WEBVTT

00:04.505 --> 00:06.507
हाउस ऑफ़ डेविड में अब तक…

00:06.590 --> 00:09.552
मैंने यह युद्ध जीत लिया।
आप एक बार फिर मेरा अभिषेक करोगे।

00:09.635 --> 00:12.054
मैं ऐसा नहीं कर सकता।

00:12.138 --> 00:13.139
डेविड मुझसे प्यार करता है।

00:13.222 --> 00:15.349
इसकी कोई तुक नहीं है
कि वह डेविड की शादी तुमसे करवाएँगे।

00:15.433 --> 00:16.434
तुम्हारी बहन सही थी।

00:16.517 --> 00:17.935
वही उसके लिए बेहतर साथी बनेगी।

00:20.813 --> 00:23.816
इज़राइल से दूर चली जाओ!
तुम्हें ढूँढ़कर तुम्हारी जान ले लूँगा।

00:27.653 --> 00:30.823
एश्बाल डैन के याहिर की बेटी,
दीनाह से ब्याह करेगा।

00:30.906 --> 00:34.201
हमें रस्म-रिवाज़ की ज़रूरत नहीं है।
एक साथ मिलकर, हम दूसरा मौका पा सकते हैं।

00:34.285 --> 00:37.455
जिसे सैमुअल चुनेगा। उसका वध करना होगा।

00:37.538 --> 00:39.665
उसके घर के बाकी सारे लोगों के साथ।

00:39.790 --> 00:42.168
तुम और तुम्हारा बेटा
जेसी के नाम को कलंकित करते हो।

00:42.251 --> 00:44.712
तुम्हारी माँ हमारे लोगों के
दुश्मनों के बीच पैदा हुई थी।

00:44.795 --> 00:47.339
मैंने जल्दबाज़ी में उसे पनाह दी,
गैरकानूनी रूप से उससे शादी की।

00:47.423 --> 00:49.383
मेरी मुहरबंद अँगूठी निकाल ली,
मेरा क़ानून बदल दिया।

00:49.925 --> 00:53.679
तुम मेरे और हमारे परिवार के साथ
टैबनैकल नहीं चलोगी।

00:53.763 --> 00:55.765
एड्रियल एक ज़रूरी ख़बर लेकर आया है।

00:55.848 --> 00:58.476
मैंने सैमुअल को बेथलेहेम में देखा था।

00:59.101 --> 01:01.145
मुझे पता है कि उन्होंने किसे चुना है।

01:19.330 --> 01:20.706
वह कितना बड़ा है, माँ?

01:20.831 --> 01:21.999
टैबनैकल।

01:22.082 --> 01:24.126
तुमने आज तक जो भी देखा है
उससे कहीं ज़्यादा बड़ा।

01:24.710 --> 01:25.711
बस कुछ देर इंतज़ार करो।

01:25.795 --> 01:27.421
बहुत भव्य होगा, डेविड।

01:27.505 --> 01:30.925
धरती की सबसे पावन जगह पर,
साल के सबसे पवित्र दिन पर।

01:31.008 --> 01:33.260
क्या परमेश्वर आज हमारी रखवाली करेंगे?

01:33.344 --> 01:35.012
परमेश्वर रोज़ हमारी रखवाली करते हैं।

01:35.095 --> 01:36.180
ख़ासकर तुम्हारी, नेथानील।

01:36.847 --> 01:38.724
-तभी तो यह इतना हँसता रहता है।
-एलिअब।

01:42.102 --> 01:43.103
क्या वही वह जगह है?

01:53.614 --> 01:54.698
हाँ।

01:55.449 --> 01:56.534
वह रहा टैबनैकल।

01:58.911 --> 02:00.996
जहाँ परमेश्वर का वास होता है।

02:02.414 --> 02:03.457
डेविड?

02:08.295 --> 02:10.297
सब जाने के लिए तैयार हो रहे हैं।

02:14.093 --> 02:15.052
तुम ठीक तो हो?

02:17.263 --> 02:18.180
हाँ।

02:20.057 --> 02:22.059
मैं हवा में अपनी माँ की आवाज़ सुन रहा हूँ।

02:22.560 --> 02:27.356
तुम मेरे छुपने का स्थान हो,

02:27.439 --> 02:33.612
संकट में तुम मेरी रक्षा करोगे,

02:33.696 --> 02:37.366
छुटकारे के गीतों से तुम मुझे घेर लोगे

02:37.449 --> 02:38.534
मैं उन्हें बताना चाहता था।

02:40.119 --> 02:41.036
क्या बताना चाहते थे?

02:41.704 --> 02:43.163
मैं टैबनैकल जा रहा हूँ।

02:43.247 --> 02:45.165
जब तुम बच्चे थे तो सब साथ में नहीं गए थे?

02:48.752 --> 02:50.129
उन्हें जाने की इजाज़त ही नहीं मिली।

02:52.172 --> 02:53.090
न ही मुझे।

02:53.173 --> 02:55.009
चलो। हम घर वापस जा रहे हैं।

02:55.551 --> 02:56.385
नहीं।

02:58.012 --> 02:59.513
नहीं, मेरी वजह से नहीं। तुम जाओ।

02:59.597 --> 03:02.892
नहीं। हममें से किसी को भी
यहाँ दोबारा कभी आने की इजाज़त नहीं है।

03:02.975 --> 03:05.853
यह फ़ैसला बड़ों ने लिया है।

03:05.936 --> 03:07.354
-दोगले लोग!
-एलिअब।

03:07.438 --> 03:09.857
-यह सब डेविड की वजह से हुआ।
-एलिअब, ख़ामोश।

03:12.902 --> 03:14.612
अब तुम उनके सम्मानित अतिथि हो।

03:17.406 --> 03:19.074
तुम राजा के सूरमा हो।

03:26.165 --> 03:27.166
आओ।

03:27.249 --> 03:28.083
चलो चलते हैं।

04:03.369 --> 04:04.453
सब ठीक तो है, महाराज?

04:05.788 --> 04:06.956
सब ठीक नहीं है।

04:08.666 --> 04:11.001
हमारे बीच एक गद्दार छिपा है।

04:14.004 --> 04:15.339
सैमुअल का नाश हो।

04:18.509 --> 04:22.596
इस खूनखराबे के लिए वह ज़िम्मेदार होगा।

04:23.555 --> 04:24.390
ईश्वर-नियुक्त?

04:27.142 --> 04:28.310
चिंता मत कीजिए…

04:29.937 --> 04:31.647
इस ख़तरे को मिटा दिया जाएगा।

04:32.481 --> 04:34.900
पहले उसके परिवार को,
फिर ख़ुद नियुक्त किए गए को।

04:34.984 --> 04:36.068
योआब यह काम संभाल लेगा।

04:37.111 --> 04:40.572
मैं इसकी ज़िम्मेदारी
किसी और को सौंपने का सोच रहा था।

04:40.656 --> 04:41.490
नहीं।

04:42.574 --> 04:44.910
योआब। मुझे उस पर भरोसा है।

04:48.580 --> 04:49.415
बेशक।

04:51.417 --> 04:54.044
हमारे टैबनैकल पहुँचने से
पहले काम हो जाएगा।

05:00.467 --> 05:07.182
हाउस ऑफ़ डेविड

05:11.562 --> 05:12.730
पिताजी को बहुत गर्व होता,

05:13.647 --> 05:15.357
तुम्हें टैबनैकल में शामिल होते देखकर।

05:16.275 --> 05:17.943
उन्हें हम दोनों पर गर्व होगा।

05:18.819 --> 05:22.197
दरअसल, मैं तुम्हारे साथ नहीं जा पाऊँगा।

05:22.281 --> 05:24.950
मुझे योआब के साथ
किसी काम के लिए भेजा जा रहा है।

05:25.034 --> 05:27.119
अभी? क्यों?

05:27.661 --> 05:31.331
उसने मुझे बताया नहीं।
कुछ ज़रूरी काम ही होगा।

05:33.083 --> 05:34.585
मैं चाहता था हम यह अनुभव साझा करें।

05:38.881 --> 05:41.717
शायद ये देखना मेरी किस्मत में ही नहीं था।

05:46.930 --> 05:48.265
शुक्रिया।

05:55.647 --> 05:57.357
इस घाव को हर दिन साफ़ करना।

05:58.192 --> 05:59.318
वादा करते हो?

05:59.401 --> 06:00.319
सारा।

06:01.612 --> 06:02.446
मीखाल।

06:02.529 --> 06:03.447
थोड़ा आराम कर लो।

06:04.823 --> 06:06.950
मेरा परिवार तुम्हारा दिल से आभारी है।

06:07.034 --> 06:08.577
सेवा करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।

06:08.660 --> 06:10.037
सेवा नहीं, तुमने एहसान किया है।

06:10.621 --> 06:12.081
तुम्हारी वजह से मेरा भाई ज़िंदा है।

06:12.164 --> 06:15.125
मुझे ख़ुशी है कि मेरा कौशल काम आया।

06:15.209 --> 06:16.752
मैं जोनाथन को अच्छे से जानती हूँ।

06:17.294 --> 06:21.298
उसके मन में तुम्हारे लिए जो भावनाएँ हैं,
वह केवल आभार तक सीमित नहीं हैं।

06:23.008 --> 06:25.135
जब मैं इलाज करती हूँ
तो मर्द अक्सर उलझन में होते हैं।

06:25.219 --> 06:27.930
वह वैद्य के लिए
स्नेह के साथ-साथ सम्मान की भावना होती है।

06:30.516 --> 06:31.809
अगर तुम मुझसे पूछो तो…

06:34.353 --> 06:36.313
इस मामले में यह एहसास दोनों तरफ़ है।

06:40.984 --> 06:42.152
हम अभी अभी तो मिले हैं।

06:44.780 --> 06:46.532
तो, हमारे साथ चलो।

06:49.451 --> 06:50.369
टैबनैकल?

06:52.788 --> 06:55.707
अगर तुम चली गईं, तो कभी जान नहीं पाओगी
कि तुमने क्या छोड़ दिया।

06:59.878 --> 07:02.923
तो, तुम हमारे साथ साथ चलोगी?

07:05.759 --> 07:07.219
-हाँ?
-ठीक है।

07:10.305 --> 07:11.682
मेरा अच्छा बच्चा कैसा है?

07:12.307 --> 07:13.142
सैमसन कैसा है?

07:16.812 --> 07:17.646
भैया।

07:22.067 --> 07:22.901
तुम हमारे साथ चलोगी?

07:23.485 --> 07:26.155
आपकी बहन को लगता है
कि आप अब भी बीमार हो।

07:30.868 --> 07:32.077
मेरी हालत बदतर हो गई है।

07:32.995 --> 07:34.872
फिर तो, यह मेरा फ़र्ज़ बनता है।

07:37.457 --> 07:38.584
घोड़े का इंतज़ाम करता हूँ।

07:41.253 --> 07:42.588
शुक्रिया कहने की ज़रूरत नहीं, भैया।

07:59.229 --> 08:00.272
सफ़र बहुत लंबा है।

08:02.232 --> 08:03.442
बात करने की ज़रूरत नहीं है।

08:05.194 --> 08:06.111
मुझे फ़र्क नहीं पड़ता।

08:18.916 --> 08:21.335
शायद तुम घोड़ागाड़ी में
सफ़र करना ज़्यादा पसंद करोगी?

08:22.669 --> 08:24.046
अब तुम एक राजकुमार की पत्नी हो।

08:25.505 --> 08:26.673
शादी की जल्दी तो है,

08:27.674 --> 08:29.301
पर मेरे बारे में कितना कम जानते हो।

08:46.235 --> 08:47.986
चढ़ने में मदद चाहिए, मेरे राजकुमार?

08:54.868 --> 08:56.245
अब पीछे हटना मुमकिन नहीं।

09:04.336 --> 09:05.587
माँ साथ क्यों नहीं चल रहीं?

09:08.048 --> 09:09.007
पिताजी।

09:10.092 --> 09:12.135
वह हमेशा हमारे साथ टैबनैकल में रही हैं।

09:12.844 --> 09:14.388
और इस साल, वह नहीं रहेगी।

09:47.254 --> 09:48.213
यूराया।

09:49.298 --> 09:51.717
मुझे नेतृत्व तो करना है,
पर यह नहीं पता किस दिशा में जाना है।

09:53.302 --> 09:55.262
तुम उस पंक्ति के आगे वह प्रहरी देख रहे हो?

09:56.263 --> 09:57.681
-हाँ।
-उस पर नज़र रखना,

09:57.764 --> 09:59.016
और बस उसके घोड़े के पीछे जाना।

09:59.683 --> 10:00.517
शुक्रिया।

10:07.816 --> 10:09.943
हमारा नया सेनापति रास्ता पूछ रहा है।

10:12.029 --> 10:12.904
हमें चिंता करनी चाहिए?

10:14.698 --> 10:17.284
ज़रा फिर से बताना, ऑज़,
तुमने कितने दैत्य मारे हैं?

10:41.850 --> 10:44.061
कम से कम इतना बताओगे
कि हम कहाँ जा रहे हैं?

10:45.854 --> 10:47.314
क्या हम किर्यत्यारिम जा रहे हैं?

10:47.397 --> 10:50.025
नहीं। हम दक्षिण की ओर जा रहे हैं।

10:50.942 --> 10:51.777
जूडाह?

10:54.029 --> 10:57.449
कहाँ पर? किस गाँव में? और क्यों?

10:58.116 --> 10:58.950
एलिअब,

11:00.369 --> 11:02.704
सही समय आने पर तुम्हें सच मालूम हो जाएगा।

11:15.300 --> 11:18.053
मकानेह
टैबनैकल को जाने वाली सड़क

11:19.388 --> 11:21.098
-तुम यह खाओगे?
-मुझे पसंद नहीं है।

11:26.103 --> 11:27.104
डेविड।

11:27.938 --> 11:28.772
महाराज।

11:32.776 --> 11:35.320
इतने बड़े सम्मान के लिए शुक्रिया।

11:36.113 --> 11:38.448
अपने इतने वफ़ादार आदमी के लिए
मैं इतना तो कर ही सकता हूँ।

11:44.413 --> 11:45.372
तुमसे ईर्ष्या हो रही है।

11:46.998 --> 11:49.418
तुम्हें यह पहली बार
अनुभव करने को मिल रहा है।

11:52.212 --> 11:55.298
प्रायश्चित का दिन
अपने पापों के लिए क्षमा माँगने का दिन है।

11:57.008 --> 12:00.637
उन चीज़ों के लिए
जो हमें ईश्वर से दूर करती हैं।

12:02.180 --> 12:05.142
और हमारे फ़ैसलों के नतीजों के लिए।

12:08.103 --> 12:13.400
यह ऐसा समारोह है जो कई चीज़ों की
शुरुआत और अंत दोनों का प्रतीक है।

12:24.744 --> 12:25.787
तुम ख़ुद देखना।

12:29.875 --> 12:35.672
तुम मेरा आश्रय हो
तुम संकट से मेरी रक्षा करोगे

12:35.755 --> 12:41.178
तुम मुझे चारों ओर से

12:41.303 --> 12:46.391
मुक्ति के गीतों से घेर लोगे

12:46.475 --> 12:51.062
सेलाह

12:51.146 --> 12:53.273
हे सन्मार्ग पर चलनेवालों,

12:53.356 --> 12:54.691
हमारा सेनापति तो गायक है।

12:54.774 --> 13:01.198
परमेश्वर में
आनन्दित और मगन…

13:08.663 --> 13:09.623
उनकी बात का बुरा न मानो।

13:11.374 --> 13:12.959
उनका भरोसा कमाने में वक़्त लगेगा।

13:13.752 --> 13:17.130
मैंने कई साल चरवाहे का काम किया है,
अपने पिता के झुंड की अगुवाई की है।

13:19.007 --> 13:21.426
और वे हमेशा
पूरी वफ़ादारी से मेरे पीछे चले हैं।

13:21.510 --> 13:22.928
आदमी भेड़ नहीं होते।

13:24.971 --> 13:27.057
एक सैनिक होने का मतलब हर दिन दर्द,

13:28.558 --> 13:29.392
मुश्किलों,

13:30.852 --> 13:33.146
और मौत की संभावना का भी सामना करना है।

13:36.399 --> 13:38.735
तो, एक नेता पर उन्हें उनकी भलाई से भी

13:39.569 --> 13:41.404
बड़ा मकसद देने की ज़िम्मेदारी होती है।

13:46.451 --> 13:47.452
तुम ये कर लोगे, डेविड।

13:49.454 --> 13:50.455
किसी न किसी तरीके से।

14:08.473 --> 14:10.475
घोड़ों की देखभाल के लिए नौकर-चाकर हैं।

14:12.811 --> 14:15.689
तुम्हें लगेगा कि अब तक वह
यह समझ गई होगी, पर मीखाल को जानते हो।

14:17.023 --> 14:17.857
अच्छे से जानता हूँ।

14:20.944 --> 14:21.820
कुछ बताना चाहती थी।

14:21.903 --> 14:25.699
मैंने पिताजी को तुम्हारे परिवार को
सौ भेड़ देने के लिए मना लिया है।

14:27.409 --> 14:30.370
और तुम्हारे पिता को
फिर से जूडाह में शामिल किया जाएगा,

14:30.954 --> 14:32.539
बाकियों के साथ पूजा कर सकेंगे,

14:32.622 --> 14:35.000
सभी पुराने पापों को
पूरी तरह मिटा दिया जाएगा।

14:35.083 --> 14:38.253
तो, वह अगले साल हमारे साथ आ सकेंगे।

14:39.129 --> 14:40.714
यह तुम्हारे लिए मेरा तोहफ़ा है।

14:42.048 --> 14:42.882
शुक्रिया।

14:45.844 --> 14:47.679
पर मेरा प्यार खरीदा नहीं जा सकता, मीराब।

14:50.599 --> 14:51.850
उसे कमाया तो जा सकता है?

14:55.186 --> 14:56.062
पहले से ही हो चुका है।

14:58.648 --> 14:59.774
देखो, डेविड,

15:03.403 --> 15:07.741
मैं जानती हूँ कि तुमने मुझे नहीं चुना था,
पर मैं इसे सही फ़ैसला साबित करके दिखाऊँगी।

15:10.577 --> 15:12.621
जानती हो तुमने अपनी बहन के साथ क्या किया?

15:14.539 --> 15:15.457
मैंने क्या किया?

15:18.335 --> 15:21.379
डेविड, मुझे आज तक कभी चुना नहीं गया है।

15:22.505 --> 15:26.176
मुझे दरकिनार किया गया।
नज़रअंदाज़ किया गया।

15:27.636 --> 15:31.640
मेरे ख़्याल से तुम जानते हो कैसा लगता है।
जब तुम्हारा परिवार तुम्हें भूल जाए।

15:32.223 --> 15:34.142
जब तुम्हारे पास कोई रास्ता न हो।

15:35.727 --> 15:37.312
लेकिन अब तुम्हें देखो।

15:40.649 --> 15:44.444
तुमने उस दैत्य का संहार किया
और उसने सब कुछ बदल दिया।

15:45.779 --> 15:46.905
तुम्हें रास्ता मिल गया।

15:47.697 --> 15:49.532
और मैं भी अपना रास्ता ढूँढ़ना चाहूँगी।

15:50.742 --> 15:53.536
क्योंकि मीखाल की तरह
मैं भी एक बेहतर कल की हक़दार हूँ।

15:54.287 --> 15:58.875
और सच तो यह है कि इस सल्तनत को
तुम्हारी और मेरी जैसी जोड़ी की ज़रूरत है।

16:00.251 --> 16:02.003
और इसीलिए मेरे पिता ने वह फ़ैसला लिया।

16:02.087 --> 16:04.255
और वह अपना इरादा नहीं बदलेंगे।

16:06.591 --> 16:08.468
अब, ज़रूरी नहीं कि तुम्हें यह बात पसंद हो।

16:09.511 --> 16:12.138
और वाकई, तुम्हें मुझसे
प्यार करने की भी ज़रूरत नहीं है।

16:13.890 --> 16:17.727
पर पूरे देश की नज़रें हम पर हैं।

16:19.229 --> 16:22.982
तो एक एहसान करो, बस…

16:24.609 --> 16:26.027
मुझे शर्मिंदा मत करो।

16:29.698 --> 16:30.699
मेरी मदद करो!

16:31.741 --> 16:32.575
मेरी मदद करो!

16:33.535 --> 16:34.452
वहाँ पर!

16:35.829 --> 16:38.998
-तुम्हारा यह हाल किसने किया?
-हथियारबंद आदमी। फिलिस्तीनी।

16:39.082 --> 16:40.917
एक के बाद एक गाँव में लूट-मार मचा रहे हैं।

16:41.584 --> 16:43.128
अब, मेरे गाँव में।

16:44.129 --> 16:44.963
येबा!

16:47.006 --> 16:50.093
डेविड, अपने भाई और सैनिकों की
एक टुकड़ी को ले जाओ।

16:50.176 --> 16:51.469
हम और सैनिक बुलाते हैं।

16:51.553 --> 16:53.138
-जैसा आप कहें।
-इसे ले जाओ।

16:53.221 --> 16:54.973
-हमारा नेतृत्व करो।
-इस तरफ़।

16:55.056 --> 16:56.224
अच्छा, चलो चलते हैं।

16:56.307 --> 16:58.810
अपने-अपने हथियार ले लो।
फिलिस्तीनी हमला कर रहे हैं!

17:11.656 --> 17:12.490
योआब,

17:13.825 --> 17:14.784
हम यहाँ क्यों आए हैं?

17:16.661 --> 17:19.789
ए, अब बात मत छुपाओ।

17:21.291 --> 17:22.459
ये मेरे पड़ोसी हैं।

17:23.668 --> 17:26.921
जिस आदमी को सैमुअल ने चुनकर
नियुक्त किया, वह यहाँ रहता है।

17:28.381 --> 17:29.215
नहीं।

17:32.010 --> 17:33.094
यह सच नहीं हो सकता।

17:34.304 --> 17:35.138
फिर भी यही सच है।

17:38.641 --> 17:39.893
और हम क्या करने आए हैं?

17:39.976 --> 17:42.645
ख़तरे को उसके
पूरे कुल के साथ मिटाने के लिए।

17:43.605 --> 17:44.939
कोई भी बचने न पाए।

17:46.441 --> 17:47.400
योआब।

17:49.861 --> 17:54.365
ये भले लोग हैं।
हम ऐसा नहीं कर सकते। मैं यह नहीं करूँगा।

17:56.075 --> 17:58.077
क्या इसके बदले अपने परिवार की मौत चाहोगे?

18:02.540 --> 18:05.668
यहाँ क्या कर रहे हो? तुम्हारे पिताजी ने
कहा कि तुम वापस गिबियाह चले गए।

18:05.752 --> 18:06.920
टोबियाह, याफ़ेथ के बेटे।

18:08.254 --> 18:09.589
तुम्हें गद्दार घोषित किया गया है।

18:10.256 --> 18:11.216
क्या? नहीं।

18:11.841 --> 18:14.719
-योआब। मेरी समझ में नहीं आ रहा।
-योआब।

18:16.137 --> 18:18.598
एलिअब, इसे समझाओ! तुम मुझे जानते हो!

18:18.681 --> 18:19.849
तुम्हारे राजा के भविष्य को

18:19.933 --> 18:21.851
-बचाने के लिए तुम्हारी मौत ज़रूरी है।
-योआब।

18:21.935 --> 18:23.686
-रहम करो।
-जो सच्चा ईश्वर-नियुक्त है।

18:23.770 --> 18:24.771
एलिअब, इससे बोलो!

18:24.854 --> 18:25.688
पिताजी!

18:26.356 --> 18:28.274
जाओ! यहाँ से चले जाओ, बेटा। भागो!

18:28.900 --> 18:30.318
पिताजी! नहीं!

18:32.195 --> 18:33.154
मैं लड़के को पकड़ता हूँ।

18:33.738 --> 18:34.906
तुम बाकियों को ख़त्म करो।

18:35.990 --> 18:37.158
अक्ल से काम लेना, भाई।

18:49.254 --> 18:51.005
-टोबियाह?
-अब्बा कहाँ हैं?

19:26.958 --> 19:28.751
वे ऐसा कैसे कर सकते हैं?

19:29.460 --> 19:30.670
यह पागलपन है।

19:30.753 --> 19:32.088
वह हमारा नेता है?

19:33.256 --> 19:34.257
यहाँ पर!

19:35.216 --> 19:36.259
ज़िंदा बचे हुए लोग!

19:36.342 --> 19:38.136
मैंने कहा था कि वह तैयार नहीं है।

19:38.219 --> 19:39.095
आओ मेरी मदद करो।

19:39.178 --> 19:41.598
-ऑज़।
-एतन?

19:42.056 --> 19:43.391
मेरी मदद करो, एतन।

19:48.479 --> 19:50.565
हमने अपने एक दर्जन सिपाही खो दिए, डेविड।

19:51.441 --> 19:52.400
एक दर्जन सिपाही।

19:53.776 --> 19:55.028
तुमने जल्दबाज़ी क्यों की?

19:56.154 --> 19:59.157
यूराया, ऑज़ को ले जाओ,
घायलों की मरहम-पट्टी करो। इसी वक़्त।

20:10.209 --> 20:12.045
फिलिस्तीनी गाँव वालों पर हमला कर रहे थे।

20:14.339 --> 20:16.674
मैंने वही किया जो मुझे लगा कि करना चाहिए।

20:18.801 --> 20:20.261
तुम जानते हो वरना वे क्या करते।

20:20.345 --> 20:21.971
हमारा पलड़ा भारी था।

20:23.348 --> 20:26.309
पर तुमने भावनाओं में बहकर निर्णय लिया
और मौका गँवा दिया।

20:27.060 --> 20:29.896
राजकुमार, आपको ये देखना चाहिए।

20:30.980 --> 20:32.982
तुमने उन सैनिकों को बेवजह मरवा दिया।

20:51.542 --> 20:53.086
हर मरे हुए फिलिस्तीनी के पास एक था।

20:55.088 --> 20:57.298
दो घोड़ागाड़ी इन्हीं से लदी हुई थीं।

20:58.299 --> 20:59.258
भागने वालों के पास भी।

20:59.759 --> 21:00.885
चारकोल।

21:00.969 --> 21:01.970
लकड़ी का कोयला?

21:02.553 --> 21:04.305
वे लकड़ी के कोयले का क्या करते?

21:06.474 --> 21:08.518
उन्होंने इसके लिए
जान क्यों जोखिम में डाली?

21:40.717 --> 21:43.261
डेविड, आग के पास आकर बैठो। चलो।

21:56.733 --> 21:58.026
मैंने उन सैनिकों को मरवा दिया।

22:01.446 --> 22:02.864
वह एक युद्ध था।

22:04.240 --> 22:05.324
वे उसकी कीमत जानते थे।

22:06.325 --> 22:07.368
वे मेरे पीछे गए थे।

22:08.786 --> 22:10.038
उन्होंने मुझ पर भरोसा किया।

22:18.379 --> 22:19.213
पता है,

22:21.049 --> 22:25.553
मैं बचपन से अपने पिता को सैनिकों को
मौत के मुँह में भेजते देखती आई हूँ।

22:26.721 --> 22:27.555
तो…

22:30.391 --> 22:31.726
जानती हूँ युद्ध क्या करता है।

22:35.605 --> 22:37.440
केवल लड़ने वालों के साथ ही नहीं,

22:39.233 --> 22:41.152
बल्कि जो पीछे छूट जाते हैं उनके साथ भी।

22:49.035 --> 22:51.079
शोक से बचा नहीं जा सकता, डेविड।

22:54.582 --> 22:56.084
पर अकेले सहने की ज़रूरत नहीं है।

23:14.143 --> 23:14.977
यहाँ आओ।

23:57.395 --> 23:58.229
तो?

24:01.232 --> 24:02.608
यह अब भी बहुत भारी लग रही है।

24:03.317 --> 24:06.028
तुमने मुझे गोलायथ जितनी सिद्ध
लोहे की तलवारें देने का वादा किया था।

24:06.112 --> 24:09.365
मुझे थोड़ा वक़्त चाहिए, महाराज।
और इससे ज़्यादा माल और साधन भी।

24:10.408 --> 24:14.412
तुम्हें जो चाहिए था मैंने वह तुम्हें दिया।
कई आदमियों की कीमत लगाकर भी।

24:15.288 --> 24:19.041
और फिर भी तुम अपने वादों पर खरे न उतर पाए।

24:22.295 --> 24:24.380
शायद तुम अपने उस्ताद जितने कुशल नहीं हो।

24:24.463 --> 24:26.382
मेरे उस्ताद जितना कुशल तो कोई भी नहीं है।

24:27.633 --> 24:28.467
तो फिर वह कहाँ है?

24:28.551 --> 24:29.927
यह कोई नहीं जानता, महाराज।

24:30.011 --> 24:34.223
सब कह रहे हैं कि वह मर चुके हैं।
गोलायथ की तलवार उनकी आख़िरी रचना थी।

24:35.308 --> 24:36.934
पर मैं उनका सबसे काबिल शागिर्द हूँ।

24:37.018 --> 24:39.478
कसम खाता हूँ, मैं अपनी
क़ाबिलियत साबित करके रहूँगा।

24:39.562 --> 24:42.815
और जल्द ही, आप एक
विशाल सेना का नेतृत्व करेंगे

24:42.899 --> 24:44.859
जिनके पास मनुष्यों के
सबसे ताक़तवर हथियार होंगे।

24:50.239 --> 24:51.073
मनुष्यों के नहीं।

24:52.116 --> 24:53.534
देवताओं और राजाओं के।

24:54.994 --> 24:56.495
तुम यह कर सकते हो या नहीं?

24:56.579 --> 24:58.122
जी, महाराज।

24:58.789 --> 24:59.832
मैं ख़ुद को साबित करूँगा।

25:01.125 --> 25:01.959
बहुत ख़ूब।

25:05.254 --> 25:06.214
वापस काम पर लग जाओ।

25:24.148 --> 25:27.652
टैबनैकल
नॉब शहर

25:46.212 --> 25:49.048
डेविड! डेविड!

25:49.131 --> 25:51.259
डेविड! डेविड!

25:51.342 --> 25:53.761
डेविड! डेविड!

25:53.844 --> 25:56.180
डेविड! डेविड!

25:56.681 --> 26:01.978
बहुत समय पहले, आदोनाय ने सिनाई पहाड़ से
मूसा को पहली बार टैबनैकल के दर्शन कराए थे,

26:02.561 --> 26:06.232
और उनसे कहा था
कि बिल्कुल वैसा ही धरती पर आकर बनाएँ।

26:06.816 --> 26:07.984
यह एक तरह से…

26:09.277 --> 26:11.320
देवलोक की एक परछाईं के समान है।

26:12.029 --> 26:14.365
ठीक यहाँ पर। हमारे सामने।

26:16.242 --> 26:17.743
डेविड! डेविड!

26:17.827 --> 26:21.747
डेविड! डेविड!

26:21.831 --> 26:24.417
डेविड! डेविड!

26:24.500 --> 26:26.836
डेविड! डेविड!

26:26.919 --> 26:29.422
डेविड! डेविड!

26:37.221 --> 26:38.723
डेविड! डेविड!

26:38.806 --> 26:40.975
डेविड!

26:41.058 --> 26:42.059
मेरी प्रजा!

26:44.020 --> 26:45.229
मैं आपके सामने पेश करता हूँ…

26:46.772 --> 26:48.065
दैत्य संहारक!

26:49.442 --> 26:52.278
और उसकी राजकुमारी, मीराब।

26:55.906 --> 26:57.199
दिखावा तो कर ही सकते हो, डेविड।

26:57.992 --> 27:00.036
अगर उनकी ख़ातिर नहीं, तो मेरी ख़ातिर?

27:01.579 --> 27:03.122
हाँ?

27:33.527 --> 27:35.946
तुम कहाँ गए थे? वह क्या अभियान था?

27:37.656 --> 27:38.866
हम इस बारे में बात नहीं करेंगे।

27:40.701 --> 27:41.535
यहाँ नहीं।

27:43.829 --> 27:44.663
कभी नहीं।

29:12.251 --> 29:15.629
अगर तुम सैमुअल को चोट पहुँचाने आए हो,

29:16.630 --> 29:20.634
तो उससे पहले तुम्हें टैबनैकल के
सारे पादरियों से गुज़रकर जाना होगा,

29:22.094 --> 29:24.180
इज़राइल की सारी प्रजा के सामने।

29:26.891 --> 29:30.769
यकीन मानिए, हमें दूरदृष्टा को चोट पहुँचाने
की न कोई ज़रूरत है, न ही कोई इरादा।

29:31.270 --> 29:32.354
बल्कि,

29:33.105 --> 29:36.525
हम उन्हें उनके
अपने पापों से मुक्ति देने आए हैं।

30:08.641 --> 30:10.017
तुम यह कर क्या रहे हो?

30:13.187 --> 30:14.271
क्या ये भी बताना पड़ेगा?

30:15.773 --> 30:17.483
मुझे लगा हमारे बीच एक समझौता हुआ था?

30:20.945 --> 30:23.405
तो मेरा बच्चा पैदा करने के बजाय
तुम घुड़सवारी करना पसंद करोगी?

30:25.908 --> 30:27.993
किसी भी आदमी का बच्चा पैदा करना
पसंद नहीं।

30:29.453 --> 30:32.373
कितना दर्द और कष्ट झेलना पड़ता है,

30:32.456 --> 30:35.334
फूला हुआ पेट, मौत का ख़तरा। किसलिए?

30:36.961 --> 30:38.087
एक पल के सुख के लिए?

30:41.257 --> 30:42.174
मैं वादा करता हूँ,

30:44.218 --> 30:46.011
वह बस पल भर का सुख नहीं होगा।

30:51.559 --> 30:54.603
मूसा के नियम में
साफ़-साफ़ कहा गया है कि प्रायश्चित का दिन

30:54.687 --> 30:58.023
अपनी इच्छाओं का त्याग करने का दिन है।

31:02.027 --> 31:03.028
तुम पागल हो।

31:04.405 --> 31:06.782
ख़ैर, कल जब सूरज ढलेगा,

31:08.117 --> 31:09.952
इच्छाओं का
त्याग करने का दिन ख़त्म हो जाएगा।

31:11.453 --> 31:15.749
फिर हम देखेंगे कि क्या तुम तब भी
मुझ पर अपना खंजर उठाओगी।

31:18.502 --> 31:19.753
हम देखेंगे, पतिदेव।

31:49.325 --> 31:50.993
अब भी सितारों के तले सोते हो?

31:51.827 --> 31:52.661
मीखाल।

31:53.746 --> 31:55.331
आओ, बैठ जाओ।

32:04.465 --> 32:07.009
मैंने हमारे बारे में एक फ़ैसला लिया है।

32:07.676 --> 32:09.178
अगर यह उससे जुड़ा है जो पहले हुआ था,

32:09.845 --> 32:13.223
तो तुम्हारी बहन वह लोगों के लिए कर रही थी
और मुझे उसमें कोई ख़ुशी नहीं मिली।

32:13.307 --> 32:14.850
पर लोग तो ख़ुश हो गए थे।

32:16.018 --> 32:18.145
मैं इसका अंत जानती हूँ।

32:19.730 --> 32:22.149
बस अब हमें ख़ुद को
और दर्द नहीं देना चाहिए।

32:23.108 --> 32:26.278
तुम मीराब से शादी करोगे।

32:26.904 --> 32:28.447
और मैं इसको स्वीकार करके जियूँगी।

32:28.530 --> 32:30.199
नहीं, मैं ऐसा नहीं कर सकता।

32:31.158 --> 32:33.494
मैं ऐसा नहीं करूँगा।
मैं तुमसे प्यार करता हूँ, मीखाल।

32:34.578 --> 32:35.579
केवल तुमसे।

32:36.872 --> 32:40.292
हमें अपनी ख़ुशियों के आगे देखना होगा।

32:41.960 --> 32:44.630
शायद मेरी भूमिका बस तुम्हें दैत्य का
सामना करने में मदद करने की थी।

32:44.713 --> 32:48.217
-शायद इसमें ईश्वर का यही उद्देश्य है।
-नहीं।

32:48.300 --> 32:50.552
हमारी किस्मत में
साथ रहना लिखा है। मुझे यकीन है।

32:52.137 --> 32:54.598
सुनो, हमें बस लड़ाई जारी रखनी होगी।

32:55.474 --> 32:59.269
मैं लड़ रही हूँ।
मैं किसी और चीज़ के लिए लड़ रही हूँ।

32:59.937 --> 33:00.979
किस चीज़ के लिए?

33:01.563 --> 33:02.439
अपने परिवार के लिए।

33:02.523 --> 33:04.525
पर तुमने ख़ुद कहा था
कि अपने पिता को दोषी मानती हो।

33:04.608 --> 33:07.486
हाँ, मैं उनसे नाराज़ हूँ,
पर वह फिर भी मेरे पिता हैं।

33:08.278 --> 33:10.072
-और उन्हें ही चुना गया है।
-क्या यह सच है?

33:11.865 --> 33:13.492
ईश्वर की मर्ज़ी के ख़िलाफ़ मत बोलो।

33:13.575 --> 33:16.245
-मुझसे नहीं, और यहाँ तो बिल्कुल भी नहीं।
-मेरा वह मतलब नहीं था।

33:16.328 --> 33:21.166
तुमसे प्यार करती हूँ, पर उनकी मर्ज़ी के
खिलाफ़ तुम्हें या किसी को भी नहीं चुनूँगी।

33:21.250 --> 33:24.002
अगर मुझे चुनना ही ईश्वर की मर्ज़ी हो?

33:24.545 --> 33:27.548
तुम यह बार-बार कहते हो,
पर क्या तुमने उनसे कभी यह पूछा है?

33:27.631 --> 33:28.632
हर वक़्त पूछता रहता हूँ।

33:28.716 --> 33:30.718
-क्या उनका कोई जवाब आया?
-अभी तक नहीं। पर वह…

33:30.801 --> 33:32.344
यही हमारा जवाब है।

33:32.428 --> 33:37.516
अगर सच में हमारा साथ रहना हमारी
किस्मत में होता, तो यह इससे आसान होता।

33:37.599 --> 33:40.102
हमें साथ रहने के लिए लगातार यूँ लड़ना

33:40.185 --> 33:42.312
या फिर मेरे परिवार को तोड़ना नहीं पड़ता।

33:42.396 --> 33:45.399
डेविड, मेरी माँ यहाँ नहीं आ पाईं।

33:46.150 --> 33:47.192
मैं जानता हूँ।

33:47.776 --> 33:51.447
मुझे डर है कि हम सिर्फ़
अपने बारे में सोच रहे हैं।

33:51.530 --> 33:52.865
मीखाल, मेरी बात तो सुनो।

33:52.948 --> 33:54.324
मैं अपना फ़ैसला ले चुकी हूँ।

33:57.327 --> 34:00.998
अगर तुम मुझसे प्यार करते हो,
तो तुम उसका मान रखोगे।

34:32.905 --> 34:34.031
यह सब डेविड के कारण हुआ!

34:34.114 --> 34:35.532
न उसकी ग़लती है, न ही तुम्हारी।

34:35.616 --> 34:38.744
पर तुम्हें उसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।

34:39.787 --> 34:42.706
तो, उनकी तरह दूसरों पर
राय कायम करने के बजाय,

34:43.290 --> 34:46.502
इस बात पर ध्यान दो कि ईश्वर
तुम्हें कैसा इंसान बनाना चाहते हैं।

34:49.004 --> 34:52.216
शायद फिर तुम हमारे परिवार के माथे से
वह कलंक मिटा सकोगे।

35:05.062 --> 35:06.396
टोबियाह!

35:50.607 --> 35:51.525
महाराज।

35:55.195 --> 35:58.824
आबनर, मेरी सबसे माननीय मेहमान को
यहाँ लाने के लिए शुक्रिया।

36:01.869 --> 36:02.828
ज़रा बताओ, सॉल,

36:03.745 --> 36:06.456
क्या तुम्हारे सभी "माननीय मोहमानों" को
आधी रात के समय जबरन

36:06.540 --> 36:07.958
तुम्हारे शिविर में लाया जाता है?

36:08.041 --> 36:09.084
हीला,

36:10.627 --> 36:15.007
मैंने तुम्हें यहाँ धमकाने के लिए नहीं,
तुमसे गुहार करने के लिए बुलाया है।

36:16.008 --> 36:17.467
हमें कई सारी बातें करनी हैं।

36:18.260 --> 36:19.428
आओ, बैठो।

36:20.178 --> 36:21.513
मैं खड़ी रहना पसंद करूँगी।

36:22.723 --> 36:26.143
अहिनोहम कहाँ है?
तुम दोनों तो हमेशा साथ सफ़र करते थे न?

36:27.185 --> 36:29.021
रानी से तुम्हारा कोई सरोकार नहीं है।

36:29.104 --> 36:31.356
मैं दिल से दुआ करती हूँ
कि वह कहीं बीमार न हो,

36:31.440 --> 36:35.944
या फिर दिमाग़ के शैतानी ख़यालों से
जूझ न रही हो, जैसे कि तुम्हारा हाल था।

36:36.778 --> 36:41.199
मेरा यकीन मानो, हीला, मेरा दिमाग़
आज तक इतना दुरुस्त नहीं रहा है।

36:42.409 --> 36:43.994
और सैमुअल को यह जान लेना चाहिए।

36:46.204 --> 36:50.918
अपने पति को मनाओ, जिन्होंने परमेश्वर के
मकसद से मुंह मोड़ लिया है,

36:51.418 --> 36:52.920
कि वह सही चुनाव करें।

36:54.671 --> 36:59.051
कल, सैमुअल को एक राजा के रूप में
दोबारा मेरा समर्थन करना होगा,

36:59.134 --> 37:01.428
इज़राइल की जनता के जमघट के सामने।

37:01.511 --> 37:04.389
तुमने उन्हें बंदी बनाकर रखा।

37:05.849 --> 37:08.685
उसके बाद भी वह
तुम्हारी ख़्वाहिश के आगे नहीं झुके।

37:09.561 --> 37:13.857
बाकी जगहें जाने दो,
यहाँ आकर उनका इरादा कैसे बदलेगा?

37:14.441 --> 37:17.569
अगर उस सवाल का जवाब
परमेश्वर उन्हें नहीं दे सके,

37:17.653 --> 37:22.157
तो शायद यह मेरी ज़िम्मेदारी बनती है
कि उनके कानों में सच बोलूँ।

37:22.240 --> 37:23.492
तुम देख नहीं पा रहे?

37:24.743 --> 37:29.122
जब सैमुअल राजघराने के समर्थन में बोलते हैं
तो तुम उन्हें परमेश्वर की मर्जी मानते हो।

37:30.040 --> 37:32.542
और जब वे समर्थन में नहीं होते,
तो तुम उन्हें ठुकरा देते हो।

37:34.044 --> 37:37.297
या तो परमेश्वर मेरे पति के ज़रिए
बोलते हैं या फिर नहीं।

37:38.090 --> 37:39.424
और अगर वह ज़रिया नहीं हैं,

37:40.676 --> 37:43.220
तो तुम्हारी नियुक्ति भी
कभी न्यायसंगत नहीं थी।

37:44.221 --> 37:46.390
तो हर रूप में तुम्हारी हार ही है।

37:47.599 --> 37:50.936
ये स्वीकार करोगे, तो तुम्हें शांति मिलेगी।

37:51.520 --> 37:52.896
कोई इंसान हमेशा ज़िंदा नहीं रहता।

37:52.980 --> 37:59.152
और अगर सैमुअल मेरे खिलाफ़ जाते रहे
तो उसका वक़्त जल्दी ख़त्म हो जाएगा।

38:00.654 --> 38:01.613
और हीला…

38:04.032 --> 38:07.703
अगर तुम्हें भी कुछ हो गया
तो मैं ये बोझ सह नहीं पाउँगा।

38:15.293 --> 38:16.586
सर्वशक्तिमान परमेश्वर,

38:17.587 --> 38:20.549
मैं आपके सभी श्रद्धालुओं की तरफ़ से
आपसे विनती करता हूँ…

38:23.593 --> 38:27.597
अपने इज़राइल के अपने लोगों के प्रति
अपना प्रेम और कृपा दिखाइए।

38:30.475 --> 38:33.228
क्योंकि हम आदोनाय को भूल गए हैं।

38:34.187 --> 38:37.399
हमने आपके खिलाफ़ पाप किए हैं।

38:40.402 --> 38:42.362
और एक-दूसरे के खिलाफ़ पाप किए हैं।

38:48.368 --> 38:52.205
पर आप सहनशील

38:53.749 --> 38:54.750
और कृपालु हैं।

38:58.503 --> 38:59.963
आप क्रोध के बदले धैर्य दिखाते है।

39:01.840 --> 39:04.009
और आपकी दया अपरम्पार है।

39:05.635 --> 39:11.099
यह प्रार्थना है कि इस नए साल में प्रवेश
करते हुए हमारे बलिदान आपको स्वीकार्य हों।

39:12.976 --> 39:14.478
हमें पाप से मुक्त कीजिए,

39:15.604 --> 39:17.898
हमारे अपराधों को क्षमा कीजिए।

39:18.940 --> 39:23.862
और परमेश्वर, हमें अपने आशीर्वाद

39:24.988 --> 39:26.448
और आपकी अनुकंपा से विभूषित कीजिए।

39:39.169 --> 39:40.545
और तुम कहाँ रह गई थीं?

39:41.963 --> 39:43.799
बस रात की सुहानी हवा का आनंद ले रही थी।

39:48.929 --> 39:49.763
ख़ैर…

39:51.973 --> 39:52.808
अच्छी बात है।

40:11.326 --> 40:14.287
प्रायश्चित का दिन

40:20.085 --> 40:20.919
शुक्रिया।

40:27.509 --> 40:29.886
-आपको यहाँ नहीं होना चाहिए।
-जोनाथन!

40:29.970 --> 40:31.388
कोई बात नहीं।

40:31.471 --> 40:32.973
नहीं, उसे आने दो।

40:34.224 --> 40:35.475
हमें अकेला छोड़ दो।

40:36.518 --> 40:37.352
आओ।

40:38.770 --> 40:42.232
-सैमुअल।
-तो तुम बहुत बड़ा युद्ध जीतकर आए हो।

40:42.315 --> 40:43.733
तुम्हें शाबाशी देना चाहूँगा।

40:43.817 --> 40:45.318
जीत तो डेविड ने हासिल की थी।

40:49.072 --> 40:50.240
तुम्हें कोई बात सता रही है।

40:54.369 --> 40:55.620
वह ईश्वर-नियुक्त है।

40:57.998 --> 40:59.958
जिसे परमात्मा ने
पिताजी की जगह लेने के लिए चुना है।

41:02.169 --> 41:03.044
सच है न?

41:08.967 --> 41:12.637
तो, तुम्हारा दिल तुमसे क्या कहता है?

41:15.932 --> 41:18.518
वह मेरा दोस्त बन गया है।

41:20.979 --> 41:24.482
और मैं उसे ऐसे कौशल सिखा रहा हूँ
जिससे वह मेरे पिता, मेरे परिवार

41:24.566 --> 41:26.067
और मुझे भी तबाह कर सकता है।

41:30.947 --> 41:32.908
ये विचार मेरे मन को दूषित कर रहे हैं।

41:32.991 --> 41:34.201
मेरी बात सुनो।

41:34.868 --> 41:41.166
मैं भी यह यकीन के साथ नहीं कह सकता
कि आदोनाय की क्या मंशा है,

41:41.249 --> 41:44.794
या फिर उनकी इच्छा किस तरह प्रकट होगी।

41:46.755 --> 41:52.093
क्या सच में लगता है कि डेविड तुम्हें या
तुम्हारे परिवार को नुकसान पहुँचा सकता है?

41:54.012 --> 41:54.846
मुझे ऐसा नहीं लगता।

41:57.641 --> 41:58.475
लेकिन…

41:59.643 --> 42:01.061
इस सब में मेरी भूमिका क्या है?

42:03.563 --> 42:05.106
अगर राजगद्दी पर उसका बैठना तय है,

42:06.233 --> 42:07.609
तो उसकी सबसे बड़ी अड़चन मैं हूँ।

42:09.110 --> 42:11.821
तो उसके सबसे बड़े सहायक बनो।

42:13.573 --> 42:17.410
डेविड की वह इंसान बनने में मदद करो,
जो परमेश्वर उसे बनाना चाहते हैं।

42:19.204 --> 42:21.289
ओह, जोनाथन।

42:21.373 --> 42:22.582
इस बीच,

42:23.875 --> 42:27.212
अपनी ज़िंदगी में
थोड़ी ख़ुशियों का लुत्फ़ उठाओ।

42:30.840 --> 42:32.008
अपने हाथ धो लो।

42:33.009 --> 42:33.843
चलो।

42:58.159 --> 43:00.203
जेसी के बेटे, तुम पर
मेरा बहुत बड़ा एहसान है।

43:00.870 --> 43:03.873
मैंने तुम्हें और तुम्हारे परिवार को
अचानक मौत के घाट उतरने से बचाया है।

43:05.875 --> 43:07.085
तुमने क्या किया?

43:08.420 --> 43:10.088
मैं जानता हूँ
तुम क्या बनने वाले हो, डेविड।

43:11.256 --> 43:14.551
मैं तुम्हारे अभिषेक के बारे में जानता हूँ।

43:20.640 --> 43:21.725
तो यह सच है।

43:23.810 --> 43:25.228
तुम्हारी आँखें सच बयान कर रही हैं।

43:30.275 --> 43:31.109
चिंता मत करो।

43:31.693 --> 43:33.987
मैंने राजा के कानों में
किसी और का नाम डाल दिया।

43:35.155 --> 43:37.699
उस आदमी का जो मुझे कभी याद नहीं आएगा।

43:38.992 --> 43:41.369
उन्हें तुम्हारी जगह पर
अपनी जान देनी पड़ी, डेविड।

43:44.164 --> 43:44.998
तो,

43:46.249 --> 43:49.002
जब भविष्यवाणी के मुताबिक
राज-दण्ड जूडाह के पास वापस आएगा,

43:49.085 --> 43:51.546
और तुम राजगद्दी पर बैठोगे,

43:52.922 --> 43:54.716
मेरे नन्हें गीतकार योद्धा…

43:56.968 --> 43:58.386
याद रखना तुम्हारी रक्षा किसने की थी।

44:42.889 --> 44:44.474
परमेश्वर ने अपना चुनाव कर लिया।

45:21.010 --> 45:24.889
मैं इस बकरे पर
हमारे सभी पापों को स्थानांतरित करता हूँ

45:24.973 --> 45:28.518
ताकि यह उनके भार को उठाकर
हमसे दूर जंगल में ले जाए।

45:29.102 --> 45:32.981
यह हमारे अपराधबोध को हमसे दूर ले जाए,

45:33.064 --> 45:35.608
जो फिर कभी इन लोगों को दूषित न करे।

46:10.935 --> 46:14.314
तुम्हारे नकली ईश्वर-नियुक्त ने
अब साँसें लेना बंद कर दिया है।

46:16.149 --> 46:19.027
ईश्वर ने उसे मेरे सामने प्रकट किया
ताकि मैं उसे इस धरती से

46:19.110 --> 46:20.278
हमेशा के लिए मिटा सकूँ।

46:20.987 --> 46:24.866
अब लोगों को दिखाओ
कि मैं ईश्वर द्वारा चुना गया राजा हूँ।

46:26.201 --> 46:28.828
यहाँ इसी वक़्त, मुझे दोबारा चुनो।

46:31.706 --> 46:35.793
तभी इस पूरे देश में शांति का राज होगा।

46:37.545 --> 46:39.255
मैं वही करता हूँ जो परमेश्वर कहते हैं।

46:40.840 --> 46:42.133
तुम यह जानते हो, सॉल।

46:43.426 --> 46:46.554
और तुम जो कह रहे हो, वह करने का
आदेश मुझे परमेश्वर से नहीं मिला है।

47:17.460 --> 47:22.549
तुम मेरे छुपने का स्थान हो

47:24.592 --> 47:29.597
संकट में तुम मेरे रक्षक हो,

47:31.849 --> 47:36.229
तुम छुटकारे के गीतों से मुझे घेर लेते हो

47:36.813 --> 47:39.941
सेलाह

47:41.276 --> 47:46.281
हे सन्मार्ग पर चलनेवालों,

47:47.949 --> 47:52.078
परमेश्वर में आनन्दित और मगन रहो,

47:54.581 --> 48:01.546
निर्मल ह्रदय वालों, गीत गाओ

48:03.881 --> 48:08.928
मैंने तुम पर अपना पाप उजागर किया

48:09.012 --> 48:13.600
और अपना अधर्म नहीं छुपाया

48:14.183 --> 48:16.477
मैंने कहा,

48:16.561 --> 48:23.484
मैंने यहाँ परमेश्वर के सामने
अपने अपराध मान लूँगा

48:24.068 --> 48:30.992
और तुम ने मेरे पाप के
अधर्म को क्षमा कर दिया

48:31.075 --> 48:32.994
सेलाह

48:33.077 --> 48:39.792
और तुमने मेरे पाप के
अधर्म को क्षमा कर दिया

48:39.876 --> 48:42.086
सेलाह

48:47.800 --> 48:48.635
ए।

48:49.636 --> 48:50.470
बस।

48:51.137 --> 48:52.305
मैं तुम्हारे साथ हूँ, भाई।

48:53.514 --> 48:56.309
मैं तुम्हारे साथ लड़ूँगा,
और तुम्हारे दुख बाँटूँगा।

49:06.152 --> 49:08.321
तुमने ग़लत फ़ैसला किया।

49:11.032 --> 49:11.949
सॉल…

49:14.410 --> 49:16.537
मुझे तुमसे डर नहीं लगता।

49:17.330 --> 49:19.332
मैं तुम्हारा सेवक नहीं हूँ।

49:20.958 --> 49:22.752
यह वेदी पादरियों के लिए है,

49:23.711 --> 49:25.213
राजा के लिए नहीं।

50:07.255 --> 50:08.381
तुम्हें जो चाहिए, मिल जाएगा।

50:10.299 --> 50:11.634
अब मैं तुमसे नहीं लड़ूँगी।

50:14.262 --> 50:15.471
मैं इसे स्वीकार कर लूँगी।

50:19.267 --> 50:21.978
-मीखाल…
-पर मैं इसमें तुम्हारा साथ नहीं दूँगी।

50:28.151 --> 50:31.154
मुझसे माफ़ी की उम्मीद मत करना, मीराब।

50:34.949 --> 50:36.159
मैं तुम्हें माफ़ नहीं कर सकती।

50:53.259 --> 50:54.093
जोनाथन।

50:54.927 --> 50:57.221
एक तजुर्बेदार इंसान ने
मुझे ख़ुशियों का मज़ा लेने को कहा है।

51:00.725 --> 51:02.226
और मैं उनकी सलाह मान रहा हूँ।

51:02.310 --> 51:04.395
मैं जानती हूँ तुम क्या चाहते हो।

51:05.980 --> 51:07.523
पर यह…

51:08.775 --> 51:09.609
हमारा रिश्ता…

51:10.818 --> 51:11.694
वह मुनासिब नहीं है।

51:13.404 --> 51:14.363
क्या?

51:15.907 --> 51:17.033
क्या तुम ऐसा नहीं चाहतीं?

51:20.077 --> 51:22.038
मैंने बताया था
कि मेरा भाई युद्ध में मारा गया था।

51:23.039 --> 51:24.957
पर मैंने तुम्हें पूरी कहानी नहीं बताई थी।

51:26.626 --> 51:27.877
उसका नाम यित्ज़ाक था।

51:29.629 --> 51:31.380
वह मिखमश के युद्ध में शहीद हुआ था।

51:33.674 --> 51:36.761
वही युद्ध जिसने तुम्हें इज़राइल के
सूरमा के रूप में मशहूर किया था।

51:37.970 --> 51:39.430
कहते हैं तुमने एक खड़ी चट्टान पर

51:39.514 --> 51:43.768
चढ़कर फिलिस्तीनियों पर धावा बोला था,
बगल में केवल अपने कवच वाहक के साथ।

51:45.436 --> 51:46.729
एक सेना के सामने बस दो योद्धा।

51:49.357 --> 51:51.484
मेरा भाई उन सैकड़ों सैनिकों में से एक था

51:52.193 --> 51:54.821
जो तुम्हारी बहादुरी से प्रेरित होकर
युद्ध में शामिल हुए थे।

51:57.073 --> 51:59.742
और उसी की वजह से वह मारा गया।

52:03.120 --> 52:04.747
चाहे मैं जितनी भी कोशिश कर लूँ,

52:05.790 --> 52:07.416
और यकीन मानो, मैंने कोशिश की है,

52:08.751 --> 52:11.587
पर तुम्हें उसकी मौत के लिए
दोषी ठहराने से ख़ुद को रोक नहीं पाई।

52:14.549 --> 52:15.466
मैं जान बचाती हूँ…

52:17.218 --> 52:18.928
और तुम जान लेते हो।

52:21.055 --> 52:22.056
बस इतनी सी बात है।

52:27.770 --> 52:28.604
सारा।

53:02.805 --> 53:03.723
तुम ठीक तो हो?

53:15.568 --> 53:20.239
तुम मेरे छुपने का स्थान हो

53:21.532 --> 53:25.912
संकट में तुम मेरे रक्षक हो,

53:26.579 --> 53:30.541
तुम छुटकारे के गीतों से मुझे घेर लेते हो

53:31.125 --> 53:34.629
सेलाह

53:34.712 --> 53:40.384
हे सन्मार्ग पर चलनेवालों,

53:40.468 --> 53:44.680
परमेश्वर में आनंदित और मगन रहो

53:45.681 --> 53:47.725
और गीत गाओ

53:47.808 --> 53:53.606
निर्मल हृदय वालों

53:56.233 --> 54:00.529
तुम मेरे छुपने का स्थान हो

54:01.572 --> 54:06.369
संकट में तुम मेरे रक्षक हो,

54:06.452 --> 54:13.417
तुम छुटकारे के गीतों से मुझे घेर लेते हो

54:14.669 --> 54:19.131
सेलाह

54:21.133 --> 54:27.765
हे सन्मार्ग पर चलनेवालों,

54:28.182 --> 54:33.938
परमेश्वर में आनंदित और मगन रहो

54:34.313 --> 54:40.653
निर्मल हृदय

54:40.736 --> 54:45.282
वालों

55:52.433 --> 55:54.435
संवाद अनुवादक श्रुति शुक्ला

55:54.518 --> 55:56.520
रचनात्मक पर्यवेक्षक
दिनेश शाकुल
ेते हो
