WEBVTT

00:12.280 --> 00:13.720
[गाड़ियों की आवाज़ें]

00:13.800 --> 00:14.640
[आदमी की आवाज़] चाचा।

00:15.600 --> 00:17.240
जिसका कोई नहीं होता,

00:17.760 --> 00:19.640
उसका कोई नहीं होता।

00:19.720 --> 00:21.079
सिर्फ़ वकील होता है उसका।

00:22.040 --> 00:23.360
आप बात को समझिए।

00:24.120 --> 00:26.080
आपका देखिए दीवानी का केस है।

00:27.000 --> 00:29.320
कम से कम… कुछ नहीं तो,

00:30.120 --> 00:32.720
पाँच से छह साल लगेंगे सुलटने में।

00:32.800 --> 00:33.960
-छह साल?
-जी।

00:35.720 --> 00:38.520
हमारे 15,000 तो
रिक्शा के किराये में ही चले जाएँगे।

00:38.600 --> 00:41.520
देखिए… मैं तो एक मामूली सा वकील हूँ।

00:41.600 --> 00:43.480
बाकी सब तो ऊपर वाले के हाथ में है।

00:44.760 --> 00:47.640
[नोट गिरने की आवाज़]

00:50.440 --> 00:52.280
सही कहते हैं!

00:52.360 --> 00:55.360
ऊपर वाले के हाथ में बहुत सारा है।

00:56.720 --> 00:57.880
[बंदर के खिसियाने की आवाज़]

01:00.640 --> 01:03.640
ओ चीमा! चीमा, यह रहा कमीना!

01:03.720 --> 01:04.720
खच्चरों!

01:04.800 --> 01:07.440
ओ मेरे पैसे, खच्चरों, कोई हाथ नहीं लगाएगा!

01:07.520 --> 01:09.800
तो फिर उठाएँगे कैसे?

01:09.879 --> 01:12.600
अबे तू तो वकील है! तू तो रूक जा, हरामी!

01:12.680 --> 01:13.800
अपने सीनियर को संभाल!

01:14.440 --> 01:16.640
माथुर साहब, क्या करने में लगे हो?

01:16.720 --> 01:18.600
नहीं, नहीं, चीमा, तेरे लिए ही बीन रहा था!

01:18.680 --> 01:20.160
मेरी कार की डाउनपेमेंट थी यह!

01:20.240 --> 01:21.480
मेरी तो नई मोटरसाइकिल पक्की हो गई।

01:21.560 --> 01:24.120
ऐ खच्चरों! बिरादरी में ही डाका डाल रहे हो!

01:25.440 --> 01:26.960
पंद्रह चाहिए थे।

01:27.040 --> 01:29.120
अठारह से ज़्यादा मिल गए हैं।

01:29.200 --> 01:31.600
शर्म कर, साले! शर्म कर!

01:31.680 --> 01:33.760
लोग भगवान का रूप मानते हैं तेरे को।

01:34.640 --> 01:36.200
तूने क्या आफ़त मचा रखी है!

01:38.720 --> 01:40.160
[बंदर की आवाज़]

01:41.400 --> 01:45.280
जनाब, एक होता है जी, लप्पड़,
फिर होता है जी, थप्पड़।

01:45.360 --> 01:49.040
उसके ऊपर होता है जी, झापड़,
और सबसे ऊपर होता है जी, कंटाप।

01:49.120 --> 01:50.160
यह नालायक, वही मारता है जी!

01:50.240 --> 01:51.280
यह?

01:51.960 --> 01:54.280
[दीदी] जनाब, आप इसकी भोली सूरत पर मत जाइए।

01:54.360 --> 01:57.800
बहुत चंट है यह। इसे पता है
किस वकील को कैसे रूलाना है।

01:57.880 --> 01:59.480
सिविल के तो यह पैसे छीनता है,

01:59.560 --> 02:02.400
क्रिमिनल के कंटाप लगाता है,
और कॉर्पोरेट के…

02:02.480 --> 02:03.880
उनके मुँह पर थूक देता है।

02:03.960 --> 02:07.720
जनाब, मुझे पूरा यक़ीन है,
यह अदरक का स्वाद भी जानता होगा।

02:07.800 --> 02:08.840
[चीमा] सर, यह अकेला नहीं है।

02:08.920 --> 02:10.960
इसके जैसे नवासी और हैं।

02:11.600 --> 02:12.840
हाँ?

02:12.920 --> 02:13.759
गिने हैं मैंने।

02:13.840 --> 02:17.040
आज कुछ ज़्यादा ही भावुक हो रखे हैं सारे।

02:17.120 --> 02:18.320
भावुक?

02:18.400 --> 02:20.480
ओ जनाब, इस चीमा के पैसे झपट लिए जी।

02:20.560 --> 02:22.000
और यह, अपने गोपाल जी…

02:22.080 --> 02:24.160
यह पिछले हफ़्ते इनके मुँह पर
यह युगांडा बना दिया जी।

02:24.240 --> 02:27.080
यह देखो! और वह कहाँ गए अपने ढोलिया?

02:27.160 --> 02:28.760
दिखा दो, ज़रा जज साहब को अपनी हालत दिखाओ।

02:28.840 --> 02:29.960
[त्यागी] ऐ, ढोलिया!

02:30.040 --> 02:32.000
जज़्बात पर क़ाबू रखो। जज साहब बैठे हैं।

02:33.240 --> 02:34.200
बैंसला सर।

02:35.040 --> 02:37.520
अब ले देके… हमारे पास…

02:38.280 --> 02:39.680
एक ही हल बचा है।

02:42.800 --> 02:45.600
[हास्यपूर्ण संगीत बजता है]

02:48.680 --> 02:49.560
[अँग्रेज़ी में] बढ़िया!

02:51.000 --> 02:51.920
[आदमी] बहुत बढ़िया!

02:52.760 --> 02:55.480
[अँग्रेज़ी में] बढ़िया?
आप इसे "बढ़िया" कहते हैं?

02:55.560 --> 02:58.880
यह बढ़िया नहीं है। यह अवमानना है।

03:00.040 --> 03:00.960
अवमानना है।

03:01.040 --> 03:02.920
चीफ़ जज के सामने।

03:03.000 --> 03:04.760
कैसा अशोभनीय प्रस्ताव है!

03:05.600 --> 03:09.240
हिम्मत कैसे हुई आपकी
एक इंसान को बंदर बना कर लाने की?

03:09.320 --> 03:11.440
सर, यह बंदर नहीं है। सर, यह लंगूर है।

03:11.520 --> 03:14.640
सर, यह प्राकृतिक तथ्य है कि बंदर जो है
वह लंगूर को देख कर बहुत डरता है।

03:14.720 --> 03:17.560
शंभू, सर को लंगूर की आवाज़
निकाल कर दिखाओ। चलो।

03:18.480 --> 03:22.320
[लंगूर जैसी आवाज़ निकाल रहा है]

03:26.680 --> 03:29.320
ऐ! श… शंभू! बस!

03:29.400 --> 03:32.520
सर, अभी थोड़ा कच्चा है,
लेकिन बंदरों के सामने पूरी नकल उतारता है।

03:32.600 --> 03:36.000
सर, यह सुझाव जो है,
सर, टिकाऊ भी है, और स्वदेशी भी है।

03:36.080 --> 03:38.720
दिल्ली मॉडल, सर।
संसद से लेकर राष्ट्रपति भवन तक

03:38.800 --> 03:40.400
-ट्रायल रन पर है…
-चुप हो जाओ!

03:41.600 --> 03:45.320
आपको लगता है चीफ़ जज इसकी स्वीकृति देंगे?

03:46.680 --> 03:47.840
बिल्कुल नहीं, घोष साहब।

03:47.920 --> 03:50.240
नहीं करेंगे तो फिर, क्या करेंगे?

03:51.120 --> 03:52.360
विश्वास…

03:53.040 --> 03:54.960
-[अँग्रेज़ी में] कुछ और ढूँढ़ो।
-[अँग्रेज़ी में] जी, सर।

03:56.520 --> 04:00.320
सर, छह महीने पहले आपने टेंडर निकाला था
कि इन सब को जंगल में छोड़ कर आओ।

04:00.400 --> 04:02.640
[त्यागी] महीने भर में यह सब
वापस लौट आए परिसर में।

04:02.720 --> 04:04.400
फिर आपने गुलेल सैंक्शन किया।

04:04.480 --> 04:05.360
कुछ नहीं हुआ।

04:05.440 --> 04:07.680
सर, तीन महीने से परिसर में इन लोगों ने,

04:07.760 --> 04:09.960
नाक में दम कर के रखा है!

04:10.040 --> 04:12.040
अब मैं क्या बताऊँ कि…

04:12.120 --> 04:15.120
मेरे चैंबर में हर वकील रोते रोते आता है।

04:15.200 --> 04:18.080
और रोता हुआ वकील बहुत गंदा लगता है।

04:19.280 --> 04:21.120
सर, यह मंजूर नहीं है।

04:22.240 --> 04:25.480
माफ़ी चाहूँगा, अगर कोई हल नहीं निकला,

04:28.800 --> 04:29.960
तो हड़ताल रहेगी!

04:42.880 --> 04:45.240
मामला लीगल है

04:45.320 --> 04:48.720
मान-सम्मान

04:49.280 --> 04:50.560
[फ़ोन की घंटी बजने की आवाज़]

04:50.640 --> 04:51.520
[आदमी की आवाज़] हैलो!

04:52.640 --> 04:54.360
मालकिन ही की गाड़ी में हैं।

04:54.440 --> 04:56.520
कचहरी ले जा रही हैं।

04:56.600 --> 04:58.080
वहाँ से हमें मिल जाएगा।

04:58.160 --> 04:59.800
जी, क्या मिल जाएगा, मैडम जी?

04:59.880 --> 05:02.720
स्टे। फिर बैंक आपकी फसल नहीं काट पाएगा।

05:02.800 --> 05:05.680
जान लिया? बैंक फसल नहीं काट पाएगा।

05:06.560 --> 05:07.680
क्या?

05:07.760 --> 05:09.840
हार्वेस्टर चालू कर दिया है?

05:09.920 --> 05:14.200
दीदी को बोलो, उन्हें दो-तीन घंटे
इंतज़ार कराएँ। हम स्टे ले लेंगे। स्टे बोलो।

05:14.840 --> 05:18.000
कह रही है, "हमें स्टे नहीं चाहिए।
हमें फसल चाहिए।"

05:18.080 --> 05:20.760
दीदी, स्टे लेंगे। तभी तो
वह आपका धान नहीं काट पाएँगे।

05:20.840 --> 05:23.440
-धान नहीं, गेहूँ।
-धान, गेहूँ सेम नहीं होता।

05:23.520 --> 05:24.760
"सेम" तो सब्ज़ी होती है।

05:28.840 --> 05:32.880
मैडम जी, हम क्या कह रहे हैं।
उन्हें कुछ खिला पिला कर सिलटा लेते हैं।

05:32.960 --> 05:35.880
अरे, हम क्यों खिलाएँगे?
जुरिस्प्रूडन्स हमारे साथ है!

05:36.440 --> 05:37.360
जु…

05:38.480 --> 05:39.480
अच्छा!

05:39.560 --> 05:42.560
-[आदमी अँग्रेज़ी में] बंदर…
-[भीड़ अँग्रेज़ी में] वापस जाओ!

05:42.640 --> 05:44.200
[चीमा] बंदर से आज़ादी तक…

05:44.280 --> 05:45.680
-जंग रहेगी, जंग रहेगी!
-[आदमी] ओ मैडम!

05:45.760 --> 05:49.200
[फसल वाला आदमी] क्या हो रहा है?
"बंदर, वापस जाओ" बोल रहा है।

05:50.240 --> 05:51.800
कोई गाड़ी नहीं जाएगी अंदर!

05:51.880 --> 05:55.400
सर, प्लीज़ रास्ता दीजिए। मुझे अंदर जाना है।
बहुत ज़रूरी मामला है।

05:55.480 --> 05:57.120
आज कोई मामला नहीं लेगा, मैडम!

05:57.200 --> 05:59.160
आज हड़ताल है! हड़ताल…!

05:59.640 --> 06:01.360
-[आदमी] हमारी माँगें पूरी करो!
-क्या हड़ताल! सर…

06:01.440 --> 06:03.760
-[आदमी] हमारी माँगें पूरी करो!
-अगर आपको हड़ताल करनी है तो आप कीजिए!

06:03.840 --> 06:04.960
आप औरों को कैसे रोक सकते हैं?

06:05.040 --> 06:09.640
सर, सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट आदेश है
कि यह गैरकानूनी है।

06:09.720 --> 06:11.280
-सर!
-[भीड़] हमारी माँगें पूरी करो!

06:11.360 --> 06:12.880
-[आदमी] बंदर से आज़ादी तक…
-मैडम।

06:12.960 --> 06:16.080
यह जूडिस-पुडुसु साहब कब आएँगे?

06:16.160 --> 06:19.040
-[भीड़] जंग रहेगी! जंग रहेगी!
-[आदमी] हमारी माँगें पूरी करो!

06:19.120 --> 06:21.400
[बैंसला अँग्रेज़ी में] पूरे सम्मान
के साथ, सर…

06:21.480 --> 06:24.160
बार और बेंच के बीच पूरा तालमेल है।

06:24.240 --> 06:26.560
[आदमी अँग्रेज़ी में] फिर आपके कोर्ट
में यह हड़ताल क्यों हो रही है?

06:26.640 --> 06:29.960
[अँग्रेज़ी में] सब नियंत्रण में है,
सर। निश्चिन्त रहिए।

06:30.040 --> 06:31.360
यह जल्द ही ख़त्म हो जाएगा।

06:32.400 --> 06:33.920
मैं इसी पर काम कर रही हूँ, सर।

06:34.000 --> 06:36.720
ऐसी हड़ताल आपके शानदार करियर
पर दाग़ लगा सकती हैं।

06:36.800 --> 06:38.520
बैंसला, इस पर नज़र रखिए।

06:38.600 --> 06:39.560
[बैंसला] जी, जज साहब।

06:39.640 --> 06:40.840
[बैंसला अँग्रेज़ी में] दरअसल,

06:41.880 --> 06:43.960
मेरा पूरा ध्यान इसी पर है।

06:44.040 --> 06:45.880
-[फ़ोन पर आदमी] सुलझाओ इसे।
-[बैंसला] ठीक है, सर।

06:45.960 --> 06:47.120
[फ़ोन रखने की आवाज़]

06:47.720 --> 06:50.480
-यह क्या है, विश्वास?
-यह रेवाड़ी मॉडल है, सर।

06:52.560 --> 06:53.640
ऊँह!

06:54.640 --> 06:56.400
जनाब, मुझे तो टट्टी लग रही है।

06:57.200 --> 06:59.040
रेवाड़ी मॉडल टट्टी है, सर।

06:59.120 --> 06:59.960
शेर की।

07:00.960 --> 07:03.600
इंसानों की तरह, बंदर भी जो हैं,
वे शेर से बहुत डरते हैं।

07:04.400 --> 07:06.160
रेवाड़ी के किसान बहुत होशियार हैं।

07:06.640 --> 07:09.800
उन्होंने बंदरों को भगाने के लिए अपने खेतों
में हर जगह शेर की टट्टी फैला दी।

07:09.880 --> 07:11.080
और उस शेर की टट्टी की बदबू से…

07:11.160 --> 07:13.920
[अँग्रेज़ी में] क्या तुम मेरे चैंबर में
यह शब्द इस्तेमाल करना बंद करोगे, प्लीज़!

07:14.000 --> 07:15.760
[अँग्रेज़ी में] उनका कहना बिल्कुल सही है।

07:15.840 --> 07:18.160
कैसी बातें कर रहे हो?

07:18.240 --> 07:19.440
जनाब…

07:20.000 --> 07:21.160
"गू" चलेगा।

07:22.040 --> 07:24.160
-क्या!
-सर।

07:24.240 --> 07:25.240
पॉटी?

07:26.000 --> 07:27.080
लै… लैट्रीन?

07:27.720 --> 07:29.040
स्टूल।

07:29.120 --> 07:30.400
सर, छी-छी कर सकते हैं क्या?

07:31.680 --> 07:34.800
-बच्चे इस्तेमाल करते हैं। कैसी बात…
-एक्सक्रीटा।

07:35.600 --> 07:38.000
[अँग्रेज़ी में] हम एक्सक्रीटा के साथ
आगे बढ़ेंगे, ठीक हैं?

07:38.080 --> 07:39.720
बढ़िया चुनाव, मैडम।
मैं एक्सक्रीटा कर देता हूँ।

07:39.800 --> 07:42.320
मतलब… तो हम शेर की एक्सक्रीटा जो है

07:42.400 --> 07:45.360
वह हम कोर्ट परिसर में फैला देंगे,
उससे बंदर भाग जाएँगे। परेशानी हल!

07:45.440 --> 07:47.760
शेर की एक्सक्रीटा मिली कहाँ?

07:47.840 --> 07:49.280
मैडम, यह तो दिल्ली चिड़ियाघर से मँगवाई है।

07:49.360 --> 07:51.200
दुर्भाग्य से, अब एक ही शेर बचा है वहाँ पर।

07:51.280 --> 07:52.760
तो हमें सिर्फ़ 300 ग्राम मिल पाई है।

07:52.840 --> 07:54.720
-जबकि ज़रूरत हमें 30 किलो की पड़ेगी।
-तीस किलो?

07:54.800 --> 07:57.360
300-300 ग्राम की थैलियाँ
हर जगह टाँगी जाएगी।

07:57.440 --> 08:01.080
आपके ऑफ़िस के बाहर, गलियारे में, फ़ोयर में…

08:01.160 --> 08:03.320
जनाब, वहाँ वकील बैठते हैं।

08:03.400 --> 08:05.480
सर, उन्हें ही तो बचाना है।

08:05.560 --> 08:07.720
[हास्यपूर्ण संगीत बजता है]

08:07.800 --> 08:08.720
जनाब।

08:10.320 --> 08:12.960
यह बदबू सिर्फ़ वकीलों तक नहीं रूकेगी।

08:13.640 --> 08:16.920
वे यही गंद लेकर आपकी अदालत में घुसेंगे।

08:17.000 --> 08:20.400
और आपका "ऑर्डर-ऑर्डर!"
"ओडर-ओडर!" हो जाएगा।

08:21.440 --> 08:23.920
[गंभीरतापूर्ण संगीत बजता है]

08:25.760 --> 08:26.680
विश्वास।

08:28.320 --> 08:29.520
कोई नया मॉडल लाओ।

08:31.200 --> 08:32.120
जी, हाँ।

08:32.200 --> 08:33.080
दीदी!

08:33.960 --> 08:35.360
यह मेरी कामवाली बाई के पति हैं।

08:35.440 --> 08:37.480
बैंक जबरन इनकी फसल काट रहा है और…

08:37.559 --> 08:39.760
वे वकील मुझे जजेस ब्लॉक
में घुसने नहीं दे रहे हैं।

08:39.840 --> 08:42.159
हाँ, सही कर रहे हैं। आज हड़ताल है भई!

08:42.240 --> 08:43.840
चलो, तुम दोनों भी मिल कर पोस्टर बनाओ।

08:44.679 --> 08:46.880
अरे, कमाल हो गया यार, दलील भाई।

08:46.960 --> 08:50.760
दीदी, मेरा पहला केस है।
मेरा नाड़ा कस जाएगा।

08:51.320 --> 08:52.920
अरे, तो तेरे नाड़े के चक्कर में,

08:53.000 --> 08:54.880
पूरी एसोसिएशन अपनी पतलून उतार दे क्या?

08:54.960 --> 08:59.120
अरे! अगर आपको हड़ताल करनी है तो आप कीजिए।
आप दूसरों को मजबूर कैसे कर सकते हैं?

08:59.200 --> 09:00.720
[नारेबाजी की आवाज़]

09:00.800 --> 09:02.880
एनी, तेरी जगह कोई और होता न,

09:02.960 --> 09:05.920
तो ये सारे बाल कूट के न
तेरा सिर नंगा कर देती।

09:06.000 --> 09:07.200
[अँग्रेज़ी में] आपका मतलब क्या है?

09:07.280 --> 09:09.000
[आदमी] इसे बड़ी धमकी दी जा रही है।

09:09.080 --> 09:10.440
हमें भी तो दे सकती थी?

09:11.480 --> 09:12.600
[फसल वाला आदमी] क्या?

09:12.680 --> 09:14.440
एक बीघा काट लिया है?

09:14.520 --> 09:16.160
[फसल वाला आदमी] चार ही बचा है?

09:17.160 --> 09:20.640
दीदी, मैं अंदर जाऊँगी।
जुरिस्प्रूडन्स हमारे साथ है।

09:20.720 --> 09:21.760
[दीदी] हाँ?

09:21.840 --> 09:22.680
दलील!

09:24.440 --> 09:26.480
[अँग्रेज़ी में] ना! मेरे पास मत आना।

09:26.560 --> 09:29.440
[अँग्रेज़ी में] मैं तुमको चुनौती देती हूँ!
पता है क्या? तुमको दोहरी चुनौती देती हूँ।

09:29.520 --> 09:30.400
अरे!

09:32.720 --> 09:35.680
-[फसल वाला आदमी] हमने क्या किया है, भैया?
-[अँग्रेज़ी में] अरे! छोड़ दो उन्हें!

09:35.760 --> 09:37.880
हम तो कचहरी आ भी नहीं रहे थे।

09:37.960 --> 09:40.800
अरे, कानूनी उपाय संवैधानिक अधिकार है!

09:40.880 --> 09:43.560
अरे, मेरी नौकरानी हड़ताल पर चली जाएगी! मैं…

09:44.960 --> 09:46.680
बंदर वापस जाओ

09:46.760 --> 09:48.280
बंदर की आज़ादी तक…

09:48.360 --> 09:50.360
-जंग रहेगी!
-जंग रहेगी!

09:56.320 --> 09:59.120
भैया, तेज़ मत मारना।

09:59.200 --> 10:01.080
हमें दर्द होता है।

10:01.160 --> 10:05.160
सर, दो-तीन चूतियों को छोड़ कर न
सारे वकील हड़ताल पर हैं।

10:05.240 --> 10:07.000
मज़बूत अध्यक्ष की छवि बनी है त्यागी सर की।

10:07.080 --> 10:09.320
ओ मुझे तो झिलमिल से भी
पूरे समर्थन के फ़ोन आ रहे हैं।

10:09.400 --> 10:10.520
फोरे की तो सुलग रही होगी!

10:10.600 --> 10:12.560
-ऑर्डर, यह प्लेकार्ड गलत लिख गया, यार।
-हाँ।

10:12.640 --> 10:13.880
-क्यों?
-देखो।

10:13.960 --> 10:17.120
"बंदर की आज़ादी तक जंग रहेगी, जंग!"

10:17.200 --> 10:19.360
-हाँ, तो इसमें गलत क्या है, भई?
-अरे, इसका मतलब यह हुआ कि

10:19.920 --> 10:22.320
बंदर जब तक आज़ाद नहीं होगा तब तक जंग रहेगी।

10:22.400 --> 10:23.280
नहीं!

10:24.400 --> 10:28.240
"बंदर की आज़ादी तक।" मतलब,
बंदर पहले से ही आज़ाद है।

10:28.320 --> 10:31.200
और जब तक ऐसे आज़ाद रहेगा
तब तक जंग रहेगी, जंग रहेगी।

10:31.280 --> 10:32.600
[अँग्रेज़ी में] अध्यक्ष जी कहाँ हैं?

10:32.680 --> 10:34.480
मैं जल्द से जल्द उनसे मिलना चाहती हूँ।

10:35.720 --> 10:37.960
[अँग्रेज़ी में] त्यागी व्यस्त है।
हड़ताल जारी है।

10:38.800 --> 10:41.560
-[अँग्रेज़ी में] मुझे बताइए? मामला क्या है?
-आप यह हड़ताल अभी ख़त्म कीजिए।

10:41.640 --> 10:43.680
अध्यक्ष ऐसे कैसे हड़ताल शुरू कर सकते हैं।

10:43.760 --> 10:46.400
ओ, वकीलों की हड़ताल एसोसिएशन
का अध्यक्ष शुरू नहीं करेगा,

10:46.480 --> 10:48.840
तो क्या मेरा फूफ़ा करेगा? हँसो।

10:48.920 --> 10:49.960
यहाँ न्याय चल रहा है।

10:50.680 --> 10:53.680
कोई एपिसोड नहीं, कि बीच में रोक दो।

10:53.760 --> 10:55.640
[अँग्रेज़ी में] सर, मेरे मुवक्किल को
तुरंत राहत चाहिए।

10:55.720 --> 10:57.360
मुवक्किल, आपको मुवक्किल मिल गया?

10:57.440 --> 10:58.880
हाँ, आज मिला।

10:58.960 --> 11:00.160
तो हमारी राहत का क्या?

11:00.240 --> 11:02.120
ओ वकीलों का साथ कौन देता है?

11:02.200 --> 11:05.000
बैंक हमें लोन नहीं देता।
मकान मालिक किराए पर घर नहीं देता।

11:05.080 --> 11:08.000
और बाप अपनी बेटी नहीं देता।
और हम सबको राहत दे दें?

11:08.080 --> 11:10.200
लड़की का तो सुना था, लोन भी नहीं मिलेगा?

11:10.280 --> 11:11.720
नहीं मिलेगा?

11:11.800 --> 11:14.120
देखो, बहन जी, न तो हड़ताल बंद होगी

11:14.600 --> 11:16.240
और न ही आप अपना मामला पेश करेंगी।

11:17.640 --> 11:20.560
आप उम्मीद मत छोड़िए।
मैं जजेस ब्लॉक में घुस चुकी हूँ।

11:20.640 --> 11:22.720
अब बस देखिए मैं कैसे हड़ताल ख़त्म कराती हूँ।

11:25.080 --> 11:26.080
क्या है यह?

11:27.080 --> 11:27.960
चाय।

11:30.000 --> 11:31.760
[अँग्रेज़ी में] इस कोर्ट में
आख़िर हो क्या रहा है?

11:32.560 --> 11:34.520
-[आदमी] हाउज़ैट!
-आउट हैं, सर!

11:34.600 --> 11:36.560
आउट हैं, सर! आउट हैं!

11:36.640 --> 11:39.840
एक हाथ से लपकना रखा था।
तूने दोनों हाथ लगाए मैंने ख़ुद देखा है।

11:39.920 --> 11:41.080
सर, ऐसा थोड़े ही न होता है।

11:41.160 --> 11:43.240
अवमानना का आरोप लगा दूँगा। गैर-जमानती।

11:43.320 --> 11:44.800
-चलिए न, सर।
-बॉल कर।

11:46.920 --> 11:50.440
-आउट! सर, आउट हैं।
-आउट!

11:50.520 --> 11:52.600
नहीं, ये पाँच विकेट हैं न।

11:52.680 --> 11:54.680
यह वाली तीन पर आउट है,
यह वाली दो पर नहीं है।

11:54.760 --> 11:58.040
-पाँच के साथ कौन खेलता है, सर?
-अवमानना! गैर-जमानती।

11:58.120 --> 12:00.960
क्या हाल बना दिया है एसोसिएशन ने कोर्ट का?

12:01.840 --> 12:03.040
विश्वास!

12:03.120 --> 12:05.040
मुझे एसोसिएशन के ख़िलाफ़ शिकायत…

12:08.680 --> 12:10.240
डर गई!

12:10.320 --> 12:13.080
अरे, यह तो इमली है! कुतिया है अपनी!

12:13.160 --> 12:14.960
इमली!

12:15.040 --> 12:16.160
यह क्या है, विश्वास?

12:16.240 --> 12:17.640
[विश्वास] कर्नाटक मॉडल।

12:18.280 --> 12:19.920
बंदर जो हैं वे शेरों से बहुत डरते हैं।

12:20.000 --> 12:23.400
कर्नाटक के किसानों ने वहाँ पर
कुत्तों को टाइगर प्रिंट में पेंट कर दिया।

12:24.240 --> 12:25.960
-जीनियस!
-सच में?

12:26.040 --> 12:27.840
हक़ीक़त कल्पना से अजीब होती है।

12:27.920 --> 12:29.880
और ज़मीनी हक़ीक़त
गैर-काल्पनिक से भी अजीब होती है।

12:31.440 --> 12:32.920
[अँग्रेज़ी में] तुम्हें थेरेपी की ज़रूरत है।

12:33.000 --> 12:35.440
तुमने एक कुत्ते को शेर बना दिया है?

12:35.520 --> 12:37.600
मैं तो इंसान को लंगूर बना कर ख़ुश था।

12:38.160 --> 12:39.760
पर उन्हें सुझाव अशोभनीय लग रहा है।

12:39.840 --> 12:41.320
यह तुम्हारा सुझाव था?

12:42.280 --> 12:44.080
अरे… क्या सही सुझाव है, दीदी!

12:44.160 --> 12:47.200
कैंटीन के पीछे दो बंदर सम्भोग कर रहे थे।

12:47.280 --> 12:50.520
हमको ऐसे देख के, बीच में ही जो भागे हैं!

12:50.600 --> 12:52.680
तुम बंदरों का सम्भोग क्यों देख रहे थे?

12:52.760 --> 12:54.200
वह क्या? वह तो मैं भी देख रहा था।

12:54.280 --> 12:56.680
[अँग्रेज़ी में] तुम लोग मुझे पागल कर दोगे!

12:56.760 --> 12:58.160
[अँग्रेज़ी में] विश्वास, सुनो।

12:58.240 --> 13:01.000
-हम्म।
-मुझे बैंसला सर को शिकायत दर्ज करानी है।

13:01.080 --> 13:03.080
यह गैर-कानूनी हड़ताल ख़त्म करानी है। प्लीज़!

13:03.160 --> 13:05.600
देखो, तुम्हारी शिकायत कोर्ट तब मंज़ूर करेगा

13:05.680 --> 13:06.840
जब हड़ताल ख़त्म होगी।

13:06.920 --> 13:10.320
[विश्वास] हड़ताल तब ख़त्म होगी
जब कोर्ट एसोसिएशन की माँग मंज़ूर कर लेगा।

13:10.400 --> 13:14.600
अब जब हड़ताल की सारी माँगें कोर्ट ख़ुद मंज़ूर
करेगा तो उसे क्या गैर-कानूनी घोषित करेगा?

13:14.680 --> 13:16.040
[चुटकी बजाने की आवाज़]

13:16.120 --> 13:17.760
[विश्वास] तो यह हड़ताल
ऐसे तो ख़त्म नहीं होने वाली।

13:18.600 --> 13:21.080
पर तुम्हारे तरीके से भी
ख़त्म नहीं होगी, सही कहा न?

13:21.920 --> 13:25.280
अगर यह सुझाव अशोभनीय है…

13:27.600 --> 13:30.280
शंभू!

13:32.160 --> 13:34.160
तो यह कौन सा शोभनीय है?

13:39.560 --> 13:40.720
[कुत्ते के भौंकने की आवाज़]

13:53.000 --> 13:54.280
वाह!

13:55.320 --> 13:56.400
किस बात का?

13:56.480 --> 13:57.480
क्या शेर है!

13:58.400 --> 13:59.480
मैं समझ गया!

13:59.560 --> 14:02.080
अरे, एनिमल प्रिंट, सर। यह देखिए।

14:02.160 --> 14:06.840
सर, जोली से लेकर कार्दशियन तक, और
जान्ह्वी से लेकर दिशा तक को टाइगर पसंद है।

14:08.080 --> 14:11.640
सॉरी! तो हमारी इमली को
शेर क्यों नहीं पसंद आ सकता, सर?

14:11.720 --> 14:16.040
यह देखिए, सर! आईने में अपने आप को देख कर
ऐसे-ऐसे पूँछ हिला रही थी।

14:16.120 --> 14:19.160
तू मुझे इमली की भावनाएँ क्यों समझा रहा है?

14:19.720 --> 14:21.960
सर, क्योंकि इस बार भी
कोई न कोई अपनी टाँग अड़ाने आ जाएगा।

14:22.480 --> 14:24.600
पशु क्रूरता, पशु अधिकार…

14:24.680 --> 14:27.840
सर, इन मतों के चलते-चलते
यह सुझाव भी ख़ारिज हो जाएगा।

14:27.920 --> 14:29.040
हाँ, सर।

14:29.120 --> 14:31.440
हम इतना सही सुझाव थे, हम ख़ारिज हो गए।

14:32.880 --> 14:35.760
सर, एक बात कहूँ?
बैंसला मैडम, वैसे बड़ी व्यावहारिक हैं।

14:35.840 --> 14:38.200
लेकिन, पता नहीं,
इस बार क्या हो गया है उन्हें?

14:39.120 --> 14:41.640
सर, थोड़ा इस सुझाव को
ज़ोर देने के लिए आपका सहयोग चाहिए।

14:41.720 --> 14:43.520
आप भी तो चाहते हैं न
कि हड़ताल ख़त्म हो जाएँ?

14:46.680 --> 14:49.440
[दीदी] जब तक बंदर आज़ाद रहेगा…

14:49.520 --> 14:51.600
-[भीड़] हमारा काम तमाम रहेगा!
-[भीड़] हमारा काम तमाम रहेगा!

14:51.680 --> 14:53.880
बंदर, तेरी तानाशाही…

14:53.960 --> 14:55.800
-नहीं चलेगी! नहीं चलेगी!
-नहीं चलेगी! नहीं चलेगी!

14:55.880 --> 14:58.080
बंदर, तेरी तानाशाही…

14:58.160 --> 14:59.960
-नहीं चलेगी! नहीं चलेगी!
-नहीं चलेगी! नहीं चलेगी!

15:00.040 --> 15:03.720
मैडम, तीन बीघा काट लिए हैं।

15:03.800 --> 15:06.400
-दो ही बचा है।
-आप हिम्मत मत हारिए।

15:06.480 --> 15:08.480
मैं हड़ताल के ख़िलाफ़ प्रदर्शन शुरू करूँगी।

15:08.560 --> 15:09.440
[नारेबाजी की आवाज़]

15:09.520 --> 15:11.280
सुबह कोशिश की थी आपने

15:11.360 --> 15:12.760
तो हम यहाँ बंद हैं।

15:12.840 --> 15:14.240
अब ईश्वर जाने।

15:14.320 --> 15:17.400
अब कुछ नहीं होगा।
अब मेरे साथ ये सारे वकील हैं।

15:17.480 --> 15:19.560
ये भी हड़ताल के ख़िलाफ़ हैं। ठीक हैं?

15:19.640 --> 15:21.280
ये लोग?

15:21.840 --> 15:24.200
[अँग्रेज़ी में] सब लोग तैयार?
चलो करते हैं। ठीक है?

15:26.400 --> 15:27.920
कोर्ट हड़ताल…

15:28.000 --> 15:29.640
-नहीं चलेगी!
-बंद करो!

15:29.720 --> 15:32.680
-[दीदी] …तानाशाही…
-[भीड़] नहीं चलेगी! नहीं चलेगी!

15:32.760 --> 15:34.320
[दीदी] बंदर, तेरी तानाशाही…

15:34.400 --> 15:35.520
कोर्ट हड़ताल…

15:35.600 --> 15:37.160
-नहीं चलेगी!
-बंद करो!

15:37.240 --> 15:39.280
[अँग्रेज़ी में] "नहीं चलेगी" सही है।
ठीक है?

15:39.360 --> 15:41.280
-कोर्ट हड़ताल…
-नहीं चलेगी!

15:41.360 --> 15:43.320
-कोर्ट हड़ताल…
-नहीं चलेगी!

15:43.400 --> 15:45.240
-कोर्ट हड़ताल…
-नहीं चलेगी!

15:45.320 --> 15:47.240
-एसोसिएशन की माँगें…
-पूरी करो!

15:47.320 --> 15:48.720
-वापस लो!
-वापस लो!

15:48.800 --> 15:50.720
-एसोसिएशन की माँगें…
-पूरी करो!

15:50.800 --> 15:51.800
-वापस लो!
-वापस लो!

15:51.880 --> 15:54.080
-एसोसिएशन की माँगें…
-पूरी करो!

15:54.160 --> 15:55.720
-वापस लो!
-वापस लो!

15:55.800 --> 15:58.760
-एसोसिएशन की माँगें…
-पूरी करो!

15:58.840 --> 16:00.720
-[दीदी] एसोसिएशन की माँगें…
-[भीड़] पूरी करो!

16:00.800 --> 16:01.640
[संगीत बजना बंद होता है]

16:02.240 --> 16:05.080
बार और बेंच की इज़्ज़त इसी में है कि…

16:05.160 --> 16:07.040
[बैंसला] तू दो पैसे खर्च करके

16:07.120 --> 16:09.600
एक ढंग का चश्मा क्यों नहीं ले लेता?

16:09.680 --> 16:12.000
जब देखो इसको पोंछता रहता है।

16:13.160 --> 16:17.440
पोलांक हैं, जनाब।
तिहरे एस। सुब्रह्मण्यम, साल्वे, सिब्बल…

16:17.520 --> 16:20.920
तीनों यही पहनते हैं। और यह बहुत महँगा है।

16:21.000 --> 16:21.960
अच्छा?

16:22.640 --> 16:25.400
तो बार की इज़्ज़त बचा कर रखी है।

16:25.480 --> 16:27.600
अब ज़रा बेंच की इज़्ज़त बचा ले।

16:27.680 --> 16:28.920
हड़ताल ख़त्म करो।

16:29.000 --> 16:31.280
हड़ताल ख़त्म करनी है, जनाब।

16:31.360 --> 16:33.560
लेकिन हल कोई दिख नहीं रहा है।

16:33.640 --> 16:36.320
अब बिना हल के वापस आना आप समझ रही हैं।

16:36.400 --> 16:38.720
-चुनाव पर असर पड़ेगा।
-हाँ।

16:38.800 --> 16:41.440
और तेरे सामने खड़ा भी तो फोरे है।

16:41.520 --> 16:43.000
[बैंसला] मैं समझती हूँ, त्यागी।

16:43.080 --> 16:45.200
मैं वकील से ही जज बनी हूँ न।

16:46.040 --> 16:47.200
घोष नहीं समझता।

16:48.280 --> 16:49.640
वह सीधा जज बना है।

16:49.720 --> 16:52.360
[बैंसला] अब अगर मैं उसकी सुने बिना
आदेश जारी कर दूँ।

16:52.440 --> 16:56.840
तो ऊपर रिपोर्ट जाएगी
कि यह फ़ेलो जज को साथ ले कर नहीं चलती।

16:56.920 --> 16:58.840
और अगर इसकी सुनती रहूँ,

16:58.920 --> 17:02.000
तो रिपोर्ट जाएगी
कि यह हड़ताल को संभाल नहीं पाई।

17:02.080 --> 17:04.440
मेरी समझ में नहीं आता, जनाब, कि घोष साहब

17:04.520 --> 17:07.560
को शंभू के लंगूर बनने से दिक़्क़त क्या है!

17:08.120 --> 17:09.880
मानव गरिमा।

17:09.960 --> 17:10.880
मानव गरिमा?

17:11.640 --> 17:14.560
यह घोष साहब इतनी बड़ी-बड़ी बातें
जिला न्यायालय में ही क्यों करते हैं?

17:14.640 --> 17:17.000
उनको बोलो कि उच्चतम न्यायालय जाएँ न।

17:17.079 --> 17:18.319
[बैंसला के हँसने की आवाज़]

17:18.400 --> 17:19.880
नहीं जा पाएँगे न।

17:20.720 --> 17:22.240
पहली पीढ़ी है।

17:25.560 --> 17:27.800
समझ गया। मतलब उनको

17:28.640 --> 17:31.960
ईगो मसाज देनी पड़ेगी, वह भी गहरी वाली।

17:33.920 --> 17:36.000
मैं? नहीं! बिल्कुल नहीं!

17:37.360 --> 17:38.400
तो फिर कौन?

17:42.640 --> 17:45.880
इस पूरे कोर्ट में एक आप ही हैं।

17:46.600 --> 17:49.480
जो मेरे दृष्टिकोण की सराहना कर सकते हैं।

17:50.840 --> 17:56.000
क्योंकि हमारा प्रशिक्षण हुआ है
वेंकट सुब्रह्मण्यम के संरक्षण में।

17:56.880 --> 18:00.040
[अँग्रेज़ी में] उन्होंने राष्ट्र को
"मानव गरिमा" के बारे में समझाया।

18:00.960 --> 18:03.120
[घोष] वह तो रिक्शा चलाने तक को

18:03.200 --> 18:05.600
मानव गरिमा के विरूद्ध मानते थे।

18:06.280 --> 18:11.280
और इस कोर्ट में किसी को
इसमें समस्या नहीं दिख रही?

18:11.960 --> 18:12.920
[आह भरने की आवाज़]

18:17.320 --> 18:20.440
दिखाना ज़रा, क्या-क्या आवाज़ें
निकालने को बोला है।

18:22.080 --> 18:24.360
[लंगूर की आवाज़ निकालता है]

18:28.160 --> 18:29.960
और क्या-क्या करने को बोला है?

18:30.040 --> 18:31.680
डराने को बोला है, हुज़ूर।

18:33.280 --> 18:35.880
[लंगूर की आवाज़ निकालता है]

18:39.040 --> 18:40.240
बस, बेटा, बस!

18:42.240 --> 18:43.440
जो समाज

18:44.120 --> 18:47.240
इसे यह हरक़तें करते हुए देखेगा

18:47.320 --> 18:49.120
वह इसकी क्या इज़्ज़त करेगा!

18:50.600 --> 18:51.960
शादी हो गई तुम्हारी?

18:52.040 --> 18:53.280
जी नहीं, हुज़ूर।

18:53.360 --> 18:54.680
कभी होगी भी नहीं।

18:55.880 --> 18:58.000
सारा मुँह काला कर के बैठे हो!

19:00.000 --> 19:03.320
[अँग्रेज़ी में] समाज उसे हमेशा
नीची नज़र से देखेगा।

19:05.720 --> 19:06.680
तुम जाओ, बेटा!

19:08.600 --> 19:09.560
नमस्ते।

19:11.920 --> 19:13.840
[अँग्रेज़ी में] ऐसा ज़रूरी नहीं, जनाब।

19:14.880 --> 19:15.760
[अँग्रेज़ी में] क्यों?

19:16.520 --> 19:20.520
समाज हमें हमारे काम
या नौकरी से नहीं आँकता।

19:21.400 --> 19:22.560
प्रोत्साहन भी देखता है।

19:23.120 --> 19:23.960
[अँग्रेज़ी में] मतलब?

19:24.040 --> 19:26.280
हमारे समय में, विधि स्नातक

19:26.360 --> 19:29.000
फर्म में ड्राफ़्टिंग को कमतर आँकते थे।

19:29.680 --> 19:31.280
सब एडवोकेट बनना चाहते थे।

19:31.960 --> 19:36.240
पर आज देखिए, कॉर्पोरेट फर्मों
ने नौकरी की सुरक्षा दी है।

19:36.320 --> 19:39.600
तो वही ड्राफ़्टिंग ज़्यादा सम्माननीय है।

19:41.760 --> 19:44.440
जनाब, नौकरी में अगर

19:44.520 --> 19:46.160
इज़्ज़त कम लग रही हो,

19:46.720 --> 19:48.880
तो प्रोत्साहन में बढ़ा दीजिए।

19:52.120 --> 19:54.080
[दीदी] एसोसिएशन की माँगें…

19:54.160 --> 19:55.880
-पूरी करो!
-पूरी करो!

19:55.960 --> 19:57.200
कोर्ट हड़ताल…

19:57.280 --> 20:00.080
नहीं चलेगी! नहीं चलेगी!

20:00.720 --> 20:03.440
[अँग्रेज़ी में] आपका जोश कहाँ गया, साथियों?

20:03.520 --> 20:05.960
अच्छे खासे प्रदर्शन को
भूख हड़ताल बना दिया है।

20:06.040 --> 20:09.080
मैडम, अब रहने दीजिए।

20:09.160 --> 20:11.760
अब तो पाँचों का पाँचों बीघा कट गया है।

20:12.240 --> 20:14.200
[दीदी] एसोसिएशन की माँगें…

20:14.280 --> 20:15.760
[भीड़] पूरी करो!

20:15.840 --> 20:17.960
[दीदी] एसोसिएशन की माँगें…

20:18.040 --> 20:19.360
पूरी करो!

20:19.440 --> 20:21.120
[दीदी] एसोसिएशन की माँगें…

20:21.200 --> 20:23.200
पूरी करो!

20:23.280 --> 20:24.960
[दीदी] एसोसिएशन की माँगें…

20:25.040 --> 20:26.960
पूरी करो!

20:27.040 --> 20:28.560
-क्या कर रही है?
-यह हड़ताल ख़त्म।

20:28.640 --> 20:29.680
दे इधर!

20:29.760 --> 20:32.520
[अँग्रेज़ी में] जब तक आप यह हड़ताल वापस
नहीं लेतीं, मैं यह वापस नहीं देने वाली।

20:32.600 --> 20:34.720
-क्यों?
-क्योंकि यह हड़ताल ग़लत है।

20:34.800 --> 20:35.880
कैसे ग़लत है?

20:35.960 --> 20:37.800
पहले आपको मुद्दे को डिस्कस करना चाहिए।

20:37.880 --> 20:40.400
देख, तू अभी आई है।
यह न सालों से डिस्कस ही हो रहा है।

20:40.480 --> 20:43.280
-तो लिखित शिकायत दीजिए न।
-बीसियों बार दे चुके हैं।

20:43.360 --> 20:45.360
अगर आपको हड़तान करनी है तो आप कीजिए!

20:45.440 --> 20:47.040
औरों को कैसे मजबूर कर सकते हैं?

20:47.120 --> 20:49.480
अच्छा? कैसे मजबूर कर सकते हैं?

20:49.560 --> 20:53.000
और तू यह अभी जो कर रही है
यह मजबूर करना नहीं है।

20:56.560 --> 20:58.080
[हाथ से स्पीकर छीनने की आवाज़]

20:58.160 --> 21:00.280
एसोसिएशन की माँगें…

21:00.360 --> 21:01.600
पूरी करो!

21:01.680 --> 21:04.240
-एसोसिएशन की…
-अरे, सुजाता जी!

21:04.320 --> 21:06.760
अरे, माँगें पूरी हो गई हैं!

21:06.840 --> 21:08.440
[मस्तीभरा संगीत बजता है]

21:08.520 --> 21:11.640
हुर्रे!

21:14.400 --> 21:17.360
[मस्तीभरा संगीत बजता है]

21:21.360 --> 21:24.520
[तालियों की आवाज़]

21:26.160 --> 21:30.080
सभी तर्कों, तथ्यों,

21:30.160 --> 21:32.040
भौतिक साक्ष्यों,

21:32.120 --> 21:34.720
और कुछ संतोषजनक परफॉर्मेंस को देखते हुए,

21:35.560 --> 21:38.200
इस न्यायालय के सभी प्रबुद्ध जज,

21:38.280 --> 21:39.360
जो कि मैं

21:39.440 --> 21:41.360
और चीफ़ बैंसला हैं,

21:41.440 --> 21:43.360
हम एक नतीजे पर पहुँचे हैं।

21:44.280 --> 21:45.920
मिस्टर शंभू कुमार

21:46.680 --> 21:51.680
को पटपड़गंज न्यायालय
का एमआरओ नियुक्त किया जाता है।

21:54.280 --> 21:56.440
[भीड़ के ख़ुशी से चिल्लाने
और सीटी बजाने की आवाज़]

21:58.720 --> 22:00.960
बंदर प्रतिकारक अधिकारी।

22:01.040 --> 22:03.840
यह सिर्फ़ एक संविदा कर्मी नहीं है,

22:03.920 --> 22:07.400
बल्कि एक प्रामाणिक सरकारी कर्मचारी है।

22:07.480 --> 22:09.240
[ऑर्डर] भाई, इसे भी सरकारी नौकरी दे दी!

22:09.320 --> 22:11.200
अब तो इसे लड़की भी मिल जाएगी।

22:11.280 --> 22:13.080
दो पद और खाली हैं।

22:13.160 --> 22:15.800
-भर देते हैं।
-[त्यागी] इस हड़ताल को ख़त्म करते हुए

22:15.880 --> 22:18.720
मैं माननीय जज, मिसेज बैंसला,

22:19.640 --> 22:22.200
मैं माननीय जज, मिस्टर घोष

22:23.480 --> 22:26.600
का तह-ए-दिल से
शुक्रिया अदा करना चाहता हूँ।

22:26.680 --> 22:27.800
एक ज़ोरदार ताली!

22:27.880 --> 22:30.280
[भीड़ के ख़ुशी से चिल्लाने की आवाज़]

22:30.360 --> 22:31.440
क्योंकि आज,

22:32.640 --> 22:35.960
पटपड़गंज बार और बेंच
के संबंध की इन्होंने एक…

22:36.440 --> 22:39.760
मिसाल कायम की है पूरे देश में!
ज़ोरदार तालियाँ!

22:41.720 --> 22:42.680
मैं,

22:43.440 --> 22:46.080
कोषाध्यक्ष लखमीर बल्ली,

22:46.160 --> 22:50.960
मेरी तरफ़ से, और तमाम वकील भाइयों
और बहनों की तरफ़ से,

22:51.040 --> 22:53.000
माननीय वी.डी. त्यागी…

22:53.080 --> 22:57.360
वी.डी. त्यागी का तह-ए-दिल से
शुक्रिया अदा करना चाहता हूँ।

22:57.440 --> 22:59.800
जिनके अटल नेतृत्व में,

22:59.880 --> 23:03.080
एसोसिएशन की सारी माँगें मान ली गईं हैं!

23:03.800 --> 23:06.200
[भीड़ के ख़ुशी से चिल्लाने
और सीटी बजाने की आवाज़]

23:06.280 --> 23:08.360
-वी.डी. त्यागी!
-ज़िंदाबाद!

23:08.440 --> 23:10.520
-वी.डी. त्यागी!
-ज़िंदाबाद!

23:10.600 --> 23:12.600
-हमारा त्यागी!
-ज़िंदाबाद!

23:12.680 --> 23:14.920
-हमारा त्यागी!
-ज़िंदाबाद!

23:15.000 --> 23:17.240
माफ़ कीजिए, मैं आपको न्याय नहीं दिला पाई।

23:18.080 --> 23:19.680
आपको बुरा लगा होगा न।

23:20.360 --> 23:22.400
ना, ना। हमें नहीं लगा।

23:23.520 --> 23:24.920
हमें तो पता ही था

23:25.000 --> 23:26.920
कि कचहरी में कुछ हो नहीं पाएगा।

23:27.680 --> 23:29.800
शायद आप ही को नहीं पता था।

23:36.920 --> 23:40.320
[चीमा] ओ ओ! आ ले! पकड़ ले!

23:40.400 --> 23:41.720
आ, पकड़।

23:41.800 --> 23:44.600
आजा! ले जा! ले जा! आजा!

23:45.760 --> 23:47.400
आक्रमण!
