409
महाराज, मेहरबानी कीजिए।

22:06.492 --> 22:07.785
वहीं खड़े रहिए।

22:08.494 --> 22:10.455
डोएग। तुम क्या चाहते हो?

22:10.538 --> 22:13.291
मैं बस ताकतवर लोगों का सेवक हूँ।

22:13.374 --> 22:17.003
आप जो चाहते हैं उसे पाने के
शायद और भी तरीके हैं।

22:20.840 --> 22:22.091
सैमुअल।

22:24.427 --> 22:25.928
सैमुअल!

22:31.184 --> 22:32.268
इनकी हालत और बिगड़ रही है।

22:34.937 --> 22:37.148
यह मेरी विद्या से
बहुत आगे की काली ताक़त है।

22:37.732 --> 22:39.567
और इस इलाज में जोखिम है।

22:39.942 --> 22:41.486
कैसा जोखिम?

22:41.569 --> 22:44.197
या तो इससे एक उम्मीद की किरण जागेगी

22:44.280 --> 22:45.907
और मुमकिन है ये बच जाएँ, या फिर…

22:46.657 --> 22:48.284
बस करो।

22:48.951 --> 22:50.453
यह खुद को चोट पहुंचा लेंगे।

22:50.536 --> 22:51.621
इन्हें कस के पकड़िए।

22:52.914 --> 22:53.873
किसलिए?

22:53.956 --> 22:55.333
मुझे इनका खून चाहिए।

24:05.278 --> 24:06.237
मीखाल?

24:24.797 --> 24:25.798
मीखाल?

24:30.386 --> 24:31.512
डेविड।

24:31.596 --> 24:33.598
तुम शाही कक्ष में क्या कर रहे थे?

24:33.973 --> 24:35.474
तुम उसी को ढूँढ़ रहे थे, है न?

24:35.558 --> 24:37.393
तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है?

24:37.476 --> 24:38.477
और नहीं। बहुत हुआ।

24:38.561 --> 24:40.813
तुम घर चल रहे हो। अभी के अभी।

24:40.897 --> 24:42.190
-छोड़ो मुझे।
-एलिअब, ये सब क्या है?

24:43.232 --> 24:46.110
युवराज, वक़्त आ गया है
कि मेरा भाई महल से चला जाए।

24:46.194 --> 24:47.153
बस करो।

24:47.570 --> 24:48.654
अभी।

24:51.824 --> 24:53.993
इसे मेरे पिता की सेवा में
संगीत के लिए लाया गया है।

24:54.577 --> 24:56.204
महाराज ही इसके जाने का फैसला करेंगे।

25:01.125 --> 25:04.795
मेरा भाई जब से पैदा हुआ है
तबसे परिवार के लिए बस एक अभिशाप रहा है।

25:09.592 --> 25:11.469
दुआ कीजिए आपके घर के लिए न हो।

25:27.193 --> 25:30.238
इनकी ज़ुबान से लेकर दिमाग तक।

25:31.447 --> 25:33.824
मुझे दिखाओ।

25:37.870 --> 25:39.038
क्या चीज़ है? क्या दिख रहा है?

25:39.413 --> 25:40.998
एक शेर…

25:41.207 --> 25:42.917
…और एक आदमी।

25:43.376 --> 25:44.543
दोनों एक ही हैं।

25:44.627 --> 25:46.295
मुझे उसका नाम बताओ।

25:47.171 --> 25:48.464
कुछ है जो मुझे रोक रहा है।

25:49.298 --> 25:50.800
कोई शक्ति।

25:50.883 --> 25:51.968
कोई तो है।

25:52.426 --> 25:53.552
नाम बताओ।

25:54.387 --> 25:55.888
हाँ, मुझे खुद को देखने दो…

26:03.354 --> 26:04.522
ये सब अभी बंद कीजिए।

26:09.694 --> 26:10.653
तुमने क्या किया?

26:10.736 --> 26:12.405
हम सभी को इससे बचाया है।

26:12.530 --> 26:14.323
कानून के तहत, रानी को भी मौत की…

26:14.407 --> 26:16.158
मुझे कानून मत सिखाओ।

26:16.242 --> 26:18.327
इस महल पर परमेश्वर की हुकूमत है।

26:18.911 --> 26:20.454
परमेश्वर ने इस महल से मुंह मोड़ लिया है।

26:20.538 --> 26:21.747
फिर भी यह सही नहीं है।

26:31.090 --> 26:32.300
तुम।

26:33.467 --> 26:34.552
तुम।

26:37.847 --> 26:39.223
तुम्हीं ने ये सब किया है।

26:44.478 --> 26:46.772
वक़्त रहते यहाँ निकल जाओ।

26:46.856 --> 26:49.066
मैंने इतना तो साफ़-साफ़ देखा है।

26:49.483 --> 26:51.110
तुम कभी राजा नहीं बन पाओगे।

26:51.569 --> 26:52.528
कभी नहीं।

27:11.672 --> 27:15.051
मौत आ रही है।

27:19.972 --> 27:23.809
लौटने के बाद से माँ कुछ बोल रही हैं।

27:24.894 --> 27:28.105
इंसान धोखेबाज़ होते हैं
ऐसा कुछ बड़बड़ाए जा रही है।

27:29.148 --> 27:30.399
खैर, मुझे वो पसंद आए।

27:30.858 --> 27:34.236
तुम्हारी सबसे बड़ी चाहत
ज़िंदा बचे रहना होना चाहिए।

27:34.779 --> 27:36.280
मेरी बात याद रखना।

27:37.698 --> 27:40.951
राजा अकीश ने हमें एक अच्छा कल देने का
प्रस्ताव दिया और आपने उसे ठुकरा दिया।

27:41.035 --> 27:42.536
वह तुम्हें अपने नीचे रखता।

27:43.037 --> 27:46.665
मगर यहाँ आपके साथ भी तो हम
उसी तरह रह रहे हैं न?

27:47.750 --> 27:52.463
मैंने अपनी पूरी ज़िंदगी तुम्हारी देखरेख
और तुम्हें हिफाज़त से रखने में गँवा दी।

27:54.256 --> 27:55.591
माफ़ कर दीजिए, माँ।

27:55.925 --> 27:59.011
मैं बस गुफा से बाहर की ज़िंदगी जीने को
तरस गया था।

28:07.103 --> 28:09.647
कुछ हद तक
तुम्हारी ये चाहत मैं पूरी कर सकता हूँ।

28:12.316 --> 28:14.360
यह जगह अब सुरक्षित नहीं है।

28:15.653 --> 28:19.657
अगर राजा अकीश और उसके लोग
हमें ढूँढ़ सकते हैं, तो पता नहीं और कौन?

28:22.243 --> 28:23.744
हमें एक नया आशियाना तलाशना होगा।

28:24.995 --> 28:26.455
जहाँ हम फिर से छिपेंगे?

28:26.789 --> 28:29.375
जहाँ हम एक दूसरे की हिफाज़त करेंगे।

28:29.959 --> 28:33.546
तब तक जब तक मैं तुम्हें वो दिलाने का
कोई रास्ता न ढूँढ़ लूँ जिसके तुम हकदार हो।

28:33.879 --> 28:38.384
हम सब एक और रात यहाँ रुकेंगे,
फिर ज़रूरत का सामान लेकर निकल चलेंगे।

28:43.931 --> 28:49.145
पुरानी ज़िंदगी को ख़त्म किए बगैर
नई ज़िंदगी की शुरुआत नहीं हो सकती।

29:12.418 --> 29:13.586
तुम्हारी उँगलियाँ।

29:14.211 --> 29:15.379
इनसे खून बह रहा है।

29:16.005 --> 29:17.256
अपनी वीणा रख दो।

29:17.339 --> 29:18.591
लाओ मुझे देखने दो।

29:18.924 --> 29:20.634
तुम कई घंटे से बजा रहे हो।

29:20.718 --> 29:21.927
मैं अब भी बजा सकता हूँ।

29:22.011 --> 29:22.928
नहीं।

29:23.554 --> 29:24.555
उसे नीचे रख दो।

29:32.688 --> 29:37.902
तुम्हारे संगीत से इतनी शान्ति मिलती है
तुम्हें नुक्सान पहुंचाने नहीं दे सकता।

29:42.781 --> 29:47.578
कल रात क्या हुआ, मुझे कुछ भी याद नहीं है।

29:47.661 --> 29:49.538
बस थोड़ा-बहुत कुछ याद है।

29:57.671 --> 30:01.675
जो कुछ भी हो रहा है मुझे डर है कि
उसका ज़िम्मेदार मैं ही हूँ।

30:03.886 --> 30:08.891
उन वजहों के चलते सैमुअल ने किसी और को चुना
जिनसे मैं समझौता नहीं कर सकता।

30:11.435 --> 30:14.313
वह कौन है यह पता न होना,
मुझे अंदर से खाए जा रहा है।

30:14.980 --> 30:19.860
दिनोंदिन, यह विचार
मेरी ख़ुशियाँ लूट रहा है।

30:23.197 --> 30:29.078
एक राजा को
हमेशा मुश्किल भरे फैसले लेने पड़ते हैं।

30:31.914 --> 30:33.290
जब तुम मेरी जगह बैठोगे,

30:34.375 --> 30:38.379
तब तुम भी बिल्कुल ऐसे हालात से गुज़रोगे
जिनसे मैं गुज़रा हूँ, मेरे बेटे।

30:43.551 --> 30:44.510
जोनाथन।

30:48.639 --> 30:50.140
मुझे माफ़ कर दीजिए, महाराज।

30:51.517 --> 30:53.435
मैं आपके मन को शांत करने में नाकाम रहा…

30:54.603 --> 30:56.397
मुझे लगता है मेरे जाने का वक़्त आ गया है।

31:21.213 --> 31:23.841
बस भी करो। गाने में चिल्लाता कौन है?

31:23.924 --> 31:26.260
इस चिल्लाहट से
कहीं पहाड़ ही हमारे सिर पर न गिर पड़े।

31:26.677 --> 31:28.929
हम इस शानदार जाम को
बर्बाद नहीं कर सकते, माँ।

31:30.514 --> 31:31.807
फिर तो जाम टकराया जाए।

31:42.026 --> 31:44.987
एक माँ के सबसे ताक़तवर बेटों के नाम।

31:46.030 --> 31:49.241
एक दिन ये दुनिया तुम्हारे सामने झुकेगी,

31:50.701 --> 31:53.621
और तुम सभी का ऐसे सम्मान करेगी,
जिसके तुम सब हक़दार हो।

32:13.891 --> 32:14.850
बस हो गया।

32:18.062 --> 32:20.272
अभी भी कुछ शराब के थैले बचे हैं।

32:21.315 --> 32:22.441
मैं उन्हें लेकर आती हूँ।

32:22.524 --> 32:25.235
-माँ के नाम।
-माँ के नाम।

33:04.108 --> 33:05.526
ओरपाह।

33:06.944 --> 33:07.986
कौन है?

33:08.654 --> 33:11.824
इज़राइल और सॉल वंश की तरफ से
सलाम लेकर आया हूँ।

33:12.866 --> 33:14.159
गोलायथ!

33:23.043 --> 33:25.295
अब, तुम मेरे लिए चिल्लाओ।

34:20.184 --> 34:22.186
यह किसने किया?

34:23.395 --> 34:24.730
यह किसने किया?

34:25.314 --> 34:27.274
सॉल वंश…

34:31.612 --> 34:33.489
मेरा बदला लेना।

34:40.829 --> 34:41.789
नहीं!

34:43.040 --> 34:44.041
नहीं!

34:47.085 --> 34:48.128
नहीं।

35:11.860 --> 35:12.986
कहीं जा रहे हो?

35:16.323 --> 35:18.158
तुमने कुछ चुराया तो नहीं है न?

35:19.743 --> 35:20.744
मुझे जाना होगा।

35:21.578 --> 35:24.289
मुझे डर है कि शायद मैं कोई हल के बजाए
कहीं बड़ी समस्या हूँ।

35:24.373 --> 35:25.457
महारानी मान गईं।

35:25.541 --> 35:26.667
मैं कुछ अच्छा नहीं कर सकता।

35:27.000 --> 35:28.001
सही कहा।

35:28.961 --> 35:32.714
तुम्हारे संगीत से मेरे पिता की बीमारी
बस हल्की होती है, ठीक नहीं होती है।

35:33.048 --> 35:34.967
उन्हें जो बीमारी हुई है
उसका इलाज संगीत नहीं है।

35:36.635 --> 35:38.178
और ज़ाहिर है, जादू भी नहीं है।

35:40.889 --> 35:42.015
डेविड।

35:43.141 --> 35:44.351
इससे पहले कि तुम जाओ…

35:46.103 --> 35:47.396
मीखाल का क्या होगा वो बता दो?

35:48.272 --> 35:49.356
क्या मतलब?

35:49.439 --> 35:50.274
क्या…

35:51.316 --> 35:54.027
तुम्हारा दिल उसे क्या कहना चाहता है?

35:57.239 --> 35:59.199
तुम क्या कर रही हो?

36:03.620 --> 36:07.207
मुझे बताओ… मैं मीखाल को बता दूंगी।

36:17.009 --> 36:20.178
मुझे समझ आ गया
कि हमारा साथ किस्मत में नहीं लिखा।

36:21.722 --> 36:23.390
हमारे रास्ते अलग हैं।

36:25.309 --> 36:27.436
मगर उसके लिए मेरा प्यार ख़त्म नहीं होगा।

36:29.021 --> 36:30.522
वह एकदम दम सच्चा और पाक है।

36:33.734 --> 36:34.902
हाँ, बेशक।

36:41.658 --> 36:42.993
अलविदा, डेविड।

36:43.619 --> 36:44.912
अलविदा, राजकुमारी।

37:03.555 --> 37:05.057
मैंने अभी-अभी सुना।

37:05.140 --> 37:06.516
और कोई रास्ता नहीं है, आबनर।

37:08.018 --> 37:09.227
मुझे कुछ न कुछ करना होगा।

37:09.311 --> 37:10.812
सैमुअल कहीं छिपे हुए हैं।

37:10.896 --> 37:12.439
तुम्हें वह नॉब में नहीं मिलेंगे।

37:12.522 --> 37:13.815
मैं उन्हें अच्छे से जानता हूँ।

37:14.524 --> 37:16.985
बस एक ही जगह ऐसी है
जहाँ वह शरण ले सकते हैं।

37:20.113 --> 37:21.156
अपना ख़्याल रखना।

37:21.615 --> 37:23.700
और तुम भी, आबनर।

38:28.140 --> 38:33.937
सिनाई पहाड़

38:47.242 --> 38:48.285
पिताजी।

38:49.995 --> 38:50.829
पिताजी!

38:55.500 --> 38:56.376
पिताजी।

38:57.252 --> 38:58.253
पिताजी, पीछे देखिए।

40:05.445 --> 40:06.488
सैमुअल!

40:06.571 --> 40:08.240
-सैमुअल, मैं हूँ जोनाथन।
-कसम खाते हो?

40:08.323 --> 40:09.533
मैं राजकुमार जोनाथन हूँ।

40:10.033 --> 40:11.243
जोनाथन?

40:11.993 --> 40:13.161
-राजकुमार जोनाथन?
-हाँ।

40:18.333 --> 40:19.292
राजकुमार जोनाथन?

40:20.001 --> 40:21.503
तुमने पहले क्यों नहीं बताया?

40:26.967 --> 40:28.051
चोट लगी है?

40:28.135 --> 40:29.761
तुम्हें ज़्यादा चोट तो नहीं आई।

40:30.512 --> 40:32.514
आपके अंदर अब भी ताक़त बची है।

40:33.014 --> 40:35.475
और मेरे पास एक बेहतरीन डंडा है।

40:41.106 --> 40:41.982
हीला।

40:43.483 --> 40:44.609
यह पी लो।

40:44.693 --> 40:45.777
शान्ति पाने में मदद मिलेगी।

40:46.903 --> 40:48.989
इतने सालों बाद तुम्हें देखकर अच्छा लगा।

40:49.072 --> 40:51.241
तुम बड़े और ताक़तवर हो गए हो।

40:51.324 --> 40:52.951
और आप आज भी उतनी ही अच्छी हैं।

40:53.827 --> 40:55.996
काश यही बात मैं आपके पति के लिए कह पाता।

40:56.454 --> 40:58.874
इनके कंधों पर बड़ी ज़िम्मेदारी है।

40:59.207 --> 41:01.376
तो गुस्सा कहीं तो निकलेगा।

41:06.673 --> 41:07.966
अभी मेरे साथ क्या हुआ?

41:10.260 --> 41:12.220
मैंने जो देखा वह समझ नहीं पा रहा।

41:13.054 --> 41:15.098
वक़्त आने पर, समझ जाओगे।

41:15.682 --> 41:17.934
तो बताओ, मुझे कैसे ढूँढ़ा?

41:18.435 --> 41:21.229
मैंने सोचा कि बस एक ही पर्वत है
जो नॉब से ज़्यादा पवित्र है।

41:21.354 --> 41:22.314
बेशक।

41:22.397 --> 41:23.273
सिनाई।

41:24.482 --> 41:25.775
अग्नि वाला पर्वत।

41:25.859 --> 41:27.944
मुझे यहाँ महान शक्ति मिलती है।

41:28.904 --> 41:30.322
महान सूझबूझ भी।

41:30.405 --> 41:31.531
फिर भी…

41:33.074 --> 41:36.453
मुझे यह समझने के लिए किसी दृष्टि की
ज़रूरत नहीं कि तुम क्यों आए हो।

41:39.289 --> 41:41.166
आपको पुराने दिन याद हैं, सैमुअल?

41:42.584 --> 41:44.169
मेरे पिता के साथ मिलकर जंग लड़ना?

41:45.921 --> 41:47.464
बचपन में मुझे सिखाना।

41:49.841 --> 41:53.136
ये सभी यादें मुझे हर रोज़ आती हैं।

41:53.220 --> 41:54.596
दिल मायूस हो जाता है।

41:56.181 --> 41:57.933
फिर यह शाप अब तक हमारे ऊपर क्यों है?

41:58.475 --> 42:02.270
जोनाथन, इकलौता शाप बस यही है
कि तुम्हारे पिता उसे छोड़ना नहीं चाहते

42:02.354 --> 42:04.272
जो कि अब उनका नहीं है।

42:04.940 --> 42:05.982
बताओ मुझे।

42:06.524 --> 42:10.237
मूसा ने इस जगह पर
पहला नियम क्या दिया था?

42:10.320 --> 42:11.571
यहाँ इसी पर्वत पर।

42:11.655 --> 42:13.907
"मेरे सामने तुम्हारा कोई
दूसरा ईश्वर नहीं होगा।"

42:13.990 --> 42:19.287
और फिर भी,
तुम्हारे पिता ख़ुद ही को ईश्वर मान बैठे।

42:20.580 --> 42:23.083
और उसी की उन्हें सज़ा मिल रही है।

42:24.000 --> 42:25.335
आप उन्हें ठीक कर सकते हैं।

42:25.418 --> 42:27.462
-मेरे पास ऐसी ताक़त नहीं।
-बेशक है।

42:27.545 --> 42:28.838
आप सैमुअल हैं।

42:29.923 --> 42:31.299
आपने इज़राइल की रहनुमाई की।

42:32.342 --> 42:33.385
सभी लोग आपसे डरते हैं।

42:33.468 --> 42:34.886
-नहीं।
-जैसे उन्हें डरना चाहिए।

42:36.012 --> 42:37.305
जोनाथन…

42:39.349 --> 42:43.561
मैं तुम्हारे पिता के लिए
परमेश्वर के सामने बहुत गिड़गिड़ाया।

42:44.771 --> 42:45.981
तुम्हारे खानदान के लिए।

42:48.149 --> 42:49.693
मगर बात नहीं बनी।

42:50.610 --> 42:53.697
कुछ गलतियाँ ऐसी होती हैं
जिनकी माफ़ी नहीं मिलती।

42:55.156 --> 42:57.242
वो सब जो इस पर्वत पर चढ़ते हुए
मुझे दिखाई दिया…

42:58.785 --> 43:00.120
क्या वह सच में होगा?

43:00.537 --> 43:02.205
उनमें सच्चाई है।

43:04.040 --> 43:07.419
मगर मैं नहीं कह सकता
कि ऐसा सच में होगा या नहीं होगा।

43:11.256 --> 43:14.801
सुनो, जोनाथन।

43:16.219 --> 43:18.346
इस सब में तुम्हारी कोई गलती नहीं है।

43:19.306 --> 43:21.391
तुम में अब भी अच्छाई मौजूद है।

43:22.350 --> 43:24.102
अगर आप ऐसा मानते हैं, तो बताइए…

43:26.438 --> 43:27.731
क्या आपने किसी और को चुना है?

43:32.736 --> 43:36.573
बताने से पहले मैं जानना चाहूँगा कि
तुम किसकी इबादत करते हो?

43:41.036 --> 43:42.037
एक परमेश्वर की

43:42.370 --> 43:43.538
जो सबसे बड़ा है।

43:46.958 --> 43:48.251
हाँ बेशक, मैंने चुना है।

43:50.962 --> 43:51.921
राजा के तौर पर?

43:53.423 --> 43:56.509
ऐसा राजा जिसकी हुकूमत कभी ख़त्म नहीं होगी।

44:06.895 --> 44:08.271
अगर मैं तुम्हारी जगह होता,

44:09.481 --> 44:12.567
तो लौटते हुए
मैं महान घाटी के पास से गुज़रता।

44:12.901 --> 44:14.861
मुझे वहाँ अंधकार नज़र आ रहा है।

44:41.304 --> 44:42.472
नहीं।

44:52.065 --> 44:53.316
सॉल?

44:53.400 --> 44:54.234
नहीं।

44:59.072 --> 44:59.989
सॉल।

45:01.616 --> 45:03.118
वह लड़का कहाँ है?

45:03.201 --> 45:05.036
वह संगीतकार।

45:06.704 --> 45:07.872
वह चला गया।

45:08.206 --> 45:09.707
मुझे उसकी ज़रूरत है।

45:09.791 --> 45:11.209
तुम उसे जाने कैसे दे सकती हो?

45:11.292 --> 45:12.919
मैं चाहता हूँ कि वह गाकर सुनाए।

45:13.002 --> 45:14.254
जानती हूँ।

45:14.337 --> 45:15.338
मैं जानती हूँ।

45:15.880 --> 45:18.466
हम किसी और को ढूँढ़ लेंगे। वादा करती हूँ।

45:25.181 --> 45:28.101
आप फिर से मुझसे दूर नहीं होंगे, है न, जान?

45:30.145 --> 45:31.980
-मैं कोशिश कर रहा हूँ।
-ठीक है।

45:36.317 --> 45:39.821
तुम्हें कुछ नहीं होगा। मुझे यकीन है।

45:43.616 --> 45:44.742
अब…

45:46.119 --> 45:47.036
यह लीजिए।

45:54.085 --> 45:55.336
इसे पी लीजिए।

46:43.885 --> 46:45.470
मैं तुम्हारी जान ले लूँगा!

46:45.553 --> 46:47.972
यहूदियों को! सॉल वंश को!

46:48.056 --> 46:49.098
अब मरो।

46:55.146 --> 46:56.356
दादा, और चारा लाइए।

46:56.439 --> 46:58.983
अभी लेकर आया, आवा।

47:06.699 --> 47:07.909
यह लो…

47:09.786 --> 47:11.037
यह खा लो।

47:15.959 --> 47:17.168
आवा।

47:18.253 --> 47:19.254
देखो।

47:26.427 --> 47:27.512
डेविड।

47:32.350 --> 47:33.726
डेविड।

47:49.659 --> 47:51.244
आवा।

47:57.834 --> 47:59.544
डेविड!

48:02.338 --> 48:03.798
मेरे बच्चे!

48:53.681 --> 48:55.308
फिलिस्तीनी एकजुट हो गए हैं।

48:55.975 --> 48:57.060
एलाह के दर्रे तक आ गए हैं।

48:57.143 --> 48:59.729
हमें खबर मिल चुकी है।
तुम्हारे हिसाब से कितने होंगे?

48:59.812 --> 49:02.148
वो लोग पर्वत पर इस तरह भरे हुए हैं
जैसे समंदर किनारे रेत।

49:02.607 --> 49:03.983
मैंने इतनी बड़ी सेना कभी नहीं देखी।

49:04.067 --> 49:05.151
क्या उनमें दानव भी थे।

49:06.486 --> 49:07.820
यकीन से नहीं कह सकता।

49:07.904 --> 49:09.364
कबीलों को बुलावा भेजो।

49:10.865 --> 49:11.949
सभी के सभी को।

49:14.118 --> 49:15.036
महाराज।

49:20.583 --> 49:23.252
साथ मिलकर हम वह करेंगे
जो हम हमेशा से करते आए हैं।

49:24.629 --> 49:25.505
लड़ेंगे।

49:54.867 --> 49:56.035
रुको।

50:18.141 --> 50:20.977
मुझे उनके राजा से लड़ने दो।

50:27.108 --> 50:29.277
मुझे उन सभी को मारने दो।

50:30.486 --> 50:31.821
और आपके परचम तले।

50:32.238 --> 50:38.077
मैं उन्हें दिखाऊँगा कि असल देवता कौन हैं।

52:23.933 --> 52:25.935
संवाद अनुवादक महताब आलम
