WEBVTT

00:04.463 --> 00:06.507
हाउस ऑफ़ डेविड में अब तक…

00:06.590 --> 00:09.593
पाँच संगठित सेनाओं के साथ,
हम सॉल के विरुद्ध कूच करेंगे।

00:09.677 --> 00:13.055
हमारे बीच एक भी ऐसा सेनापति नहीं है
जो पाँच सेनाओं का नेतृत्व कर सके।

00:13.139 --> 00:14.306
तुम तो हरगिज़ नहीं।

00:14.390 --> 00:17.226
मुझे योआब के साथ
किसी काम के लिए भेजा जा रहा है।

00:17.309 --> 00:18.477
कुछ ज़रूरी काम ही होगा।

00:18.561 --> 00:20.146
और हम क्या करने आए हैं?

00:20.229 --> 00:22.606
ख़तरे को मिटाने के लिए,
उसके पूरे कुल के साथ।

00:22.690 --> 00:23.899
कोई भी बचने न पाए।

00:24.567 --> 00:26.485
जाओ! यहाँ से चले जाओ, बेटा। भागो!

00:28.154 --> 00:29.530
हम सिर्फ़ अपने बारे में सोच रहे हैं।

00:29.613 --> 00:30.865
मीखाल, मेरी बात तो सुनो।

00:30.948 --> 00:32.324
मैं अपना फ़ैसला कर चुकी हूँ।

00:32.408 --> 00:35.077
तुम मीराब से शादी करोगे।
और मैं इसको स्वीकार करके जियूँगी।

00:35.161 --> 00:36.954
हमने अपने एक दर्जन सिपाही खो दिए, डेविड।

00:37.037 --> 00:38.497
हर मरे हुए फिलिस्तीनी के पास एक था।

00:39.206 --> 00:40.040
चारकोल।

00:41.542 --> 00:43.878
तुमने गोलायथ जितनी सिद्ध
लोहे की तलवारों का वादा किया था।

00:43.961 --> 00:46.922
मुझे थोड़ा वक़्त चाहिए, महाराज।
और इससे ज़्यादा माल और साधन भी।

00:47.006 --> 00:49.091
तुम्हारी बहादुरी के इनाम के तौर पर,

00:49.175 --> 00:52.178
मैं तुम्हें एक हज़ार सैनिकों का
सेनापति बनाता हूँ!

00:53.429 --> 00:56.891
क्या तुम्हें वाकई लगता है
कि डेविड एक सेना की कमान संभाल पाएगा?

00:56.974 --> 00:59.685
डेविड के ज़रिए
हमारी प्रजा को एकजुट करना अक्लमंदी होगी।

01:00.895 --> 01:02.021
वह उनका चहेता है।

01:08.277 --> 01:12.323
गोलायथ के एक वर्ष बाद

01:12.406 --> 01:17.661
बाहरी प्रदेशों में फिलिस्तीनी जंग जारी

01:33.260 --> 01:35.679
धर्मी लोग खजूर के समान फूले-फलेंगे…

01:36.096 --> 01:37.056
इस तरफ़!

01:37.139 --> 01:38.224
कभी नहीं!

01:39.934 --> 01:42.311
वे लेबनान के देवदार के समान बढ़ते रहेंगे…

01:48.442 --> 01:50.569
वे यहोवा के भवन में रोपने पर…

01:53.489 --> 01:54.532
हमला!

01:54.615 --> 01:57.284
हमारे परमेश्वर के आँगनों में फले-फूलेंगे।

02:13.217 --> 02:16.178
इससे मैंने जान लिया
कि आप मुझ पर प्रसन्न हैं।

02:20.641 --> 02:23.644
क्योंकि मेरे शत्रु
मुझ पर विजय प्राप्त नहीं कर पाएँगे।

02:28.274 --> 02:35.030
हाउस ऑफ़ डेविड

02:51.338 --> 02:53.465
उन्हें मुझ पर
विजय प्राप्त करने मत दीजिएगा।

03:01.015 --> 03:02.308
महान योद्धा!

03:04.727 --> 03:05.603
जोनाथन।

03:05.686 --> 03:07.938
और अब भी कविताएँ लिख रहे हो।

03:09.481 --> 03:11.442
यह साल पलक झपकते ही निकल गया।

03:12.568 --> 03:16.947
ज़रा तुम्हारी शक्ल देखो।
इतने वक़्त के बाद भी, दाढ़ी नहीं उगा पाए।

03:17.031 --> 03:18.866
मैं कोशिश कर रहा हूँ।

03:20.826 --> 03:21.744
तुम कैसे हो?

03:21.827 --> 03:24.496
तुम्हारी अनगिनत जीत के किस्से
सुन-सुनकर थक गया हूँ।

03:24.580 --> 03:26.916
कहो तो तुम्हारा भार
कम करने के लिए थोड़े हार भी जाऊँ।

03:27.791 --> 03:29.001
वह कैसी है?

03:29.084 --> 03:30.085
मीखाल।

03:33.505 --> 03:35.591
जितना हो सके अपना ध्यान भटका रही है।

03:37.051 --> 03:38.427
अब वह बच्चों को पढ़ाती है।

03:38.510 --> 03:39.470
अच्छा?

03:41.180 --> 03:42.181
और बाकी लोग?

03:43.307 --> 03:45.601
एक ऐसा घर जहाँ मतभेद हों…

03:46.769 --> 03:48.312
वह एक नाख़ुश जगह होती है।

03:49.271 --> 03:50.147
और सारा का क्या?

03:51.398 --> 03:55.027
इतने वक़्त के बाद भी
मैं अक्सर उसके बारे में सोचता हूँ।

03:58.906 --> 04:02.201
लेकिन उसका दिल
उसके भाई की मौत के शोक में लिप्त है।

04:03.118 --> 04:04.536
वह उससे उबर नहीं पा रही।

04:07.373 --> 04:12.127
हम जो दर्द पीछे छोड़कर आते हैं,
वह अक्सर आने वाली ख़ुशी में अड़चन बनता है।

04:14.838 --> 04:15.923
तो ऐसे में क्या करें?

04:18.550 --> 04:19.593
आने वाले कल को देखें।

04:24.139 --> 04:25.224
अचानक हमला हुआ है!

04:34.358 --> 04:36.360
सभी ढाल वाले बीच में आओ!

04:38.362 --> 04:39.905
-ढाल!
-ढाल!

04:40.698 --> 04:42.241
-वे कहाँ से आए?
-हर तरफ़ से!

04:42.825 --> 04:43.909
तीरंदाज़ो, मेरे आदेश पर!

04:44.493 --> 04:45.536
तुम्हारे भाई को लग जाएँगे।

04:45.619 --> 04:47.454
-फिर से भरो!
-फिर से भरो!

04:50.124 --> 04:52.126
जब मुझे आड़ मिले तो आदेश देना।

04:58.257 --> 04:59.174
नीचे रहो!

04:59.258 --> 05:00.175
तीर मारो!

05:00.259 --> 05:01.343
पीछे देखकर!

05:05.472 --> 05:07.307
तुम। मेरे ऊपर से हटो!

05:07.391 --> 05:09.268
-उन पर हमला करो!
-डेविड की रक्षा करो!

05:38.422 --> 05:40.049
यहाँ पर! हमला करो!

06:04.656 --> 06:06.283
उनकी तलवारें ज़ब्त कर लो!

06:08.410 --> 06:09.369
जोनाथन!

06:39.399 --> 06:41.652
वापस चलो! वापस पेड़ों की ओर चलो!

06:42.736 --> 06:44.279
-वापस चलो!
-वापस चलो!

06:44.363 --> 06:45.197
वापस चलो!

06:45.280 --> 06:47.491
पीछे हटो! पेड़ों की ओर जाओ!

06:51.411 --> 06:52.412
उनके पीछे चलो!

06:53.080 --> 06:54.039
वह कौन था?

07:04.800 --> 07:05.801
तुम ठीक तो हो?

07:05.884 --> 07:07.886
ऑज़। अपनी तलवार उठाओ।

07:09.513 --> 07:10.347
नहीं।

07:12.474 --> 07:13.308
ए!

07:15.853 --> 07:17.062
यह तो पंख जितनी हल्की है।

07:18.814 --> 07:20.107
फिर भी कितनी मज़बूत है।

07:20.983 --> 07:22.484
वह मेरी तलवार थी।

07:23.318 --> 07:24.611
क्या तुम उसके बदले दूसरी दोगे?

07:24.695 --> 07:25.988
ख़ुद ही मरे हुए दुश्मन से ले लो।

07:27.030 --> 07:27.865
एलिअब।

07:29.158 --> 07:30.826
दोबारा मेरे आदेश के खिलाफ़ मत जाना।

07:31.493 --> 07:33.078
तो मुझे मत बताओ कि क्या करना है।

07:37.124 --> 07:38.041
यह देखो।

07:42.754 --> 07:44.423
-और चारकोल।
-हाँ।

07:44.882 --> 07:47.676
और मात्रा में चारकोल
जो फिलिस्तीनी भट्टी तक नहीं पहुँच पाएगा।

07:47.759 --> 07:49.219
ये तो शैतानी तलवारें हैं।

07:50.012 --> 07:52.848
डेविड, क्या तुम्हें लगता है
कि ये तलवारें शापित होंगी?

07:52.931 --> 07:53.932
यहाँ पर एक और है!

07:54.016 --> 07:54.850
मुझे ऐसा नहीं लगता।

07:56.226 --> 07:57.060
बढ़िया।

07:57.144 --> 08:01.481
हमने जब-जब इन हथियारों का सामना किया है,
ये और मज़बूत और हल्के होते जा रहे हैं।

08:02.274 --> 08:04.318
पूरे फिलिस्तिया के पास यही हैं।

08:04.693 --> 08:05.861
परमेश्वर सर्वशक्तिमान हैं।

08:08.906 --> 08:11.533
साथ ही, इतना ही नहीं,
मैंने इससे भी सटीक हथियार देखा है।

08:24.338 --> 08:25.589
काफ़ी मुश्किल है।

08:26.423 --> 08:29.259
मैं जानती हूँ। पर यह सीखना ज़रूरी है।

08:33.096 --> 08:33.972
तुम लोग लिख रहे हो…

08:35.933 --> 08:38.810
लिखना ही हमें यह याद दिलाता है
कि हमसे पहले क्या आया था।

08:39.937 --> 08:42.481
जैसे कि जेकब, मूसा और नूह की

08:43.649 --> 08:45.192
बेमिसाल कहानियाँ।

08:45.275 --> 08:48.946
और कौन जाने, शायद एक दिन
तुम भी ऐसी कोई कहानी लिखो।

08:50.530 --> 08:52.491
मैं तो डेविड की कहानी लिखूँगी।

08:53.158 --> 08:54.326
दैत्य संहारक।

08:57.579 --> 08:59.414
वह बहुत अच्छी कहानी होगी।

09:03.835 --> 09:05.170
न जाने उसका अंत क्या होगा।

09:15.514 --> 09:17.057
डेविड! डेविड!

09:17.849 --> 09:19.768
सॉल ने हज़ारों मारे थे!

09:19.851 --> 09:21.895
दैत्य संहारक!

09:21.979 --> 09:24.064
डेविड ने लाखों मारे हैं!

09:24.147 --> 09:25.899
डेविड ने लाखों मारे हैं!

09:25.983 --> 09:27.818
सॉल ने हज़ारों मारे थे!

09:27.901 --> 09:29.987
डेविड ने लाखों मारे हैं!

09:30.070 --> 09:32.197
सॉल ने हज़ारों मारे थे!

09:32.281 --> 09:34.366
डेविड ने लाखों मारे हैं!

09:34.449 --> 09:41.039
डेविड! डेविड!

09:42.291 --> 09:44.042
बहुत वक़्त हो गया है।

09:46.044 --> 09:47.546
आप मुझे कब माफ़ करोगे?

09:48.964 --> 09:50.882
तुम ही मुझे अकेला छोड़ कर गई थीं।

09:55.012 --> 09:56.680
क्या तुम कुछ कहना चाहती हो?

10:00.309 --> 10:04.396
अगर कुछ कहना न होता
तो यकीनन महल के इस हिस्से में नहीं आती।

10:04.479 --> 10:06.690
सॉल ने हज़ारों मारे थे!

10:06.773 --> 10:08.984
डेविड ने लाखों मारे हैं!

10:09.609 --> 10:13.071
डेविड! डेविड!

10:13.155 --> 10:15.365
उन्हें तुम्हारे नाम की जयजयकार करनी चाहिए।

10:16.283 --> 10:18.201
और तुम्हारे बाद तुम्हारे बेटे की।

10:20.037 --> 10:21.830
वे मेरे नाम की जयजयकार कर रहे हैं।

10:22.622 --> 10:24.499
मैंने हज़ारों दुश्मन मारे हैं।

10:25.375 --> 10:27.127
डेविड ने लाखों दुश्मन मारे हैं।

10:27.210 --> 10:28.295
हाँ। डेविड ने।

10:28.378 --> 10:30.255
डेविड!

10:30.339 --> 10:32.382
डेविड।

10:32.674 --> 10:34.801
डेविड!

10:34.885 --> 10:36.678
डेविड।

10:38.055 --> 10:40.974
अगर उनका बस चले तो
वे उस लड़के को आज ताज पहना दें।

10:43.435 --> 10:45.312
उसने तुम्हारी बेटियों में फूट डाल दी

10:46.104 --> 10:48.648
और अब आपकी ही
प्रजा की नज़रों में वह आपसे बड़ा बन गया।

10:49.941 --> 10:51.151
वह एक ख़तरा है।

10:51.943 --> 10:54.279
-आप यह समझने से इनकार क्यों कर रहे हो?
-बहुत हुआ।

10:56.823 --> 11:00.702
तुम्हारा संदेह मेरे लिए
और इस महल में सभी के लिए विष के समान है।

11:00.786 --> 11:05.290
मेरा संदेह आपके
और आपके सिंहासन के लिए एक ढाल है।

11:06.500 --> 11:08.627
आपको जितनी जल्दी इसका
एहसास हो जाए, उतना बेहतर है।

11:17.177 --> 11:19.554
डेविड!

11:19.638 --> 11:21.973
डेविड!

11:22.057 --> 11:23.558
हमारा सूरमा लौट आया है।

11:24.476 --> 11:26.019
सुना है और भी जीत हासिल करके।

11:27.646 --> 11:30.107
हमें बहुत सारी बातें करनी हैं।

11:30.190 --> 11:32.943
शादी की तैयारियों की योजना बनानी होगी।

11:33.026 --> 11:34.820
हाँ, पर कभी और बात करते हैं।

11:34.903 --> 11:36.113
अभी थोड़ा आराम करना चाहूँगा।

11:36.655 --> 11:39.116
हाँ, ज़रूर।

11:54.131 --> 11:56.258
अब चारकोल के पीछे लड़ना बंद कर देना चाहिए।

11:56.925 --> 12:00.095
इनकी बराबरी करने के लिए
अपनी तलवारें बनाना शुरू करना होगा।

12:01.138 --> 12:04.307
इस स्तर के हथियार बनाने के लिए
बहुत ऊँचे तापमान की ज़रूरत होती होगी।

12:05.517 --> 12:07.602
वरना फिलिस्तीनी हमारी कोयले की खानों को

12:07.686 --> 12:09.312
लूटने के लिए इतनी जानें न गँवाते।

12:14.609 --> 12:17.279
डेविड को यकीन है
कि गोलायथ की तलवार इनसे ज़्यादा मज़बूत थी।

12:19.156 --> 12:21.741
कुछ कर दिखाने के लिए हमें वैसी
तलवारों की सख़्त ज़रूरत होगी।

12:22.868 --> 12:26.538
और इन्हें बनाने के तरीके की भी।
तुम्हें पता है कि उसका क्या हुआ?

12:52.606 --> 12:58.236
नॉब
पादरियों का शहर

12:58.320 --> 13:00.071
नमस्कार, सेनापति जी।

13:00.655 --> 13:02.949
आप पादरियों के शहर में क्या कर रहे हैं?

13:03.658 --> 13:04.993
तुमने यहाँ कुछ रखा हुआ है।

13:05.619 --> 13:08.580
कुछ ऐसी चीज़ जो तुम्हारे पिता
लेकर आए थे। मुझे वह देखनी है।

13:09.706 --> 13:11.249
उन्होंने उसे किसी को दिखाने से रोका था।

13:12.125 --> 13:13.251
वह निर्देश मैंने दिए थे।

13:38.777 --> 13:41.154
इसमें नक्काशी से लिखी चीज़ को
पढ़ने की कोशिश कर रहा था।

13:41.947 --> 13:43.240
फिलिस्तीनी निशान हैं?

13:43.823 --> 13:46.409
ज़्यादातर। लेकिन कुछ और भी पुराने हैं।

13:46.993 --> 13:48.912
मेरे ख़याल से मिस्र के।

13:50.247 --> 13:51.456
"रचयिता।

13:52.332 --> 13:53.250
तलवारें।"

13:53.333 --> 13:55.335
शायद "रचयिता और तलवारें।"

13:55.418 --> 13:56.253
नहीं।

13:57.754 --> 13:59.089
नहीं। "तलवारों के रचयिता।"

14:02.175 --> 14:03.260
यह एक हस्ताक्षर है।

14:23.697 --> 14:24.614
शुक्रिया।

14:36.543 --> 14:37.377
बुरा नहीं था।

14:38.128 --> 14:39.254
इससे बेहतर हो सकता है।

14:48.346 --> 14:49.264
बहुत अच्छे।

14:50.098 --> 14:51.182
यह हुई न शेरों वाली बात।

14:57.522 --> 14:58.732
तुमसे कुछ पूछ सकता हूँ?

15:01.359 --> 15:02.527
कैसा महसूस होता है…

15:05.280 --> 15:06.406
परमेश्वर द्वारा चुने जाने पर?

15:07.616 --> 15:10.160
जॉशुआ के जैसा? सैमसन के जैसा?

15:10.243 --> 15:11.703
जैसे मेरे पिता हुआ करते थे?

15:12.954 --> 15:16.166
"हैं।" तुम्हारे पिता ही चुने गए हैं।

15:16.249 --> 15:17.751
नहीं, सफ़ाई देने की ज़रूरत नहीं है।

15:18.585 --> 15:19.836
और मुझसे सच बोलो।

15:21.171 --> 15:22.505
कैसा महसूस होता है?

15:28.720 --> 15:29.554
ताक़तवर।

15:31.056 --> 15:32.098
आग की तरह।

15:33.642 --> 15:34.768
या फिर तूफ़ानी हवा की तरह।

15:40.315 --> 15:41.441
मैं कुछ और बन जाता हूँ…

15:43.318 --> 15:44.319
कुछ बहुत बड़ा।

15:45.445 --> 15:47.030
सब कुछ बढ़-चढ़कर महसूस करता हूँ।

15:47.864 --> 15:50.575
जुनून। ख़ुशी।

15:51.493 --> 15:52.369
गुस्सा भी।

15:55.413 --> 15:56.790
मुझे उससे डर लगता है।

15:58.833 --> 16:00.502
यह डर लगता है कि मैं काबू खो दूँगा।

16:03.046 --> 16:04.839
इसके बारे में किसी से बात नहीं कर सकता।

16:05.590 --> 16:06.800
सिवाय अब तुम्हारे।

16:08.426 --> 16:09.886
कोई नहीं समझता।

16:10.470 --> 16:11.846
मैं भी नहीं समझता।

16:14.933 --> 16:16.226
कभी-कभी ऐसा लगता है कि…

16:18.186 --> 16:21.898
चुना जाना अकेलापन लेकर आता है।

16:25.110 --> 16:26.319
तुम अकेले नहीं हो, डेविड।

16:33.743 --> 16:36.621
अफ़सोस है कि राजपाट तुम्हें विरासत में
नहीं मिलेगा, जैसे मिलना चाहिए था।

16:57.559 --> 16:58.685
हैलो, राजकुमारी।

17:01.730 --> 17:02.564
डेविड।

17:03.189 --> 17:05.984
मैंने सुना कि तुम आजकल
बच्चों को पढ़ना सिखा रही हो,

17:06.609 --> 17:07.736
जैसे एक समय मुझे सिखाया था।

17:09.112 --> 17:10.780
तुम जानते हो मुझे शब्द कितने पसंद हैं।

17:13.950 --> 17:15.702
तुम्हें उन्हें गाते हुए सुनना याद आता है।

17:16.828 --> 17:21.207
कितनी बार, मैं इसी छज्जे पर बैठकर
तुम्हारी सुबह की प्रार्थना सुना करती थी।

17:22.709 --> 17:24.461
तुम्हारी बहन उसे मुर्गे की बांग कहती है।

17:25.253 --> 17:28.381
हाँ। उसे अपनी नींद प्यारी है।

17:31.009 --> 17:32.177
एक तोहफ़ा लाया हूँ।

17:39.601 --> 17:41.352
मैंने ख़ुद के गाने लिखने शुरू कर दिए,

17:42.187 --> 17:45.607
हालाँकि कभी-कभी लगता है कि शब्द…

17:45.690 --> 17:46.858
ख़ुद ईश्वर के हैं?

17:48.067 --> 17:48.902
हाँ।

17:52.238 --> 17:53.740
मैं यह तुम्हें देना चाहता था।

18:05.627 --> 18:07.462
"यहोवा मेरा चरवाहा है।

18:09.589 --> 18:12.091
और मेरी हर इच्छा पूरी होगी।

18:13.843 --> 18:16.596
वह मुझे हरे-भरे चरागाहों में बैठाता है।

18:18.389 --> 18:20.558
वह मुझे शांत झीलों पर ले जाता है।

18:22.769 --> 18:24.395
वह मेरी आत्मा को नई शक्ति देता है।"

18:31.694 --> 18:32.904
यह बहुत सुंदर है, डेविड।

18:34.113 --> 18:36.074
मैंने सोचा कि एक चरवाहे के बारे में लिखूँ।

18:36.783 --> 18:37.784
मैं यही जानता हूँ।

18:43.248 --> 18:45.792
और क्या तुम
मेरी बहन के लिए कोई प्रेम गीत लिखोगे?

18:47.669 --> 18:48.503
नहीं।

18:49.838 --> 18:51.256
मैं बस वही लिखता हूँ जो सच है।

18:54.384 --> 18:57.846
मेरे घाव अब तक भरे नहीं हैं।

18:58.972 --> 19:00.807
मैं उन्हें कुरेदना नहीं चाहती।

19:01.474 --> 19:05.395
-मीखाल, मैं…
-आपसे मिलकर अच्छा लगा, सेनापति।

19:07.772 --> 19:09.566
आदोनाय का शुक्रिया कि आप सलामत हैं।

19:33.464 --> 19:34.716
तुम नज़रें चुरा रहे हो।

19:35.800 --> 19:39.721
मीराब, फिलिस्तीनियों को हमारी शादी में
कोई दिलचस्पी नहीं है, वह सुखद हो या नहीं।

19:39.804 --> 19:40.972
इस घराने के लायक़ बनने के लिए

19:41.055 --> 19:42.724
-मुझे और भी जंग लड़नी हैं।
-बस करो।

19:42.807 --> 19:45.560
तुम टाल-मटोल कर रहे हो। बहाने बना रहे हो।

19:45.643 --> 19:48.313
कितने मौसम यहाँ से दूर रहे,
हमारे दुश्मनों से हमारी रक्षा करते हुए।

19:48.396 --> 19:50.148
मैंने बहुत इंतज़ार कर लिया।

19:51.149 --> 19:55.486
देखो, मैं जानती हूँ
कि तुम अब भी मेरी बहन से प्यार करते हो।

19:56.070 --> 19:56.988
मैं यह देख सकती हूँ।

19:57.947 --> 19:59.407
लेकिन मीखाल आगे बढ़ चुकी है।

19:59.949 --> 20:02.493
वह पहले से ख़ुश है।
वह अपने रास्ते पर चल रही है।

20:03.286 --> 20:04.203
और तुम…

20:05.872 --> 20:10.126
तुम जैसा बहादुर सैनिक जानता होगा
कि पीछे हटना कोई हल नहीं होता।

20:11.544 --> 20:15.006
तो, मेरे पिता की इच्छा का
मान रखने का समय आ गया है।

20:16.507 --> 20:17.967
तारीख़ तय करनी होगी।

20:20.887 --> 20:21.804
क्या तुम सहमत हो?

20:26.476 --> 20:27.936
मैं महाराज का सेवक हूँ।

20:30.521 --> 20:31.439
बहुत ख़ूब।

20:36.402 --> 20:39.489
जब मैं एनडोर में था,
तो वहाँ एक आदमी हुआ करता था।

20:41.658 --> 20:43.368
एक निपुण लोहार।

20:44.577 --> 20:46.454
वह ख़ुद को "तलवारों का रचयिता" बुलाता था।

20:48.414 --> 20:49.248
एनडोर में?

20:50.458 --> 20:51.292
आबनर।

20:54.420 --> 20:57.173
वहाँ की जादूगरनियाँ उसके
हथियारों पर तंत्र-मंत्र किया करती थीं।

20:58.299 --> 21:01.094
पर उनकी असली शक्ति
उसके शिल्प कौशल से आती है।

21:02.428 --> 21:05.431
मेरा मानना है कि उसने
एक बिल्कुल नई धातु की खोज की है।

21:06.057 --> 21:08.518
ऐसी धातु जो सबसे शुद्ध कांस्य का भी
नाश कर सकती है।

21:10.979 --> 21:12.689
महाराज, हमें इस आदमी को ढूँढ़ना होगा।

21:14.023 --> 21:18.069
मुझे यकीन है कि हमें इन हथियारों को बनाने
का तरीका सिखाने के लिए उसे मना लूँगा।

21:18.820 --> 21:19.904
मेरी सेना उसे मना लेगी।

21:19.988 --> 21:22.365
नहीं। अगर हमारी सेना एनडोर तक गई,

21:22.448 --> 21:24.909
तो हमारे शहर के फाटक तक
पहुँचने से पहले वह फ़रार हो जाएगा।

21:25.410 --> 21:26.995
यह काम किसी सेना का नहीं है।

21:28.997 --> 21:30.039
चुनिंदा आदमियों का है।

21:31.290 --> 21:33.376
उस हाल में, तुम उनमें से एक नहीं हो सकते।

21:34.711 --> 21:35.586
महाराज।

21:37.380 --> 21:38.464
सॉल…

21:41.259 --> 21:43.428
एनडोर को मुझसे बेहतर और कोई नहीं जानता।

21:43.511 --> 21:44.595
हाँ।

21:46.389 --> 21:47.598
मुझे इसी बात का डर है।

21:49.225 --> 21:51.978
वह एक बिना क़ानून वाला,
एक त्यागा हुआ शहर है।

21:52.353 --> 21:54.480
-और वहाँ तुम्हारे अतीत के बाद…
-मुझे पता है।

21:56.899 --> 21:58.735
-वे सब बीती बातें हैं।
-आबनर…

21:59.193 --> 22:00.528
वे सब बीती बातें हैं।

22:03.531 --> 22:05.199
अब बस आने वाला कल मायने रखता है।

22:06.325 --> 22:09.412
और इस बात को पक्का करने के लिए,
हमें इस तलवारों के रचयिता को खोजना होगा।

23:03.424 --> 23:04.884
मुझे घूर क्यों रहे हो?

23:06.260 --> 23:07.178
मैंने कुछ ग़ौर किया है।

23:08.930 --> 23:11.557
आजकल लगता है
कि तुम सिर्फ़ दुश्मन से नहीं लड़ रहे हो।

23:12.016 --> 23:13.226
मैं और किससे लड़ूँगा?

23:15.770 --> 23:18.940
ईश्वर से जूझ रहे हो। जैसे कि
प्राचीन कहानियों में जेकब के साथ हुआ था।

23:19.023 --> 23:19.857
ईश्वर से?

23:20.858 --> 23:21.692
हाँ।

23:23.236 --> 23:27.573
हाँ। अगर वह मुझे
मिल जाएँ तो मैं उनसे ज़रूर लड़ूँगा।

23:28.074 --> 23:30.952
नहीं, एलिअब। यह साफ़ ज़ाहिर है
कि वह डेविड के साथ हैं।

23:36.999 --> 23:38.626
हम सौदागर के भेस में क्यों हैं?

23:39.544 --> 23:41.963
मुझे लगता है
कि उन्होंने हमें जासूस बना दिया है।

23:42.880 --> 23:43.881
और इसमें कोई दिक्कत?

23:43.965 --> 23:46.425
हाँ। मैं बहुत ही बुरा जासूस बनूँगा।

23:56.644 --> 23:57.937
यहाँ पर मैं चीज़ें संभाल लूँगा,

23:58.020 --> 24:00.523
और तुम सूचित कर देना…

24:02.233 --> 24:04.277
मैं यह पढ़कर देख लूँगा। ठीक है।

24:10.324 --> 24:11.367
सलाम।

24:13.369 --> 24:14.203
क्या बात है?

24:16.455 --> 24:17.874
मुझे वह आदमी पसंद नहीं है।

24:18.791 --> 24:20.918
समझ नहीं आता
तुम्हारे पिता उस पर भरोसा क्यों करते हैं।

24:21.002 --> 24:21.919
डोएग पर?

24:22.837 --> 24:25.715
नहीं, हम उस पर
भरोसा नहीं करते। पर वह काम का आदमी है।

24:26.299 --> 24:30.887
तुम्हारे कहने पर हमला करने वाला जानवर
एक दिन तुम पर भी हमला कर सकता है।

24:32.513 --> 24:33.389
मुझे बस…

24:33.472 --> 24:34.849
मुझे बस थोड़ी चिंता हो रही है।

24:35.975 --> 24:37.059
अब हम यह सब करने लगे?

24:37.143 --> 24:38.019
क्या?

24:39.645 --> 24:40.938
एक-दूसरे की चिंता।

24:41.939 --> 24:42.940
बहुत प्यारी बात है।

24:45.234 --> 24:46.319
यह क्या है?

24:46.986 --> 24:47.820
खाना।

24:47.904 --> 24:50.740
नहीं, जो यहाँ चल रहा है।
तुम ख़ुश लग रहे हो।

24:51.240 --> 24:52.450
बहुत जलन हो रही है।

24:53.117 --> 24:54.785
तुम्हारे पास भी तो एक खुशख़बरी है।

24:55.828 --> 24:56.704
कैसी खुशख़बरी?

24:57.413 --> 24:59.332
डेविड और मीराब की
शादी की तारीख़ पक्की हो गई।

25:09.967 --> 25:11.260
बधाई हो।

25:11.677 --> 25:12.595
शुक्रिया।

25:31.405 --> 25:32.865
एनडोर नगरी।

25:33.866 --> 25:37.828
हत्यारों, पाखंडियों, भगोड़ों
और अपराधियों का आसरा।

25:37.912 --> 25:39.497
एनडोर
मोरेह की ढलानों पर

25:39.580 --> 25:40.665
चौकन्ने रहना।

26:01.352 --> 26:03.688
जो भी सुनो या देखो, शांति से काम लेना।

26:04.814 --> 26:06.023
कहीं अपना आपा मत खोना।

26:06.107 --> 26:08.484
हमें अपनी ओर कम से कम ध्यान खींचना होगा।

26:20.162 --> 26:21.163
माफ़ कीजिए, सेनापति जी।

26:22.373 --> 26:23.833
हम यहाँ क्या कर रहे हैं?

26:25.001 --> 26:29.630
हम सिडोन से आए सौदागर हैं जो यहाँ
अपना माल बेचकर मुनाफ़ा कमाने आए हैं।

26:29.714 --> 26:31.090
उसे मार डालो! उसके घोंप दो!

26:31.173 --> 26:34.093
तुम्हें बस इतना ही जानने की ज़रूरत है
और बातचीत मुझ पर छोड़ देना।

27:10.004 --> 27:10.921
आबनर।

27:11.422 --> 27:13.257
सुनने में आया था कि तुम मर चुके हो।

27:13.341 --> 27:15.676
एलाह की जंग में
गोलायथ के हाथों तुम्हारा वध हो गया था।

27:17.094 --> 27:20.389
तुम यहाँ किसलिए आए हो
जहाँ कोई तुम्हारी शक्ल देखना नहीं चाहता?

27:21.223 --> 27:22.558
मुझे एक आदमी की तलाश है।

27:23.225 --> 27:24.518
एक लुहार की।

27:24.602 --> 27:26.812
"तलवारों के रचयिता" नाम से जाना जाता है।

27:27.772 --> 27:29.231
यह उसका चिह्न है।

27:31.067 --> 27:32.193
यह जो मेरा दोस्त है,

27:33.152 --> 27:36.697
यह इस शहर की चारदीवारी के अंदर के
हर इंसान और हर कीमती सामान को जानता है।

27:38.324 --> 27:40.951
एक चाँदी के सिक्के के
बदले में अपनी बेटी को बेच दे।

27:44.497 --> 27:45.623
पच्चीस।

27:45.706 --> 27:46.874
पचहत्तर।

27:46.957 --> 27:50.795
पचास। अगर तुमने बहस की, तो दोबारा
मोल-भाव करने के लिए ज़िंदा नहीं बचोगे।

27:52.588 --> 27:54.382
तुम ज़रा भी नहीं बदले, आबनर।

27:55.466 --> 27:57.301
इज़राइल के मुख्य सेनापति।

27:58.803 --> 28:00.429
तुम्हारी माँ को बहुत नाज़ होगा।

28:06.644 --> 28:08.396
फिर कभी मेरे परिवार का ज़िक्र मत करना।

28:11.399 --> 28:12.817
तलवारों के रचयिता के पास ले चलो।

28:12.900 --> 28:15.986
और जाते हुए, तुम मुझे
वह सब बताओगे जो उसके बारे में जानते हो।

28:18.531 --> 28:19.782
मेरे पीछे आओ।

28:31.585 --> 28:33.629
मुझे याद है जब मैंने
अपना शादी का जोड़ा चुना था।

28:34.880 --> 28:37.174
तब कपड़ा इतना बारीक़ नहीं हुआ करता था।

28:37.591 --> 28:40.636
पर दिल में जो एहसास थे
वे रेशम से भी ज़्यादा नर्म हुआ करते थे।

28:46.642 --> 28:48.519
क्या तुम पक्का यही चाहती हो?

28:50.896 --> 28:53.107
बेशक। मैं क्यों नहीं चाहूँगी?

28:53.858 --> 28:58.154
बिना मोहब्बत के,

28:58.821 --> 29:01.907
ताक़त और ओहदे के लिए की जाने वाली
शादी की भारी कीमत चुकानी पड़ती है।

29:01.991 --> 29:04.827
-आप तो इसे आसानी से झेल रही हैं।
-आसानी से?

29:06.787 --> 29:08.080
आसानी से नहीं।

29:08.998 --> 29:10.207
पता है, माँ,

29:11.542 --> 29:15.754
अगर मैंने आपसे
कुछ सीखा है, तो वह यह है कि प्यार…

29:18.299 --> 29:20.926
वह आपको कमज़ोर बनाने के अलावा
और कुछ नहीं करता।

29:23.304 --> 29:25.222
मेरा कभी इरादा नहीं था
कि तुम्हें ऐसी सीख दूँ।

29:26.265 --> 29:28.142
मैं कभी ठीक से सुनती भी नहीं थी।

29:29.602 --> 29:30.728
मुझे इसका एहसास है।

29:35.024 --> 29:36.817
मैं तुम्हें कुछ देना चाहती थी।

29:48.162 --> 29:50.206
ताकि तुम्हें पता रहे
कि मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूँ।

29:53.417 --> 29:54.376
बेहद ख़ूबसूरत है।

29:54.919 --> 29:56.253
तुम्हें पसंद आई?

29:56.337 --> 29:57.463
मुझे बहुत पसंद आई।

30:00.591 --> 30:02.426
मैं तुम्हारे फ़ैसले की इज़्ज़त करती हूँ।

30:04.094 --> 30:05.513
पर अगर तुम यही चुन रही हो,

30:07.097 --> 30:09.642
तो तुम्हें अपना मन कड़ा करना होगा।

30:11.560 --> 30:13.771
तुम्हें कभी आँसू बहाने का सुख नहीं मिलेगा।

30:17.358 --> 30:18.484
कभी नहीं।

30:29.286 --> 30:31.121
और मैं तुम्हारे पिता को चाहती हूँ।

30:32.456 --> 30:33.374
अब भी?

30:36.210 --> 30:37.211
अब भी।

30:51.517 --> 30:52.768
मुझे बताओ, मेरी जान…

30:55.854 --> 30:57.189
मेरी बेटियाँ कैसी हैं?

30:59.441 --> 31:00.859
क्या अभी तक उनमें सुलह हुई?

31:02.361 --> 31:04.405
वे अपना रास्ता ढूँढ़ रही हैं, महाराज।

31:06.949 --> 31:09.451
ख़ुद के परिवार जितना दर्द
और कोई नहीं दे सकता।

31:13.831 --> 31:15.708
वक़्त हर ज़ख्म को भर देता है।

31:19.295 --> 31:21.338
सिवाय उनके जो नासूर बन जाते हैं।

31:34.935 --> 31:38.939
तराज़ू पर एक सिक्का रखो
और अपनी किस्मत को बदलते देखो।

31:39.023 --> 31:41.775
आज रात, ताँबा बदलकर चाँदी हो जाएगा,

31:41.859 --> 31:43.193
और चाँदी बदलकर सोना!

31:45.029 --> 31:47.865
भाई, आज मेरी ज़िंदगी का सबसे अच्छा दिन है।

31:50.826 --> 31:51.910
तुम्हारे पास एक सिक्का होगा?

31:51.994 --> 31:54.455
नहीं। पिछली बार जब दाँव लगाया था,
तो तुम मेरा घोड़ा हार गए थे।

31:54.538 --> 31:56.206
-भाई।
-ऑज़।

31:56.290 --> 31:57.916
साँप भूखे हैं।

31:58.000 --> 32:00.836
-अपनी बाज़ी लगाओ।
-अगर हमने नहीं लगाई तो सब जान जाएँगे।

32:00.919 --> 32:02.713
शुक्रिया, भाई। मैं यह रकम दोगुनी कर दूँगा।

32:02.796 --> 32:04.298
अब अपनी-अपनी बोली लगाओ!

32:04.381 --> 32:06.091
मुझे वह वापस नहीं मिलने वाला, है न?

32:06.634 --> 32:07.885
बिल्कुल नहीं।

32:07.968 --> 32:09.970
अपनी आख़िरी बोली लगाओ।

32:10.054 --> 32:12.181
और ज़रा दूरी बनाकर रखना।

32:13.349 --> 32:14.433
यह वही है।

32:15.184 --> 32:17.102
साँप को छोड़ दो।

32:24.151 --> 32:24.985
हाँ!

32:25.069 --> 32:26.779
हाँ, चलो भी।

32:28.155 --> 32:30.282
-नहीं!
-नहीं!

32:34.703 --> 32:35.954
शायद तुम सही थे, यूराया।

32:36.038 --> 32:37.164
मैं शायद कुंद बुद्धि हूँ।

32:40.084 --> 32:41.919
मैं भी इस पर बोली लगाता।

32:42.002 --> 32:43.128
तुम नहीं लगाते।

32:48.842 --> 32:52.596
तलवारों के रचयिता। हम
बहुत दूर से तुम्हें यहाँ ढूँढते आए हैं।

32:53.931 --> 32:55.182
ऐसी बात है?

32:57.476 --> 32:58.727
आप हमारी मदद कर सकते हैं।

32:58.811 --> 33:02.147
हमने सुना है कि तुम साँपों से ज़्यादा
धातुओं का कौशल रखते हो।

33:03.440 --> 33:05.901
तुम्हें यकीन है
कि यह बातचीत तुम्हें महँगी नहीं पड़ेगी?

33:06.902 --> 33:09.238
हम तुम्हें उसका दोगुना दाम देंगे
जो फिलिस्तीनियों ने

33:09.321 --> 33:11.031
दैत्य की तलवार के लिए दिया था।

33:11.115 --> 33:12.533
वह बेहद शानदार तलवार थी।

33:13.534 --> 33:14.743
उस जैसी कोई तलवार नहीं है।

33:15.994 --> 33:17.079
यह तो सच है।

33:17.913 --> 33:18.872
मेरे साथ चलो।

33:58.120 --> 33:59.997
आओ। तुम आओ। और करीब।

34:17.931 --> 34:18.766
लोहा।

34:19.558 --> 34:21.935
इसका नाम ही मज़बूती
और ताक़त का प्रतीक होता है।

34:23.187 --> 34:24.897
यह कांस्य से इतनी ज़्यादा मज़बूत कैसे हो?

34:25.564 --> 34:26.732
कौशल की वजह से।

34:27.691 --> 34:30.944
ताप की मात्रा ज़्यादा होने से
धातु ज़्यादा मज़बूत बनती है।

34:34.406 --> 34:35.949
अगर ऐसी सैकड़ों तलवारें बना रहे हो,

34:36.033 --> 34:38.243
तो मेरे अंदाज़े से
बहुत ईंधन की ज़रूरत होगी।

34:39.328 --> 34:40.162
चारकोल।

34:42.581 --> 34:45.083
फिलिस्तीनी अनेक देवताओं की पूजा करते हैं।

34:46.043 --> 34:47.961
हमारे लोग केवल एक ईश्वर को पूजते हैं।

34:49.713 --> 34:51.507
लेकिन मैं केवल इसकी पूजा करता हूँ।

34:51.965 --> 34:54.343
यही किसी इंसान की
तक़दीर का फ़ैसला करती है।

34:59.556 --> 35:01.558
मैं चाहता हूँ तुम हमारे साथ गिबियाह चलो।

35:02.017 --> 35:05.562
हमें हज़ारों की तादाद में
ऐसी तलवारें बनाना सिखाओ।

35:06.688 --> 35:08.440
मैं पहले ही फिलिस्तीनियों से बचकर आया,

35:08.524 --> 35:11.527
क्योंकि मुझे उनकी
कालकोठरी में कैद होने का शौक नहीं था।

35:12.528 --> 35:15.072
तुम्हें लगता है
मैं तुम्हारी क़ैद में बंद होना चाहूँगा?

35:15.864 --> 35:18.242
चूँकि मैं जानता हूँ तुम सिर्फ़
इस तलवार की परवाह नहीं करते।

35:21.703 --> 35:22.746
तुम्हारी बेटी।

35:24.373 --> 35:26.124
मुझे पता है कि वह एक एदोमी ग़ुलाम है।

35:27.209 --> 35:28.418
मैं उसका नाम जानता हूँ।

35:30.629 --> 35:32.339
बातशेबा।

35:33.423 --> 35:36.260
तुम्हारे कर्ज़ के बदले
वह तुमसे छीन ली गई थी।

35:37.845 --> 35:39.388
मैं जानता हूँ वह कहाँ मिलेगी।

35:41.515 --> 35:43.100
हमारे साथ गिबियाह चलो।

35:44.977 --> 35:47.145
हमें ऐसे हथियार बनाना सिखाओ।

35:49.189 --> 35:51.024
और तुम फिर से उसकी सूरत देख पाओगे।

36:01.243 --> 36:02.160
नहीं।

36:03.871 --> 36:04.913
मैं कर लूँगा।

36:18.844 --> 36:20.012
घात लगाकर हमला!

36:20.095 --> 36:21.179
संभलकर!

37:01.345 --> 37:02.179
योआब।

37:02.262 --> 37:04.723
तुम आबनर के साथ सफ़र पर नहीं गए?

37:05.349 --> 37:06.683
उन्होंने रुकने का हुक्म दिया।

37:09.061 --> 37:13.315
आजकल आबनर और मेरे बीच
थोड़ी अनबन चल रही है।

37:14.983 --> 37:17.569
और मैंने यह भी सुना
कि आप सबको पढ़ना सिखा रही हैं।

37:18.028 --> 37:20.656
पर तुम्हें तो पहले से पढ़ना आता है।

37:21.990 --> 37:23.033
आप सही कह रही हैं।

37:24.534 --> 37:26.536
शायद मेरा यहाँ आना फ़िज़ूल हो गया।

37:33.794 --> 37:34.920
आपको क्या बात सता रही है?

37:37.673 --> 37:38.674
क्या मतलब है?

37:41.385 --> 37:42.386
कुछ नहीं।

37:43.053 --> 37:44.346
नहीं, तुम्हारा मतलब क्या था?

37:45.722 --> 37:48.016
माफ़ कीजिए, राजकुमारी, पर…

37:49.810 --> 37:50.769
आपके हाथ।

37:52.646 --> 37:55.190
मैंने ग़ौर किया है
कि चिंतित होने पर आप ऐसा करती हैं।

38:00.237 --> 38:03.699
क्या तुम लोगों की हर
छोटी-छोटी हरकत पर ग़ौर करते हो?

38:04.992 --> 38:06.576
केवल खास लोगों की।

38:10.122 --> 38:12.290
बात डेविड से जुड़ी है।

38:13.542 --> 38:15.669
वह जब भी कहीं जाता है मुझे चिंता होती है।

38:17.838 --> 38:20.924
आपको एहसास तो होगा ही
कि उसकी शादी आपकी बहन से होने वाली है।

38:21.508 --> 38:23.844
उनकी शादी की तारीख़ तय हो गई है, है न?

38:24.970 --> 38:25.971
मैं ख़ुद को रोक नहीं पाती।

38:29.516 --> 38:30.934
मैं उसे तहेदिल से चाहती हूँ।

38:32.477 --> 38:34.187
मुझे डर है कि हमेशा चाहती रहूँगी।

38:37.315 --> 38:40.527
योआब, क्या तुम मेरे लिए कुछ कर सकते हो?

38:40.986 --> 38:42.070
कुछ भी कर सकता हूँ।

38:43.572 --> 38:44.573
उसकी हिफ़ाज़त करना।

38:48.285 --> 38:49.786
मैं पहले से ही करता हूँ।

39:17.022 --> 39:18.106
केज़िया।

39:18.565 --> 39:20.734
डोएग। तुम्हें यहाँ नहीं होना चाहिए।

39:20.817 --> 39:22.611
तुम्हारा मतलब सेवकों के कमरे में?

39:23.195 --> 39:24.404
हम सभी किसी न किसी के सेवक हैं।

39:25.238 --> 39:27.657
हम दोनों ही मौके की तलाश में हैं।

39:31.244 --> 39:32.412
तबियत ठीक नहीं है।

39:33.789 --> 39:35.207
किसी पहरेदार को बुला दूँ?

39:36.833 --> 39:41.630
नहीं। मुझे यह जानना है कि राजा ने
ख़ुद को श्राप से कैसे मुक्त किया था।

39:41.713 --> 39:43.840
और मुझे यह कैसे पता होगा?

39:44.341 --> 39:48.553
इस महल में ऐसा कोई राज़ नहीं है
जो मेरे कानों तक नहीं पहुँचता।

39:51.181 --> 39:52.265
तुम्हारी मदद नहीं कर सकती।

39:52.349 --> 39:55.060
नहीं कर सकतीं?
नहीं कर सकतीं या नहीं करना चाहतीं?

39:56.186 --> 39:59.606
क्या मुझे तुम्हें याद दिलाना होगा
कि मैं ही तुम्हें यहाँ लेकर आया था?

39:59.689 --> 40:01.775
मैंने तुम्हें बचाया था, केज़िया।

40:01.858 --> 40:03.735
मैंने ख़ुद को बचाया था।

40:05.904 --> 40:09.616
डोएग, मैं तुमसे
कोई वास्ता नहीं रखना चाहती।

40:12.035 --> 40:15.330
तो शायद मुझे राजा को उन अफ़वाहों
के बारे में बताना चाहिए जो मैंने सुनी हैं।

40:15.413 --> 40:20.001
शायद मुझे उनसे बात करके
तुम्हारा सिर कलम करवा देना चाहिए।

40:20.919 --> 40:23.672
मैं अब तुम्हारे क़ाबू में
नहीं आने वाली, डोएग।

40:24.464 --> 40:27.759
अब तुम्हारी ज़िंदगी मेरे इशारों पर चलेगी।

40:30.720 --> 40:32.222
तुम्हें शर्म आनी चाहिए।

40:44.359 --> 40:45.735
हे भगवान।

40:58.832 --> 41:00.417
घुटने टेको, इज़राइलियो!

41:05.881 --> 41:06.965
मुझे छोड़ो!

41:07.966 --> 41:09.676
मैं इंसान नहीं,
ईश्वर के आगे घुटने टेकता हूँ।

41:20.979 --> 41:21.938
कोई इंसान नहीं।

41:22.981 --> 41:24.232
एल की पुजारिन के आगे,

41:25.192 --> 41:28.945
बाल की उप पत्नी, आशेराह की बहन।

41:29.988 --> 41:33.783
तुम एनडोर की डायन के आगे घुटने टेकोगे।

41:45.712 --> 41:48.757
-वह क्या चीज़? वह क्या चीज़… आ रही है?
-ए!

42:05.690 --> 42:09.152
और तुमने कहा था कि तुम कभी घर नहीं लौटोगे।

42:12.864 --> 42:13.907
नमस्ते, माँ।

42:17.869 --> 42:19.079
मुझे बताओ, आबनर,

42:19.955 --> 42:22.791
क्या तुम्हें लगा था इन लोगों के सामने
तुम्हारी इज़्ज़त घट जाएगी?

42:23.792 --> 42:26.795
या शायद ये लोग तुमसे डरने लगते?

42:28.255 --> 42:31.716
मेरे पास तुम्हें मारने की
न जाने कितनी वजह हैं।

42:33.093 --> 42:35.637
हमारे देवताओं को
प्रसाद चढ़ाने से इनकार करना।

42:36.888 --> 42:41.768
राजा के बगल में बैठे रहना जब उसने
जादू-टोने को ग़ैरकानूनी घोषित किया था।

42:42.602 --> 42:45.355
या फिर अपने राजघराने के
पापों को छुपाने के लिए

42:46.815 --> 42:49.484
एनडोर की एक बेटी की हत्या करना।

42:50.986 --> 42:51.945
हाँ।

42:52.487 --> 42:54.656
इनमें से कोई भी चलेगा।

42:57.575 --> 42:58.910
मेरे बेटे से पूछना,

42:59.828 --> 43:03.957
तो वह बताएगा
कि लोग मुझसे असल में इतना डरते क्यों हैं।

43:06.334 --> 43:08.712
मैं मरे लोगों से बात करती हूँ।

43:09.671 --> 43:13.133
वे मुझे कई चीज़ें दिखाते हैं।

43:23.143 --> 43:26.688
मैं तुम्हारे चालबाज़ी के
हथकंडों से डरता नहीं हूँ।

43:28.648 --> 43:30.442
मुझे बताओ, जूडाह के पुत्र…

43:31.985 --> 43:33.862
क्या तुम्हारी अंतरात्मा
आज भी उस मासूम परिवार के

43:33.945 --> 43:36.197
ख़ून से रंगी है
जिसे तुमने बेरहमी से मारा था?

43:37.824 --> 43:39.326
मुझे उनकी चीखें सुनाई दे रही हैं।

43:40.744 --> 43:43.580
वही चीखें जो तुम्हें रात में सताती हैं।

43:57.469 --> 43:59.346
सॉल के पुत्र।

44:00.055 --> 44:02.182
इज़राइल के युवराज।

44:04.351 --> 44:07.270
फिर भी तुम्हारे भविष्य में
झाँकने पर मुझे कुछ नहीं दिख रहा।

44:08.063 --> 44:09.981
एक ज़िंदगी जो समय से पहले ख़त्म हो गई।

44:11.316 --> 44:13.234
तुम्हें कैसा लगता है, राजकुमार,

44:13.318 --> 44:17.864
यह जानकर कि जो ताज तुम्हें पहनना चाहिए
वह किसी और के माथे पर सजेगा?

44:18.448 --> 44:21.242
ताज सिर्फ़ वही इंसान पहनेगा
जो उसके लायक़ होगा।

44:22.619 --> 44:23.953
मेरे लिए इतना ही काफ़ी है।

44:34.464 --> 44:36.091
तुम यहाँ क्या लेकर आए हो, आबनर?

44:38.802 --> 44:39.844
तुम कौन हो?

44:40.720 --> 44:42.055
आप मरे लोगों से बात करती हैं।

44:43.098 --> 44:44.808
मैं उनके रचयिता से।

44:46.351 --> 44:47.644
और वह मेरे ज़रिए

44:48.645 --> 44:49.562
आपको देख रहे हैं।

44:51.022 --> 44:52.357
मेरा नाम डेविड है।

44:54.943 --> 44:56.736
तुम्हारे अंदर असीम शक्ति है।

44:58.905 --> 45:01.574
फिर भी एक झूठ के कारण तुम कमज़ोर हो गए हो।

45:02.867 --> 45:05.286
जब तुम आख़िरकार सत्य के प्रकाश में जियोगे,

45:06.329 --> 45:11.668
तो उस डायन या राजा की ख़ैर नहीं होगी
जो तुम्हारे रास्ते में खड़ा होगा।

45:14.212 --> 45:17.006
तुम्हारी शक्ति तुम्हारे
आसपास के लोगों को तोड़ देगी।

45:18.007 --> 45:21.553
और तुम्हारा वंश
कभी शांति से नहीं जी पाएगा।

45:25.223 --> 45:26.641
इन्हें जाने दो। इन सबको।

45:27.225 --> 45:29.853
मैं अपने हाथ
इनके ख़ून से नहीं रंगना चाहती।

45:38.027 --> 45:39.821
लेकिन एक और बात सुन लो, आबनर।

45:42.365 --> 45:45.869
जल्द ही, सॉल वंश की हार होगी।

45:46.703 --> 45:48.246
बाहरी ताक़तों की वजह से नहीं।

45:49.747 --> 45:52.208
कोई घर का भेदी ही उसकी तबाही लाएगा।

45:53.293 --> 45:56.337
और तुम सिर्फ़ बेबस होकर देखते रहोगे,

45:57.422 --> 46:00.592
अपनी आख़िरी साँसें लेते हुए।

46:12.687 --> 46:14.314
गाथ शहर
फ़िलिस्तीन राज्य

46:25.450 --> 46:26.659
बेहद अद्भुत है।

46:27.202 --> 46:29.954
ऐसे हथियारों वाली सेना
हिब्रू को कुचल डालेगी।

46:30.371 --> 46:32.957
हम सीमा पर स्थित गाँवों के पार कूच करेंगे,

46:33.041 --> 46:35.293
और फिर हम इज़राइल के टुकड़े करेंगे।

46:35.710 --> 46:38.713
अभी से जंग की लूट का
बँटवारा करने लगे, अकीश?

46:39.214 --> 46:41.591
जैसे कुत्ता अपनी उल्टी पर लौट आता है,

46:42.634 --> 46:45.178
वैसे ही मूर्ख अपनी मूर्खता दोहराता है।

46:47.639 --> 46:52.018
पूरा फिलिस्तिया आज भी तुम्हारे पिछली
जीत के वादे का ख़ामियाज़ा भुगत रहा है।

46:53.144 --> 46:54.562
उसके बाद दैत्य आए।

46:55.396 --> 46:57.857
अब तुम्हें और तलवारें चाहिए।

46:58.608 --> 47:00.193
और वे भी हज़ारों की तादाद में।

47:01.694 --> 47:03.404
जिनका खर्चा मैं उठाऊँगा।

47:03.488 --> 47:05.156
हम मिलकर खर्चा उठाएँगे।

47:06.991 --> 47:09.869
वैसे इसमें कितना समय और चाँदी लगेगी?

47:10.453 --> 47:12.163
जितना अरसा लगे और जितने की ज़रूरत हो।

47:14.499 --> 47:18.211
मैं अपने ख़ुद के हथियार गढ़ने वाले
खोज लूँगा और अपनी जंग ख़ुद लड़ लूँगा।

47:20.672 --> 47:21.673
शायद तुम्हारे खिलाफ़।

47:25.385 --> 47:26.469
इस तोहफ़े के लिए शुक्रिया।

47:26.553 --> 47:28.263
पर मैं मूर्ख नहीं हूँ।

47:28.930 --> 47:32.183
नहीं, तुम एक महान और बुद्धिमान राजा हो।

47:36.896 --> 47:38.398
जिसका समय ख़त्म हो चुका है।

47:47.907 --> 47:48.825
डेगानॉर!

47:55.957 --> 47:57.375
अब, नौजवान राजकुमार,

47:57.458 --> 47:59.961
क्या तुम भी अपने पिता जैसा अंत चाहते हो?

48:02.880 --> 48:05.717
या फिर राजाओं की
एक नई पीढ़ी में शामिल होगे?

48:09.929 --> 48:12.140
मैं शामिल होना चाहता हूँ।

48:13.433 --> 48:14.434
बहुत ख़ूब।

48:15.310 --> 48:17.186
तो तुम्हें तुम्हारे पिता का तख़्त मिलेगा।

48:18.646 --> 48:20.898
और इज़राइल का एक-तिहाई हिस्सा।

48:33.745 --> 48:35.455
राजा हनून की जय हो।

48:36.039 --> 48:37.999
राजा हनून की जय हो।

48:45.465 --> 48:47.425
फिर कभी मेरी तौहीन मत करना।

48:48.217 --> 48:49.469
हम दोनों ही राजा हैं।

48:50.428 --> 48:52.055
मैंने तो बस रास्ते से एक रोड़ा हटाया।

48:52.972 --> 48:54.766
वह फिलिस्तिया का राजा था।

48:55.183 --> 48:56.768
और अब वह कुछ नहीं रहा।

48:59.354 --> 49:01.564
चलो भी, अकीश, तुम बहुत ज़्यादा सोचते हो।

49:36.849 --> 49:37.892
एक बात जान लो,

49:38.643 --> 49:41.437
अगर मेरी बेटी के बारे में
झूठ बोल रहे हो, तो मैं तुम्हें,

49:42.105 --> 49:44.357
तुम्हारी माँ
और तुम्हारे आदमियों को मार डालूँगा।

49:46.192 --> 49:49.737
और बस तुम्हें तंग करने के लिए
एक हज़ार फिलिस्तीनी तलवारें बनाऊँगा।

49:52.115 --> 49:53.991
तुमसे जो वादा किया गया था, वह पूरा होगा।

49:55.702 --> 49:57.787
सैनिको, मेरी बात सुनो।

50:00.206 --> 50:04.544
उस डायन ने जो कुछ भी कहा
वह तुम्हें बेचैन करने के लिए कहा था,

50:05.712 --> 50:08.256
इज़राइल में अविश्वास
और अराजकता के बीज बोने के लिए।

50:10.425 --> 50:12.301
उसकी बातें किसी के सामने मत दोहराना।

50:21.185 --> 50:22.395
हमें बात करनी चाहिए।

50:23.563 --> 50:24.689
बोलो।

50:24.772 --> 50:26.649
तुम बेवकूफ़ों जैसा बर्ताव करना
कब बंद करोगे?

50:28.276 --> 50:30.403
हमारे भाई को भविष्यवक्ता ने चुना है।

50:31.821 --> 50:34.532
उसने बार-बार युद्ध में
ख़ुद को साबित किया है।

50:35.283 --> 50:39.454
और न जाने कैसे, कल रात
उस डायन से हम सबकी जान भी बचाई।

50:39.537 --> 50:42.582
हमारा भाई ख़ुद के लिए
और हमारे बाकी परिवार के लिए एक ख़तरा है।

50:42.665 --> 50:46.335
नहीं, एलिअब। तुम्हें डेविड से
दिक्कत नहीं है। ख़ुद से दिक्कत है।

50:48.588 --> 50:49.630
अपनी आँखें खोलो।

50:50.882 --> 50:53.134
तो, तुम अब हमारे परिवार के नायक नहीं रहे।

50:54.844 --> 50:55.678
दुख की बात है।

50:58.014 --> 50:59.932
तुम्हें पता है डेविड को नायक किसने बनाया?

51:01.434 --> 51:02.351
ईश्वर ने।

51:10.777 --> 51:11.819
यह ईश्वर निंदा है।

51:11.903 --> 51:14.405
यह विचार पालना कि वह हमारा भाग्य जानती है।

51:15.615 --> 51:17.533
फिर भी वह तुम्हारा सच देख पा रही थी…

51:21.704 --> 51:24.874
मैं मानता हूँ,
मुझे अपने भविष्य की चिंता है।

51:25.500 --> 51:28.836
जोनाथन, हममें से कोई यकीन से
नहीं कह सकता कि आगे क्या होगा।

51:30.546 --> 51:32.340
लेकिन उसकी एक बात सही थी।

51:33.716 --> 51:35.468
हमें अपने सत्य में जीना होगा।

51:37.804 --> 51:41.057
और इसका मतलब है
कि हर नए दिन के प्रकाश का आनंद लेना।

51:43.476 --> 51:45.603
ईश्वर हमें दूसरे का वादा नहीं देते।

51:47.897 --> 51:51.150
और इतने लंबे अंधकार के बाद…

51:55.905 --> 51:57.448
मैं रोशनी की ओर जाऊँगा।

52:03.704 --> 52:05.206
और अगर वहाँ मुझे प्यार मिलता है,

52:06.749 --> 52:09.377
तो जब तक मौका है मैं उसे गले लगाऊँगा।

52:09.919 --> 52:11.003
जोनाथन।

52:12.004 --> 52:13.172
तुम यहाँ क्या कर रहे हो?

52:48.583 --> 52:50.251
अब हम क्या करेंगे?

52:54.547 --> 52:55.715
महाराज।

52:56.549 --> 52:57.466
डेविड।

52:59.468 --> 53:01.012
क्या तुम लोग मुहिम में कामयाब हुए?

53:01.596 --> 53:04.640
-तलवारों के रचयिता को लेकर लौटे हो?
-जी, हाँ।

53:06.350 --> 53:08.561
पर उससे पहले, मुझे आपसे
किसी और मसले पर बात करनी है।

53:09.478 --> 53:10.563
बोलो।

53:11.856 --> 53:12.857
मैं नहीं कर…

53:19.447 --> 53:21.908
मैं मीराब से शादी नहीं करूँगा।

53:24.785 --> 53:27.997
मैं आपके हुक्म की तौहीन
नहीं करना चाहता, पर मैं सच जानता हूँ।

53:30.082 --> 53:34.045
अगर हम दोनों सच में एक-दूसरे से
प्यार करते, तो मैं आपका हुक्म मान लेता।

53:35.588 --> 53:39.050
पर मेरा दिल जानता है
कि हम साथ नहीं हो सकते।

53:41.761 --> 53:44.722
और अगर आप नहीं चाहते कि मीखाल से
मेरा रिश्ता हो, तो कोई बात नहीं।

53:47.808 --> 53:52.772
आख़िरकार, मेरी क्या हैसियत है
कि मैं राजा का दामाद बनूँ।

53:53.606 --> 53:55.441
तुम क्या कह रहे हो, डेविड?

53:57.526 --> 53:58.611
तुम मेरी…

54:00.863 --> 54:02.365
बात को ठुकरा रहे हो?

54:05.910 --> 54:07.411
मैं सच में जीने की कोशिश कर रहा हूँ।

54:12.500 --> 54:13.960
महाराज सदा सलामत रहें।

54:17.505 --> 54:18.506
डेविड!

54:27.014 --> 54:28.265
जेसी के बेटे।

54:34.855 --> 54:38.359
फ़ैसलों का नतीजा भुगतना पड़ता है।

54:40.903 --> 54:42.113
झूठ के भी।

54:43.572 --> 54:45.825
एक इंसान की किस्मत परमेश्वर तय करते हैं।

54:48.536 --> 54:49.620
जो करना चाहें, कीजिए।

56:47.863 --> 56:49.865
संवाद अनुवादक श्रुति शुक्ला
