1
00:00:22,875 --> 00:00:25,708
[पार्श्व में मधुर संगीत बज रहा है]

2
00:00:26,041 --> 00:00:27,458
[वहीदा] आपा, हमें आपसे कुछ बात करनी है।

3
00:00:27,541 --> 00:00:30,250
[उत्तेजना से सिसकारते हुए] अभी नहीं,
वहीदा, कल आइए।

4
00:00:31,791 --> 00:00:35,666
ये ख्वाबगाह के कागज़ात हैं।
इन पर दस्तख़त कर दीजिए, हम चले जाएँगे।

5
00:00:36,125 --> 00:00:37,583
दस्तख़त मतलब?

6
00:00:38,583 --> 00:00:41,416
रेहाना आपा अपनी जायदाद में
दो हवेलियाँ छोड़ के गई थीं।

7
00:00:42,291 --> 00:00:45,500
शाही महल आपको मिल गया,
तो ख्वाबगाह हमारी होनी चाहिए।

8
00:00:47,500 --> 00:00:50,541
सही वक्त आने पर ख्वाबगाह आपकी हो जाएगी।

9
00:00:51,625 --> 00:00:54,458
-वादा करते हैं।
-पर वादाखिलाफ़ी हुई, तो?

10
00:00:55,833 --> 00:00:59,291
देखिए, न, जुल्फी, हमारी नेकी का यह सिला।

11
00:01:01,583 --> 00:01:03,333
आपको अपनी बहन पर भरोसा नहीं है?

12
00:01:04,125 --> 00:01:05,708
बहन तो यह रेहाना आपा की भी थीं।

13
00:01:06,208 --> 00:01:07,666
उनकी जान ले ली, और हमें अपनी

14
00:01:07,750 --> 00:01:09,583
-नौकरानी बनाकर रख छोड़ा है।
-[जुल्फिकार] वहीदा!

15
00:01:09,708 --> 00:01:10,958
आप हद पार कर रही हैं।

16
00:01:11,625 --> 00:01:12,791
आपा आप दस्तख़त कीजिए।

17
00:01:14,625 --> 00:01:15,916
दस्तख़त नहीं किए तो?

18
00:01:16,500 --> 00:01:18,666
रेहाना आपा के कत्ल के गवाह हम हैं।

19
00:01:19,416 --> 00:01:22,333
आप और आपकी मल्लिकाजान,
दोनों फांसी पर चढ़ेंगे।

20
00:01:28,125 --> 00:01:29,083
धमकी दे रही हैं?

21
00:01:29,458 --> 00:01:31,625
धमकी नहीं, बयान देंगे।

22
00:01:32,416 --> 00:01:33,291
पुलिस को।

23
00:01:34,541 --> 00:01:35,791
दस्तख़त कीजिए।

24
00:01:36,125 --> 00:01:37,791
[वहीदा तकलीफ़ से चिल्लाती है]

25
00:01:40,875 --> 00:01:42,541
[वहीदा] तुमने हम पर हाथ उठाया?

26
00:01:43,458 --> 00:01:45,250
जुल्फिकार… [दर्द से ज़ोर से चिल्लाती है]

27
00:01:45,833 --> 00:01:49,750
[सुबक-सुबक कर रोती है]

28
00:01:50,583 --> 00:01:52,291
[जुल्फिकार] आज सिर्फ़ ज़ख्म दिया है।

29
00:01:54,083 --> 00:01:56,916
[जुल्फिकार] अगली बार रेहाना के
कत्ल का ज़िक्र किया तो जान ले लेंगे।

30
00:02:10,625 --> 00:02:14,541
हीरामंडी:
द डायमंड बाज़ार

31
00:02:37,750 --> 00:02:40,666
इकबाल! कहाँ मर गई यह वहीदा?

32
00:02:40,750 --> 00:02:42,166
[ज़ोर से दरवाज़ा खुलने की आवाज़ आती है]

33
00:02:42,250 --> 00:02:45,500
आपकी दुआ कबूल नहीं हुई, आपा।
हम ज़िंदा हैं।

34
00:02:45,750 --> 00:02:48,041
माशा-अल्लाह! चलिए, अंदर आइए।

35
00:02:48,125 --> 00:02:50,291
अंदर आने से पहले आपसे कुछ कहना चाहते हैं।

36
00:02:50,500 --> 00:02:53,375
जल्दी कीजिए, हम सैर पर नहीं जा रहे हैं,
कचहरी जा रहे हैं।

37
00:02:53,666 --> 00:02:56,833
आज आखिरी बार आपके साथ कचहरी जा रहे हैं हम।

38
00:02:57,625 --> 00:03:02,125
वादा कीजिए, आपा। जज का फ़ैसला सुनते ही,
आप ख्वाबगाह हमारे नाम कर देंगी।

39
00:03:02,583 --> 00:03:06,375
अगर आप इसी वक्त हमारे साथ नहीं चलीं, न,
तो ख्वाबगाह, न आपकी होगी,

40
00:03:06,625 --> 00:03:09,416
न नवाब सामी की बेवा की, न उनके बेटे की।

41
00:03:10,666 --> 00:03:13,750
ख्वाबगाह की असली हकदार वापस आ गई हैं।

42
00:03:15,291 --> 00:03:17,375
-फरीदन?
-और नहीं तो कौन? आइए।

43
00:03:21,541 --> 00:03:24,250
-इकबाल!
-जी?

44
00:03:27,041 --> 00:03:29,916
[इकबाल घोड़े को हाँकने के लिए
मुँह से आवाज़ निकालता है] चल।

45
00:03:33,583 --> 00:03:36,291
[वकील] योर ऑनर, ये मोहतरमा,
जितनी शरीफ़ और ज़हीन दिखती हैं,

46
00:03:36,500 --> 00:03:38,625
[वकील] उतनी ही बदअख़लाक, इम्मोरल हैं।

47
00:03:39,416 --> 00:03:43,416
[वकील] शाही महल की आड़ में ये औरतों की
खरीद-फ़रोख़्त का धंधा करती हैं।

48
00:03:43,958 --> 00:03:46,625
इन औरतों के ज़रिए
शरीफ़ और इज़्ज़तदार आदमियों को

49
00:03:46,791 --> 00:03:48,250
अपने जाल में फंसाती हैं,

50
00:03:48,458 --> 00:03:50,750
[वकील] और उनके साथ
जिस्मानी ताल्लुकात बनाती हैं।

51
00:03:51,208 --> 00:03:54,250
और फिर वक्त आने पर
उनकी जायदाद हड़प लेती हैं।

52
00:03:54,333 --> 00:03:56,791
-[बचाव का वकील] ऑब्जेक्शन माय लॉर्ड!
-रहने दीजिए, सिद्दिकी साहब!

53
00:03:57,333 --> 00:03:58,708
लगाने दीजिए इन्हें तोहमत।

54
00:03:59,541 --> 00:04:02,250
अल्लाह जानता है कि हम बेगुनाह हैं।

55
00:04:03,375 --> 00:04:04,875
पाक हैं, मी लॉर्ड।

56
00:04:05,750 --> 00:04:10,166
हमारी तबियत नासाज़ है।
आपसे दरख़्वास्त है कि

57
00:04:10,500 --> 00:04:13,458
-इस केस की तारीख़ अगर आप बढ़ा देते तो…
-[वकील] नहीं, माई लॉर्ड।

58
00:04:14,416 --> 00:04:17,750
इसी चालाकी से इन्होंने इस केस को
15 साल तक खींचा है।

59
00:04:18,166 --> 00:04:20,041
आज तो केस की सुनवाई होनी ही चाहिए।

60
00:04:20,125 --> 00:04:23,125
मी लॉर्ड, हम भी कहाँ चाहते हैं
कि यह केस ज़िंदगी भर चले।

61
00:04:23,625 --> 00:04:26,666
चलिए, एक कुर्सी दिला दीजिए,
ताकि हम बैठ के साँस ले सकें।

62
00:04:28,750 --> 00:04:31,041
-कुर्सी दीजिए।
-शुक्रिया।

63
00:04:38,500 --> 00:04:41,458
हाँ, तो कुरैशी भाईजान, क्या कह रहे थे आप?

64
00:04:42,875 --> 00:04:47,041
हम यह कह रहे थे, माई लॉर्ड, कि इस ज़लील
औरत ने अपनी इसी चालबाज़ी से मेरे मुवक्किल

65
00:04:47,250 --> 00:04:50,958
उमर खान साहब के वालिद,
मरहूम नवाब सामी साहब की हवेली हड़पी।

66
00:04:51,250 --> 00:04:52,250
ऑब्जेक्शन, माई लॉर्ड!

67
00:04:52,375 --> 00:04:55,916
[मल्लिका] सिद्दिकी साहब, आप बैठिए, न।
हम हैं, न, कठघरे में।

68
00:04:56,833 --> 00:04:59,333
हमें कोई ऑब्जेक्शन नहीं, मी लॉर्ड, पूछिए।

69
00:05:00,000 --> 00:05:04,083
आप सिर्फ़ एक अच्छी तवायफ नहीं,
एक बेहतरीन अदाकारा भी हैं।

70
00:05:04,541 --> 00:05:06,583
वैसे कब से हैं हीरामंडी में?

71
00:05:06,958 --> 00:05:10,125
मी लॉर्ड! बहुत तकलीफ़ हो रही है।

72
00:05:10,458 --> 00:05:14,000
अगर आप इजाज़त दे दें,
तो थोड़ी दवाई ले लें?

73
00:05:15,875 --> 00:05:18,083
जी। वहीदा!

74
00:05:27,041 --> 00:05:27,875
पूछिए।

75
00:05:28,166 --> 00:05:30,958
पुश्तैनी तवायफ हैं,
इसीलिए इस तरह शराब गटक रही हैं।

76
00:05:31,375 --> 00:05:35,208
मी लॉर्ड, अब इन्हें
हमारी दवाई पीने पर भी एतराज़ है।

77
00:05:35,666 --> 00:05:39,708
यकीन नहीं आता है तो खुद चख के देख लीजिए
कि यह शराब है या दवाई।

78
00:05:40,166 --> 00:05:45,333
और जिसे आप तवायफ कहते हैं,
हम पुश्तैनी फ़नकार हैं।

79
00:05:46,458 --> 00:05:50,708
महफ़िलें सजाते हैं,
लेकिन लोग हमें तमाशाबाज़ कहते हैं।

80
00:05:51,875 --> 00:05:56,791
कद्रदानों पर दिल लुटाते हैं,
लेकिन लोग हमें लुटेरा कहते हैं।

81
00:05:57,250 --> 00:05:58,291
सही कहते हैं लोग।

82
00:05:58,750 --> 00:06:01,333
ख्वाबगाह भी तो
इन्होंने ऐसे ही लूटी है, माई लॉर्ड।

83
00:06:01,500 --> 00:06:04,666
सिद्दिकी साहब,
इस बात का ऑब्जेक्शन आप लेंगे या हम?

84
00:06:04,875 --> 00:06:06,541
[मल्लिका] मुझे ऑब्जेक्शन है, मी लॉर्ड!

85
00:06:07,125 --> 00:06:09,041
लूटे नहीं, लुटाई थी।

86
00:06:10,083 --> 00:06:15,166
नवाब सामी साहब ने रेहाना आपा पर।
गज़ब की फ़नकारा थीं, मी लॉर्ड।

87
00:06:16,125 --> 00:06:18,500
उन्होंने तो खुश होकर इनाम में दी थी।

88
00:06:19,125 --> 00:06:22,541
मोहब्बत करते थे रेहाना आपा से।
पूछिए उनकी बेवा से।

89
00:06:27,416 --> 00:06:31,291
और रेहाना आपा के जाने के बाद,
उनकी वारिस होने के नाते

90
00:06:32,958 --> 00:06:37,166
ख्वाबगाह हमारी और
हमारी छोटी बहन, वहीदा की हुई।

91
00:06:37,750 --> 00:06:39,958
[वकील] वाह! आपने आपस में ही बाँट ली हवेली?

92
00:06:40,458 --> 00:06:44,791
फ़नकारी की आड़ में क्या-क्या होता है
हीरामंडी में, हम सब जानते हैं।

93
00:06:44,916 --> 00:06:45,958
तहज़ीब का मेला लगता है।

94
00:06:46,083 --> 00:06:50,250
-झूठे इश्क पलते हैं।
-औरतों की इज़्ज़त करना सिखाया जाता है।

95
00:06:50,333 --> 00:06:52,791
-जिस्मफ़रोशी होती है।
-वहीदा!

96
00:06:55,958 --> 00:06:58,000
[मल्लिका] हटाइए नकाब, और दिखाइए चेहरा।

97
00:07:07,125 --> 00:07:08,791
[मल्लिका] देख लिया, मी लॉर्ड?

98
00:07:09,250 --> 00:07:12,375
आज हम हीरामंडी का
असली चेहरा दिखाना चाहते हैं।

99
00:07:13,708 --> 00:07:14,625
दाग़दार।

100
00:07:15,291 --> 00:07:18,458
[मल्लिका] आँखें भर आती हैं,
जब हम इन्हें देखते हैं।

101
00:07:20,583 --> 00:07:21,625
हमारी भी।

102
00:07:23,375 --> 00:07:27,375
बैठ जाइए, वहीदा। आप का दर्द हम समझते हैं।

103
00:07:29,708 --> 00:07:33,000
यह ज़ख़्म भी
किसी नवाब का दिया हुआ तोहफ़ा है।

104
00:07:33,583 --> 00:07:35,250
इसे तो वापस नहीं माँग रहे हैं आप।

105
00:07:36,583 --> 00:07:38,416
लेकिन ख्वाबगाह वापस माँग रहे हैं।

106
00:07:39,250 --> 00:07:42,750
माई लॉर्ड, ये इन बेतुकी बातों से
कोर्ट का वक्त ज़ाया कर रही हैं।

107
00:07:43,333 --> 00:07:45,916
आप सीधे सवाल का सीधा जवाब दीजिए।

108
00:07:46,333 --> 00:07:49,333
टेढ़े सवाल का टेढ़ा जवाब देंगे।

109
00:07:50,458 --> 00:07:54,208
हुज़ूर, हमारे पास तो हवेली की चाबियाँ हैं।

110
00:07:54,625 --> 00:07:57,250
[मल्लिका] अगर इनके पास
कोई वसीयत है तो पेश करें।

111
00:07:57,916 --> 00:08:00,250
और साथ में यह भी बता दें कि

112
00:08:00,791 --> 00:08:04,083
नवाब सामी साहब की
यह जायज़ औलाद हैं या नहीं।

113
00:08:04,166 --> 00:08:06,000
-या अल्लाह!
-कमज़ात!

114
00:08:06,125 --> 00:08:07,958
[कोर्ट में शोरगुल होने लगता है]

115
00:08:10,541 --> 00:08:12,875
-छोड़िए हमारी आपा को। छोड़िए, छोड़िए…
-ऑर्डर! ऑर्डर!

116
00:08:13,041 --> 00:08:16,208
-[वहीदा] क्या बदतमीज़ी है? छोड़िए।
-मिस्टर कुरैशी अपने क्लाइंट को संभालिए।

117
00:08:16,291 --> 00:08:17,583
-ऑर्डर! ऑर्डर!
-छोड़िए! छोड़िए!

118
00:08:17,666 --> 00:08:20,750
[जज] यह कोर्ट की तौहीन है। ऑर्डर! ऑर्डर!

119
00:08:30,958 --> 00:08:35,541
[सड़क की चहल-पहल सुनाई देती है]

120
00:08:38,291 --> 00:08:39,125
[सायमा] इतने सारे?

121
00:08:39,208 --> 00:08:42,333
[वहीदा] हम्म। इतने बरसों बाद
हमारी मन्नत पूरी हुई है।

122
00:08:42,666 --> 00:08:44,166
हमारी ख्वाबगाह हमें मिल गई।

123
00:08:45,750 --> 00:08:48,208
बाकी के तुम बाँट दो। हमें सामान बाँधना है।

124
00:08:48,666 --> 00:08:50,958
सोच रहे हैं,
आज शाम ही ख्वाबगाह चले जाएँ हम।

125
00:08:55,750 --> 00:08:56,791
[मल्लिका] वहीदा!

126
00:09:01,458 --> 00:09:02,958
[वहीदा] ये यहाँ क्या कर रही हैं, आपा?

127
00:09:03,458 --> 00:09:05,708
इनके साहबज़ादे ने
आपकी कितनी बेइज़्ज़ती की थी।

128
00:09:06,208 --> 00:09:09,000
उनकी बदसलूकी की वजह से हम केस जीत गए।

129
00:09:14,500 --> 00:09:16,208
आज से ख्वाबगाह आपकी।

130
00:09:17,291 --> 00:09:18,625
यह आप क्या कर रही हैं, आपा?

131
00:09:19,875 --> 00:09:22,958
-आपने ख्वाबगाह हमें दे दी थी।
-और हमने अपना वादा निभाया।

132
00:09:24,250 --> 00:09:26,666
पूरे एक दिन के लिए
आप ख्वाबगाह की मालकिन थीं।

133
00:09:27,708 --> 00:09:28,708
एक दिन के लिए?

134
00:09:31,083 --> 00:09:32,833
हमसे इनका दर्द देखा नहीं गया।

135
00:09:34,041 --> 00:09:35,625
इसलिए इनका हक़ लौटा रहे हैं।

136
00:09:35,875 --> 00:09:38,416
लेकिन… मुफ़्त में।

137
00:09:44,375 --> 00:09:46,291
-हम आपका शुक्रिया कैसे अदा करें?
-बस-बस।

138
00:09:47,208 --> 00:09:50,666
इससे पहले हमारा इरादा बदल जाए,
आप जा सकती हैं।

139
00:09:51,291 --> 00:09:52,375
जी, बेहतर।

140
00:09:54,041 --> 00:09:55,250
शुक्रिया, बीबी।

141
00:09:56,250 --> 00:09:58,958
[वहीदा रोती है]

142
00:10:01,666 --> 00:10:03,166
रोते नहीं, वहीदा।

143
00:10:06,666 --> 00:10:09,791
कानूनी तौर पर, ख्वाबगाह फरीदन की है।

144
00:10:10,166 --> 00:10:13,041
[मल्लिका] अगर उसने हम पर मुकदमा कर दिया,
तो हम जीत नहीं पाएँगे।

145
00:10:14,333 --> 00:10:16,375
और हार हमें बर्दाश्त नहीं।

146
00:10:16,875 --> 00:10:18,375
आपकी चाल कोई भी हो, आपा,

147
00:10:19,625 --> 00:10:22,166
उसमें मात हमेशा हमारी क्यों होती है?

148
00:10:22,875 --> 00:10:25,333
क्योंकि शतरंज में
प्यादे पिटने के लिए ही होते हैं।

149
00:10:26,958 --> 00:10:30,291
[वहीदा सिसक कर] आपने
सिर्फ़ रेहाना आपा का नहीं,

150
00:10:32,083 --> 00:10:34,458
हमारे अरमानों का भी कत्ल किया है आज।

151
00:10:44,750 --> 00:10:46,500
[सड़क पर गाड़ी का हॉर्न बज रहा है]

152
00:10:47,708 --> 00:10:51,708
[किसी के गाने की आवाज़ आ रही है]

153
00:10:52,416 --> 00:10:57,083
[मल्लिका] वाह! आलमज़ेब की
ज़बान पर मिश्री कौन रख गया?

154
00:10:57,208 --> 00:10:58,708
कितना अच्छा गा रही हैं।

155
00:10:59,541 --> 00:11:03,041
[फत्तो] हुज़ूर, यह आलमज़ेब नहीं,
अपनी सायमा गा रही है।

156
00:11:04,875 --> 00:11:06,166
माशा-अल्लाह!

157
00:11:07,416 --> 00:11:10,250
नौकरानियाँ घर की बेटियों से
आगे निकलने लगी हैं।

158
00:11:10,458 --> 00:11:13,916
-[वहीदा] मुँह मीठा करिए।
-[सत्तो] मिठाई? किस खुशी में?

159
00:11:14,125 --> 00:11:16,416
[वहीदा] हमारी नई पड़ोसन। आपा!

160
00:11:17,000 --> 00:11:20,375
-[सत्तो] नई पड़ोसन?
-हाँ। पूरे मोहल्ले में मिठाई बँटवा रही है।

161
00:11:21,458 --> 00:11:24,500
-[फत्तो] सफ़ीना बी! सलाम!
-[सफ़ीना] सलाम!

162
00:11:24,708 --> 00:11:28,958
नया घर तो हुज़ूर ने दे दिया।
नया घरवाला खुद ढूंढ लो।

163
00:11:29,625 --> 00:11:31,083
[फत्तो ज़ोर से हँसती है]

164
00:11:31,666 --> 00:11:33,541
[सफ़ीना] हुज़ूर! सलाम!

165
00:11:33,666 --> 00:11:37,583
[फत्तो] हुज़ूर, बुढ़िया सलाम कर रही है।
कुबूलत तो कर लो।

166
00:11:39,125 --> 00:11:42,666
ऐसे नहीं, हुज़ूर।
अपनी नेकी की बरकत देख लेनी चाहिए।

167
00:12:00,041 --> 00:12:03,000
लीजिए, जी। आपको नई हवेली मुबारक।

168
00:12:03,583 --> 00:12:04,625
बहुत-बहुत शुक्रिया।

169
00:12:14,791 --> 00:12:18,208
नई पड़ोसन का नाम बताना तो भूल ही गए हम।

170
00:12:22,041 --> 00:12:23,083
फरीदन।

171
00:12:33,875 --> 00:12:36,333
[सफ़ीना] बीबी! कोई मिलने आया है आपसे।

172
00:12:37,083 --> 00:12:39,375
[ज़ोर से दरवाज़ा खुलने की आवाज़ आती है]

173
00:12:42,125 --> 00:12:44,333
-जी?
-[पुरुष आवाज़] हूबहू, रेहाना हुज़ूर।

174
00:12:45,041 --> 00:12:47,833
माशा-अल्लाह! किसी की बुरी नज़र न लगे।

175
00:12:49,000 --> 00:12:50,083
काम बताइए।

176
00:12:50,208 --> 00:12:53,791
फूफीजान ने कहा है, उस्तादजी,
फरीदन बच्ची बरसों बाद अपने घर…

177
00:12:53,875 --> 00:12:57,000
-अच्छा, तो आप हैं उस्ताद।
-[उस्तादजी] जी।

178
00:12:57,500 --> 00:12:59,333
सुना है हीरामंडी के अख़बार हैं आप।

179
00:13:00,583 --> 00:13:03,666
[उस्तादजी] अब अख़बार तो बुला ही लिया है,
तो सुर्ख़ियाँ भी सुन लें।

180
00:13:04,208 --> 00:13:06,958
नेकी और पूछ-पूछ! सुनाइए।

181
00:13:07,875 --> 00:13:11,541
ताज़ा ख़बर यह है कि मल्लिकाजान की
आँखों से आपने सुरमा चुरा लिया।

182
00:13:11,625 --> 00:13:14,500
गलत। चुराया उन्होंने था।

183
00:13:15,541 --> 00:13:17,958
-हम तो बस वापस ले रहे हैं।
-बेशक।

184
00:13:18,291 --> 00:13:22,208
ख्वाबगाह तो मिल ही गई।
सुना है आपके चौधरी साहब ने दिलाई है।

185
00:13:22,500 --> 00:13:25,916
आप उधर की ख़बर देने आए हैं,
या इधर की ख़बर लेने?

186
00:13:26,125 --> 00:13:27,083
उधर की देने।

187
00:13:28,000 --> 00:13:32,333
मल्लिकाजान, अपनी छोटी बेटी, आलमज़ेब को
हुज़ूर बनाने के ख़्वाब देख रही है।

188
00:13:32,916 --> 00:13:37,833
पर यह लड़की हुज़ूर तो छोड़िए, तवायफ ही
नहीं बनना चाहती। [उस्तादजी हँसते हैं]

189
00:13:38,375 --> 00:13:40,125
ये आलमज़ेब काम आएगी।

190
00:13:41,583 --> 00:13:45,375
दोस्तों की बात तो हो गई, अब यह बताइए,
ख़ालाजान के कोई दुश्मन हैं कि नहीं?

191
00:13:45,541 --> 00:13:51,375
है, न। वो अंग्रेज़ बाबू। काट के खा गया था
मुझे। [शर्माते हुए गहरी साँस खींचता है]

192
00:13:51,750 --> 00:13:52,666
कार्टराईट।

193
00:13:53,458 --> 00:13:57,083
वो भी इस शहर में नया है। और आप भी।

194
00:13:58,250 --> 00:14:02,208
वो भी मल्लिका को
तबाह करना चाहता है, और आप भी।

195
00:14:04,916 --> 00:14:08,791
बेहतरीन सुर्ख़ियों के लिए… शुक्रिया।

196
00:14:21,083 --> 00:14:28,083
[माहौल में
किसी के गाने की आवाज़ गूँज रही है]

197
00:14:44,708 --> 00:14:49,000
[लड़की के बिस्तर पर गिरने,
फिर हँसने की आवाज़ आती है]

198
00:14:54,625 --> 00:14:59,250
चौधरी साहब, आप यहाँ? हमें तो लगा
आप अपने दोस्तों के साथ बाहर गए हैं।

199
00:15:01,875 --> 00:15:04,250
आपने हमें कहीं
बाहर जाने लायक छोड़ा ही कहाँ है?

200
00:15:04,583 --> 00:15:05,416
मतलब?

201
00:15:05,500 --> 00:15:10,916
हमारी सारी दौलत, सारी कमाई,
सब कुछ आप पर लुटा कर बस

202
00:15:12,041 --> 00:15:13,375
बैठे हैं यहाँ।

203
00:15:13,916 --> 00:15:17,083
अब तो बाकी सब नवाब भी हँसते हैं हम पर।

204
00:15:18,250 --> 00:15:22,708
आप भी, न!
लोगों की बातों पर बेवजह बुरा मान जाते हैं।

205
00:15:27,375 --> 00:15:30,041
[फरीदन] बाहर जाते वक्त
दरवाज़ा बंद कर दीजिए।

206
00:15:30,208 --> 00:15:32,291
[फरीदन के साथ की लड़की ज़ोर से हँसती है]

207
00:15:34,916 --> 00:15:36,541
लाहौर किताबखाना, स्थापित - 1890

208
00:15:36,625 --> 00:15:39,833
[सायमा] अरे, जनाब, आप यह दिन-दहाड़े
दुकान पर ताला क्यों लगा रहे हैं?

209
00:15:40,083 --> 00:15:44,000
[दुकानदार] हमारी दुकान, हमारी मर्ज़ी। किसी
ज़रूरी काम से जा रहे हैं, आप कल आइएगा।

210
00:15:44,208 --> 00:15:45,041
बंद है

211
00:15:45,125 --> 00:15:47,000
[सायमा] आप जा रहे हैं,
लेकिन आपके मुलाज़िम तो होंगे।

212
00:15:47,083 --> 00:15:49,500
-अरे, मोहतरमा, आप?
-जी।

213
00:15:49,791 --> 00:15:52,666
ओह… हमारे मुलाज़िम से मिलने आई होंगी।

214
00:15:52,916 --> 00:15:57,458
हाँ, वो, जिन्होंने पिछली बार हमारी
किताबों के लिए तीन रुपया बारह आने दिए थे,

215
00:15:57,625 --> 00:15:59,958
बस, वो लौटाने आए हैं। [दुकानदार हँसता है]

216
00:16:00,375 --> 00:16:02,625
आपके साथ मज़ाक कर रहे थे वो उस रोज़।

217
00:16:03,041 --> 00:16:04,500
[दुकानदार] वो तो किताब खरीदने आए थे।

218
00:16:04,791 --> 00:16:09,000
और वो कोई मुलाज़िम नहीं,
वो एक बड़े नवाब की बिगड़ी हुई औलाद हैं।

219
00:16:11,125 --> 00:16:13,333
ख़ैर! हमें हो रही है देर, हम निकलते हैं।

220
00:16:13,416 --> 00:16:15,625
वैसे, ये नवाब मिलेंगे कहाँ?

221
00:16:15,958 --> 00:16:21,000
नवाब कहाँ मिलते हैं?
दावतों में, क्लबों में, महफ़िलों में।

222
00:16:21,375 --> 00:16:24,125
[सड़क पर कुछ बेचने की
आवाज़ें आ रही हैं, संगीत बज रहा है]

223
00:16:24,750 --> 00:16:28,541
या अल्लाह! अब इतने बड़े लाहौर में
कैसे मिलेंगे आपके नवाबज़ादे?

224
00:16:29,458 --> 00:16:31,500
हमें यकीन है कि वो ज़रूर मिलेंगे।

225
00:16:32,166 --> 00:16:36,166
[मोहसिन अली] हम हिंदुस्तानी,
मेहमाननवाज़ी में तख़्त-ओ-ताज दे बैठे।

226
00:16:37,166 --> 00:16:38,875
[मोहसिन अली] लेकिन अब
यह ग़लती हम नहीं करेंगे।

227
00:16:39,708 --> 00:16:44,291
[मोहसिन अली] तुम लोग जाग रहे हो,
आवाम जाग रही है। समझ रही है

228
00:16:45,375 --> 00:16:47,583
कि यह वर्ल्ड वार हमारी कभी थी ही नहीं।

229
00:16:48,416 --> 00:16:51,666
पराई जंग में सीने पे गोली
कौन खा रहा है? हम।

230
00:16:53,041 --> 00:16:57,000
बंगाल में भुखमरी का
शिकार कौन हो रहा है? हम।

231
00:16:58,000 --> 00:17:01,750
ये सारे ज़मींदार, सारे नवाब,
किसको राशन मुहैया करवा रहे हैं?

232
00:17:02,666 --> 00:17:04,125
बर्तानिया सरकार को।

233
00:17:05,250 --> 00:17:08,083
और यह ज़ुल्म कौन सह रहा है? हम।

234
00:17:10,291 --> 00:17:11,333
अब और नहीं।

235
00:17:13,375 --> 00:17:17,833
हम दिखते रेत जैसे हैं। मगर हैं बारूद।

236
00:17:19,958 --> 00:17:23,416
अब इस बारूद में
चिंगारी लगाने का वक्त आ गया है।

237
00:17:24,375 --> 00:17:30,875
आप में से जिसे भी, जान लेने
या देने में तकल्लुफ़ हो, बाहर जा सकता है।

238
00:17:38,333 --> 00:17:40,333
हमें आप लोगों से यही उम्मीद थी।

239
00:17:41,291 --> 00:17:42,833
यह जज़्बा बरकरार रखिएगा।

240
00:17:44,083 --> 00:17:46,583
हमारे अगले कदम की इत्तिला कर दी जाएगी।

241
00:17:47,833 --> 00:17:50,000
-खुदा हाफ़िज़!
-[सभी लोग] खुदा हाफ़िज़!

242
00:17:50,250 --> 00:17:52,916
ये हैं हमारे लीडर, हमीद मोहसिन अली।

243
00:17:53,208 --> 00:17:55,583
-आओ, मिलवाते हैं।
-मिल चुके हैं।

244
00:17:57,083 --> 00:17:58,541
इन्होंने ही हमारी जान बचाई थी।

245
00:17:59,666 --> 00:18:00,875
[मोहसिन अली] बलराज!

246
00:18:09,500 --> 00:18:12,458
[उस्तादजी] फरीदन बीबी! बीबी फरीदन।

247
00:18:12,583 --> 00:18:14,958
[उस्तादजी] आपके लिए
रक्कासाओं की फ़ौज लेकर आया हूँ।

248
00:18:15,166 --> 00:18:18,000
[उस्तादजी] देखिए तो,
चुन-चुनके हीरे लाया हूँ।

249
00:18:18,583 --> 00:18:20,041
नाचती हैं और गाती भी हैं।

250
00:18:20,625 --> 00:18:22,916
[फरीदन] या अल्लाह! सोने भी नहीं देते।

251
00:18:25,916 --> 00:18:27,500
ये दोनों बावर्चीखाने में।

252
00:18:29,125 --> 00:18:32,958
और ये तीन,
हमारे ख़ास मेहमानों के बिस्तर गरम करेंगी।

253
00:18:33,375 --> 00:18:34,416
और कुछ?

254
00:18:36,333 --> 00:18:38,708
ख़ुदा हाफ़िज़, उस्तादजी।

255
00:18:38,958 --> 00:18:41,541
ख़ुदा तो आपकी हिफ़ाज़त करे, बीबी।

256
00:18:41,958 --> 00:18:45,250
हीरामंडी में रंडियाँ पालेंगी?
यहाँ यह सब नहीं चलता।

257
00:18:46,041 --> 00:18:47,625
फरीदन आ गई है,

258
00:18:50,166 --> 00:18:51,291
सब चलेगा।

259
00:18:52,083 --> 00:18:54,625
अब सोने दीजिए, उस्तादजी।

260
00:18:54,708 --> 00:18:55,625
-सहर,
-[सहर] जी।

261
00:18:55,708 --> 00:18:57,500
लौंडियों को अंदर ले जाओ।

262
00:18:58,291 --> 00:19:00,791
चलिए, मोहतरमाओ। आइए, चलिए।

263
00:19:02,250 --> 00:19:07,583
बीबी, आपकी नथ उतराई के लिए
एक ऐसा कद्रदान लाया हूँ,

264
00:19:08,083 --> 00:19:10,708
कि आपकी नींद ही नहीं, होश भी उड़ जाएँगे।

265
00:19:11,375 --> 00:19:15,708
[उस्तादजी] ताजदार बलोच।
अशफाक बलोच के इकलौते वारिस।

266
00:19:16,958 --> 00:19:18,666
[उस्तादजी] मल्लिकाजान की नज़र में भी हैं।

267
00:19:19,208 --> 00:19:20,958
[उस्तादजी] आलमज़ेब की नथ उतराई के लिए।

268
00:19:21,375 --> 00:19:22,958
[उस्तादजी] अब आप मेरी बख़्शीश…

269
00:19:23,041 --> 00:19:25,708
इन्हें आप आलमज़ेब की
किस्मत में ही रहने दीजिए।

270
00:19:26,125 --> 00:19:31,958
[उस्तादजी] अरे, बीबी, ऐसे कद्रदान के लिए,
तो तवायफ अपनी अम्मी पर भी छुरा चला दे,

271
00:19:32,333 --> 00:19:37,291
-[उस्तादजी] और आप तो…
-खंज़र भोंकेंगे… ख़ालाजान की छाती में।

272
00:19:39,125 --> 00:19:41,958
-आप बस देखते जाइए।
-[उस्तादजी] कैसे?

273
00:19:43,125 --> 00:19:46,000
आलमज़ेब और ताजदार मिलेंगे,
तो मोहब्बत होगी।

274
00:19:46,958 --> 00:19:49,583
और जहाँ मोहब्बत, वहाँ तबाही।

275
00:19:50,000 --> 00:19:52,166
[हँस कर] कितने टुकड़े करेंगी इसके?

276
00:19:53,833 --> 00:19:55,333
जितने हमारे हुए हैं।

277
00:19:56,250 --> 00:19:57,750
तो कौन होगा आपका साहब?

278
00:20:00,958 --> 00:20:02,083
वली मोहम्मद।

279
00:20:03,333 --> 00:20:06,791
-पर वो तो बिब्बो के साहब हैं।
-इसीलिए तो।

280
00:20:07,541 --> 00:20:10,250
शाही महल पर बिजली गिराएँगी आप?

281
00:20:13,791 --> 00:20:15,083
कहर ढाएँगे।

282
00:20:18,166 --> 00:20:19,208
आप पे।

283
00:20:20,833 --> 00:20:23,583
-अरे… फरीदन बीबी, यह क्या कर रही हैं।
-[फरीदन] उस्तादजी…

284
00:20:23,666 --> 00:20:26,500
-क्या कर… अरे, बीबी, छोड़िए, न।
-[फरीदन हँसती है] हमसे क्या शर्माना?

285
00:20:26,583 --> 00:20:28,833
[उस्तादजी] यह क्या कर रही हैं। आप भी…

286
00:20:29,541 --> 00:20:33,125
[फरीदन खिलखिलाकर हँसती है]

287
00:20:43,166 --> 00:20:45,708
-[आलम] आपा! आपसे कुछ बात करनी थी।
-[बिब्बो] हम्म?

288
00:20:46,416 --> 00:20:49,625
[आलम] लेकिन अगर आप मशरूफ़ हैं,
तो हम बाद में आ जाएँ?

289
00:20:49,958 --> 00:20:51,583
कहिए आलम, क्या बात है?

290
00:20:52,166 --> 00:20:54,166
वली साहब के यहाँ बहुत बड़ी दावत है, न?

291
00:20:55,041 --> 00:20:56,625
सुना है पूरा लाहौर आने वाला है।

292
00:20:56,750 --> 00:20:58,875
हर साल जब उनकी बेगम मायके जाती है ना,

293
00:20:59,166 --> 00:21:02,125
तब ये दावत होती है।
अपनी बिब्बोजान की शान में।

294
00:21:03,166 --> 00:21:04,625
इस बार हम भी चलें आपके साथ?

295
00:21:05,125 --> 00:21:07,291
आपको कब से दावतों का शौक हो गया?

296
00:21:08,000 --> 00:21:12,416
[आलम] नहीं, हम बस सोच रहे थे,
कि नए लोग मिलेंगे, नए दोस्त बनेंगे।

297
00:21:12,625 --> 00:21:15,125
और नवाब भी तो
ऐसी ही दावतों में मिलते हैं। है न?

298
00:21:16,291 --> 00:21:17,125
कौन से नवाब?

299
00:21:17,333 --> 00:21:20,333
बोलो, बोलो। हमें भी तो
पता चले कौन से नवाब?

300
00:21:20,875 --> 00:21:21,708
नहीं, कोई नहीं।

301
00:21:21,916 --> 00:21:26,125
[फत्तो] बिब्बोजान, मुबारकां।
आलम के दर पे जवानी दस्तक दे रही है।

302
00:21:26,291 --> 00:21:28,208
ओ हो, आलम।

303
00:21:28,541 --> 00:21:31,000
-[फत्तो] अह हय, जवानी, ओय होय नवाब।
-[सब ज़ोर से हँसते हैं]

304
00:21:31,083 --> 00:21:34,375
हटिए, आप हमें यूँ ही तंग करते रहेंगे, न,
तो हम नहीं जाएँगे दावत पे।

305
00:21:34,541 --> 00:21:36,416
आप दोनों आलम को परेशान मत कीजिए।

306
00:21:37,625 --> 00:21:39,208
हम आपको ले जाएँगे दावत पर।

307
00:21:40,000 --> 00:21:42,250
हो सकता है आपको
आपके ख्वाबों का नवाब मिल जाए।

308
00:21:43,166 --> 00:21:44,208
है न?

309
00:21:48,416 --> 00:21:52,625
बलोच होटल

310
00:21:56,041 --> 00:22:00,625
[पार्टी में लोगों के हँसने,
बातें करने की आवाज़ें आ रही हैं]

311
00:22:13,333 --> 00:22:17,916
लीजिए, यह आप क्या कर रहे हैं? इतने सारे
लोग हैं यहां और आप हमें देखे जा रहे हैं।

312
00:22:19,083 --> 00:22:21,958
नज़र आपसे हटती ही नहीं। क्या करें?

313
00:22:22,125 --> 00:22:24,458
वली साहब, आपको सलाम करता हूँ।

314
00:22:24,708 --> 00:22:27,875
देखिए, आज किसे आपसे
मिलाने लाया हूँ। फरीदनजान।

315
00:22:28,125 --> 00:22:32,666
वैसे तो बगैर बुलाए कहीं जाती नहीं, पर हमने
कहा ऐसी पार्टियों में रिश्ते बनते हैं।

316
00:22:32,916 --> 00:22:33,875
वो आ गईं।

317
00:22:34,166 --> 00:22:36,958
फरीदन के आने से
रिश्ते नहीं, कहानियाँ बनती हैं।

318
00:22:38,166 --> 00:22:42,208
वैसे आप यकीन नहीं करेंगे, वली साहब,
बनारस से ख़ास आपके दीदार के लिए आए थे।

319
00:22:43,458 --> 00:22:46,666
जितना सुना था उससे तो
कहीं ज़्यादा खूबसूरत निकले आप।

320
00:22:46,916 --> 00:22:48,375
[वली साहब हँसते हैं]

321
00:22:48,541 --> 00:22:52,500
हमारी तो धड़कनें तेज़ हो गईं।
क्या बात है, यकीन नहीं आ रहा?

322
00:22:54,166 --> 00:22:55,250
खुद देख लीजिए।

323
00:22:58,208 --> 00:23:01,166
अल्लाह… इनकी धड़कनें तेज़ हो गईं,

324
00:23:01,583 --> 00:23:03,083
और आपकी तो रुक ही गईं।

325
00:23:03,166 --> 00:23:04,208
[वली साहब हँस दिए]

326
00:23:04,416 --> 00:23:06,250
हमारी खालाज़ाद बहन हैं ये।

327
00:23:07,083 --> 00:23:11,125
बचपन में भी कहानियाँ लिखती थीं ये,
और हम मिटा देते थे। याद है, न?

328
00:23:13,458 --> 00:23:15,791
और बचपन में ये खिलौने लाया करती थीं,

329
00:23:17,416 --> 00:23:20,625
हम छीन लेते थे। याद है, न?

330
00:23:21,750 --> 00:23:25,166
तो आज आपका इरादा
हमारे साहब को चुराने का है? हूँ?

331
00:23:26,125 --> 00:23:30,041
यह चोरी नहीं है, मेरी जान। डाका है डाका।

332
00:23:31,500 --> 00:23:33,291
रोक सकती हो तो रोक लो।

333
00:23:38,750 --> 00:23:42,708
अब अगर आपका हो गया, मोहतरमा,
तो हम वली साहब को ले जाएँ?

334
00:23:43,000 --> 00:23:45,625
बाकी मेहमान इंतज़ार कर रहे हैं। चलिए।

335
00:23:46,208 --> 00:23:49,833
[पार्टी में हँसी मज़ाक, संगीत चल रहा है]

336
00:23:51,708 --> 00:23:53,833
तीर निशाने पर लगा है, मेरी जान।

337
00:23:54,625 --> 00:23:55,833
और हाथ भी।

338
00:23:56,208 --> 00:23:58,541
[फरीदन और उस्तादजी ठठाकर हँसते हैं]

339
00:24:00,750 --> 00:24:02,750
आप तो कह रहे थे हमसे नज़र नहीं हटती।

340
00:24:04,083 --> 00:24:05,583
फरीदन आपा ने तो हटा दी।

341
00:24:06,000 --> 00:24:07,541
लेकिन, बिब्बोजान, आप…

342
00:24:08,250 --> 00:24:09,916
क्या बेहूदगी है उस्ताद।

343
00:24:10,250 --> 00:24:12,791
इतने सारे वादे करके
सिर्फ़ एक नवाब से मिलवाया।

344
00:24:13,166 --> 00:24:15,291
कम से कम इस साड़ी की कीमत तो वसूल करवाइए।

345
00:24:15,458 --> 00:24:17,791
मिलवाएँगे, फ़िलहाल आप वहाँ तो देखिए।

346
00:24:18,375 --> 00:24:21,958
आलमज़ेब। मल्लिका की छोटी वाली।

347
00:24:22,750 --> 00:24:24,875
आपका अगला निशाना।

348
00:24:31,791 --> 00:24:32,958
[फरीदन] लाइए, हमें दीजिए।

349
00:24:34,416 --> 00:24:35,583
[फरीदन] उफ़!

350
00:24:38,583 --> 00:24:40,208
[फरीदन] आप आलमज़ेब हैं, न?

351
00:24:40,500 --> 00:24:41,833
हमें नहीं पहचाना?

352
00:24:42,625 --> 00:24:44,291
हम हैं आपकी फरीदन आपा।

353
00:24:45,875 --> 00:24:49,208
माशा-अल्लाह! आँखें कितनी खूबसूरत हैं आपकी।

354
00:24:50,666 --> 00:24:53,166
वैसे ये आँखें किसके दीदार को तरस रही हैं?

355
00:24:53,416 --> 00:24:55,250
जी? नहीं तो।

356
00:24:55,833 --> 00:24:59,000
कहीं आप… उन्हें तो नहीं ढूँढ रहीं?

357
00:25:03,375 --> 00:25:06,416
-आपने कैसे जाना?
-फरीदन सब जानती है।

358
00:25:07,750 --> 00:25:10,291
हम यह भी जानते हैं
कि आप उनसे इश्क करती हैं।

359
00:25:10,583 --> 00:25:11,833
[आलम शर्माती हुई मुस्कुरा देती है]

360
00:25:12,291 --> 00:25:15,375
-आइए, आपको मिलवाते हैं।
-जी, हमारी मुलाकात हो चुकी है।

361
00:25:15,666 --> 00:25:19,041
-तो एक और मुलाकात सही।
-हम दो बार मिल चुके हैं।

362
00:25:19,958 --> 00:25:24,000
एक बार मुशायरे में।
और दूसरी बार किताबखाने में।

363
00:25:24,916 --> 00:25:27,208
दो मुलाकातों में ही दिल दे बैठीं आप?

364
00:25:27,958 --> 00:25:30,833
हाँ। और रुमाल भी।

365
00:25:31,250 --> 00:25:33,875
[दोनों हँसती हैं]

366
00:25:33,958 --> 00:25:36,416
एक काम कीजिए, कल दरगाह पर जाइए।

367
00:25:36,916 --> 00:25:39,291
एक बार सच्चे दिल से
ख़ुदा से उन्हें माँग लीजिए।

368
00:25:39,791 --> 00:25:42,166
जब आँखें खुलेंगी, वो सामने होंगे।

369
00:25:43,250 --> 00:25:46,291
-और वो नहीं आए, तो?
-तो हमारा नाम बदल दीजिएगा।

370
00:25:46,583 --> 00:25:47,958
[उस्तादजी] फरीदन बीबी!

371
00:25:49,583 --> 00:25:52,375
-आपसे मिलिए, नवाब अलीबख़्श।
-[नवाब अलीबख़्श] आदाब।

372
00:25:52,541 --> 00:25:55,416
[उस्तादजी] आधा रावलपिंडी
इनकी मिल्कियत है।

373
00:25:57,166 --> 00:26:00,875
आदाब! वैसे एक बात कहें, अलीबख़्श साहब?

374
00:26:01,166 --> 00:26:03,291
बनारस से ख़ास आपके दीदार के लिए आए थे।

375
00:26:03,958 --> 00:26:05,583
हमारी तो धड़कनें तेज़ हो गईं।

376
00:26:06,291 --> 00:26:09,333
क्या बात है, यकीन नहीं आ रहा?
खुद देख लीजिए।

377
00:26:09,875 --> 00:26:13,416
[खुशनुमा संगीत बज रहा है]

378
00:26:18,458 --> 00:26:21,000
आज तो ऊपर वाले से
कुछ भी माँग लेते, मिल जाता।

379
00:26:26,875 --> 00:26:29,125
[ताजदार] वैसे वो, दंगे वाले रोज़
आप कहाँ गायब हो गई थीं?

380
00:26:30,458 --> 00:26:31,791
हमारा तो दिल ही बैठ गया था।

381
00:26:32,541 --> 00:26:35,375
हर अजनबी के लिए
इतनी हमदर्दी है आपके दिल में?

382
00:26:35,625 --> 00:26:36,458
जी।

383
00:26:36,750 --> 00:26:39,333
उस दिन एक अजनबी की जान बचाई आपने।

384
00:26:40,333 --> 00:26:41,958
काफ़ी जाँबाज़ हैं।

385
00:26:42,958 --> 00:26:44,666
ज़्यादा चोट तो नहीं लगी, न?

386
00:26:45,666 --> 00:26:49,333
लगी। पर सबसे गहरी दिल पे लगी।

387
00:26:52,375 --> 00:26:54,750
मोहतरमा, इत्तेफ़ाकन,
यह हमारी तीसरी मुलाकात है।

388
00:26:54,833 --> 00:26:55,875
हम्म।

389
00:26:56,500 --> 00:26:58,916
लेकिन अब तक हम
एक दूसरे का नाम तक नहीं जानते।

390
00:27:02,083 --> 00:27:03,625
हम तो आपका नाम जानते हैं।

391
00:27:04,333 --> 00:27:06,041
तो बताइए, हमारा नाम क्या है?

392
00:27:11,416 --> 00:27:13,541
ताज। [नाम पढ़कर ताजदार हँसता है]

393
00:27:15,333 --> 00:27:17,666
जो नाम दिल पे लिखना था
आपने हथेली पे लिख दिया?

394
00:27:18,083 --> 00:27:22,083
हथेली पे लिखने से, नाम तकदीर बन जाती है।

395
00:27:23,708 --> 00:27:27,250
तो आपका नाम बताइए।
हम दोनों हथेली पर लिख लेते हैं।

396
00:27:27,458 --> 00:27:30,083
माथे पर लिख लेते हैं।
सीने पर लिख लेते हैं।

397
00:27:30,208 --> 00:27:33,000
एक्सक्यूज मी, मैम।
आपकी आपा आपको बुला रही हैं।

398
00:27:33,333 --> 00:27:36,625
-[आलम] जी। इजाज़त दीजिए।
-इजाज़त दे देंगे, पर…

399
00:27:38,583 --> 00:27:40,333
[ताजदार] पहले अपना नाम तो बता दीजिए।

400
00:27:41,083 --> 00:27:43,750
कुछ बातें
अगली मुलाकात के लिए भी छोड़ दीजिए।

401
00:27:44,541 --> 00:27:45,750
और वो कब होगी?

402
00:27:46,000 --> 00:27:48,625
वो… ऊपर वाले पर छोड़ दीजिए।

403
00:27:51,041 --> 00:27:51,958
खुदा हाफ़िज़।

404
00:27:54,708 --> 00:27:55,708
खुदा हाफ़िज़।

405
00:28:03,041 --> 00:28:07,375
[फरीदन] पहले इश्क की कशमकश,
यह आतिश, यह जादूगरी।

406
00:28:09,375 --> 00:28:10,750
बात ही कुछ और है, न?

407
00:28:12,583 --> 00:28:15,458
-जी… आप?
-फरीदन।

408
00:28:16,750 --> 00:28:18,625
बनारस से कुछ रोज़ पहले ही आए हैं।

409
00:28:19,083 --> 00:28:21,791
नजूमी हैं, चेहरा देखकर
आने वाला कल बता देते हैं।

410
00:28:24,750 --> 00:28:26,916
दिलचस्प। इजाज़त दीजिए।

411
00:28:27,291 --> 00:28:28,291
एक रुमाल।

412
00:28:29,833 --> 00:28:31,583
कुछ शेर सुनाई दे रहे हैं।

413
00:28:32,708 --> 00:28:34,125
कुछ गिरती हुई किताबें।

414
00:28:34,916 --> 00:28:36,458
अधूरी मुलाकातें।

415
00:28:40,875 --> 00:28:42,916
तो यह भी बता दीजिए
कि अगली मुलाकात कब होगी।

416
00:28:43,625 --> 00:28:47,458
कल। हीरामंडी की दरगाह पर,
मगरिब की नमाज़ के वक्त।

417
00:28:48,416 --> 00:28:50,791
तवायफों के बदनाम मोहल्ले में
उनका क्या काम?

418
00:28:51,791 --> 00:28:54,000
ख़ुदा के दर पर कौन नवाब और कौन तवायफ?

419
00:28:55,291 --> 00:28:58,541
हीरामंडी की दरगाह पर
माँगी हुई हर दुआ कबूल होती है।

420
00:28:59,166 --> 00:29:00,416
आज़माकर देख लीजिए।

421
00:29:00,833 --> 00:29:03,666
-मैडम, यह रहा आपका शर्बत।
-शुक्रिया।

422
00:29:05,833 --> 00:29:07,875
बुरी आदत है, छोड़ दीजिए।

423
00:29:14,541 --> 00:29:16,125
[फव्वारे का पानी बहने की आवाज़ आ रही है]

424
00:29:16,208 --> 00:29:18,583
[सायमा] और कितना इंतज़ार कराओगी, आलमज़ेब?

425
00:29:19,208 --> 00:29:21,125
अब तक तो तुम्हारे ताजदार साहब आए नहीं।

426
00:29:21,625 --> 00:29:23,791
-अब कहाँ आएँगे?
-चुप कर, मनहूस।

427
00:29:25,500 --> 00:29:28,000
फरीदन ने, न,
तुम्हारे दिमाग में न जाने क्या भर दिया है।

428
00:29:28,166 --> 00:29:29,791
और तुम सुन भी रही हो तो दुश्मन की?

429
00:29:29,875 --> 00:29:32,125
दुश्मन की नहीं,
हम अपने दिल की सुन रहे हैं।

430
00:29:32,833 --> 00:29:34,916
और हमारा दिल कहता है कि वो ज़रूर आएँगे।

431
00:29:35,041 --> 00:29:37,208
[फरीदन] कब से इंतज़ार कर रही हैं, बेचारी।

432
00:29:39,083 --> 00:29:41,166
[फरीदन] उस कबूतर को दाना तो पूरा डाला था।

433
00:29:42,333 --> 00:29:44,625
[फरीदन] नासपीटा, अब तक
आँगन में उतरा क्यों नहीं?

434
00:29:44,958 --> 00:29:48,958
आलम, घर चलो, न।
दो बार तो तुम दरगाह पर चादर चढ़ा आईं।

435
00:29:49,208 --> 00:29:52,083
सोच रहे हैं, तीसरी बार भी चढ़ा दें?
क्या कहती हो?

436
00:29:52,541 --> 00:29:56,125
-तुम्हें न, जो करना है तुम करो।
-तुम, न, घर जाओ।

437
00:29:56,791 --> 00:29:58,375
-हम आते हैं।
-[सायमा गहरी साँस छोड़ती है]

438
00:30:00,750 --> 00:30:06,708
[बाज़ार की हलचल, गाड़ी का हॉर्न]

439
00:30:19,458 --> 00:30:23,666
दिमाग जितना भी रोक ले,
दिल खींच ही लाता है।

440
00:30:24,791 --> 00:30:30,333
[सड़क पर पुलिस
गाड़ी निकलवाने की कोशिश कर रही है]

441
00:31:51,458 --> 00:31:55,583
[आलम] फरीदन आपा, वो तो आए ही नहीं।
आपने हमसे झूठ क्यों बोला?

442
00:31:56,791 --> 00:31:58,875
[फरीदन] ना लकीरे झूठ बोलती हैं, न फरीदन।

443
00:32:00,333 --> 00:32:02,833
[फरीदन] और दिल के मामले में
हम गलत हो ही नहीं सकते।

444
00:32:04,250 --> 00:32:05,500
-हुमैरा।
-[हुमैरा] जी?

445
00:32:05,583 --> 00:32:07,833
[फरीदन] वो हमारी दूरबीन कहाँ रखी है,
ज़रा देना तो।

446
00:32:18,666 --> 00:32:19,833
इधर आइए।

447
00:32:22,041 --> 00:32:23,125
वो देखिए।

448
00:32:29,666 --> 00:32:32,791
देखा? हमने कहा था, न, वो आएँगे।

449
00:32:35,041 --> 00:32:36,166
[फरीदन] अरे, अरे, कहाँ चलीं?

450
00:32:36,625 --> 00:32:39,291
-उनसे मिलने।
-अब तो मुलाकात अगले हफ़्ते ही होगी।

451
00:32:39,541 --> 00:32:41,333
आज तो हम उनसे मिलकर ही रहेंगे, आपा।

452
00:32:42,000 --> 00:32:45,291
जाइए। आज़मा लीजिए।

453
00:32:48,000 --> 00:32:48,833
बैठिए।

454
00:33:12,791 --> 00:33:14,458
[उस्तादजी] ओ, फरीदन बीबी।

455
00:33:15,333 --> 00:33:18,333
[उस्तादजी] फरीदन बीबी।
अरे, तैयार हो गईं?

456
00:33:19,000 --> 00:33:20,958
अब आ भी जाओ। चलना है कि नहीं?

457
00:33:21,500 --> 00:33:23,750
[फरीदन] क्या हुआ, उस्तादजी?
इतना शोर क्यों मचा रहे हो?

458
00:33:24,416 --> 00:33:27,125
अंग्रेज़ अफ़सर से मिलने जा रहे हैं,
बर्तानिया के राजा से नहीं।

459
00:33:27,625 --> 00:33:30,833
शोर तो मचेगा, बीबी। कार्टराईट और आप।

460
00:33:31,416 --> 00:33:33,458
मल्लिकाजान के दो जानी दुश्मन।

461
00:33:34,041 --> 00:33:36,125
आज उसकी तबाही की तारीख़ लिखेंगे।

462
00:33:36,666 --> 00:33:40,208
बीबी, वैसे, कार्टराईट साहब को
इतना इंतज़ार कराना ठीक नहीं।

463
00:33:40,875 --> 00:33:42,416
बहुत ही सिरफिरे आदमी हैं।

464
00:33:44,208 --> 00:33:46,208
-बताइए, हमारी मुठ्ठी में क्या है?
-हाँ?

465
00:33:47,250 --> 00:33:48,166
हमें क्या पता?

466
00:33:49,625 --> 00:33:53,375
फ़िलहाल खाली है।
जब लौटेंगे, तो कार्टराईट होगा।

467
00:33:53,541 --> 00:33:57,666
[ज़ोर से हँसते हुए] अय हय। मैं वारी जाऊँ।

468
00:34:10,791 --> 00:34:14,625
[उस्तादजी] आप हैं
हीरामंडी का नूर, जान शाह…

469
00:34:14,708 --> 00:34:15,666
फरीदन।

470
00:34:15,833 --> 00:34:16,791
एलिस्टेयर कार्टराईट

471
00:34:16,875 --> 00:34:19,291
[अंग्रेज़ी उच्चारण के साथ] कहिए,
क्या ख़िदमत करें आपकी?

472
00:34:19,791 --> 00:34:22,375
{\an8}ख़िदमत? यहाँ, सबके सामने?

473
00:34:23,750 --> 00:34:25,291
-[फरीदन] उस्तादजी?
-जी?

474
00:34:25,416 --> 00:34:27,750
हमारी सिगरेट
बग्घी में रह गई है, ज़रा ले आएँगे?

475
00:34:29,833 --> 00:34:30,666
जी हाँ!

476
00:34:35,208 --> 00:34:36,916
हम यहाँ एक शिकायत दर्ज़ करने आए हैं।

477
00:34:38,000 --> 00:34:39,875
-किसकी?
-मल्लिकाजान की।

478
00:34:40,916 --> 00:34:44,541
आज से पच्चीस साल पहले, उन्होंने
हमारी अम्मीजान का कत्ल कर दिया था।

479
00:34:45,333 --> 00:34:48,541
तब सज़ा नहीं हुई, तो अब कैसे होगी?

480
00:34:48,958 --> 00:34:50,583
हम बहुत उम्मीद लेकर आए हैं।

481
00:34:51,416 --> 00:34:54,041
आप हमारी अम्मीजान का केस दोबारा खोल दीजिए।

482
00:34:55,500 --> 00:34:56,833
[अंग्रेज़ी में] मुझे माफ़ कीजिए।

483
00:34:57,166 --> 00:34:58,416
पर वो नहीं हो पाएगा।

484
00:35:01,958 --> 00:35:03,625
[फरीदन रोना शुरू कर देती है]

485
00:35:05,041 --> 00:35:08,000
हम इत्ते से थे,
जब उस औरत ने हमें बेच दिया था।

486
00:35:10,083 --> 00:35:13,291
मल्लिकाजान ने हमारी ज़िंदगी उजाड़ दी,
और आप कह रहे हैं कि…

487
00:35:14,708 --> 00:35:17,000
[फरीदन सुबकती है]

488
00:35:23,541 --> 00:35:25,041
[अंग्रेज़ी में] प्लीज़, रोइए मत!

489
00:35:33,208 --> 00:35:35,750
हम वो फ़ाइल ढूँढने की कोशिश करेंगे।

490
00:35:36,500 --> 00:35:39,208
हमारे पास
आपको बताने के लिए और भी बातें हैं।

491
00:35:40,375 --> 00:35:44,208
अगर किसी रात आप घर आ सकें,
तो सारी बातें खुल के सामने आ जाएँगी।

492
00:35:48,541 --> 00:35:51,583
[फत्तो, हँसते हुए] और क्या बताएं हुज़ूर।
पूरे मोहल्ले में एक ही चर्चा है।

493
00:35:51,750 --> 00:35:53,416
[फत्तो] वो पीली कोठी वाली रज़िया है न,

494
00:35:53,541 --> 00:35:56,208
[फत्तो] उसका अपने तबल्ची के साथ
तक धिना-धिन चल रहा है।

495
00:35:56,291 --> 00:35:57,708
[सत्तो] और वो तबल्ची,

496
00:35:57,875 --> 00:35:59,583
[सत्तो] हमारे इकबाल पर डोरे डाल रहा है।
[सब हँसती हैं]

497
00:35:59,708 --> 00:36:02,708
[सायमा] हुज़ूर,
जुल्फिकार साहब आए हैं आपसे मिलने।

498
00:36:03,291 --> 00:36:05,583
-[मल्लिका] इस वक्त?
-[सायमा] जी, हम बुलाएँ उन्हें?

499
00:36:05,875 --> 00:36:07,208
-बुलाइए।
-[सायमा] जी।

500
00:36:08,375 --> 00:36:12,708
देखा? ये मर्द ज़ात,
दिन में भी पीछा नहीं छोड़ते।

501
00:36:12,833 --> 00:36:14,625
-[दोनों हँसती हैं]
-[सत्तो] बज़ा फ़रमाया, हुज़ूर।

502
00:36:14,791 --> 00:36:16,500
अल्लाह रहम करे।

503
00:36:18,041 --> 00:36:21,583
-आइए, आइए, नवाब साहब।
-[जुल्फिकार] आदाब, मल्लिका।

504
00:36:21,666 --> 00:36:25,583
[मल्लिका] आदाब! आज दिन में
हुज़ूर को हमारी याद कैसे आई?

505
00:36:26,291 --> 00:36:27,541
तशरीफ़ रखिए।

506
00:36:29,875 --> 00:36:30,875
[मल्लिका] सब ख़ैरियत?

507
00:36:34,458 --> 00:36:36,125
ख़ैरियत ही तो नहीं है।

508
00:36:38,541 --> 00:36:41,458
सुना है, फरीदन, कार्टराईट के साथ मिलकर

509
00:36:42,333 --> 00:36:46,541
रेहाना के कत्ल के केस की फ़ाइल
दोबारा खोलने की कवायद कर रही है।

510
00:36:46,958 --> 00:36:49,916
जनमजली, मरदूद, बेड़ा गर्क हो उसका।

511
00:36:51,541 --> 00:36:54,916
आप फ़िक्र मत कीजिए।
हमारा कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी वो।

512
00:36:55,083 --> 00:36:56,416
उम्मीद तो यही है।

513
00:36:57,916 --> 00:36:59,041
वैसे वो फ़ाइल है कहाँ?

514
00:36:59,666 --> 00:37:00,708
फ़ाइल… अह…

515
00:37:00,791 --> 00:37:05,666
वो फ़ाइल, जो हमने आज से 25 साल पहले
आपको संभालकर रखने को दी थी।

516
00:37:06,500 --> 00:37:11,291
वो फ़ाइल, जिसमें रेहाना के
कत्ल के सारे राज़ दफ़्न हैं।

517
00:37:12,333 --> 00:37:18,083
वो फ़ाइल, जो कार्टराईट के हाथ लग गई,
तो आप और हम दोनों बर्बाद हो जाएँगे।

518
00:37:20,750 --> 00:37:22,541
याद आया? वो फ़ाइल।

519
00:37:23,416 --> 00:37:25,958
हमने कहीं संभाल के रखी है, मिल जाए…
[डर कर साँस अंदर खींचती है]

520
00:37:29,166 --> 00:37:32,083
अगर वो फ़ाइल हमें जल्द से जल्द नहीं मिली

521
00:37:33,500 --> 00:37:38,916
तो आप इसी फ़व्वारे में
बेजान, नंगी तैरती नज़र आएँगी।

522
00:37:39,708 --> 00:37:42,458
[मल्लिका, हँसते हुए] आप मज़ाक कर रहे हैं?

523
00:37:43,833 --> 00:37:45,458
आगाह कर रहे हैं।

524
00:37:46,666 --> 00:37:49,250
साहब, शक कर रहे हैं हम पर?

525
00:37:51,875 --> 00:37:52,958
शक भी है।

526
00:37:55,208 --> 00:37:56,208
यकीन भी है।

527
00:38:02,833 --> 00:38:04,041
[मल्लिका खाँस रही है]

528
00:38:04,333 --> 00:38:07,125
[वहीदा] आपा, आपने हमें याद किया?

529
00:38:07,500 --> 00:38:10,250
-[मल्लिका] हूँ।
-[वहीदा] लेकिन यहाँ तहख़ाने में क्यों?

530
00:38:10,666 --> 00:38:14,458
[मल्लिका] पच्चीस साल पहले हमने
आपको कुछ दिया था, वही ढूँढ रहे हैं हम।

531
00:38:14,875 --> 00:38:16,041
[वहीदा] पच्चीस साल पहले?

532
00:38:17,416 --> 00:38:20,791
[वहीदा] आपने हमें ज़िल्लत
और धोखे के सिवाय और कुछ दिया है आजतक?

533
00:38:21,416 --> 00:38:25,208
[मल्लिका] ज़हर उगलना बंद कीजिए,
और रेहाना आपा की फ़ाइल हमें वापस कीजिए।

534
00:38:26,041 --> 00:38:27,833
[वहीदा] आपने हमें
कोई प़ाइल नहीं दी थी, आपा।

535
00:38:28,083 --> 00:38:29,750
[कागज़ पटकने की ज़ोर से आवाज़ आती है]

536
00:38:30,083 --> 00:38:31,833
मल्लिका कभी कुछ नहीं भूलती।

537
00:38:32,416 --> 00:38:34,583
[नौकरानी] हुज़ूर, यह फ़ाइल तो नहीं?

538
00:38:35,791 --> 00:38:39,708
हज़ार बार कहा है,
लाल फ़ाइल, भूरी पर्ची के साथ।

539
00:38:40,666 --> 00:38:42,625
भूरी पर्ची वाली फ़ाइल?

540
00:38:44,250 --> 00:38:47,625
आपा वो तो आपके कहते ही,
उसी वक्त हमने जला दी थी।

541
00:38:49,666 --> 00:38:50,875
जला दी?

542
00:38:51,750 --> 00:38:52,833
[हँसती है]

543
00:38:53,500 --> 00:38:59,208
और हम सोच रहे थे कि आप जुल्फिकार से
नाराज़ हैं, तो फ़ाइल छिपा दी।

544
00:39:01,125 --> 00:39:03,333
[मल्लिका] अल्लाह का लाख-लाख शुक्र है।

545
00:39:04,416 --> 00:39:08,875
जुल्फिकार साहब का दिया,
न निशान मिटा है और न नाराज़गी।

546
00:39:10,916 --> 00:39:13,041
पर आपसे वफ़ादारी है।

547
00:39:14,125 --> 00:39:15,416
और हमेशा रहेगी।

548
00:39:16,041 --> 00:39:18,375
[मल्लिका, प्यार से] हम्म…

549
00:39:23,125 --> 00:39:24,666
[दर्ज़ी] कुर्ते की लंबाई, तीस।

550
00:39:25,500 --> 00:39:30,166
[उस्तादजी] बीबी, ऐसी ख़बर लाया हूँ
कि मेरा मुँह मोतियों से भर देंगी आप।

551
00:39:30,583 --> 00:39:32,958
शाही महल में खलबली मची हुई है।

552
00:39:34,041 --> 00:39:38,375
कोई फ़ाइल ढूँढी जा रही है। और
मल्लिकाजान का तो खून सूख गया है।

553
00:39:38,458 --> 00:39:40,041
[ज़ोर से हँसता है]

554
00:39:40,250 --> 00:39:42,875
-आपको खुशी नहीं हुई?
-हुई, न।

555
00:39:43,541 --> 00:39:47,750
पर पहले आप यह बताइए हमारे नथ उतराई के
जोड़े के लिए कौन सा रंग जँचेगा हम पर?

556
00:39:48,125 --> 00:39:50,000
बीबी, आप पर तो सभी रंग जँचते हैं।

557
00:39:50,583 --> 00:39:53,583
[उस्तादजी] हाँ, नाप इतनी दूर से देंगी

558
00:39:53,666 --> 00:39:55,958
तो कहीं चोली तंग न पड़ जाए।

559
00:39:56,125 --> 00:40:00,500
आज तक किसी मर्द ने नहीं छुआ हमें।
यह दर्ज़ी क्या छुएगा

560
00:40:00,708 --> 00:40:04,083
अच्छा! तो चौधरी साहब ने बिना छुए ही

561
00:40:04,333 --> 00:40:06,500
आप पर सब कुछ लुटा दिया। हूँ?

562
00:40:06,625 --> 00:40:07,666
[दर्ज़ी] खुदाहाफ़िज़, बीबी।

563
00:40:07,916 --> 00:40:09,708
और ख्वाबगाह भी ऐसे ही दे दी।

564
00:40:09,791 --> 00:40:12,250
चौधरी साहब को
तो उम्मीद दे-देकर पाल रखा है।

565
00:40:14,166 --> 00:40:18,250
जब तक मर्द को छूने न दो,
गुलाम बनकर रहता है।

566
00:40:18,500 --> 00:40:20,625
[उस्तादजी] आप भी, न, बीबी!

567
00:40:22,458 --> 00:40:23,500
अच्छा, सुनिए।

568
00:40:23,875 --> 00:40:27,083
हमारे नथ उतराई का चर्चा,
वली मोहम्मद के साथ-साथ

569
00:40:27,208 --> 00:40:30,000
हर नवाब और हर रईस तक पहुँचा दो।

570
00:40:31,416 --> 00:40:33,958
-सबसे पहले…
-हाँ… सबसे पहले,

571
00:40:34,500 --> 00:40:37,458
आपकी ख़ालाजान को भिजवाएँगे।

572
00:40:37,791 --> 00:40:39,500
[ज़ोर से हँसता है]

573
00:40:42,708 --> 00:40:43,875
[उस्तादजी, झिझकते हुए] बीबी!

574
00:40:59,708 --> 00:41:00,791
खुश हुए?

575
00:41:08,541 --> 00:41:13,208
[बैकग्राउंड में
निराशा भरा संगीत बज रहा है]

576
00:41:23,708 --> 00:41:27,625
पिछले हफ़्ते ही
हमने सारे मसले सुलझा दिए थे।

577
00:41:29,083 --> 00:41:31,708
तो रातों-रात ऐसा कौन सा मसला आ गया?

578
00:41:32,166 --> 00:41:35,875
[मल्लिका] मसला यह है कि फरीदन
अपनी नथ उतराई रखना चाहती हैं।

579
00:41:36,708 --> 00:41:39,833
बच्ची है। बहुत बरसों के बाद लौटी हैं।

580
00:41:40,833 --> 00:41:42,041
होने दो थोड़ी सी रौनक।

581
00:41:43,166 --> 00:41:45,250
-करने दो नथ उतराई।
-फूफी!

582
00:41:45,750 --> 00:41:48,125
हीरामंडी की तवायफों के कुछ उसूल होते हैं।

583
00:41:49,000 --> 00:41:51,583
नथ उतराई सिर्फ़
कुँवारी लड़कियों की होती है।

584
00:41:51,916 --> 00:41:53,000
और इनको तो हमने

585
00:41:54,250 --> 00:41:57,208
-खुद सत्तन मियां के यहाँ भेजा था।
-भेजा नहीं था,

586
00:41:58,416 --> 00:41:59,250
बेचा था।

587
00:42:00,166 --> 00:42:02,333
एक नौ साल की बच्ची को बेचा था।

588
00:42:02,708 --> 00:42:03,833
माना कि बेचा था।

589
00:42:04,583 --> 00:42:05,875
फिर कुँवारी कैसे लौटीं?

590
00:42:06,791 --> 00:42:10,833
गर्दन एक बार तलवार के नीचे आ जाए,
तो कट के ही लौटती है। है न?

591
00:42:11,291 --> 00:42:12,208
सही है।

592
00:42:12,291 --> 00:42:15,458
अरे, तलवार में
धार भी तो होनी चाहिए, ख़ालाजान।

593
00:42:16,291 --> 00:42:17,458
और बेचारे सत्तन मियां।

594
00:42:17,958 --> 00:42:19,791
उनकी तो हर औलाद की शक्ल ही अलग थी।

595
00:42:20,125 --> 00:42:21,166
[सभी हँसती हैं]

596
00:42:21,583 --> 00:42:23,041
वो नहीं, तो कोई और होगा।

597
00:42:24,166 --> 00:42:26,625
आप तो माशा-अल्लाह,
कई हाथों से गुज़री होंगी।

598
00:42:26,916 --> 00:42:29,791
अब तक इस किताब में
न जाने कितनों ने दस्तख़त छोड़े होंगे।

599
00:42:30,083 --> 00:42:32,083
अरे, तो किताब खोलकर देख लेते हैं, न।

600
00:42:33,208 --> 00:42:36,500
ज़ोहरा, ले जा इसे अंदर और जाँच कर ले आ।

601
00:42:36,583 --> 00:42:41,791
अंदर क्यों? जिसे देखना है,
यहीं सब के सामने आकर देख ले।

602
00:42:42,291 --> 00:42:43,416
है दम?

603
00:42:44,208 --> 00:42:46,000
हम कुँवारे नहीं हैं।

604
00:42:47,250 --> 00:42:51,625
फिर फ़ैसला हो गया।
हीरामंडी की रिवायत के मुताबिक

605
00:42:52,208 --> 00:42:53,750
आपकी नथ उतराई नहीं हो सकती।

606
00:42:53,958 --> 00:42:55,458
हम यह रिवायत तोड़ देंगे।

607
00:42:56,208 --> 00:42:58,458
आपकी आँखों के सामने तोड़ेंगे।

608
00:43:00,041 --> 00:43:03,583
हमारी नथ उतराई का मुजरा
शाही महल के सामने होगा, फूफी।

609
00:43:04,333 --> 00:43:07,791
कह दो इनसे।
रोक सकतीं हैं तो रोक के दिखाएँ।

610
00:43:08,250 --> 00:43:10,708
वाह! क्या बात है!

611
00:43:11,416 --> 00:43:14,250
[फूफी] दो तलवारों के टकराने से
खाक जंग होती है।

612
00:43:14,750 --> 00:43:18,333
अरे, मज़ा तो तब आएगा,
जब दो तवायफें टकराएँगी।

613
00:43:18,833 --> 00:43:21,291
पूरे हीरामंडी में रौनक आ जाएगी।

614
00:43:27,625 --> 00:43:30,000
[मल्लिका हल्का सा हँसती है] माशा-अल्लाह!

615
00:43:30,833 --> 00:43:32,416
कितना जँच रहा है आप पर।

616
00:43:34,125 --> 00:43:36,083
अपने आखिरी मुजरे में यही पहनिएगा।

617
00:43:39,500 --> 00:43:40,625
[आश्चर्य से] आखिरी क्यों अम्मी?

618
00:43:41,750 --> 00:43:43,583
लोग हमारी आवाज़ सुनने को तरसते हैं।

619
00:43:44,291 --> 00:43:45,791
उसका रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं।

620
00:43:46,083 --> 00:43:47,500
और आप हमसे वही छीन रही हैं?

621
00:43:48,333 --> 00:43:51,041
फरीदन अपनी नथ उतराई का मुजरा कर रही है।

622
00:43:51,500 --> 00:43:53,208
हीरामंडी में वो नई है।

623
00:43:54,833 --> 00:43:59,791
और नवाबों को शराब पुरानी,
तवायफ नई पसंद है।

624
00:44:00,708 --> 00:44:02,208
[मल्लिका] हमने फ़ैसला कर लिया है।

625
00:44:02,875 --> 00:44:07,541
[मल्लिका] उसी रात आपका आखिरी मुजरा होगा।
हर नवाब शाही महल आएगा।

626
00:44:07,875 --> 00:44:12,250
[मल्लिका] आपको आखिरी सलाम देने।
और यही होगी फरीदन की शिकस्त।

627
00:44:12,791 --> 00:44:13,958
हमारे साहब का क्या?

628
00:44:16,416 --> 00:44:17,791
वली साहब नाराज़ हो जाएँगे।

629
00:44:17,916 --> 00:44:20,750
और आपका आखिरी मुजरा ऐसा होना चाहिए,

630
00:44:21,750 --> 00:44:24,833
जो हीरामंडी में पहले कभी हुआ न हो।

631
00:44:25,500 --> 00:44:31,416
[बैकग्राउंड में शास्त्रीय संगीत बज रहा है,
सड़क पर काफ़ी हलचल है]

632
00:44:35,166 --> 00:44:37,416
[पुरुष आवाज़] बहुत
गज़ब की रौनक है हीरामंडी में आज।

633
00:44:37,750 --> 00:44:40,250
तलवार पर दोनों तरफ़ धार है।

634
00:44:40,541 --> 00:44:43,333
यहाँ बिब्बोजान का मुजरा,
वहाँ फरीदन बाई का।

635
00:44:43,583 --> 00:44:45,583
मुजरे तो यहाँ रोज़ होते हैं।

636
00:44:46,083 --> 00:44:49,375
पर आज हमारी फरीदन की नथ उतराई है।

637
00:44:49,541 --> 00:44:51,958
होगी। लेकिन आप तो जानते ही हैं,

638
00:44:52,708 --> 00:44:55,000
पहले मुजरे से ज़्यादा बड़ा होता है, मियां

639
00:44:55,125 --> 00:44:57,375
तवायफ का आखिरी मुजरा।

640
00:44:57,458 --> 00:44:59,500
आखिरी? अमां किसका?

641
00:44:59,916 --> 00:45:01,125
बिब्बोजान का [जीभ चटकाता है]

642
00:45:07,625 --> 00:45:10,833
[उस्तादजी] नवाब साहब!
हाय, हाय, आदाब, आदाब।

643
00:45:11,291 --> 00:45:13,625
इधर है। फरीदन बीबी का कोठा इधर है।

644
00:45:14,166 --> 00:45:18,958
फरीदन बाई से कहिए, बिब्बोजान को
आखिरी सलाम देकर वहीं आ जाएँगे।

645
00:45:19,625 --> 00:45:21,041
आदाब।

646
00:45:21,333 --> 00:45:22,708
[गाड़ी का हॉर्न बज रहा है]

647
00:45:25,375 --> 00:45:29,541
हुसैन साहब, याद है, न, आपको,
आज फरीदन बीबी की नथ उतराई है।

648
00:45:29,916 --> 00:45:32,916
याद है मुझे उस्तादजी।
मगर रवायत नहीं भूल सकते।

649
00:45:33,541 --> 00:45:37,750
माफ़ कीजिएगा, आज की शाम, बिब्बोजान के नाम।

650
00:45:40,000 --> 00:45:42,083
[सभी नवाब मल्लिकाजान को आदाब कहते हैं]

651
00:45:42,583 --> 00:45:43,500
आदाब!

652
00:45:47,500 --> 00:45:48,666
आदाब!

653
00:45:49,750 --> 00:45:50,833
आदाब!

654
00:45:51,250 --> 00:45:52,375
आदाब!

655
00:45:52,625 --> 00:45:53,625
आदाब!

656
00:46:11,041 --> 00:46:13,000
[उस्तादजी] क्या खेल खेला है
मल्लिकाजान ने।

657
00:46:13,708 --> 00:46:18,250
पहले मुजरे के नहले पर,
आखिरी मुजरे का दहला।

658
00:46:20,250 --> 00:46:21,500
[चौधरी साहब] फरीदन!

659
00:46:23,583 --> 00:46:26,958
[चौधरी साहब] यह लुटा हुआ रईस
आपको चाहिए नहीं, और असली रईस आएँगे नहीं।

660
00:46:27,791 --> 00:46:30,125
-क्यों नहीं आएँगे?
-[चौधरी साहब] रवायत है, फरीदन।

661
00:46:30,625 --> 00:46:34,541
कि एक तवायफ के आखिरी मुजरे पर
सारे नवाब उसे अलविदा कहने जाते हैं।

662
00:46:35,166 --> 00:46:38,750
और आज, बिब्बोजान का आखिरी मुजरा है।

663
00:46:42,791 --> 00:46:44,458
तनहाई मुबारक हो।

664
00:46:51,750 --> 00:46:53,958
[ज़ोर से काँच का सामान
टूटने की आवाज़ आती है]

665
00:46:54,708 --> 00:46:58,083
[संगीत शुरू होता है]

666
00:47:11,625 --> 00:47:17,500
♪ हो… फुलगेंदवा न मारो… ♪

667
00:47:19,083 --> 00:47:24,791
♪ हाँ… फुलगेंदवा न मारो… ♪

668
00:47:25,166 --> 00:47:32,166
♪ न मारो, न मारो, फुलगेंदवा न मारो ♪

669
00:47:33,125 --> 00:47:40,125
♪ न मारो, न मारो, फुलगेंदवा न मारो ♪

670
00:47:45,041 --> 00:47:50,666
♪ लगत करजवा पे चोट ♪

671
00:47:52,791 --> 00:47:59,541
♪ लगत करजवा पे चोट ♪

672
00:48:01,666 --> 00:48:08,666
♪ न मारो, न मारो, फुलगेंदवा न मारो… ♪

673
00:48:26,000 --> 00:48:28,291
[वहाँ पर बैठे सभी लोग वाह-वाह कर उठते हैं]
वाह, क्या बात है! क्या बात है!

674
00:48:28,541 --> 00:48:31,291
[गाना जारी रहता है]
♪ लूँगी मैं बदला तोसे… ♪

675
00:48:31,875 --> 00:48:33,916
[मल्लिका] कोठा इतना सूना क्यों है, फरीदन?

676
00:48:34,541 --> 00:48:37,458
[मल्लिका] आपका पहला मुजरा,
और कोई कद्रदान नहीं आया?

677
00:48:38,708 --> 00:48:40,208
[मल्लिका] बड़ी शर्मिंदगी की बात है।

678
00:48:42,708 --> 00:48:46,083
[मल्लिका] तवायफ बनना चाहती हैं
और इतना भी नहीं जानतीं कि महफ़िल में

679
00:48:46,583 --> 00:48:50,458
कद्रदानों के आने से पहले
ख़ुद आकर गद्दी पर नहीं बैठते हैं।

680
00:48:51,583 --> 00:48:53,375
[मल्लिका] ख़ैर, आप दिल छोटा मत कीजिए।

681
00:48:54,416 --> 00:48:57,916
कद्रदान न सही, हम हैं, न। आप नाचिए।

682
00:48:59,041 --> 00:49:00,916
आज की बाज़ी आपके नाम।

683
00:49:02,000 --> 00:49:03,875
कल की हमारे नाम होगी।

684
00:49:05,416 --> 00:49:09,500
आप जहाँ आज हैं, कल हम होंगे।

685
00:49:09,875 --> 00:49:11,875
नामुमकिन, मेरी जान।

686
00:49:12,625 --> 00:49:16,583
शिकस्त और फ़तह के बीच
बहुत लंबा फ़ासला होता है।

687
00:49:17,791 --> 00:49:19,333
यह आप नहीं तय कर पाएँगी।

688
00:49:28,833 --> 00:49:33,666
[टूटे काँच पर चलते हुए
फरीदन दर्द से सिहर जाती है]

689
00:49:56,250 --> 00:50:00,416
एक बाज़ी जीतने के लिए
आपने बिब्बोजान का आखिरी मुजरा करवा दिया।

690
00:50:02,166 --> 00:50:04,125
[फरीदन] इसका मतलब हमारा ख़ौफ़ तो बहुत है।

691
00:50:04,833 --> 00:50:06,625
[मल्लिका] ख़ौफ़ तो
हमें ख़ुदा का भी नहीं है।

692
00:50:10,208 --> 00:50:12,500
यह तो वक्त ही बताएगा।

693
00:50:15,416 --> 00:50:20,958
वैसे, आपके दामन पर
हमारी अम्मी के खून के दाग हैं।

694
00:50:21,958 --> 00:50:24,416
और इत्तेफ़ाकन, आज हमारा खून भी लग गया।

695
00:50:26,125 --> 00:50:28,333
ये मल्लिकाजान का दामन है।

696
00:50:30,291 --> 00:50:33,666
इतने से खून से इसकी प्यास नहीं बुझेगी।

697
00:50:36,541 --> 00:50:41,958
आपका पहला मुजरा था, नज़राना देने आए थे।

698
00:50:47,416 --> 00:50:48,708
अल्लाह हाफ़िज़।

699
00:50:55,708 --> 00:50:59,583
♪ डसता हुआ फूल निगोड़ा ♪

700
00:50:59,791 --> 00:51:03,833
♪ मन मोरा तड़पाए ♪

701
00:51:05,583 --> 00:51:11,250
♪ आ…. आ… डसता हुआ फूल निगोड़ा ♪

702
00:51:11,541 --> 00:51:15,291
♪ मन मोरा तड़पाए ♪

703
00:51:15,541 --> 00:51:19,583
♪ रग-रग में मेरे ♪
[महफ़िल में मौजूद लोग वाह-वाह कर रहे हैं]

704
00:51:19,750 --> 00:51:23,208
♪ टीस उठे और ♪

705
00:51:23,625 --> 00:51:26,875
♪ उठ के कहे ♪

706
00:51:27,083 --> 00:51:30,500
♪ ए… न मारो ♪

707
00:51:30,708 --> 00:51:34,916
♪ न मारो… ♪

708
00:51:35,625 --> 00:51:39,250
♪ फुलगेंदवा न मारो ♪

709
00:51:39,916 --> 00:51:43,916
♪ न मारो, न मारो ♪

710
00:51:44,125 --> 00:51:48,583
♪ फुलगेंदवा न मारो ♪

711
00:51:49,416 --> 00:51:56,416
[तबले के साथ संगीत बजता रहता है]

